NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा, CBI जांच में सामने आया गेस पेपर नेटवर्क, 10 छात्रों को बेचा गया पेपर
NEET-UG 2026: नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है और इस दौरान लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे मामले में एक संगठित नेटवर्क के जरिए “गेस पेपर” की बिक्री की गई थी, जिससे कई छात्रों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र मिलने का दावा किया जा रहा है।

10 छात्रों को बेचा गया था गेस पेपर
आपको बता दें कि नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 परीक्षा में हुई धांधली की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। राजस्थान में हुई हालिया गिरफ्तारियों के बाद इस पूरे नेक्सस की परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं। जांच में सामने आया है कि इस लीक के तार राजस्थान के साथ-साथ हरियाणा से भी जुड़े हुए हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी दिनेश ने लगभग 10 छात्रों को गेस पेपर बेचा था और सभी से नकद में पैसे वसूले थे। बताया जा रहा है कि उसने पहले खुद आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए इस गेस पेपर को आगे बेचा। सूत्रों के अनुसार, दिनेश ने यह गेस पेपर हरियाणा के यश नामक व्यक्ति से प्राप्त किया था, जिसके बाद इसे आगे छात्रों तक पहुंचाया गया।

करीब 15 लाख रुपये में खरीदा गया था पेपर
राजस्थान विशेष अभियान समूह (SOG) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, दिनेश बिवाल और उसके भाई मंगिलाल बिवाल को हरियाणा से जुड़े एक व्यक्ति से NEET-UG 2026 का 120 प्रश्नों वाला गेस पेपर प्राप्त करते हुए पकड़ा गया था। जानकारी के अनुसार, इस गेस पेपर को करीब 15 लाख रुपये में खरीदा गया था, जिसके बाद इसे सीकर और आसपास के कई छात्रों को बेचा गया।

CBI ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
SOG अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में पहले स्थानीय स्तर पर जांच चल रही थी, लेकिन अब जांच CBI के पास है। CBI ने आरोपियों को हिरासत में लेकर उन्हें दिल्ली ले जाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की जाएगी और इसमें शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।

परिवार के 5 छात्रों की सफलता पर भी शक
जांच एजेंसियों ने एक और चौंकाने वाला पहलू सामने रखा है। अधिकारियों के अनुसार, दिनेश के परिवार के पांच सदस्यों के NEET परीक्षा पास करने पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया गया है कि दिनेश के बेटे, मंगिलाल के दो बेटे और उनके दिवंगत बड़े भाई की दो बेटियों ने एक साथ NEET परीक्षा पास की थी और वर्तमान में सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत हैं। इसी वजह से जांच एजेंसियों को इस पूरे मामले में गहराई से जांच करने की जरूरत महसूस हुई है।

जांच जारी, कई सवाल बाकी
CBI अब इस बात की जांच कर रही है कि यह गेस पेपर नेटवर्क कैसे काम करता था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह सिर्फ गेस पेपर बिक्री का मामला है या इसके पीछे संगठित पेपर लीक रैकेट सक्रिय था। वहीं इस मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Read More NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा, CBI जांच में सामने आया गेस पेपर नेटवर्क, 10 छात्रों को बेचा गया पेपर
























