West Bengal Assembly Dissolved: पश्चिम बंगाल में राज्यपाल ने भंग की वर्तमान विधानसभा, 18वीं विधानसभा के गठन की तैयारी शुरु

West Bengal Assembly Dissolved: पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद अब नई सरकार के गठन की आधिकारिक प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य के राज्यपाल आर. एन. रवि ने एक महत्वपूर्ण संवैधानिक कदम उठाते हुए वर्तमान पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी किया है।

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West Bengal Assembly Dissolved
संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया के बीच राज्यपाल की ओर से बड़ा प्रशासनिक कदम सामने आया है। जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 174 (2) के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी किया है। बुधवार, 6 मई 2026 को जारी एक विशेष गजट अधिसूचना (संख्या 275-P.A./1L-03/2026) के माध्यम से इस फैसले की सार्वजनिक घोषणा की गई।

जिसके बाद संसदीय कार्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार वर्तमान विधानसभा 7 मई 2026 से औपचारिक रूप से भंग (West Bengal Assembly Dissolved) मानी जाएगी। मुख्य सचिव दुष्मंत नारियाला ने राज्यपाल द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश को जनहित में प्रकाशित किया है।

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ममता बनर्जी
नई सरकार के स्वागत की तैयारी

पुरानी विधानसभा को भंग करना एक स्थापित संवैधानिक परंपरा है, जो नई निर्वाचित सरकार के कार्यभार संभालने का मार्ग प्रशस्त करती है। इस आदेश के साथ ही 17वीं विधानसभा का कार्यकाल आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है।

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अब आगे क्या?
  1. 18वीं विधानसभा का गठन: चुनाव में जीत हासिल करने वाले नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि अब नई विधानसभा का हिस्सा बनेंगे।

  2. शपथ ग्रहण समारोह: आने वाले कुछ दिनों में नए मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण की तिथि घोषित की जाएगी।

  3. पहला सत्र: नई सरकार के गठन के तुरंत बाद राज्यपाल विधानसभा का पहला सत्र आहूत करेंगे, जिसमें सभी नए विधायक पद की गोपनीयता की शपथ लेंगे।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस नए अध्याय की शुरुआत के साथ ही जनता की निगाहें अब नई कैबिनेट के स्वरूप और भावी विकास योजनाओं पर टिकी हैं। Read More West Bengal Assembly Dissolved: पश्चिम बंगाल में राज्यपाल ने भंग की वर्तमान विधानसभा, 18वीं विधानसभा के गठन की तैयारी शुरु

Tamil Nadu New Government: टीवीके प्रमुख विजय ने राज्यपाल से मिलकर पेश किया सरकार बनाने का दावा, कल लेंगे CM पद की शपथ

Tamil Nadu New Government: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। टीवीके (TVK) प्रमुख विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, विजय लोकभवन पहुंचे और औपचारिक रूप से अपनी दावेदारी प्रस्तुत की।

तमिलनाडु की सियासत में एक नए युग की शुरुआत

आपको बता दें कि तमिलनाडु की सियासत में एक नए युग की शुरुआत ( Tamil Nadu New Government ) होने जा रही है। विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके (TVK) के प्रमुख और सुपरस्टार विजय अब सूबे की कमान संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। टीवीके प्रमुख ने आज तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर औपचारिक तौर पर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है।

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नेहरू स्टेडियम में होगा भव्य शपथ ग्रहण

तमिलनाडु की राजनीति के लिए कल का दिन बेहद ऐतिहासिक होने वाला है। विजय कल चेन्नई के मशहूर नेहरू स्टेडियम में सीएम पद की शपथ लेंगे। ज्योतिषीय आकलन के बाद शपथ ग्रहण के लिए कल सुबह 10:00 बजे से 11:15 बजे के बीच का शुभ मुहूर्त निकाला गया है।

इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए स्टेडियम में तैयारियां जोरों पर हैं। 5000 दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम में जनता और समर्थक इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनेंगे। स्टेडियम के कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हर हाल में कल सुबह 6 बजे तक सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें। खुद विजय सुबह 10 बजे से पहले ही समारोह स्थल पर पहुंच जाएंगे।

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Tamil Nadu New Government
क्या है तमिलनाडु का सियासी समीकरण?

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में विजय की पार्टी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। 234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके ने अपने दम पर 108 सीटें जीतकर राजनीतिक दिग्गजों को चौंका दिया है। हालांकि, पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने के लिए पार्टी को अभी भी कुछ समर्थन की दरकार है। सूबे में सरकार बनाने का जादुई आंकड़ा 118 है। ऐसे में 108 सीटें जीतने वाली टीवीके को बहुमत साबित करने के लिए अभी 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है।

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कैसे पूरा होगा जादुई आंकड़ा?

सूत्रों के मुताबिक, इस 10 सीटों के फासले को पाटने के लिए टीवीके छोटे और क्षेत्रीय दलों के संपर्क में है और उनसे समर्थन मांग सकती है। इसके अलावा, एक बड़ी राजनीतिक हलचल के तहत कांग्रेस पार्टी ने पहले ही टीवीके को सरकार बनाने के लिए बाहर से समर्थन देने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। इससे यह साफ हो गया है कि विजय बिना किसी बड़ी बाधा के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज होने जा रहे हैं।

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आगे क्या?

तमिलनाडु की राजनीति अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर है। एक तरफ विजय की अगुवाई में नई सरकार बनने की संभावनाएं मजबूत दिख रही हैं, वहीं दूसरी ओर समर्थन जुटाने की चुनौती भी सामने है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार होता है, तो राज्य को जल्द ही एक नया नेतृत्व मिल सकता है। Read More Tamil Nadu New Government: टीवीके प्रमुख विजय ने राज्यपाल से मिलकर पेश किया सरकार बनाने का दावा, कल लेंगे CM पद की शपथ

Assembly Elections 2026: BJP ने नियुक्त किए पर्यवेक्षक,पश्चिम बंगाल में अमित शाह और असम में जेपी नड्डा संभालेंगे कमान

Assembly Elections 2026: हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल और असम में अपनी विधायी इकाइयों को व्यवस्थित करने के लिए कमर कस ली है। पार्टी आलाकमान ने दोनों राज्यों में ‘विधायक दल के नेता’ के चयन के लिए कद्दावर केंद्रीय पर्यवेक्षकों और सह-पर्यवेक्षकों के नामों की घोषणा कर दी है।

अमित शाह और मोहन चरण माझी पर भरोसा

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की राजनीतिक संवेदनशीलता और रणनीतिक महत्व को देखते हुए, भाजपा ने यहां अपने सबसे बड़े रणनीतिकार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। जिसका उद्देश्य बंगाल विधानसभा में एक ऐसा नेतृत्व तैयार करना जो सत्तापक्ष के सामने मजबूती से विपक्ष की आवाज बुलंद कर सके।

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Assembly Elections 2026
असम में जेपी नड्डा और नायब सिंह सैनी पर्यवेक्षक नियुक्त

वहीं, असम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सह-पर्यवेक्षक के रूप में काम करेंगे। दोनों राज्यों में पर्यवेक्षक नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक करेंगे और उनकी राय के आधार पर विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और संगठन के भीतर एकजुटता बनाए रखना है।

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विपक्ष का रुख और विवादों की छाया

एक तरफ जहां भाजपा अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतगणना और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग (EC) का इस्तेमाल कर लाखों नाम मतदाता सूची से हटाए गए और धांधली की गई। इसी तरह कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी श्रृंगेरी विधानसभा सीट पर रिकाउंटिंग को लेकर भाजपा पर ‘वोट डकैती’ का आरोप लगाया है।

किसके हाथों में होगी बंगाल और असम कमान

इन सभी आरोपों का बीच अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन दिग्गजों की निगरानी में बंगाल और असम में भाजपा की कमान किसके हाथों में सौंपी जाती है। Read More Assembly Elections 2026: BJP ने नियुक्त किए पर्यवेक्षक,पश्चिम बंगाल में अमित शाह और असम में जेपी नड्डा संभालेंगे कमान

विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी हलचल तेज, अखिलेश यादव की मौजूदगी में नसीमुद्दीन सिद्दीकी सपा में हुए शामिल

UP Politics: राजधानी लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी मुख्यालय में क बड़ा राजनीतिक हेर-फेर देखने को मिला। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए आज उनकी सदस्यता की आधिकारिक घोषणा की गई। इस मौके पर तीन महिला नेत्रियों समेत कुल सात नेताओं ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण की है।

विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दल-बदल का दौर शुरू हो चुका है और इसी कड़ी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चर्चित मुस्लिम चेहरे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। सपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें माला पहनाकर औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कराया। इस दौरान उन्हें स्मृति चिह्न और अहिल्याबाई की तस्वीर भेंट कर स्वागत किया गया।

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Naseemuddin Siddiqui joins SP
Naseemuddin Siddiqui joins SP
बसपा के बाद अब सपा में नई पारी

नसीमुद्दीन सिद्दीकी इससे पहले Bahujan Samaj Party सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनका मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है। हाल ही में उन्होंने कांग्रेस छोड़ी थी, जिसके बाद उनके अगले कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे थे।

सपा में शामिल होते ही उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव से उनके पुराने रिश्ते हैं और वे उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

सपा की नीतियों की सराहना

सदस्यता ग्रहण करने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सपा सरकार के कार्यकाल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ता और छात्रों को लैपटॉप वितरण जैसी योजनाएं ऐतिहासिक कदम थीं। युवाओं को रोजगार देने का श्रेय भी उन्होंने सपा सरकार को दिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने शेरो-शायरी के जरिए कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की और “जय समाजवाद” के नारे के साथ अपनी बात समाप्त की।

अखिलेश यादव के सियासी तंज

इस अवसर पर अखिलेश यादव ने भी राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “आज हमारे पास फूल आ गए हैं, तो किसी का फूल मुरझाता जा रहा है।” इस दौरान उन्होंने कुछ नेताओं की भाषा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब वे बोलते हैं तो विवाद खड़ा हो जाता है। साथ ही, उन्होंने “सीएम” का नया अर्थ बताते हुए राजनीतिक कटाक्ष किया और प्रदेश व केंद्र सरकार पर भी टिप्पणी की।

सपा को मिला मजबूत मुस्लिम चेहरा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी के शामिल होने से सपा को एक प्रभावशाली मुस्लिम चेहरा मिला है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी पकड़ को देखते हुए आगामी चुनावी समीकरणों पर इसका असर पड़ सकता है।

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Privilege Motion Against Rahul Gandhi: “देश को गुमराह कर रहे राहुल”, निशिकांत दुबे ने सदस्यता खत्म करने के लिए पेश किया प्रस्ताव

Privilege Motion Against Rahul Gandhi: लोकसभा में सियासी हलचल उस समय तेज हो गई जब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की संसदीय सदस्यता समाप्त करने के प्रस्ताव को लेकर नोटिस दिया। यह कदम उस बयान के बाद उठाया गया, जिसमें राहुल गांधी ने इंडिया–US ट्रेड डील और केंद्रीय बजट पर सवाल खड़े किए थे।

जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला

बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अब राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (प्रिविलेज मोशन) नहीं लाएगी। हालांकि, उनके हालिया भाषण के कुछ हिस्सों को सदन की कार्यवाही से हटाया जाएगा, क्योंकि लगाए गए आरोपों को प्रमाणित नहीं किया गया था।

Privilege Motion Against Rahul Gandhi

क्या है पूरा मामला?

सूत्रों के मुताबिक, निशिकांत दुबे ने लोकसभा सचिवालय में नोटिस दाखिल करते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन में तथ्यों पर आधारित न होने वाले आरोप लगाए और कुछ असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया। नोटिस में कहा गया है कि यह सदन की गरिमा के विपरीत है। यह कार्रवाई लोकसभा के नियमों के तहत, विशेष रूप से Rule 380 का हवाला देते हुए की गई है, जिसके तहत रिकॉर्ड से आपत्तिजनक या असंसदीय टिप्पणियां हटाई जा सकती हैं।

पीएम मोदी से मिले किरेन रिजिजू

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। माना जा रहा है कि उन्होंने संसद में उत्पन्न गतिरोध की जानकारी प्रधानमंत्री को दी।

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Privilege Motion Against Rahul Gandhi

बजट और ट्रेड डील पर उठे सवाल

बीते दिन लोकसभा में राहुल गांधी ने इंडिया–US ट्रेड डील और यूनियन बजट पर सरकार से तीखे सवाल किए। अपने भाषण के दौरान उन्होंने राजनीति की तुलना मार्शल आर्ट से करते हुए ‘ग्रिप’ और ‘चोक’ जैसे शब्दों का उल्लेख किया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई और इसे अनुचित बताया।

विशेषाधिकार हनन का मुद्दा

यदि यह मामला विशेषाधिकार हनन के रूप में आगे बढ़ता है, तो राहुल गांधी के लिए चुनौती बढ़ सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय सदन की प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।

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Privilege Motion Against Rahul Gandhi
Privilege Motion Against Rahul Gandhi
पहले भी जा चुकी है सदस्यता

यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी की सदस्यता पर (Privilege Motion Against Rahul Gandhi) संकट आया हो। वर्ष 2023 में सूरत की एक अदालत द्वारा मानहानि मामले में दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि, बाद में उनकी सदस्यता बहाल हो गई थी।

अब निगाहें लोकसभा की कार्यवाही पर टिकी हैं कि क्या यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है या नहीं। विपक्ष इसे राजनीतिक कदम बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि सदन की मर्यादा सर्वोपरि है। Read More Privilege Motion Against Rahul Gandhi: “देश को गुमराह कर रहे राहुल”, निशिकांत दुबे ने सदस्यता खत्म करने के लिए पेश किया प्रस्ताव

Parliament Budget Session 2026: लोकसभा में हंगामा जारी, कार्यवाही बार-बार स्थगित, राज्यसभा में बहस जारी

Parliament Budget Session 2026 – संसद के बजट सत्र का आज 10वां दिन भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी टकराव की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। लोकसभा से आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वक्तव्य को कथित तौर पर रिकॉर्ड से हटाए जाने के मुद्दे पर गतिरोध बरकरार है। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही आज भी दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई, जबकि राज्यसभा में शोरगुल के बीच कार्यवाही जारी है।

लोकसभा में स्थगन, विपक्ष का विरोध जारी

आपको बता दें कि सुबह 11 बजे शुरू हुई लोकसभा की कार्यवाही (Parliament Budget Session 2026) विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण बाधित रही। विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला को कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस सौंपते हुए महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग की। कांग्रेस समेत कई दलों का कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन नहीं कर रही और विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विपक्षी सांसद स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर भी विचार कर रहे हैं। हालांकि, इससे पहले 9 फरवरी को सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि ऐसा प्रस्ताव बजट सत्र के दूसरे चरण में लाया जा सकता है।

Parliament Budget Session 2026
Parliament Budget Session 2026
भाजपा महिला सांसदों की शिकायत

इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के व्यवहार पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 4 फरवरी को लोकसभा में विपक्षी सांसदों के आचरण से भाजपा के सांसद, विशेषकर महिला सांसद, काफी नाराज थीं। रिजिजू के अनुसार, भाजपा की महिला सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री की सीट के घेराव और सदन के वेल में घुसकर प्रदर्शन करने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि शारीरिक टकराव की नौबत आ सकती थी, लेकिन भाजपा सांसदों ने संयम बरता।

Parliament Budget Session 2026
राज्यसभा में बजट पर चर्चा

राज्यसभा में हालांकि हंगामे के बावजूद कामकाज जारी है। संभावना जताई जा रही है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज बजट 2026 पर हुई चर्चा का जवाब देंगी। वहीं, लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा की मांग उठाई है।

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Parliament Budget Session 2026

बजट चर्चा पर अनिश्चितता

लोकसभा में आज (Parliament Budget Session 2026) पर चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन लगातार हो रहे हंगामे के कारण इस पर संशय बना हुआ है। सोमवार को भी प्रश्नकाल बाधित रहा और अंततः दोपहर बाद पूरे दिन के लिए सदन स्थगित करना पड़ा था। स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की थी, लेकिन फिलहाल गतिरोध टूटता नजर नहीं आ रहा। Read More Parliament Budget Session 2026: लोकसभा में हंगामा जारी, कार्यवाही बार-बार स्थगित, राज्यसभा में बहस जारी

UP Budget 2026: यूपी बजट सत्र का हंगामेदार आगाज़, सदन में गूंजे ‘गो-बैक’ के नारे…

UP Budget 2026 – उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन बड़ी हलचल वाला रहा। यूपी विधानसभा का बजट सत्र (UP Budget 2026) आज से शुरू हो गया है, लेकिन उम्मीद के मुताबिक सत्र की शुरुआत शांतिपूर्ण नहीं रही। जैसे ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपना भाषण शुरू किया, विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। आखिर सदन के अंदर और बाहर आज क्या-क्या हुआ, आइए देखते हैं इस रिपोर्ट में।”

बजट सत्र का हंगामेदार आगाज़ 

आपको बता दें कि यूपी विधानसभा के बजट सत्र (UP Budget 2026) का आगाज़ काफी हंगामेदार रहा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सदन में पहुंचते ही विपक्षी दलों ने ‘गो-बैक’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। विपक्ष के इस भारी शोर-शराबे की वजह से सदन के भीतर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है और यहां हंगामा करना शोभा नहीं देता। उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि अगर उनके पास कोई जनता से जुड़ा मुद्दा है, तो वे शोर मचाने के बजाय उस पर चर्चा करें।

UP Budget 2026
रिपोर्ट में यूपी की तरक्की का पूरा ब्योरा

यही नहीं, मुख्यमंत्री ने आज एक ऐतिहासिक घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि राज्यपाल के भाषण के बाद सरकार पहली बार राज्य का ‘इकोनॉमिक सर्वे’ यानी आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने जा रही है। इस रिपोर्ट में यूपी की तरक्की का पूरा ब्योरा होगा। सीएम योगी का दावा है कि उनकी सरकार ने यूपी को पिछड़ेपन से निकालकर एक मजबूत अर्थव्यवस्था बना दिया है।

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UP Budget 2026
इकोनॉमिक सर्वे ही बजट चर्चा की बुनियाद

योगी आदित्यनाथ ने जोर देते हुए कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि सरकार ने उनके लिए क्या काम किया है। अब यह इकोनॉमिक सर्वे ही बजट चर्चा की बुनियाद बनेगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विपक्ष चर्चा में हिस्सा लेगा या फिर यह सत्र भी सिर्फ हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा?”

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Parliament Session: स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंकने पर 8 विपक्षी सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित

Parliament Session – संसद के मौजूदा सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला, जब कुछ सांसदों ने सदन की मर्यादा तोड़ते हुए स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंके। इस गंभीर अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए छह सांसदों को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।

निलंबन का प्रस्ताव और सदन की मंजूरी

आपको बता दें कि लोकसभा में मंगलवार को भारी हंगामे के बीच सदन ( Parliament Session) की मर्यादा भंग करने के आरोप में आठ विपक्षी सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। इन सांसदों पर लोकसभा स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंकने का आरोप है। इस घटना को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए स्पीकर ओम बिरला ने सभी आठ सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया। हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और लोकसभा की कार्यवाही को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

Parliamentary Proceedings
Parliamentary Proceedings
राहुल गांधी के भाषण से शुरू हुआ विवाद

 Parliament Session हंगामे की शुरुआत उस समय हुई जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान एक बार फिर चीन से जुड़ा मुद्दा उठाया। जैसे ही उन्होंने इस विषय पर बोलना शुरू किया, सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। राहुल गांधी अपनी बात पूरी करने पर अड़े रहे, लेकिन शोर-शराबे के कारण उनका भाषण अधूरा रह गया।

हंगामे के चलते कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा। इसी दौरान कुछ सांसदों ने आसन के पास पहुंचकर कागज के टुकड़े उछाल दिए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

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Parliament Budget Session
Parliament Budget Session
निलंबन का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित

दोपहर तीन बजे जब लोकसभा की कार्यवाही चौथी बार शुरू हुई, तब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पीकर की ओर कागज फेंकने वाले सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव सदन में पेश किया। सदन ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

निलंबित किए गए सांसद

 Parliament Session निलंबन की कार्रवाई जिन सांसदों पर हुई, उनके नाम गुरजीत औजला, मणिकम टैगोर (कांग्रेस, तमिलनाडु), अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, किरण कुमार रेड्डी, न कुरियाकोसे (कांग्रेस, केरल), एस. वेंकटेश (सीपीएम), हिबी ईडन (कांग्रेस, केरल), प्रशांत पडोले, थॉमस हैं। इन सभी सांसदों को मौजूदा बजट सत्र में किसी भी कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।

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Rahul Gandhi
Rahul Gandhi
विपक्ष का पलटवार

इससे पहले कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें बोलने से रोक रही है। वेणुगोपाल ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि हिम्मत है तो सभी विपक्षी सांसदों को निलंबित करके दिखाए। फिलहाल, संसद का माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है और राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।

सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई

विरोध के दौरान विपक्षी सांसद सदन के वेल में पहुंच गए, नारेबाजी की और स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज उछाले। हालात इतने बिगड़ गए कि कार्यवाही चलाना संभव नहीं रहा। बार-बार अपील के बावजूद व्यवस्था बहाल न होने पर संबंधित सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। फिलहाल, लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। Read More Parliament Session: स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंकने पर 8 विपक्षी सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित

Parliament Budget Session – राहुल गांधी के बयान पर भाजपा का पलटवार, सीपी जोशी बोले- विदेशी ताकतों के इशारे पर विपक्ष

Parliament Budget Session- संसद के बजट सत्र (Parliament Budget Session) की शुरुआत 28 जनवरी से हो चुकी है और सोमवार को कार्यवाही का चौथा दिन रहा। लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत हुई। इस चर्चा के लिए स्पीकर ओम बिरला ने 18 घंटे का समय निर्धारित किया है, जबकि राज्यसभा में इस विषय पर 16 घंटे चर्चा होनी है।

Parliament Budget Session
Parliament Budget Session
आज इस कार्यवाही का चौथा दिन

आपको बता दें कि संसद के बजट सत्र (Parliament Budget Session) की शुरुआत हो चुकी है। आज इस कार्यवाही का चौथा दिन था, हालांकि आज 2 फरवरी दिन सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान के कारण बार-बार बाधित होती रही। राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए कहा कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि वे सिर्फ दो-तीन पंक्तियां कहना चाहते हैं, जो पूर्व सेना प्रमुख के बयानों से जुड़ी हैं।

विपक्ष विदेशी ताकतों के हाथों में

राहुल गांधी के बयान पर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा सांसद सीपी जोशी ने कहा कि, “राहुल गांधी को बोलने के कई अवसर दिए गए, लेकिन उन्होंने देश को बदनाम करने और सेना का मनोबल गिराने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष विदेशी ताकतों के हाथों में खेल रहा है।”

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भारी हंगामे के बीच सदन स्थगित

हंगामा बढ़ने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को बिना तथ्यों के बयान देने से बचने की चेतावनी दी और कहा कि सदन नियमों के अनुसार ही चलेगा। इसके बावजूद शोर-शराबा जारी रहा, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 3 बजे और फिर शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। अंततः भारी हंगामे के बीच सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

देश से माफी मांगने की मांग

इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान को शर्मनाक बताते हुए उनसे देश से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि, “विपक्ष के नेता बार-बार सदन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। उधर, राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा शांतिपूर्ण ढंग से जारी रही। संसद के बजट सत्र (Parliament Budget Session) की कार्यवाही से जुड़े तमाम घटनाक्रम पर देशभर की नजर बनी हुई है।”

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Ajit Pawar: अजित पवार के निधन से पूरे देश में शोक की लहर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं ने जताया शोक

Ajit Pawar:  महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। मुंबई से चुनाव प्रचार के लिए बारामती जा रहे अजित पवार का निजी चार्टर विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनके साथ यात्रा कर रहे सभी पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे की पुष्टि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने की है। वहीं इस हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई दिग्गज नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद

आपको बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद बन गया, बारामती में बुधवार सुबह उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) को ले जा रहा निजी चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

पीएम मोदी ने कहा- असमय निधन बेहद दुखद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि, “वे जमीनी स्तर से जुड़े जननेता थे। उन्होंने लिखा कि अजित पवार महाराष्ट्र की जनता की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहे और उनका असमय जाना अत्यंत पीड़ादायक है।”

Ajit Pawar Death News
Ajit Pawar Death News
राहुल गांधी ने जताई संवेदना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) और उनके सहयात्रियों के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने इस कठिन समय में महाराष्ट्र की जनता और पवार परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।

राष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों ने जताया शोक

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी इस विमान दुर्घटना को अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि अजित पवार का महाराष्ट्र के विकास, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में अहम योगदान रहा है। वहीं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिवार को संबल देने की प्रार्थना की।

 Ajit Pawar's demise, says President Droupadi Murmu
Ajit Pawar’s demise, says President Droupadi Murmu
प्रियंका गांधी और खरगे ने दी श्रद्धांजलि

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पवार परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने अजित पवार की पत्नी और सुप्रिया सुले से बात की है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस हादसे को चौंकाने वाला और बेहद दुखद बताया।

बारामती रवाना हुए बड़े नेता

हादसे के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बारामती जाने का निर्णय लिया है। NCP-SCP प्रमुख शरद पवार भी अपनी पत्नी प्रतिभा पवार के साथ मुंबई से बारामती के लिए रवाना हो चुके हैं। अजित पवार का परिवार भी दिल्ली से बारामती पहुंच रहा है।

पुणे आवास के बाहर पसरा सन्नाटा

अजित पवार के पुणे स्थित आवास के बाहर गमगीन माहौल है, पूरे परिसर में सन्नाटा छाया हुआ है। सुरक्षा के मद्देनज़र भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और इस खबर के बाद समर्थकों की भीड़ धीरे-धीरे जुटने लगी है।

DGCA ने की मौत की पुष्टि

DGCA के अनुसार, इस विमान हादसे में अजित पवार के साथ उनके पीएसओ, एक अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर की भी मौत हुई है। सभी लोग निजी चार्टर विमान में सवार थे। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। Read More Ajit Pawar: अजित पवार के निधन से पूरे देश में शोक की लहर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं ने जताया शोक