सीएम सिद्धारमैया और डीप्टी सीएम डीएसके के बीच हुई बैठक,क्या हो सकते है कई बड़े ऐलान…

BE NEWS – कर्नाटक में सीएम पद को लेकर चल रही धमासान के बीच आज सीएम सिद्धारमैया और डीप्टी सीएम डीके शिवकुमार के साथ नाश्ते पर बैठक हुई। कई दिनों से दोनों नेताओं के बीच चल रही विवाद की खबरों पर यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है।

कांग्रेस आलाकमान के निर्देश 

आपको बता दें कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहे आपसी विवाद के बीच आज 29 नवंबर दिन शनिवार को सीएम सिद्धारमैया और डीप्टी सीएम डीएसके के बीच मुख्यमंत्री निवास कावेरी में अहम बैठक हुई। माना जा रहा है कि यह मीटिंग कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर हो रही है। वहीं ब्रेकफास्ट पर आयोजित यह मीटिंग दोनों  दिग्गज नेताओं के बीच सुलह का एक जरिया भी मानी जा रही है। इस मुलाकात के बाद दोनों नेता एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगें। वहीं कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि इस पत्रकार वार्ता में कई बड़े ऐलान भी हो सकते है।

Karnataka Breakfast party of Siddaramaiah and DK Shivakumar trying to ...

‘टू-ईयर रोटेशन फॉर्मूला’ पर सहमति

दरअसल पिछले कई महीनों से सियासी गलियारों में यह चर्चा गर्म थी कि कांग्रेस हाईकमान ने चुनाव से पहले ही सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच एक ‘टू-ईयर रोटेशन फॉर्मूला’ पर सहमति बनाई थी। हालांकि, अब तक न तो पार्टी और न ही दोनों नेताओं में से किसी ने इस पर आधिकारिक बयान दिया था। वहीं कर्नाटक में अब सिद्धारमैया सरकार ने अपने कार्यकाल के ढाई साल पूरे कर लिए है, जिसके बाद से ही ये कयास लगाए जा रहे है कि अब क्या डीप्टी सीएम डीके शिवकुमार को अगले ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद की कमान मिलेगी या नहीं? जिसको लेकर दोनों नेताओं के बीच धमासान चल रहा है।

कर्नाटक में सियासी घमासान तेज, सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की पोस्ट ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

BE News – कर्नाटक में कांग्रेस सरकार इन दिनों आंतरिक खींचतान के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री बदलने को लेकर चल रही अटकलें अब महज अफवाह नहीं रहीं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार के बीच बढ़ती दूरी ने राज्य की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है।

सोशल मीडिया पर बढ़ी हलचल

आपको बता दें कि पिछले कई महीनों से सियासी गलियारों में यह चर्चा गर्म थी कि कांग्रेस हाईकमान ने चुनाव से पहले ही सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच एक ‘टू-ईयर रोटेशन फॉर्मूला’ पर सहमति बनाई थी। हालांकि, अब तक न तो पार्टी और न ही दोनों नेताओं में से किसी ने इस पर आधिकारिक बयान दिया था। अब जब कार्यकाल का आधा हिस्सा पूरा होने के करीब है, दोनों नेताओं के सोशल मीडिया पोस्ट ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

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सीएम सिद्धारमैया का चौंकाने वाला जवाब

दरअसल इन अफवाहों को हवा तब मिली जब बृहस्पतिवार को अचानक सीएम सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की और लिखा कि “एक शब्द तब तक ताकत नहीं है, जब तक वह लोगों के लिए दुनिया को बेहतर न बनाए।” आगे उन्होनें लिखा कि, मुझे यह बताते हुए गरेव हो रहा है कि श क्ति स्कीम ने हमारे राज्य की महिलाओं को 600 करोड़ से ज्यादा की फ्री ट्रिप दी है, साथ ही सरकार बनने के पहले महीने से ही हमने अपनी गांरटी को एकेशन में बदला है बातों में नहीं।

✅ शक्ति – 600 करोड़ से अधिक मुफ्त यात्राएँ, कामकाजी महिलाओं को सम्मान और गतिशीलता लौटाना।
✅ गृह लक्ष्मी – 1.24 करोड़ महिला-प्रधान परिवारों को सशक्त बनाना।
✅ युवा निधि – 3 लाख से अधिक युवाओं को सुरक्षा और आशा के साथ समर्थन।
✅ अन्न भग्य 2.0 – 4.08 करोड़ नागरिकों के लिए खाद्य सुरक्षा।
✅ गृह ज्योति – 1.64 करोड़ परिवारों के लिए मुफ्त बिजली।

मेरे पहले कार्यकाल (2013–18) में, 165 में से 157 वादे पूरे किए गए थे, जिसमें 95% से अधिक पूरा होना शामिल था। इस कार्यकाल में, 593 में से 243+ वादे पहले ही पूरे हो चुके हैं, और बाकी के सभी वादे प्रतिबद्धता, विश्वसनीयता के साथ पूरे किए जाएंगे। कर्नाटक के लोगों द्वारा दिया गया जनादेश केवल एक पल की बात नहीं, बल्कि पांच पूरे वर्ष की जिम्मेदारी है। कांग्रेस पार्टी, मेरे सहित, हमारे लोगों के लिए करुणा, निरंतरता और साहस के साथ अपने वादों को निभा रही है। हमारा कर्नाटक के प्रति वचन कोई नारा नहीं है, यह हमारे लिए दुनिया का मतलब रखता है।

शब्द की शक्ति ही विश्व की शक्ति है- डीके शिवकुमार

सिद्धारमैया की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद डीके शिवकुमार ने भी एक पोस्ट की, जिसमें उन्होनें कहा कि, शब्द कहा कि शब्द की शक्ति ही विश्व की शक्ति है, और अपना वादा निभाना ही दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है।

कांग्रेस ने बुलाई समीक्षा बैठक, बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार और भविष्य की तैयारी पर होगी गहन चर्चा

BE NEWS – बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद कांग्रेस अब अपनी रणनीति का पुनर्मूल्यांकन करने में जुट गई है। राज्य में मात्र छह सीटों पर सिमटने के बाद पार्टी ने राजधानी दिल्ली में एक अहम समीक्षा बैठक बुलाई है, जिसमें पार्टी की कमजोरियों और भविष्य की तैयारी पर गहन चर्चा होगी।

हार के कारणों पर मंथन-

आपको बता दें कि इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी, पूर्व सीएलपी नेता, सभी सांसद-विधायकों के साथ उन 61 प्रत्याशियों को भी बुलाया गया है, जिन्होंने इस बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। चुनाव में सिर्फ छह सीटें मिलने के बाद यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में नेताओं की मौजूदगी में हार के कारणों पर मंथन किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य एजेंडा विधानसभा चुनाव में मिली हार की विस्तृत समीक्षा करना और आगे की राजनीतिक रणनीति तैयार करना है।

Bihar Chunav 2025 LIVE: बिहार चुनाव से पहले कांग्रेस की इमरजेंसी बैठक ...

आगामी रणनीति रिपोर्टों के आधार पर-

कांग्रेस ने सभी उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें, जिसमें हार की वजहें, स्थानीय मुद्दों का असर, संगठन की कमियां और बूथ स्तर पर पार्टी की स्थिति का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। पार्टी की आगामी रणनीति इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर तय की जाएगी। इसके साथ ही, बैठक में पंचायत चुनाव, लोकसभा चुनाव और अन्य स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक सुधारों पर भी चर्चा होगी।

समीक्षा बैठक कांग्रेस के लिए निर्णायक-

पार्टी यह भी विचार करेगी कि भविष्य के लिए नए नेताओं की पहचान कैसे की जाए, पार्टी को और प्रभावी और सक्रिय कैसे बनाया जाए। दिल्ली में हो रही यह समीक्षा बैठक कांग्रेस के लिए निर्णायक मानी जा रही है, क्योंकि इसमें पार्टी की भविष्य की दिशा और रणनीति तय होने की संभावना है।

Uttar Pradesh- 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की तैयारियां तेज, 14 जिलों में की नए जिलाध्यक्षों की घोषणा

BE NEWS- उत्तर प्रदेश में होने वाले 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। अपनी चुनावी रणनीति को सफल बनाने के लिए भाजपा ने प्रदेश के 14 जिलों के नए जिलाअध्यक्षों की घोषणा कर दी है।

14 जिलों के नए जिलाअध्यक्षों का घोषणा

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में 2027 को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अभी से अपनी तैयारियां तेज कर दी है। अपनी पार्टी को और मजबूत बनाने और बेहतर प्रदर्शन के लिए बीजेपी ने प्रदेश के 14 जिलों के नए जिलाअध्यक्षों का घोषणा कर दी है। जिसमें बड़े शहरों के साथ- साथ महत्वपूर्ण जिलों को भी सम्मिलित किया गया है।

इन नए जिलाध्यक्षों में मेरठ के हरवार पाल, फिरोजाबाद से उदय प्रताप सिंह, एटा से प्रमोद गुप्ता, हापुड़ से कविता माघरे, जालौन से उर्विजा दीक्षित, झांसी महानगर से सुधार सिंह और हमीरपुर से शकुंतला निषाद को वहीं फतेहपुर से अन्नु श्रीवास्तव, जौनपुर से अजीत प्रजापति, बाराबंकी के राम सिंह वर्मा और कौशांबी से धर्मराज मौर्या को जिम्मेदरी सौंपी गई है।

यूपी में भाजपा ने 14 जिलों में बनाए नए जिलाध्यक्ष, इनमें GEN, OBC और SC वर्ग से कितने?

समाज के हर वर्ग को किया सम्मिलत

इन सभी 14 जिलों के नए जिलाअध्यक्षों में 6 पिछड़ा वर्ग से है, वहीं 7 जिलाध्यक्ष सामान्य वर्ग से तो एक अनुसूचित जाति से हैै। समाज के हर वर्ग को सम्मिलत करने नीति पार्टी के लिए एक अहम कदम मानी जा रही है जोकि पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को और मजबूती देगा। दरअसल लोकसभा चुनाव के नतीजों को देखने के बाद पार्टी अब किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतना चाहती है। जिसके लिए वह अभी से तैयारियों में जुट गई है।

 

 

मुझे मुस्लिम नेता क्यों बोला, मैंने तो नहीं कहा कि आप किस धर्म के पत्रकार हैं: सलमान खुर्शीद

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद ने एक ऐसा बयान दिया है, जो चर्चा का विषय है। मीडिया से बात करते हुए सलमान खुर्शीद ने एक सवाल पर कहा कि मुझे मुस्लिम नेता क्यों बोल रहे हैं। मैंने तो आपने नहीं पूछा कि आप किस धर्म के पत्रकार हैं। यह तब हुआ जब पत्रकार उनसे दिल्ली धमाकों को लेकर उनकी प्रतिक्रिया ले रहे थे। सलमान खुर्शीद से जब पूछा गया कि डॉक्टर उमर का वीडियो आया है, जिसमें वह खुद को जस्टिफाई कर रहे हैं। तब खुर्शीद ने कहा कि मैं पुलिसवाला नहीं हूं। पार्टी को जो कहना है वह अधिकृत प्रवक्ता कहेंगे।

मीडिया से घिरे सलमान खुर्शीद से एक पत्रकार ने पूछा कि आप एक बड़े मुस्लिम नेता हैं, इसलिए हम आपसे…अभी पत्रकार का सवाल पूरा भी नहीं हुआ कि खुर्शीद ने उसे रोक दिया। उन्होंने कहा, ‘यार बात सुनो, मैं नमाज पढ़ रहा होऊंगा तो आप कहना कि मैं मुस्लिम नेता हूं। मैं आपके साथ खड़ा हूं तो जैसे आप हो, वैसे मैं हूं। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आप फलां मजहब के प्रेस के हो। तो आप मुझे क्यों कह रहे हो कि आप मुस्लिम नेता हो।’ उन्होंने आगे कहा कि हम लोग भारतवासी हैं और भारतवासी होने के नाते हमारी कुछ जिम्मेदारियां, चिंताएं और कष्ट हैं।

वाइट कॉलर आतंकवाद पर क्या कहा
इस दौरान सलमान खुर्शीद से पूछा गया कि कहा जा रहा है कि वाइट कॉलर आतंकवाद बढ़ रहा है। जो पढ़े-लिखे लोग हैं वह आतंकवाद की तरफ जा रहे हैं? इस पर उन्होंने कहा कि चाहे जो भी करे, लेकिन उसे अच्छा तो नहीं कह सकते हैं ना? खुर्शीद ने आगे कहा कि जो हो रहा है वो अच्छा नहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता से कश्मीर के नेता के बयान के संदर्भ में भी सवाल पूछे गए। इस पर उन्होंने कहा है कि यह बेहद गंभीर मामला है। इस पर कोई राजनीतिक बयान नहीं दिया जाना चाहिए। सिर्फ वही बातें होनी चाहिए, जो देशहित में हों। इस पर बेहद सूझ-बूझ के साथ, समझदारी और जानकारी के साथ ही बात होनी चाहिए।