Israel Attacks Iran: खामेनेई की हत्या के बाद कराची में अमेरिकी दूतावास के पास हिंसक प्रदर्शन, 10 की मौत और 30 से अधिक घायल

Israel Attacks Iran:  ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की हत्या के बाद पाकिस्तान के कराची में हालात तनावपूर्ण हो गए। रविवार को माई कोलाची रोड स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।

Violent protests near US embassy in Karachi
Violent protests near US embassy in Karachi
 अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन और हिंसा

आपको बता दें कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इस्राइल और अमेरिका के हमलों में हुई मौत के बाद भारत समेत देशभर के कई हिस्सों में तनाव और गम का माहौल है। इसी बीच पाकिस्तान के कराची में प्रदर्शनकारियों ने माई कोलाची रोड स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर कूच की और परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान 10 लोगों की मौत हुई और 30 से अधिक लोग घायल हुए। घायलों को कराची सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारी दूतावास के बाहरी क्षेत्र तक ही पहुंच पाए और उसके बाद उन्हें तितर-बितर कर दिया गया। सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लांजर ने कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक से घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

ये भी देखें – https://www.youtube.com/watch?v=cs6p-5zhCL8

छह शिया मुसलमानों की पाकिस्तान पुलिस ने बिछाई लाशें, खामेनेई की हत्या का कर  रहे थे विरोध | Mint

हवाई हमलों में खामेनेई की हत्या

शनिवार को तेहरान में हुए संयुक्त अमेरिकी और इस्राइली हवाई हमलों में आयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या हुई। 1989 में आयातुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता बने थे और तीन दशकों से अधिक समय तक देश का नेतृत्व कर रहे थे। उनके निधन की खबर के बाद कराची में गुस्से का माहौल बन गया और प्रदर्शन हिंसक रूप ले गया।

अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन हिंसक
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम

स्थानीय प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। हालात पर नजर रखी जा रही है और घायल हुए लोगों को अस्पताल में इलाज मुहैया कराया जा रहा है।

राजनीतिक और धार्मिक तनाव

खामेनेई की हत्या और इसके बाद हुए प्रदर्शन ने ईरान-यूएस-इस्राइल संबंधों में नई बहस को जन्म दिया है। पाकिस्तान में कराची के हिंसक प्रदर्शन से यह संकेत मिलता है कि क्षेत्र में राजनीतिक और धार्मिक तनाव बढ़ सकता है। Read More Israel Attacks Iran: खामेनेई की हत्या के बाद कराची में अमेरिकी दूतावास के पास हिंसक प्रदर्शन, 10 की मौत और 30 से अधिक घायल

New Rafale Deal: भारत ने फ्रांस से 114 नए जेट्स की खरीद को दी मंजूरी, जानें DAC की मीटिंग के बड़े फैसले…

New Rafale Deal। भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को नई ऊंचाई देने के लिए केंद्र सरकार ने फ्रांस से 114 नए राफेल लड़ाकू (New Rafale Deal) विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी है। यह फैसला रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने की।

MRFA प्रोजेक्ट के तहत भारत में होगा निर्माण

बता दें कि करीब 3.60 लाख करोड़ रुपये की रक्षा खरीद प्रस्तावों को स्वीकृति मिली है, जिनमें से लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये की डील राफेल से जुड़ी है। इसमें करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये 114 राफेल विमानों के लिए और शेष राशि हथियार, स्पेयर पार्ट्स व सपोर्ट पैकेज के लिए निर्धारित है।

नए राफेल (New Rafale Deal) जेट्स की खरीद MRFA (Multi-Role Fighter Aircraft) कार्यक्रम के तहत की जा रही है। योजना के मुताबिक, बड़ी संख्या में विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इन जेट्स के साथ अत्याधुनिक कॉम्बैट मिसाइलें भी शामिल होंगी, जो लंबी दूरी से सटीक हमले की क्षमता देंगी। साथ ही, AS-HAPS जैसे सिस्टम इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस (ISR) मिशनों को मजबूत करेंगे।

ये भी  देखें – India-US Trade Deal: लोकदल अध्यक्ष का सरकार पर सीधा हमला, क्या फिर होगा किसान आंदोलन?

New Rafale Deal

थल सेना और नौसेना को भी मिली मजबूती

बैठक में सिर्फ वायुसेना ही नहीं, बल्कि थल सेना और नौसेना के लिए भी अहम मंजूरियां दी गईं है, जिसमें थल सेना के लिए ‘विभव’ एंटी-टैंक माइंस, ARVs, T-72 टैंकों और BMP-II वाहनों के ओवरहाल को स्वीकृति मिली है। वहीं भारतीय नौसेना के लिए 4 मेगावाट मरीन गैस टर्बाइन बेस्ड इलेक्ट्रिक पावर जनरेटर और लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान P8I की खरीद को हरी झंडी मिली है। इससे नौसेना की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, समुद्री निगरानी और स्ट्राइक क्षमता और मजबूत होगी।

ये भी  देखें – Akhilesh Yadav PC: “जब मुंह खोला तो बुरा बोला” अखिलेश यादव | UP Politics

Rafale Deal
क्यों खौफ पैदा करता है राफेल?

भारत पहले ही फ्रांस से 36 राफेल जेट खरीद चुका है, जो अंबाला और हाशिमारा एयरबेस पर तैनात हैं। राफेल की ताकत उसके अत्याधुनिक हथियार और तकनीक में छिपी है-

 Meteor मिसाइल

100 किमी से अधिक रेंज वाली दुनिया की सबसे उन्नत हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों में शामिल।

 SCALP क्रूज मिसाइल

300-500 किमी दूर स्थित दुश्मन के ठिकानों और बंकरों को सटीक निशाना बनाने में सक्षम।

HAMMER मिसाइल

कम दूरी में मजबूत संरचनाओं को नष्ट करने के लिए डिजाइन की गई।

RBE2 AESA रडार

एक साथ 40 टारगेट ट्रैक करने की क्षमता।

 SPECTRA सिस्टम

दुश्मन के रडार से बचाव और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग में सक्षम उन्नत सुरक्षा प्रणाली।

 63 हजार करोड़ रुपये की डील

भारत अप्रैल 2025 में 26 राफेल-मरीन जेट्स की 63 हजार करोड़ रुपये की डील पहले ही कर चुका है। ये जेट्स विमानवाहक पोत INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य पर तैनात किए जाएंगे और विशेष रूप से नौसेना मिशनों के लिए तैयार किए गए हैं।

एक बड़ा रणनीतिक संदेश

राफेल की नई डील (New Rafale Deal) सिर्फ एक रक्षा खरीद नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों के लिहाज से एक बड़ा रणनीतिक संदेश भी है। अत्याधुनिक तकनीक, लंबी दूरी की मारक क्षमता और मल्टी-रोल ऑपरेशन की योग्यता के कारण राफेल भारतीय वायुसेना को निर्णायक बढ़त देने में अहम भूमिका निभाएगा। Read More New Rafale Deal: भारत ने फ्रांस से 114 नए जेट्स की खरीद को दी मंजूरी, जानें DAC की मीटिंग के बड़े फैसले…

India-US Trade Deal: भारत- अमेरिका ट्रेड डील पर बोले पीयूष गोयल, कहा – “देश के उज्ज्वल आर्थिक भविष्य की ओर…”

India-US Trade Deal – केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और अमेरिका के बीच हुई नई India-US Trade Deal को लेकर अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने इस समझौते को भारत के हित में बताते हुए इसे बहुत अच्छी ट्रेड डील करार दिया। इस डील के तहत अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों पर लगाया जाने वाला टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

व्यापारिक रिश्तों में एक नया अध्याय

आपको बता दें कि भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत और अमेरिका के बीच हुई बहुत अच्छी India-US Trade Deal की आधिकारिक घोषणा की। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत के बाद संभव हुआ है।

पीयूष गोयल ने बताया कि यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई हालिया टेलीफोन बातचीत के बाद सामने आया है। इस बातचीत के बाद दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है।

India-US Trade Deal
India-US Trade Deal
 प्रतिस्पर्धी देशों से बेहतर समझौता

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच मजबूत और भरोसेमंद संबंधों का लाभ भारत को मिला है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ किया गया यह व्यापार समझौता न केवल पड़ोसी देशों बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में भारत के लिए सबसे बेहतर साबित हुआ है।

गोयल ने बताया कि यह समझौता अचानक नहीं हुआ, बल्कि बीते कई महीनों से दोनों देशों की वार्ता टीमें लगातार बातचीत और विचार-विमर्श में जुटी थीं। उन्होंने कहा कि यह डील देश के उज्ज्वल आर्थिक भविष्य की ओर एक मजबूत कदम है।

ये भी देखें – India-US Trade Deal पर बड़ा ब्रेकथ्रू। BE NEWS

Narendra Modi And Donald Trump
Narendra Modi And Donald Trump
प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की पुष्टि

इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की थी कि India-US Trade Deal पर सहमति बन गई है और भारतीय उत्पादों पर पारस्परिक टैरिफ में कटौती की जा रही है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी पुष्टि करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया और कहा कि, ‘140 करोड़ भारतीयों के लिए यह एक सकारात्मक खबर है। हालांकि, प्रधानमंत्री के बयान में औपचारिक रूप से ट्रेड डील शब्द का उल्लेख नहीं किया गया।’

ये भी देखें – Mardaani 3 Movie Review: Rani Mukerji is BACK!

Narendra Modi And Donald Trump

संसद में विपक्ष के रवैये की भी कड़ी आलोचना

पीयूष गोयल ने संसद में विपक्ष के रवैये की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों – जैसे डीएमके, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का संसद में व्यवहार अस्वीकार्य था। गोयल ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद चेयर के पास जाकर स्पीकर का अपमान कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इसी कारण सरकार ने संसद के बजाय प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए देश को जानकारी देना जरूरी समझा।

अमेरिका में विदेश मंत्री जयशंकर

इसी बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका के दौरे पर हैं। वह 2 से 4 फरवरी तक वाशिंगटन में रहेंगे, जहां वह अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो द्वारा आयोजित ‘क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्ट्रीयल’ बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों में रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होगी। Read More India-US Trade Deal: भारत- अमेरिका ट्रेड डील पर बोले पीयूष गोयल, कहा – “देश के उज्ज्वल आर्थिक भविष्य की ओर…”

Bangladesh violence: बांग्लादेश में नहीं थम रही अल्पसंख्यकों पर हिंसा की घटनाएं, नरसिंहदी में युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया

Bangladesh violence – बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला नरसिंहदी जिले से सामने आया है, जहां 23 वर्षीय हिंदू युवक चंचल चंद्र भौमिक को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। यह घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है, जिसने एक बार फिर देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हिंसा की एक और गंभीर घटना आई सामने 

बता दें कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की एक और गंभीर घटना सामने आई है। चंचल चंद्र भौमिक नरसिंहदी इलाके में एक गैराज में काम करता था और काम खत्म करने के बाद वहीं सो रहा था। देर रात अज्ञात हमलावरों ने गैराज में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग इतनी भयानक थी कि चंचल बाहर नहीं निकल सका और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। यह वारदात उस वक्त हुई जब चंचल शुक्रवार रात एक गैराज के अंदर सो रहा था। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

बांग्लादेश में एक और हिन्दू की हत्या, नरसिंहदी में सोते हुए हिंदू युवक ...

घटना का वीडियो भी आया सामने 

घटना नरसिंगदी पुलिस लाइन के पास मस्जिद मार्केट इलाके की बताई जा रही है। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावरों ने गैराज के शटर पर बाहर से पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि युवक को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति को बाहर से आग लगाते हुए देखा जा सकता है। पुलिस का कहना है कि वीडियो और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

ये भी देखें – UP Diwas 2026: UP दिवस कार्यक्रम में सोने की लंका छोड़ रावण पहुंचा Lucknow | BE News

कन्नौज में जलेश्वर आश्रम के साधु को जिंदा जलाया गया, हालत गंभीर, जाने ...

आसपास के लोगों ने फायर सर्विस को किया सूचित 

आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने फायर सर्विस को सूचित किया। नरसिंगदी फायर सर्विस की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद गैराज के अंदर से चंचल की जला हुआ शव बरामद हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वह काफी देर तक आग में फंसा रहा, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल

चंचल चंद्र भौमिक कुमिला जिले के लक्ष्मीपुर गांव का रहने वाला था और काम के सिलसिले में नरसिंगदी में रह रहा था। वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य बताया जा रहा है और कई सालों से उसी गैराज में काम कर रहा था। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से सबूत जुटाए गए हैं, मामला दर्ज किया जा रहा है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

हिंदू समुदाय में भय और आक्रोश

इस घटना के बाद बांग्लादेश के हिंदू संगठनों और आम हिंदू समुदाय में भय और इन घटनाओं के लेकर आक्रोश का माहौल है। संगठनों ने सरकार से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

उस्मान हादी की मौत के बाद बिगड़े हालात 

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हालात और बिगड़े हैं। 18 दिसंबर को ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और फिर उसके शव को जला दिया गया। इसके बाद राजबाड़ी जिले में अमृत मंडल, बीते हफ्ते हिंदू व्यापारी लिटन चंद्र दास और अन्य मामलों ने अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। Read More Bangladesh violence: बांग्लादेश में नहीं थम रही अल्पसंख्यकों पर हिंसा की घटनाएं, नरसिंहदी में युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया

America-European Union Tariff War: अमेरिका-यूरोपीय संघ टैरिफ जंग के बीच भारत को मिला नया साझेदार, FTA से निर्यात को मिलेगी रफ्तार

America-European Union Tariff War – अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव में अब एक उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। टैरिफ वॉर के बीच भारत को यूरोपीय संघ का समर्थन मिला है, जिससे भारत को बड़ा फायदा मिल सकता है।

भारत के लिए एक बड़ा अवसर

दरअसल बदलते व्यापारिक समीकरणों के बीच भारत के लिए एक बड़ा अवसर उभरता नजर आ रहा है। अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव, खासतौर पर आयात शुल्क को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता, भारत के लिए रणनीतिक लाभ का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत – यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अंतिम रूप ले लेता है, तो भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी टैरिफ से होने वाले संभावित नुकसान से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

ये भी देखें – Today Breaking News ! आज 21 जनवरी 2026 के मुख्य समाचार बड़ी खबरें | TOP 25 | BE NEWS

मोदी सरकार के 8 सालों में कितनी बदल गई भारत की विदेश नीति, पंडित नेहरू ...

भारत के लिए हो सकता बड़ा झटका 

हालिया विश्लेषण के मुताबिक भारत अमेरिका को हर साल करीब 79.4 अरब डॉलर का निर्यात करता है। यदि अमेरिका की ओर से भारतीय उत्पादों पर सख्त टैरिफ लगाए जाते हैं, तो यह भारत के लिए बड़ा झटका हो सकता है। हालांकि, इसी चुनौती के बीच एक मजबूत विकल्प भी सामने है। अनुमान है कि भारत अपने अमेरिकी निर्यात का लगभग 84% हिस्सा, यानी करीब 67.2 अरब डॉलर मूल्य का सामान, यूरोपीय बाजारों की ओर मोड़ सकता है, बशर्ते यूरोपीय संघ के साथ FTA लागू हो जाए।

ये भी देखें – UP Election 2027: PM किसे बनाना चाहती है Gen Z ? | CM Yogi | PM Modi | Akhilesh Yadav | BE News

भारत को यूरोपीय संघ का समर्थन
वैश्विक व्यापार माहौल में बढ़ा तनाव 

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद यूरोपीय देशों पर आयात शुल्क लगाने की घोषणाओं ने वैश्विक व्यापार माहौल में तनाव बढ़ा दिया है। इसी पृष्ठभूमि में भारत और EU के बीच लंबे समय से लंबित व्यापार समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सुरक्षा कवच साबित हो सकता है। यह समझौता न केवल टैरिफ से होने वाले नुकसान को कम करेगा, बल्कि भारतीय उत्पादों को यूरोप में अधिक प्रतिस्पर्धी भी बनाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि EU बाजार में भारत के लिए टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो कंपोनेंट्स और आईटी सेवाओं जैसी कई श्रेणियों में बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। इसके अलावा, निर्यात का विविधीकरण भारत को किसी एक देश या बाजार पर अत्यधिक निर्भरता से भी बचाएगा।

व्यापारिक रणनीति को नए सिरे से गढ़ने का मौका

कुल मिलाकर, ‘टैरिफ वॉर’ के इस दौर में भारत के पास अपनी व्यापारिक रणनीति को नए सिरे से गढ़ने का मौका है। यदि भारत–EU FTA समय पर और अनुकूल शर्तों के साथ लागू होता है, तो यह न सिर्फ अमेरिकी टैरिफ के असर को संतुलित करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक व्यापार मानचित्र पर एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदार के रूप में भी स्थापित करेगा। Read More America-European Union Tariff War: अमेरिका-यूरोपीय संघ टैरिफ जंग के बीच भारत को मिला नया साझेदार, FTA से निर्यात को मिलेगी रफ्तार

Sunita Williams Retires: 9 महीने अंतरिक्ष में फंसी रहीं सुनीता विलियम्स…अब नासा को कह दिया अलविदा!

BE NEWS – अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने नासा से रिटायर ले लिया है। 27 साल के शानदार करियर के बाद वो भारत वापस आ गई है। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित में एक कार्यक्रम में युवाओं के साथ अपने अनुभव को साझा किया।

60 वर्ष पूरे करने पर अंतरिक्ष एजेंसी को कहा अलविदा 

आपको बता दें कि भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने 27 साल की शानदार सेवा के बाद नासा से रिटायरमेंट ले लिया है। 60 वर्ष पूरे करने पर उन्होंने अंतरिक्ष एजेंसी को अलविदा कहा और इस खास मौके पर भारत दौरे पर पहुंचीं। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं से संवाद किया और दिवंगत भारतीय अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के परिवार से मुलाकात कर भावुक क्षण साझा किए।

नासा ने बता दिया कब होगी सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर की अंतरिक्ष से ...

भारत आना घर लौटने जैसा है- सुनीता विलियम्स

दिल्ली स्थित अमेरिकन सेंटर में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन की शुरुआत करते हुए सुनीता विलियम्स ने कहा कि भारत आना उनके लिए घर लौटने जैसा अनुभव है। उन्होंने बताया कि उनके पिता का जन्म भारत में हुआ था, इसलिए भारतीय संस्कृति से उनका गहरा जुड़ाव है। नीले रंग के स्पेस सूट और स्पेस-थीम जूतों में मंच पर पहुंचीं सुनीता का युवाओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

अंतरिक्ष में 9 महीने, यादों से भरा सफर

कार्यक्रम के दौरान सुनीता ने अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण अनुभवों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि बोइंग के  कैप्सूल टेस्ट फ्लाइट मिशन जो सिर्फ 8 दिनों का था, तकनीकी कारणों से 9 महीनों से ज्यादा लंबा हो गया। बोइंग के अंतरिक्ष यान में आई खराबी के चलते उन्हें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में रुकना पड़ा।

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने NASA से लिया रिटायरमेंट, 27 साल तक ...

‘स्पेस रेस’ प्रतिस्पर्धा नहीं, सहयोग की दौड़

जब उनसे मौजूदा वैश्विक ‘स्पेस रेस’ पर सवाल पूछा गया, तो सुनीता विलियम्स ने बेहद संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आज अंतरिक्ष में जरूर एक दौड़ चल रही है, लेकिन यह जीतने की नहीं, बल्कि टिकाऊ और सुरक्षित तरीके से चांद पर वापसी सुनिश्चित करने की दौड़ है। उन्होंने चांद की तुलना अंटार्कटिका से करते हुए कहा कि जैसे वहां सभी देश मिलकर काम करते हैं, वैसे ही चांद पर भी सहयोग ही रास्ता है।

सुनीता विलियम्स को मिलेगा 9 महीने के स्पेस ओवरटाइम का पैसा? जानिए पूर्व ...

भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की भी सराहना

सुनीता विलियम्स ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि आर्टेमिस अकॉर्ड्स के तहत भारत समेत कई देश चांद मिशन में साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने भारत के लक्ष्यों का ज़िक्र करते हुए कहा कि,

  1. 2035 तक भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की योजना पर काम कर रहा है
  2. 2040 तक भारतीय को चांद पर भेजने का लक्ष्य रखा गया है

उन्होंने निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी को भी सकारात्मक बताया और कहा कि इससे युवाओं के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र में नई नौकरियां और तकनीकी अवसर पैदा हो रहे हैं, चाहे वह रॉकेट टेक्नोलॉजी हो, सैटेलाइट, 3डी प्रिंटिंग या नई इनोवेशन।

ऊपर से देखने पर कोई सीमा नहीं

कार्यक्रम के आखिर में सुनीता विलियम्स ने एक गहरी बात साझा की। उन्होंने कहा कि जब कोई अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखता है, तो सोच बदल जाती है। “ऊपर से देखने पर कोई सीमा नहीं दिखती। तब समझ आता है कि हम सब एक हैं और आपसी झगड़े कितने बेकार हैं”। Read More Sunita Williams Retires: 9 महीने अंतरिक्ष में फंसी रहीं सुनीता विलियम्स…अब नासा को कह दिया अलविदा!

Train Accident In spain: स्पेन में दो ट्रेनों की टक्कर से हुआ दर्दनाक हादसा, 21 लोगों की मौत, दर्जनों घायल

BE NEWS – दक्षिणी स्पेन में दो ट्रेन की टक्कर होने दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में 21 लोगों की मौत होने की खबर है, वहीं 70 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे है। बचाव दल मौके पर मौजूद है, घायलों को बाहर निकाला जा रहा है।

जोरदार भिंडत होने से भयानक हादसा

आपको बता दें कि दक्षिणी स्पेन के कॉर्डोबा प्रांत के पास दो ट्रेनों की आपस में जोरदार भिंडत होने से भयानक हादसा हो गया, जिसमें 21 लोगों का मौत होने की खबर है और 73 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। मिली जानकारी के अनुसार मलागा से मैड्रिड जा रही ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण सामने से आ रही दूसरी ट्रेन से टकरा गई जिस कारण ये बड़ा हादसा हो गया। दोनों ही ट्रेन में करीब 500 ये अधिक यात्री सवार बताये जा रहे है।

स्पेन में भीषण रेल हादसा: दो ट्रेनों की आमने-सामने की भिड़ंत में 21 की ...

राहत और बचाव दल मौके पर

इस हादसे की सूचना पाकर राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गया है और लोगों का रेस्कयू  कर बाहर निकाला जा रहा है। हालांकि दूर- दराज का इलाका होने की वजह से राहत कार्य में काफी कठिनाई आ रही है। इस हादसे को लेकर किंग फेलिल छठे और महारानी लेतिजिया ने दुख जाहिर किया है। स्पेन के अंदालुसिया प्रांत के रिजनल हेल्थ मिनिस्टर एंटिनियों सांज हादसे वाली जगह पंहुच गए है।

मृतकों की संख्या में हो सकता है इजाफा 

अंदालुसिया के हेल्थ मिनिस्टर मंत्री एंटोनियो सांज खुद घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की। उन्होंने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। मंत्री के अनुसार, 73 घायलों को आसपास के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और कई की हालत गंभीर बनी हुई है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही कई यात्रियों की जान चली गई।

ये भी देखें – टोल प्लाज़ा पर वकील की जमकर पिटाई ! जानें क्या है पूरा मामला? BE NEWS

स्पेन में हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर, 21 की मौत, 30 की हालत गंभीर

दूरस्थ इलाके में राहत कार्य चुनौतीपूर्ण

हादसा एक दूर-दराज क्षेत्र में हुआ, जिससे राहत टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ऐसे में स्थानीय लोग सबसे पहले मदद के लिए आगे आए और घायलों को कंबल, पानी और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई।

यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष ने व्यक्त किया शोक 

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सूला वॉन डेर लेयेन ने भी इस त्रासदी पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि, “वह इस दुखद घटना पर नजर रखे हुए हैं और पीड़ितों के साथ संवेदना व्यक्त करती हैं।”

हादसे के बाद एहतियातन अंदालुसिया और मैड्रिड के बीच सोमवार को ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। Read More Train Accident In spain: स्पेन में दो ट्रेनों की टक्कर से हुआ दर्दनाक हादसा, 21 लोगों की मौत, दर्जनों घायल

Burqa controversy: लंदन मेयर उम्मीदवार ने बुर्का पहनने वाली महिलाओं पर की स्टॉप-एंड-सर्च जांच की मांग, मुस्लिम संगठनों में भारी आक्रोश

BE NEWS – रिफार्म युके की लंदन मेयर उम्मीदवार लैला कनिंघम के बुर्के पर दिए गये एक बयान पर बवाल छिड़ गया है। जिसके बाद मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। उन्होंने उनके इस बयान को विभाजनकारी बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है।

मुस्लिम समुदाय और राजनीतिक हलकों में हलचल

आपको बता दें कि ब्रिटेन की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें रिफॉर्म यूके पार्टी की लंदन मेयर पद की उम्मीदवार लैला कनिंघम के बयान ने मुस्लिम समुदाय और राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। कनिंघम ने सार्वजनिक रूप से बुर्का पहनने वाली महिलाओं पर स्टॉप-एंड-सर्च जांच की मांग की है।

कनिंघम, जो मिस्र मूल की ब्रिटिश मुस्लिम हैं और पहले क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस में काम कर चुकी हैं, ने हाल ही में 2028 के लंदन मेयर चुनाव के लिए उम्मीदवार बनने के बाद यह विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि, “एक खुले समाज में किसी को भी अपना चेहरा नहीं ढकना चाहिए। यदि कोई चेहरा छुपा रहा है, तो इसे आपराधिक इरादों से जोड़ा जा सकता है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि लंदन के कुछ इलाकों में सांस्कृतिक विविधता अधिक हो गई है और वहां ऐसा महसूस होता है कि यह “एक मुस्लिम शहर” है।

रिफॉर्म UK की उम्मीदवार लैला कनिंघम के बुर्के वाले बयान पर बवाल, स्टॉप ...

मुस्लिम समुदाय में आक्रोश

कनिंघम के इस बयान के बाद मुस्लिम संगठनों और नेताओं ने कड़ी आलोचना की है। मुस्लिम विमेन नेटवर्क यूके की चीफ एग्जीक्यूटिव शैस्ता गोहिर ने इसे नफरत भड़काने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं को अलग-थलग कर सकता है और समाज में द्वेषपूर्ण माहौल पैदा कर सकता है।

गोहिर ने कनिंघम पर आरोप लगाया कि वह मुसलमानों को “यहां का नहीं” बताकर दुर्व्यवहार को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बुर्का पहनने वाली महिलाओं की संख्या बेहद कम होने के बावजूद, कनिंघम ने इस मुद्दे को चुनावी एजेंडा बनाने को क्यों प्राथमिकता दी।

ये भी देखें- Breaking News: मंदिर परिसर में मोबाइल-कैमरे बैन, रील-ब्लॉग पर रोक | Char Dham Yatra | BE News

Ban On Burqa: बुर्का पहनने पर लगा प्रतिबंध, उल्लंघन करने पर लगेगा 92 ...

धर्म और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ब्रिटिश अधिकार

लंदन के मौजूदा मेयर ने सादिक खान ने उनके इस बयान पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, “लगभग बिना किसी बहस के, हमारा शहर अपनी विविधता के कारण दुनिया का सबसे महान शहर है। धर्म और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ब्रिटिश अधिकारों का हिस्सा हैं, और इन्हें कमजोर नहीं होने देना चाहिए।”

लंदन मेयर चुनाव में बड़े बहस का मुद्दा

कनिंघम के बयान ने न केवल मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक समावेश पर बहस तेज कर दी है, बल्कि लंदन में चुनावी राजनीति में भी तनाव पैदा कर दिया है। यह विवाद अब लंदन मेयर चुनाव में बड़े बहस का मुद्दा बन गया है, और आने वाले महीनों में इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव और भी स्पष्ट होंगे। Read More Burqa controversy: लंदन मेयर उम्मीदवार ने बुर्का पहनने वाली महिलाओं पर की स्टॉप-एंड-सर्च जांच की मांग, मुस्लिम संगठनों में भारी आक्रोश

ईरान में हिंसा को लेकर भारत की बढ़ती ही जा रही चिंता, भारतीयों नागरिकों की वापसी के लिए इमरजेंसी प्लान तैयार

BE NEWS – ईरान में चल रही उथल- पुथल के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदर्शनकारियों के बढ़ते प्रदर्शन के कारण वहां पर फंसे हुए भारतीयों को सरकार जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जा रही है।

पहला जत्था कल हो सकता रवाना

आपको बता दें कि ईरान में फैली हिंसा के कारण भारत सरकार की चिंता अब बढ़ती ही जा रही है। जिसको लेकर अब भारत सरकार ने वहां रह रहे भारतीयों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मिला जानकारी के अनुसार वहां फंसे लोगों के निकालने के लिए पहला जत्था कल ही रवाना हो सकता है। जिसके लिए भारतीय दूतावास ने अलग- अलग इलाकों में रह रहे भारतीय छात्रों से संपर्क करना भी शुरु कर दिया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कौन- कौन ईरान को छोड़ना चाहता है। कई इलाकों में इंटरनेट सेवाओं के बंद होने व फोन के काम न करने के कारण लोगों से मिलकर भी संपर्क किया जा रहा है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तेजी से प्रतिक्रिया देने की पूरी तैयारी है, ताकि भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लौटाया जा सके।

ये भी देखें – मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं का सैलाब | BE NEWS

ईरान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम ...

कब और कैसे शुरू हुए विरोध प्रदर्शन

ईरान में यह अशांति पिछले महीने के अंत में ईरानी रियाल की भारी गिरावट के बाद शुरू हुई थी। धीरे-धीरे यह विरोध प्रदर्शन देश के सभी 31 प्रांतों में फैल गए और अब बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले चुके हैं। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 3,400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हाल के दिनों में हालात और बिगड़े हैं।

10 हजार से ज्यादा भारतीय ईरान में मौजूद

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, छात्रों सहित करीब 10,000 से अधिक भारतीय नागरिक फिलहाल ईरान में रह रहे हैं। भारत सरकार ने बुधवार को वहां मौजूद सभी भारतीयों को सलाह दी कि वे उपलब्ध साधनों के जरिए देश छोड़ें और ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें।

ईरान से भारतीयों की निकासी शुरू, दूतावास ने जारी किया आपातकालीन ...

भारतीय दूतावास द्वारा जारी की एडवाइजरी

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी एडवाइजरी में छात्रों, तीर्थयात्रियों, कारोबारियों और पर्यटकों से कमर्शियल फ्लाइट्स या अन्य उपलब्ध परिवहन विकल्पों का उपयोग कर ईरान छोड़ने की अपील की गई है। एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी भारतीय नागरिक अपने पासपोर्ट, पहचान पत्र और अन्य यात्रा दस्तावेज तैयार रखें। इसके साथ ही किसी भी तरह की सहायता के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क में रहने को कहा गया है। दूतावास ने यह भी दोहराया है कि भारतीय नागरिक पूरी सावधानी बरतें, प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहें, स्थानीय मीडिया पर नजर बनाए रखें और किसी भी नए घटनाक्रम की जानकारी दूतावास के साथ साझा करें। Read More ईरान में हिंसा को लेकर भारत की बढ़ती ही जा रही चिंता, भारतीयों नागरिकों की वापसी के लिए इमरजेंसी प्लान तैयार

ईरान के हालात पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की चिंता, अमेरिका और इस्राइल पर लगाए गंभीर आरोप

BE NEWS – ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने ईरान के हालात पर गहरी चिंता जताई है, और ईरान में जो कुछ भी हो रहा है  उसके पीछे अमेरिका और इस्राइल की साजिश है।

ईरान की आर्थिक स्थिति को कमजोर करने की कोशिश

दरअसल ईरान के हालात पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने गहरी चिंता जतायी है। मौलाना का आरोप है कि अमेरिका लंबे समय से ईरान की आर्थिक स्थिति को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है और इसी मकसद से उस पर तरह-तरह की पाबंदियां लगाई गई है। मौलाना ने साफ कहा कि धरना और विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना हर एक व्यक्ति का अधिकार है।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि इन हालातों की वजह से ईरान के अंदर अस्थिरता बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान पर अपना कब्जा जमाना चाहता है और वहां मौलाना खामेनेई की हुकूमत को खत्म कर पूर्व शासक रजा शाह पहलवी के बेटे को सत्ता सौंपना चाहता है, लेकिन ऐसा होना आसान नहीं है।

ये भी देखें- UP election 2027: मायावती का चुनावी बिगुल,BSP अपने दम पर लड़ेगी चुनाव | BE News

ईरान में तनाव के बीच फंसे 10 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र, एयरस्पेस बंद ...

अमेरिका की दादागिरी खत्म हो

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि भारत और यहां के मुसलमान पूरी दुनिया में अमन, सुकून और शांति के लिए दुआ करते हैं। उन्होंने अमेरिका की दादागिरी और तानाशाही को खत्म होने की बात कही और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यायपूर्ण रवैये की जरूरत पर जोर दिया। अंत में उन्होंने कहा, कि भारत और यहां के मुसलमान पूरी दुनिया में अमन, चैन और शांति की दुआ करते हैं। Read More ईरान के हालात पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की चिंता, अमेरिका और इस्राइल पर लगाए गंभीर आरोप