“संकट में भारत ही सच्चा साथी…” ईरानी राजदूत ने जताया आभार, अमेरिका पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप

BE News: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने भारत और भारतीय जनता का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में भारत ने एक भरोसेमंद और सच्चे साथी की भूमिका निभाई है।

भारत सरकार और जनता के प्रति गहरा आभार

बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध के बाद उपजे संकट के बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने भारत सरकार और यहां की जनता के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुश्किल घड़ी में भारत ने एक “सच्चे और भरोसे मंद साथी” की भूमिका निभाई है।

राजदूत ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस संकट के दौरान भारत सरकार ने हर स्तर पर सहयोग दिया, जिससे हालात को संभालने में काफी मदद मिली। उनके मुताबिक, भारत और ईरान के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि विश्वास और साझेदारी पर आधारित हैं।

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ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली
भारत-ईरान रिश्तों पर क्या बोले फथाली

मोहम्मद फथाली ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध हमेशा से मजबूत रहे हैं और मौजूदा संकट में यह और ज्यादा स्पष्ट हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और ईरान के साझा हित और साझा भविष्य हैं, इसलिए दोनों देश हर परिस्थिति में साथ खड़े रहते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय जहाजों या तेल टैंकरों से ईरान किसी भी तरह का टोल नहीं वसूल रहा है।

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होर्मुज जलडमरूमध्य और नाकाबंदी पर कड़ी प्रतिक्रिया

अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में कथित नाकाबंदी की घोषणा पर ईरानी राजदूत ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि कूटनीति भी ईरान के लिए संघर्ष का एक हिस्सा है और देश अपने हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहा है। फथाली ने अमेरिका पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान अपने पिछले अनुभवों को नहीं भूला है और न ही भूलेगा।

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युद्ध और बातचीत पर बड़ा खुलासा

राजदूत के अनुसार, हाल ही में हुए 12 दिनों के संघर्ष के दौरान ईरान बातचीत की प्रक्रिया में शामिल था, लेकिन इसी दौरान अमेरिका और इस्राइल की ओर से हमले तेज कर दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन हमलों में स्कूलों और अस्पतालों को भी निशाना बनाया गया, जो बेहद गंभीर और चिंताजनक है।

होर्मुज पर ईरान का अधिकार

फथाली ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के अधिकार क्षेत्र में आता है और यह उनके लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने से पहले यहां स्थिति पूरी तरह सामान्य थी, लेकिन हमलों के बाद हालात बिगड़ गए। Read More “संकट में भारत ही सच्चा साथी…” ईरानी राजदूत ने जताया आभार, अमेरिका पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप

Israel Lebanon Attack: लेबनान में इजरायल का भीषण हमला, PM नवाफ सलाम ने की संघर्ष विराम में लेबनान को शामिल करने की अपील

Israel Lebanon Attack: मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब ईरान और अमेरिका के बीच हुए संघर्षविराम (Ceasefire) के महज़ 24 घंटों के भीतर इज़रायल ने लेबनान पर अब तक का सबसे घातक हमला बोल दिया। इस हमले ने पिछले 30 सालों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, इज़रायली बमबारी में 254 लोगों की जान चली गई है, जबकि 1100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

संघर्षविराम में लेबनान को शामिल करने की अपील

आपको बता दें कि मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। नवाफ सलाम के नेतृत्व वाली लेबनान सरकार पर इजरायली हमलों के बाद भारी दबाव है। इसी बीच सलाम ने शहबाज शरीफ को फोन कर ईरान-अमेरिका संघर्ष विराम में लेबनान को शामिल करने की अपील की है।

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Middle East Crisis
संघर्षविराम के बीच लेबनान बना युद्ध का मैदान

हैरानी की बात यह है कि एक तरफ ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए संघर्षविराम पर सहमति बनी, वहीं दूसरी ओर इज़रायल ने लेबनान को इस समझौते से बाहर रखते हुए अपने हमले और तेज कर दिए। इज़रायल का दावा है कि वह लेबनान में मौजूद ईरान समर्थित लड़ाकों के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर रहा है। लेकिन मलबे में तब्दील होती इमारतें और बढ़ती लाशों की संख्या ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है।

लेबनान के PM ने पाकिस्तान से मांगी मदद

लेबनान (Israel Lebanon Attack) में बढ़ते जन आक्रोश और तबाही के बीच प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने अंतरराष्ट्रीय मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। उन्होंने अपने पाकिस्तानी समकक्ष शहबाज शरीफ को फोन कर इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। सलाम ने मांग की है कि इस्लामाबाद यह सुनिश्चित करे कि ईरान-अमेरिका युद्धविराम में लेबनान को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि निर्दोष लोगों का कत्लेआम रुक सके।

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(Israel Lebanon Attack)
ईरान की दोटूक: “हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं”

इजरायली हमलों से भड़के ईरान ने कड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने इसे ‘धोखेबाज़ी’ करार देते हुए कहा कि लेबनान में इज़रायल (Israel Lebanon Attack) की घुसपैठ संघर्षविराम समझौते का खुला उल्लंघन है। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा, “ईरान अपने लेबनानी भाई-बहनों को अकेला नहीं छोड़ेगा। अगर ये हरकतें जारी रहीं तो बातचीत बेमानी हो जाएगी। हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर ही हैं।” वहीं, ईरान के संसदीय अध्यक्ष ने भी लेबनान को “युद्धविराम का अभिन्न अंग” बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की धमकी दी है।

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इज़रायल और अमेरिका का रुख

इज़रायल और अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान युद्धविराम में लेबनान को शामिल नहीं किया गया है। इज़रायली रक्षा बलों का कहना है कि वे अपने देश की सुरक्षा के लिए लेबनान में सैन्य ऑपरेशन जारी रखेंगे।

इस भीषण हमले के बाद मिडिल ईस्ट में एक बार फिर पूर्ण युद्ध (Full-scale war) का खतरा मंडराने लगा है। अब सबकी निगाहें अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर टिकी हैं कि क्या वे इज़रायल को रोकने और लेबनान को बचाने में सफल हो पाते हैं या नहीं। Read More Israel Lebanon Attack: लेबनान में इजरायल का भीषण हमला, PM नवाफ सलाम ने की संघर्ष विराम में लेबनान को शामिल करने की अपील

Bushehr Nuclear Plant पर हमला चौथी बार हमला, ईरान ने दी खुली धमकी-‘रेडिएशन फैला तो खत्म हो जाएंगे खाड़ी देश’

Bushehr Nuclear Plant Attack : मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहा तनाव अब एक विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार को इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान के बुशहर परमाणु केंद्र (Bushehr Nuclear Power Plant) पर चौथी बार बड़ा हमला किया। इस हमले के बाद ईरान ने पहली बार सीधे तौर पर परमाणु तबाही (Nuclear Catastrophe) की चेतावनी दी है।

IAEA says projectile hits near Iran's Bushehr nuclear plant, killing one -  The Hindu
Bushehr Nuclear Power Plant
पहली बार खुलकर परमाणु खतरे की चेतावनी

आपको बता दें कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पहली बार खुलकर परमाणु खतरे की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर इस हमले के कारण रेडियोएक्टिव फॉलआउट ( परमाणु विकिरण ) हुआ, तो इसकी कीमत तेहरान नहीं, बल्कि खाड़ी देशों (GCC Countries) को अपनी बर्बादी से चुकानी होगी।

‘खाड़ी देशों की राजधानियों में समाप्त हो जाएगा जीवन’

अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक तीखी पोस्ट साझा करते हुए पश्चिमी देशों और पड़ोसी अरब मुल्कों को आगाह किया। उन्होंने लिखा:

परमाणु संयंत्र पर हमले को लेकर ईरान की चेतावनी, कहा - अगर रेडिएशन फैला तो  खाड़ी के अन्य देश भी तबाह होंगे | Iran Warns Against Attack on Nuclear Plant:  Says If
“इज़रायल और अमेरिका ने हमारे बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर अब तक चार बार बमबारी की है। अगर इससे रेडियोएक्टिव फॉलआउट (विकिरण का प्रसार) हुआ, तो यह तेहरान को प्रभावित करने से पहले सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान जैसे खाड़ी देशों की राजधानियों में जीवन पूरी तरह समाप्त कर देगा।”
पश्चिमी देशों के ‘दोहरे मापदंड’ पर सवाल

ईरानी विदेश मंत्री ने यूक्रेन युद्ध का हवाला देते हुए पश्चिमी देशों के रुख पर तंज कसा। उन्होंने याद दिलाया कि जब यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया (Zaporizhzhia) परमाणु प्लांट के पास सैन्य गतिविधियां हुई थीं, तब पूरी दुनिया ने आक्रोश जताया था। अराघची ने सवाल किया कि अब बुशहर पर चार-चार बार हुए हमलों पर पश्चिमी देश चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा कि ईरान के पेट्रोकेमिकल संयंत्रों पर हमले उनके वास्तविक इरादों को साफ कर रहे हैं।

कहां है ईरान का बुशहर न्यूक्लियर प्लांट जिसके कैंपस में हुआ हमला, रूस का  क्या है इससे कनेक्शन - Bushehr Nuclear Plant iran attack Russia connection  - AajTak

24 घंटे में अमेरिका को मिला था करारा जवाब

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार को बुशहर (Bushehr Nuclear Plant) पर हुआ यह हमला इजरायल और अमेरिका की ‘बौखलाहट’ का नतीजा माना जा रहा है। पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान ने अमेरिकी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसमें शामिल हैं: 2 अमेरिकी फाइटर जेट्स का मार गिराया जाना। एक विशाल ए-10 (A-10) एयरक्राफ्ट और कई हेलीकॉप्टरों की तबाही। 2 एमक्यू-9 (MQ-9) रीपर ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलों को ईरानी एयर डिफेंस द्वारा नष्ट किया जाना।

विनाशकारी होंगे नतीजे...', रूस ने कहा- ईरान में न्यूक्लियर प्लांट पर हमले  आउट ऑफ कंट्रोल - Russian nuclear company rosatom says strike iran nuclear  plant out of control ntcppl - AajTak

स्थाई समाधान की अपील

ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह युद्ध नहीं चाहता, बल्कि यह उन पर थोपा गया है। अराघची ने कहा कि ईरान इस संकट का ‘सशर्त और स्थाई समाधान’ चाहता है। उन्होंने किसी भी प्रकार के ‘अस्थाई’ या छोटे समझौते को सिरे से खारिज कर दिया है। Read More Bushehr Nuclear Plant पर हमला चौथी बार हमला, ईरान ने दी खुली धमकी-‘रेडिएशन फैला तो खत्म हो जाएंगे खाड़ी देश’

Strait of Hormuz crisis: ईरान का भारत को बड़ा भरोसा, कहा- “हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं”

Strait of Hormuz crisis: पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz crisis) में जारी तनाव के बीच ईरान ने भारत को बड़ी राहत दी है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे अहम माने जाने वाले इस समुद्री रास्ते पर ईरान ने स्पष्ट किया है कि भारत के लिए कोई चिंता की बात नहीं है।

ईरान का आधिकारिक संदेश

आपको बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)  को लेकर ईरान ने भारत के लिए बड़ा बयान दिया है। भारत में ईरान के दूतावास ने कहा है कि “भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं और उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है।” यह बयान ऐसे समय आया है जब Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इसका असर देखने को मिल रहा है।

Strait of Hormuz
Strait of Hormuz
ईरानी दूतावास ने ‘X’ पर किया पोस्ट 

भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए कहा, “हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं है।” यह बयान ऐसे समय पर आया है जब 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा तेहरान पर हमले के बाद से इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर गंभीर संकट पैदा हो गया है।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए ‘लाइफलाइन’ है होर्मुज

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग रास्तों में से एक है, जिससे विश्व की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा का परिवहन होता है। संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान ने इस क्षेत्र पर कड़ा नियंत्रण रखते हुए जहाजों की आवाजाही को सीमित कर दिया है। हालांकि, ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसने भारत, रूस और चीन जैसे मित्र राष्ट्रों के जहाजों को सुरक्षित गुजरने की विशेष छूट दी है।

भारत के लिए स्थिति और जहाजों का डेटा

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा समय में भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं:

सफलतापूर्वक निकले जहाज: अब तक कम से कम 8 भारतीय जहाज होर्मुज के रास्ते अपनी यात्रा पूरी कर चुके हैं। इसमें दो प्रमुख LPG कैरियर – BW TYR और BW ELM शामिल हैं, जिनमें लगभग 94,000 टन LPG लदी है।

अभी भी अटके जहाज: मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने जानकारी दी है कि वर्तमान में भारत के लिए कच्चा तेल, LPG और LNG ले जा रहे करीब 19 जहाज अभी भी इस क्षेत्र में आवाजाही के लिए अनुमति या अनुकूल परिस्थितियों का इंतजार कर रहे हैं।

फंसे हुए कुल जहाज: संघर्ष के दौरान इस संकरे जलडमरूमध्य में लगभग 500 से अधिक जहाज फंसे हुए थे, जिनमें भारत के लिए सामग्री ले जा रहे 10 विदेशी झंडे वाले और 8 भारतीय झंडे वाले टैंकर शामिल हैं।

Strait of Hormuz
Strait of Hormuz
भारत पर क्या होगा असर?

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz crisis) में जारी इस नाकेबंदी के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में भारी व्यवधान आया है। यदि यह गतिरोध लंबा खिंचता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी। हालांकि, ईरान के आश्वासन के बाद भारतीय खेप के सुरक्षित निकलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। Read More Strait of Hormuz crisis: ईरान का भारत को बड़ा भरोसा, कहा- “हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं”

Donald Trump Iran Statement: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, ईरान ने मांगा युद्धविराम, होर्मुज खुलने पर ही होगी बातचीत…

Donald Trump Iran Statement: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान ने अमेरिका से युद्धविराम (Ceasefire) का अनुरोध किया है।

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Donald Trump
ईरान ने अमेरिका से युद्धविराम की मांग 

आपको बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े बयान (Donald Trump Iran Statement) ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने अमेरिका से युद्धविराम की मांग की है, लेकिन इस पर फैसला होर्मुज जलडमरूमध्य के पूरी तरह सुरक्षित और खुले होने की शर्त पर ही लिया जाएगा।

ट्रंप के मुताबिक, यह अनुरोध तभी स्वीकार किया जाएगा जब होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला, सुरक्षित और निर्बाध हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शर्तें पूरी नहीं होतीं, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

Donald Trump Iran Statement
ट्रंप का सख्त रुख

ट्रंप ने कहा कि ईरान का नया नेतृत्व पहले की तुलना में कम कट्टर और अधिक व्यावहारिक है, लेकिन अमेरिका अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता क्षेत्र में सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखना है।

“ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे”

अपने बयान में ट्रंप ने कड़ी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि यदि हालात नहीं सुधरे तो ईरान को “पाषाण युग” में पहुंचा दिया जाएगा। यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन गया है।

Big Claim on Iran America War Donald Trump tells war in Iran will end soon,  practically nothing left to target जब चाहूं, खत्म कर दूंगा ईरान युद्ध ! डोनाल्ड  ट्रंप का बड़ा

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों अहम?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। यहां किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकती है।

NATO पर भी साधा निशाना

ट्रंप ने नाटो को “कागजी शेर” बताते हुए कहा कि यह संगठन ईरान के खिलाफ कार्रवाई में सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहा। उन्होंने यहां तक कहा कि अमेरिका NATO से बाहर निकलने पर भी विचार कर सकता है।

परमाणु कार्यक्रम पर बयान

ट्रंप का कहना है कि अमेरिका की कार्रवाई के बाद ईरान कई वर्षों तक परमाणु हथियार विकसित नहीं कर पाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि समझौता हो या न हो, अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल करेगा।

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West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में शांति के लिए पीएम मोदी की ‘ग्लोबल डिप्लोमेसी’, नीदरलैंड्स के साथ बनी बड़ी सहमति

BE News Network – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक शांति और स्थिरता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को पीएम मोदी ने नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री के साथ फोन पर उच्च स्तरीय बातचीत की। इस चर्चा का मुख्य केंद्र पश्चिम एशिया (West Asia) की मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति रही, जहाँ दोनों नेताओं ने जल्द से जल्द शांति बहाली और स्थिरता की आवश्यकता पर जोर दिया।

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रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई धार

आपको बता दें कि पश्चिम एशिया (West Asia Conflict) में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर ग्लोबल डिप्लोमेसी का मोर्चा संभाला है। सोमवार को पीएम मोदी ने नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री से फोन पर लंबी बातचीत की, जिसमें युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बहाली पर जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह संवाद भारत और नीदरलैंड्स के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और विस्तार देने के लिए भविष्य की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई।

यूरोप के सबसे युवा PM ने प्रधानमंत्री मोदी से की बात, EU से ट्रेड एग्रीमेंट के बाद अब सेमीकंडक्‍टर भी हुई बात - News18 हिंदी
West Asia Conflict
4 अहम क्षेत्रों पर रहा विशेष जोर

सिर्फ वैश्विक राजनीति ही नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीक और सतत विकास को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच सहमति बनी है। बातचीत के दौरान निम्नलिखित मुख्य क्षेत्रों को रेखांकित किया गया:

  1. सेमीकंडक्टर (Semiconductors): भारत को ग्लोबल चिप हब बनाने की दिशा में सहयोग।

  2. ग्रीन हाइड्रोजन (Green Hydrogen): स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में संयुक्त प्रयास।

  3. मेगा जल परियोजनाएं: जल प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर में साझेदारी।

  4. टैलेंट मोबिलिटी: दोनों देशों के बीच पेशेवरों और छात्रों की आवाजाही को सुगम बनाना।

पश्चिम एशिया संकट पर भारत का रुख स्पष्ट

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष (West Asia Conflict) को लेकर प्रधानमंत्री मोदी लगातार वैश्विक नेताओं के संपर्क में हैं। नीदरलैंड्स से पहले वे सऊदी अरब, ईरान, इजरायल, फ्रांस और यूएई समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से संवाद कर चुके हैं। भारत का रुख साफ है—संवाद और कूटनीति के जरिए ही क्षेत्र में शांति लौट सकती है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और स्थिरता के लिए अनिवार्य है। Read More West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में शांति के लिए पीएम मोदी की ‘ग्लोबल डिप्लोमेसी’, नीदरलैंड्स के साथ बनी बड़ी सहमति

Israel Attacks Iran: खामेनेई की हत्या के बाद कराची में अमेरिकी दूतावास के पास हिंसक प्रदर्शन, 10 की मौत और 30 से अधिक घायल

Israel Attacks Iran:  ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की हत्या के बाद पाकिस्तान के कराची में हालात तनावपूर्ण हो गए। रविवार को माई कोलाची रोड स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।

Violent protests near US embassy in Karachi
Violent protests near US embassy in Karachi
 अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन और हिंसा

आपको बता दें कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इस्राइल और अमेरिका के हमलों में हुई मौत के बाद भारत समेत देशभर के कई हिस्सों में तनाव और गम का माहौल है। इसी बीच पाकिस्तान के कराची में प्रदर्शनकारियों ने माई कोलाची रोड स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर कूच की और परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान 10 लोगों की मौत हुई और 30 से अधिक लोग घायल हुए। घायलों को कराची सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारी दूतावास के बाहरी क्षेत्र तक ही पहुंच पाए और उसके बाद उन्हें तितर-बितर कर दिया गया। सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लांजर ने कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक से घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

ये भी देखें – https://www.youtube.com/watch?v=cs6p-5zhCL8

छह शिया मुसलमानों की पाकिस्तान पुलिस ने बिछाई लाशें, खामेनेई की हत्या का कर  रहे थे विरोध | Mint

हवाई हमलों में खामेनेई की हत्या

शनिवार को तेहरान में हुए संयुक्त अमेरिकी और इस्राइली हवाई हमलों में आयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या हुई। 1989 में आयातुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता बने थे और तीन दशकों से अधिक समय तक देश का नेतृत्व कर रहे थे। उनके निधन की खबर के बाद कराची में गुस्से का माहौल बन गया और प्रदर्शन हिंसक रूप ले गया।

अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन हिंसक
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम

स्थानीय प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। हालात पर नजर रखी जा रही है और घायल हुए लोगों को अस्पताल में इलाज मुहैया कराया जा रहा है।

राजनीतिक और धार्मिक तनाव

खामेनेई की हत्या और इसके बाद हुए प्रदर्शन ने ईरान-यूएस-इस्राइल संबंधों में नई बहस को जन्म दिया है। पाकिस्तान में कराची के हिंसक प्रदर्शन से यह संकेत मिलता है कि क्षेत्र में राजनीतिक और धार्मिक तनाव बढ़ सकता है। Read More Israel Attacks Iran: खामेनेई की हत्या के बाद कराची में अमेरिकी दूतावास के पास हिंसक प्रदर्शन, 10 की मौत और 30 से अधिक घायल

New Rafale Deal: भारत ने फ्रांस से 114 नए जेट्स की खरीद को दी मंजूरी, जानें DAC की मीटिंग के बड़े फैसले…

New Rafale Deal। भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को नई ऊंचाई देने के लिए केंद्र सरकार ने फ्रांस से 114 नए राफेल लड़ाकू (New Rafale Deal) विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी है। यह फैसला रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने की।

MRFA प्रोजेक्ट के तहत भारत में होगा निर्माण

बता दें कि करीब 3.60 लाख करोड़ रुपये की रक्षा खरीद प्रस्तावों को स्वीकृति मिली है, जिनमें से लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये की डील राफेल से जुड़ी है। इसमें करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये 114 राफेल विमानों के लिए और शेष राशि हथियार, स्पेयर पार्ट्स व सपोर्ट पैकेज के लिए निर्धारित है।

नए राफेल (New Rafale Deal) जेट्स की खरीद MRFA (Multi-Role Fighter Aircraft) कार्यक्रम के तहत की जा रही है। योजना के मुताबिक, बड़ी संख्या में विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इन जेट्स के साथ अत्याधुनिक कॉम्बैट मिसाइलें भी शामिल होंगी, जो लंबी दूरी से सटीक हमले की क्षमता देंगी। साथ ही, AS-HAPS जैसे सिस्टम इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस (ISR) मिशनों को मजबूत करेंगे।

ये भी  देखें – India-US Trade Deal: लोकदल अध्यक्ष का सरकार पर सीधा हमला, क्या फिर होगा किसान आंदोलन?

New Rafale Deal

थल सेना और नौसेना को भी मिली मजबूती

बैठक में सिर्फ वायुसेना ही नहीं, बल्कि थल सेना और नौसेना के लिए भी अहम मंजूरियां दी गईं है, जिसमें थल सेना के लिए ‘विभव’ एंटी-टैंक माइंस, ARVs, T-72 टैंकों और BMP-II वाहनों के ओवरहाल को स्वीकृति मिली है। वहीं भारतीय नौसेना के लिए 4 मेगावाट मरीन गैस टर्बाइन बेस्ड इलेक्ट्रिक पावर जनरेटर और लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान P8I की खरीद को हरी झंडी मिली है। इससे नौसेना की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, समुद्री निगरानी और स्ट्राइक क्षमता और मजबूत होगी।

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Rafale Deal
क्यों खौफ पैदा करता है राफेल?

भारत पहले ही फ्रांस से 36 राफेल जेट खरीद चुका है, जो अंबाला और हाशिमारा एयरबेस पर तैनात हैं। राफेल की ताकत उसके अत्याधुनिक हथियार और तकनीक में छिपी है-

 Meteor मिसाइल

100 किमी से अधिक रेंज वाली दुनिया की सबसे उन्नत हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों में शामिल।

 SCALP क्रूज मिसाइल

300-500 किमी दूर स्थित दुश्मन के ठिकानों और बंकरों को सटीक निशाना बनाने में सक्षम।

HAMMER मिसाइल

कम दूरी में मजबूत संरचनाओं को नष्ट करने के लिए डिजाइन की गई।

RBE2 AESA रडार

एक साथ 40 टारगेट ट्रैक करने की क्षमता।

 SPECTRA सिस्टम

दुश्मन के रडार से बचाव और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग में सक्षम उन्नत सुरक्षा प्रणाली।

 63 हजार करोड़ रुपये की डील

भारत अप्रैल 2025 में 26 राफेल-मरीन जेट्स की 63 हजार करोड़ रुपये की डील पहले ही कर चुका है। ये जेट्स विमानवाहक पोत INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य पर तैनात किए जाएंगे और विशेष रूप से नौसेना मिशनों के लिए तैयार किए गए हैं।

एक बड़ा रणनीतिक संदेश

राफेल की नई डील (New Rafale Deal) सिर्फ एक रक्षा खरीद नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों के लिहाज से एक बड़ा रणनीतिक संदेश भी है। अत्याधुनिक तकनीक, लंबी दूरी की मारक क्षमता और मल्टी-रोल ऑपरेशन की योग्यता के कारण राफेल भारतीय वायुसेना को निर्णायक बढ़त देने में अहम भूमिका निभाएगा। Read More New Rafale Deal: भारत ने फ्रांस से 114 नए जेट्स की खरीद को दी मंजूरी, जानें DAC की मीटिंग के बड़े फैसले…

India-US Trade Deal: भारत- अमेरिका ट्रेड डील पर बोले पीयूष गोयल, कहा – “देश के उज्ज्वल आर्थिक भविष्य की ओर…”

India-US Trade Deal – केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और अमेरिका के बीच हुई नई India-US Trade Deal को लेकर अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने इस समझौते को भारत के हित में बताते हुए इसे बहुत अच्छी ट्रेड डील करार दिया। इस डील के तहत अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों पर लगाया जाने वाला टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

व्यापारिक रिश्तों में एक नया अध्याय

आपको बता दें कि भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मंगलवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत और अमेरिका के बीच हुई बहुत अच्छी India-US Trade Deal की आधिकारिक घोषणा की। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत के बाद संभव हुआ है।

पीयूष गोयल ने बताया कि यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई हालिया टेलीफोन बातचीत के बाद सामने आया है। इस बातचीत के बाद दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है।

India-US Trade Deal
India-US Trade Deal
 प्रतिस्पर्धी देशों से बेहतर समझौता

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच मजबूत और भरोसेमंद संबंधों का लाभ भारत को मिला है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ किया गया यह व्यापार समझौता न केवल पड़ोसी देशों बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में भारत के लिए सबसे बेहतर साबित हुआ है।

गोयल ने बताया कि यह समझौता अचानक नहीं हुआ, बल्कि बीते कई महीनों से दोनों देशों की वार्ता टीमें लगातार बातचीत और विचार-विमर्श में जुटी थीं। उन्होंने कहा कि यह डील देश के उज्ज्वल आर्थिक भविष्य की ओर एक मजबूत कदम है।

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Narendra Modi And Donald Trump
Narendra Modi And Donald Trump
प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की पुष्टि

इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की थी कि India-US Trade Deal पर सहमति बन गई है और भारतीय उत्पादों पर पारस्परिक टैरिफ में कटौती की जा रही है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी पुष्टि करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया और कहा कि, ‘140 करोड़ भारतीयों के लिए यह एक सकारात्मक खबर है। हालांकि, प्रधानमंत्री के बयान में औपचारिक रूप से ट्रेड डील शब्द का उल्लेख नहीं किया गया।’

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Narendra Modi And Donald Trump

संसद में विपक्ष के रवैये की भी कड़ी आलोचना

पीयूष गोयल ने संसद में विपक्ष के रवैये की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों – जैसे डीएमके, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का संसद में व्यवहार अस्वीकार्य था। गोयल ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद चेयर के पास जाकर स्पीकर का अपमान कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इसी कारण सरकार ने संसद के बजाय प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए देश को जानकारी देना जरूरी समझा।

अमेरिका में विदेश मंत्री जयशंकर

इसी बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका के दौरे पर हैं। वह 2 से 4 फरवरी तक वाशिंगटन में रहेंगे, जहां वह अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो द्वारा आयोजित ‘क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्ट्रीयल’ बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों में रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होगी। Read More India-US Trade Deal: भारत- अमेरिका ट्रेड डील पर बोले पीयूष गोयल, कहा – “देश के उज्ज्वल आर्थिक भविष्य की ओर…”

Bangladesh violence: बांग्लादेश में नहीं थम रही अल्पसंख्यकों पर हिंसा की घटनाएं, नरसिंहदी में युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया

Bangladesh violence – बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला नरसिंहदी जिले से सामने आया है, जहां 23 वर्षीय हिंदू युवक चंचल चंद्र भौमिक को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। यह घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है, जिसने एक बार फिर देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हिंसा की एक और गंभीर घटना आई सामने 

बता दें कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की एक और गंभीर घटना सामने आई है। चंचल चंद्र भौमिक नरसिंहदी इलाके में एक गैराज में काम करता था और काम खत्म करने के बाद वहीं सो रहा था। देर रात अज्ञात हमलावरों ने गैराज में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग इतनी भयानक थी कि चंचल बाहर नहीं निकल सका और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। यह वारदात उस वक्त हुई जब चंचल शुक्रवार रात एक गैराज के अंदर सो रहा था। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

बांग्लादेश में एक और हिन्दू की हत्या, नरसिंहदी में सोते हुए हिंदू युवक ...

घटना का वीडियो भी आया सामने 

घटना नरसिंगदी पुलिस लाइन के पास मस्जिद मार्केट इलाके की बताई जा रही है। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावरों ने गैराज के शटर पर बाहर से पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि युवक को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति को बाहर से आग लगाते हुए देखा जा सकता है। पुलिस का कहना है कि वीडियो और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

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आसपास के लोगों ने फायर सर्विस को किया सूचित 

आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने फायर सर्विस को सूचित किया। नरसिंगदी फायर सर्विस की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद गैराज के अंदर से चंचल की जला हुआ शव बरामद हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वह काफी देर तक आग में फंसा रहा, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल

चंचल चंद्र भौमिक कुमिला जिले के लक्ष्मीपुर गांव का रहने वाला था और काम के सिलसिले में नरसिंगदी में रह रहा था। वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य बताया जा रहा है और कई सालों से उसी गैराज में काम कर रहा था। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से सबूत जुटाए गए हैं, मामला दर्ज किया जा रहा है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

हिंदू समुदाय में भय और आक्रोश

इस घटना के बाद बांग्लादेश के हिंदू संगठनों और आम हिंदू समुदाय में भय और इन घटनाओं के लेकर आक्रोश का माहौल है। संगठनों ने सरकार से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

उस्मान हादी की मौत के बाद बिगड़े हालात 

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हालात और बिगड़े हैं। 18 दिसंबर को ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और फिर उसके शव को जला दिया गया। इसके बाद राजबाड़ी जिले में अमृत मंडल, बीते हफ्ते हिंदू व्यापारी लिटन चंद्र दास और अन्य मामलों ने अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। Read More Bangladesh violence: बांग्लादेश में नहीं थम रही अल्पसंख्यकों पर हिंसा की घटनाएं, नरसिंहदी में युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया