Assembly Elections 2026: BJP ने नियुक्त किए पर्यवेक्षक,पश्चिम बंगाल में अमित शाह और असम में जेपी नड्डा संभालेंगे कमान
Assembly Elections 2026: हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल और असम में अपनी विधायी इकाइयों को व्यवस्थित करने के लिए कमर कस ली है। पार्टी आलाकमान ने दोनों राज्यों में ‘विधायक दल के नेता’ के चयन के लिए कद्दावर केंद्रीय पर्यवेक्षकों और सह-पर्यवेक्षकों के नामों की घोषणा कर दी है।
अमित शाह और मोहन चरण माझी पर भरोसा
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की राजनीतिक संवेदनशीलता और रणनीतिक महत्व को देखते हुए, भाजपा ने यहां अपने सबसे बड़े रणनीतिकार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। जिसका उद्देश्य बंगाल विधानसभा में एक ऐसा नेतृत्व तैयार करना जो सत्तापक्ष के सामने मजबूती से विपक्ष की आवाज बुलंद कर सके।

असम में जेपी नड्डा और नायब सिंह सैनी पर्यवेक्षक नियुक्त
वहीं, असम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सह-पर्यवेक्षक के रूप में काम करेंगे। दोनों राज्यों में पर्यवेक्षक नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक करेंगे और उनकी राय के आधार पर विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और संगठन के भीतर एकजुटता बनाए रखना है।

विपक्ष का रुख और विवादों की छाया
एक तरफ जहां भाजपा अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतगणना और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग (EC) का इस्तेमाल कर लाखों नाम मतदाता सूची से हटाए गए और धांधली की गई। इसी तरह कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी श्रृंगेरी विधानसभा सीट पर रिकाउंटिंग को लेकर भाजपा पर ‘वोट डकैती’ का आरोप लगाया है।
किसके हाथों में होगी बंगाल और असम कमान
इन सभी आरोपों का बीच अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन दिग्गजों की निगरानी में बंगाल और असम में भाजपा की कमान किसके हाथों में सौंपी जाती है।