Rahul Gandhi FIR Case: राहुल गांधी को बड़ी राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने FIR के अपने आदेश पर लगाई रोक

Rahul Gandhi FIR Case: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दोहरी नागरिकता मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शनिवार को अपने ही एक दिन पुराने आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे।

अपने ही आदेश पर रोक

आपको बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी (Rahul Gandhi FIR Case) दर्ज करने के अपने ही आदेश पर शनिवार को रोक लगा दी है। अदालत ने अपने ताज़ा फैसले में यह स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को बिना पूर्व नोटिस दिए उसके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का निर्देश देना कानूनी प्रक्रिया के तहत उचित नहीं है।

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Rahul Gandhi FIR Case
संबंधित पक्ष को सुनवाई का पूरा अवसर

अदालत ने अपने ताजा आदेश में साफ कहा कि, “बिना संबंधित व्यक्ति को नोटिस दिए और उसका पक्ष सुने किसी के खिलाफ प्राथमिकी (Rahul Gandhi FIR Case) दर्ज करने का आदेश देना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।” कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी अंतिम आदेश से पहले संबंधित पक्ष को सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाना जरूरी है।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि शुक्रवार को हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की कथित ‘दोहरी नागरिकता’ के मामले में खुली अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी (Rahul Gandhi FIR Case) दर्ज करने का आदेश दिया था। हालांकि, 24 घंटे के भीतर ही जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने इस पर रोक लगा दी। जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी। हालांकि, अब अदालत ने अपने उसी आदेश के अमल पर रोक लगाकर तत्काल कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया है।

राहुल गांधी पर FIR दर्ज करने का आदेश, दोहरी नागरिकता केस में बढ़ी मुश्किलें  - rahul gandhi fir order dual citizenship case allahabad high court lucknow  bench cbi probe NTC agkp - AajTak
Rahul Gandhi
दोहरी नागरिकता रखने का आरोप

मामले की सुनवाई जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच में हुई। यह याचिका कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई थी, जिसमें राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता रखने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), पासपोर्ट एक्ट, फॉरेनर्स एक्ट और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत FIR दर्ज करने की मांग की थी।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR के आदेश दिए, ब्रिटिश  नागरिकता का मामला

अगली सुनवाई के बाद ही आगे की कानूनी दिशा

अब (Rahul Gandhi FIR Case) इस मामले में अगली सुनवाई के बाद ही आगे की कानूनी दिशा तय होगी। अदालत के इस फैसले को राहुल गांधी के लिए फिलहाल बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। Read More Rahul Gandhi FIR Case: राहुल गांधी को बड़ी राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने FIR के अपने आदेश पर लगाई रोक

Women’s Reservation Bill 2023: महिला आरक्षण कानून लागू, लेकिन अभी नहीं मिलेगा 33% आरक्षण का लाभ, जानें क्या है वजह..

Women’s Reservation Bill 2023: देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण अधिनियम 2023 को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह कानून 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। हालांकि, कानून लागू होने के बावजूद महिलाओं को इसका तत्काल लाभ नहीं मिल पाएगा।

अभी 33 प्रतिशत आरक्षण लागू नहीं 

आपको बता दें कि, लोकसभा में गुरुवार देर रात इस मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई। सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के बाद यह अधिनियम अब विधिवत कानून बन चुका है, लेकिन मौजूदा लोकसभा और विधानसभाओं में अभी 33 प्रतिशत आरक्षण लागू नहीं होगा।

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Women’s Reservation Bill 2023 लागू
अभी क्यों नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ?

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इसके पीछे तकनीकी और संवैधानिक कारण हैं। महिला आरक्षण का लाभ तभी लागू किया जा सकेगा जब अगली जनगणना पूरी हो जाएगी और उसके आधार पर परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया संपन्न होगी। मतलब साफ है कि वर्तमान लोकसभा या मौजूदा विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का प्रावधान लागू नहीं किया जा सकता।

अधिकारियों का कहना है कि,”अधिनियम (Women’s Reservation Bill 2023) लागू हो चुका है, लेकिन इसे वर्तमान सदन में लागू नहीं किया जा सकता। अगली जनगणना और परिसीमन के बाद ही महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी।”

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क्या है महिला आरक्षण कानून?

सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (Women’s Reservation Bill 2023) पारित किया था, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण कानून कहा जाता है।

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इस कानून के तहत:

1. लोकसभा में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित होंगी

2. राज्य विधानसभाओं में भी एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित रहेंगी

3. अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षित वर्गों में भी महिलाओं के लिए अलग आरक्षण होगा

यह कानून महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

2029 से लागू होने की चर्चा क्यों?

हालांकि मूल कानून के अनुसार आरक्षण 2027 की जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन से जुड़ा था, इसलिए इसके 2034 से पहले लागू होने की संभावना कम मानी जा रही थी। लेकिन संसद में इस समय चल रही बहस और प्रस्तावित संशोधनों के जरिए सरकार इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने की तैयारी में दिख रही है। इसी को लेकर लोकसभा में तीन विधेयकों पर चर्चा चल रही है, जिनका उद्देश्य महिला कोटा को जल्द लागू करना बताया जा रहा है।

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महिला आरक्षण कानून लागू होने से लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि महिला आरक्षण कानून लागू होने से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। इससे नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी मजबूत होगी और देश की राजनीति में संतुलित प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा। Read More Women’s Reservation Bill 2023: महिला आरक्षण कानून लागू, लेकिन अभी नहीं मिलेगा 33% आरक्षण का लाभ, जानें क्या है वजह..

West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में गरजे अमित शाह, घुसपैठ और सिंडिकेट राज पर साधा निशाना

West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल चरम पर है और इसी बीच भाजपा ने अपने प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंक दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम मेदिनीपुर के देबरा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता में जोश भर दिया। इसके साथ ही उन्होंने खड़गपुर सदर इलाके में रोड शो कर शक्ति प्रदर्शन भी किया।

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Amit Shah in West Bengal
मतदान की अपील और सत्ता परिवर्तन का दावा

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Elections) के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीत के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है। इसी क्रम में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम मेदिनीपुर के देबरा और खड़गपुर सदर में विशाल जनसभाओं और रोड शो के जरिए चुनावी हुंकार भरी। शाह ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए राज्य को ‘सिंडिकेट राज’ से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया।

इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने  (West Bengal Elections) लोगों से आगामी मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता को “कमल के निशान” पर वोट देकर राज्य में बदलाव लाना है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार बंगाल में सत्ता परिवर्तन तय है।

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ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला

शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 15 साल के शासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि “मां, माटी और मानुष” के नाम पर जनता से वादे किए गए, लेकिन हकीकत में युवाओं को बेरोजगारी, किसानों को परेशानी और महिलाओं को असुरक्षा मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में “कटमनी” और “सिंडिकेट राज” ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।

घुसपैठ का मुद्दा बना मुख्य हथियार

अपने भाषण में शाह ने बार-बार घुसपैठ का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि बाहरी घुसपैठिये राज्य में नौकरियां छीन रहे हैं और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर (West Bengal Elections) “एक-एक घुसपैठिये को बाहर निकाला जाएगा” और राज्य को सुरक्षित बनाया जाएगा।

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सिंडिकेट और गुंडागर्दी पर सख्त रुख

शाह ने आरोप लगाया कि बंगाल में निर्माण सामग्री से लेकर छोटे कामों तक हर जगह सिंडिकेट का कब्जा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आई तो इस पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाएगा और दोषियों को जेल भेजा जाएगा।

बेरोजगारी और आर्थिक मदद के वादे

युवाओं को साधने के लिए शाह ने बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर बेरोजगारों को हर महीने 3000 रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा महिलाओं को 3000 रुपये प्रतिमाह और किसानों को सालाना 9000 रुपये देने का वादा भी किया गया।

विकास योजनाओं पर भी घेरा

शाह ने घाताल बाढ़ समस्या का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा दिए गए 1500 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान को राज्य सरकार ने लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर इस योजना को एक साल के भीतर पूरा किया जाएगा। Read More West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में गरजे अमित शाह, घुसपैठ और सिंडिकेट राज पर साधा निशाना

Indian Defense Deal 2026: रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने ₹2.38 लाख करोड़ के प्रस्तावों को दी मंजूरी, जानें कैसे बदलेगी सेना की ताकत…

Indian Defense Deal 2026: वैश्विक अनिश्चितताओं और सीमाओं पर बढ़ती चुनौतियों के बीच भारत ने अपनी सैन्य शक्ति को अभूतपूर्व स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने 2.38 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को स्वीकृति दे दी है।

रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम

आपको बता दें कि भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में आज शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में लगभग 2.38 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों (Indian Defense Deal 2026) को आवश्यकता स्वीकृति (AoN) दी गई है। यह निर्णय देश की सैन्य ताकत को आधुनिक बनाने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की तैयारी का हिस्सा है। यह फैसला न केवल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को मजबूत करता है, बल्कि थल सेना, वायु सेना और तटरक्षक बल की मारक क्षमता को भी कई गुना बढ़ा देगा।

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रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक
थल सेना- ‘धनुष’ की गूंज और अभेद्य सुरक्षा तंत्र

भारतीय सेना को और अधिक घातक बनाने के लिए कई अत्याधुनिक प्रणालियों को मंजूरी मिली है जिनमें –

धनुष तोप प्रणाली (Dhanush Artillery): इसे ‘देसी बोफोर्स’ भी कहा जाता है। यह 155mm x 45 कैलिबर की आर्टिलरी गन है। ₹2.38 लाख करोड़ के इस पैकेज में इसकी बड़ी खेप शामिल है, जो ऊबड़-खाबड़ और पहाड़ी इलाकों में दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने में सक्षम है।

वायु रक्षा ट्रैक प्रणाली (Air Defense Track System): आधुनिक युद्ध में ड्रोन और क्रूज मिसाइलों का खतरा बढ़ गया है। यह प्रणाली चलते-फिरते (On the move) हवाई खतरों को ट्रैक करेगी और उन्हें नष्ट करने के लिए रियल-टाइम डेटा प्रदान करेगी।

AMRED Piercing Tank Ammunition: यह विशेष गोला-बारूद दुश्मन के सबसे मजबूत ‘एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर’ (ERA) वाले टैंकों की ढाल को भी भेदने की क्षमता रखता है।

Defence Council Approves ₹2.38 Lakh Crore For S-400, Dhanush; Air Force Army

वायु सेना- S-400 और स्वदेशी ताकत का विस्तार

आसमान में भारत की बादशाहत बरकरार रखने के लिए (Indian Defense Deal 2026)  वायु सेना के लिए बड़े निवेश की घोषणा की गई है:

S-400 मिसाइल प्रणाली: दुश्मन के लंबी दूरी के हवाई हमलों को विफल करने के लिए इस सिस्टम को और मजबूती दी जा रही है।

मध्यम परिवहन विमान: पुराने AN32 और IL76 बेड़े की जगह अब नए मध्यम परिवहन विमान लेंगे, जिससे रसद और सैन्य परिवहन आसान होगा।

रिमोटली पायलेटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट: ये ड्रोन न केवल खुफिया जानकारी जुटाएंगे, बल्कि जरूरत पड़ने पर सटीक स्ट्राइक भी कर सकेंगे।

Su-30 एयरो इंजन नवीनीकरण: सुखोई विमानों की उम्र और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए इंजनों के नवीनीकरण को मंजूरी दी गई है।

तटरक्षक बल: समुद्री सीमाओं की सुरक्षा

Indian Defense Deal 2026 के अन्तर्गत भारतीय तटरक्षक बल को हेवी ड्यूटी एयर कुशन व्हीकल्स (होवरक्राफ्ट) से लैस किया जाएगा। ये वाहन उच्च गति से गश्त करने, खोज और बचाव अभियान चलाने और तटीय क्षेत्रों में रसद पहुंचाने में अत्यधिक कुशल होंगे।

Defence Acquisition Council Clears 10 Proposals Worth Rs 1.05 Lakh Crore

रक्षा इतिहास में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड

वित्त वर्ष 2025-26 भारत के रक्षा इतिहास में मील का पत्थर साबित हो रहा है। अब तक ₹6.73 लाख करोड़ के कुल 55 प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है और ₹2.28 लाख करोड़ के 503 पूंजीगत खरीद अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह किसी भी एक वित्तीय वर्ष में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा

भारत का यह बड़ा रक्षा निवेश भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। Indian Defense Deal 2026 के इन प्रस्तावों का मुख्य उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देना है। “मेक इन इंडिया” पहल के तहत भारत अपनी सैन्य जरूरतों के लिए विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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Parliament Session: स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंकने पर 8 विपक्षी सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित

Parliament Session – संसद के मौजूदा सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला, जब कुछ सांसदों ने सदन की मर्यादा तोड़ते हुए स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंके। इस गंभीर अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए छह सांसदों को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।

निलंबन का प्रस्ताव और सदन की मंजूरी

आपको बता दें कि लोकसभा में मंगलवार को भारी हंगामे के बीच सदन ( Parliament Session) की मर्यादा भंग करने के आरोप में आठ विपक्षी सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। इन सांसदों पर लोकसभा स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंकने का आरोप है। इस घटना को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए स्पीकर ओम बिरला ने सभी आठ सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया। हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और लोकसभा की कार्यवाही को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

Parliamentary Proceedings
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राहुल गांधी के भाषण से शुरू हुआ विवाद

 Parliament Session हंगामे की शुरुआत उस समय हुई जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान एक बार फिर चीन से जुड़ा मुद्दा उठाया। जैसे ही उन्होंने इस विषय पर बोलना शुरू किया, सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। राहुल गांधी अपनी बात पूरी करने पर अड़े रहे, लेकिन शोर-शराबे के कारण उनका भाषण अधूरा रह गया।

हंगामे के चलते कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा। इसी दौरान कुछ सांसदों ने आसन के पास पहुंचकर कागज के टुकड़े उछाल दिए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

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Parliament Budget Session
Parliament Budget Session
निलंबन का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित

दोपहर तीन बजे जब लोकसभा की कार्यवाही चौथी बार शुरू हुई, तब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पीकर की ओर कागज फेंकने वाले सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव सदन में पेश किया। सदन ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

निलंबित किए गए सांसद

 Parliament Session निलंबन की कार्रवाई जिन सांसदों पर हुई, उनके नाम गुरजीत औजला, मणिकम टैगोर (कांग्रेस, तमिलनाडु), अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, किरण कुमार रेड्डी, न कुरियाकोसे (कांग्रेस, केरल), एस. वेंकटेश (सीपीएम), हिबी ईडन (कांग्रेस, केरल), प्रशांत पडोले, थॉमस हैं। इन सभी सांसदों को मौजूदा बजट सत्र में किसी भी कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।

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Rahul Gandhi
Rahul Gandhi
विपक्ष का पलटवार

इससे पहले कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें बोलने से रोक रही है। वेणुगोपाल ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि हिम्मत है तो सभी विपक्षी सांसदों को निलंबित करके दिखाए। फिलहाल, संसद का माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है और राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।

सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई

विरोध के दौरान विपक्षी सांसद सदन के वेल में पहुंच गए, नारेबाजी की और स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज उछाले। हालात इतने बिगड़ गए कि कार्यवाही चलाना संभव नहीं रहा। बार-बार अपील के बावजूद व्यवस्था बहाल न होने पर संबंधित सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। फिलहाल, लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। Read More Parliament Session: स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंकने पर 8 विपक्षी सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित

Parliament Budget Session – राहुल गांधी के बयान पर भाजपा का पलटवार, सीपी जोशी बोले- विदेशी ताकतों के इशारे पर विपक्ष

Parliament Budget Session- संसद के बजट सत्र (Parliament Budget Session) की शुरुआत 28 जनवरी से हो चुकी है और सोमवार को कार्यवाही का चौथा दिन रहा। लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत हुई। इस चर्चा के लिए स्पीकर ओम बिरला ने 18 घंटे का समय निर्धारित किया है, जबकि राज्यसभा में इस विषय पर 16 घंटे चर्चा होनी है।

Parliament Budget Session
Parliament Budget Session
आज इस कार्यवाही का चौथा दिन

आपको बता दें कि संसद के बजट सत्र (Parliament Budget Session) की शुरुआत हो चुकी है। आज इस कार्यवाही का चौथा दिन था, हालांकि आज 2 फरवरी दिन सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान के कारण बार-बार बाधित होती रही। राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए कहा कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि वे सिर्फ दो-तीन पंक्तियां कहना चाहते हैं, जो पूर्व सेना प्रमुख के बयानों से जुड़ी हैं।

विपक्ष विदेशी ताकतों के हाथों में

राहुल गांधी के बयान पर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा सांसद सीपी जोशी ने कहा कि, “राहुल गांधी को बोलने के कई अवसर दिए गए, लेकिन उन्होंने देश को बदनाम करने और सेना का मनोबल गिराने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष विदेशी ताकतों के हाथों में खेल रहा है।”

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भारी हंगामे के बीच सदन स्थगित

हंगामा बढ़ने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को बिना तथ्यों के बयान देने से बचने की चेतावनी दी और कहा कि सदन नियमों के अनुसार ही चलेगा। इसके बावजूद शोर-शराबा जारी रहा, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 3 बजे और फिर शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। अंततः भारी हंगामे के बीच सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

देश से माफी मांगने की मांग

इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान को शर्मनाक बताते हुए उनसे देश से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि, “विपक्ष के नेता बार-बार सदन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। उधर, राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा शांतिपूर्ण ढंग से जारी रही। संसद के बजट सत्र (Parliament Budget Session) की कार्यवाही से जुड़े तमाम घटनाक्रम पर देशभर की नजर बनी हुई है।”

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Union Budget 2026: निर्मला सीतारमण का 9वां बजट, क्या बदलेगा आम आदमी की किस्मत?

Union Budget 2026: अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए भारी टैरिफ के जवाब में केंद्र सरकार ने Union Budget 2026 के ज़रिये बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पर्सनल इस्तेमाल के लिए इम्पोर्ट किए जाने वाले सभी ड्यूटी वाले सामानों पर टैरिफ रेट को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है। इस फैसले से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ इम्पोर्ट पर निर्भर सेक्टर्स को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

Nirmala Sitharaman's Union Budget 2026
Nirmala Sitharaman’s Union Budget 2026
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवां बजट

आपको बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी, दिन रविवार को अपना लगातार नौवां बजट (Union Budget 2026) पेश किया हैं। एनडीए सरकार के तीसरी बार सत्ता में लौटने के बाद यह दूसरा पूर्ण बजट होगा, जिससे उम्मीदें भी पहले से कहीं ज्यादा हैं। जिसमें सरकार का फोकस खास तौर पर उन उद्योगों को सपोर्ट करने पर है जो अमेरिकी टैरिफ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इसी कड़ी में सी-फूड इंडस्ट्री को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने एक्सपोर्ट के लिए सी-फूड प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाले खास इनपुट्स के ड्यूटी-फ्री इम्पोर्ट की सीमा को बढ़ाने का ऐलान किया। अब यह सीमा पिछले वर्ष के एक्सपोर्ट टर्नओवर की FOB वैल्यू के 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत कर दी गई है।

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Union Budget 2026
फुटवियर और लेदर सेक्टर को भी फायदा

वित्त मंत्री ने Union Budget 2026 यह भी प्रस्ताव दिया कि जिन खास इनपुट्स के ड्यूटी-फ्री इम्पोर्ट की सुविधा अभी लेदर और सिंथेटिक फुटवियर एक्सपोर्ट के लिए उपलब्ध है, वही सुविधा अब शू अपर एक्सपोर्ट करने वालों को भी दी जाएगी। इससे फुटवियर इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

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Finance Minister Nirmala Sitharaman presents the 'Union Budget 2
Finance Minister Nirmala Sitharaman presents the ‘Union Budget 2
रक्षा, बैटरी और एनर्जी सेक्टर को बढ़ावा

Union Budget 2026 में रक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के उद्देश्य से एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) के लिए जरूरी पार्ट्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के इम्पोर्ट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा, लिथियम-आयन बैटरी सेक्टर को बढ़ावा देते हुए सरकार ने बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले लिथियम-आयन सेल और जरूरी मिनरल्स के लिए कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट देने की घोषणा की है। यह छूट अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के लिए इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स तक भी बढ़ाई जाएगी।

न्यूक्लियर और सोलर सेक्टर को राहत

न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी सामानों के इम्पोर्ट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट को 2035 तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है, जो सभी न्यूक्लियर प्लांट्स पर लागू होगा, चाहे उनकी क्षमता कुछ भी हो। वहीं, सोलर ग्लास निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट और क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग से जुड़े कैपिटल गुड्स के इम्पोर्ट को भी ड्यूटी-फ्री करने का प्रस्ताव है।

US टैरिफ का सीधा असर

गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों के इम्पोर्ट पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया था, जिससे टेक्सटाइल, सी-फूड और अन्य एक्सपोर्ट सेक्टर्स पर दबाव बढ़ गया था। Union Budget 2026 में किए गए ये ऐलान उसी चुनौती से निपटने की रणनीति के तौर पर देखे जा रहे हैं।

इसके साथ ही सरकार ने ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर विकसित करने में मदद देने का भी प्रस्ताव रखा है, जिससे भारत की क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन मजबूत हो सके। Read More Union Budget 2026: निर्मला सीतारमण का 9वां बजट, क्या बदलेगा आम आदमी की किस्मत?

Mahatma Gandhi’s Death Anniversary: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर पीएम मोदी और सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि, उनके आदर्शों को किया याद

Mahatma Gandhi’s Death Anniversary – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। हर वर्ष 30 जनवरी को यह दिन शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से महात्मा गांधी को नमन किया और उनके विचारों को याद किया।

Mahatma Gandhi's Death Anniversary
Mahatma Gandhi’s Death Anniversary
भारत के निर्माण का आधार 

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन को विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आधार बताया। उन्होंने कहा कि, ‘बापू का जीवन और विचार देशवासियों को कर्तव्य, आत्मबल और राष्ट्रनिर्माण के मार्ग पर प्रेरित करते रहेंगे। राष्ट्रपिता का स्वदेशी पर जोर आज के भारत के आत्मनिर्भरता के संकल्प से सीधे जुड़ा हुआ है और यही सोच विकसित भारत की नींव है।’

महात्मा गांधी के आदर्शों को अपनाने की अपील की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर (Mahatma Gandhi’s Death Anniversary)  श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सत्य, अहिंसा और मानवता के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, ‘बापू की करुणा, नैतिकता और अहिंसक विचारधारा आज भी पूरी दुनिया को प्रकाश दिखाने का कार्य कर रही है। सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा कि गांधी के आदर्शों को अपनाकर ही एक समृद्ध, न्यायपूर्ण और विकसित भारत का निर्माण संभव है।’

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CM Yogi Adityanath
CM Yogi Adityanath
उनके बलिदान की स्मृति में शहीद दिवस

महात्मा गांधी की 30 जनवरी 1948 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में यह दिन शहीद दिवस (Mahatma Gandhi’s Death Anniversary) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन देश उन सभी महान आत्माओं को याद करता है, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

आज भी प्रासंगिक हैं गांधी के विचार

मोहनदास करमचंद गांधी, जिन्हें दुनिया बापू के नाम से जानती है, ने सत्य और अहिंसा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। दक्षिण अफ्रीका से शुरू हुआ उनका सत्याग्रह भारत की आज़ादी का मजबूत आधार बना। असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन के जरिए उन्होंने ब्रिटिश शासन को हिला दिया। गांधी जी का अहिंसा, समानता और मानवता का संदेश आज भी न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बना हुआ है।

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Ajit Pawar Funeral: नम आंखों और ‘अमर रहें’ के नारों के बीच पंचतत्व में विलीन अजित पवार, बेटों ने दी मुखाग्नि

Ajit Pawar Funeral:  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख अजित पवार (Ajit Pawar)  का बुधवार सुबह एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। इस हादसे से पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। राज्य सरकार ने अजित पवार के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। आज बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार (Ajit Pawar Funeral) किया गया।

समर्थकों का उमड़ा जनसैलाब 

बता दें कि सुबह से ही विद्या प्रतिष्ठान मैदान और आसपास के इलाकों में अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए समर्थकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तिरंगे में लिपटा अजित पवार का पार्थिव शरीर जैसे ही अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। लोग नम आंखों से ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे लगाते हुए अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देते नजर आए।

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Ajit Pawar Funeral
Ajit Pawar Funeral
परिवार ने दी अंतिम श्रद्धांजलि

अंतिम संस्कार के दौरान अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार भावुक हो गईं। उन्होंने अपने पति को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। बेटे पार्थ पवार और जय पवार ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अपने पिता की अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। राजकीय सम्मान के तहत पार्थिव शरीर पर लिपटा तिरंगा अंतिम संस्कार से पहले बेटे जय पवार को सौंपा गया। बेटों ने अंतिम संस्कार की सभी रस्में पुरी करते हुए अपने पिता को मुखाग्नि दी।

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Ajit Pawar Funeral

राजनीतिक दिग्गजों की मौजूदगी

अजित पवार की अंतिम विदाई (Ajit Pawar Funeral) में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत सहित कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेता मौजूद रहे और अजित पवार के निधन (Ajit Pawar Funeral) पर गहरा शोक व्यक्त किया। एनसीपी (एससीपी) नेता सुप्रिया सुले ने सुनेत्रा पवार को गले लगाकर सांत्वना दी।

Ajit Pawar Funeral

ब्लैक बॉक्स बरामद, जांच जारी

इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि बारामती में क्रैश हुए चार्टर प्लेन का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) बरामद कर लिया गया है। डीजीसीए और फोरेंसिक टीम हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई हैं।

समर्थकों की उमड़ी भारी भीड़

अंतिम यात्रा के दौरान अजित पवार के पार्थिव शरीर (Ajit Pawar Funeral) को ले जा रहे वाहन के पीछे-पीछे हजारों समर्थक चलते नजर आए। सड़कों के दोनों ओर लोग अपने नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए खड़े रहे। ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में विद्या प्रतिष्ठान मैदान में उमड़ा विशाल जनसैलाब साफ देखा जा सकता है।

अजित पवार के अचानक निधन से महाराष्ट्र की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। समर्थक, कार्यकर्ता और राजनीतिक जगत उन्हें एक मजबूत, निर्णायक और जनप्रिय नेता के रूप में याद कर रहा है। Read More Ajit Pawar Funeral: नम आंखों और ‘अमर रहें’ के नारों के बीच पंचतत्व में विलीन अजित पवार, बेटों ने दी मुखाग्नि

Ajit Pawar: अजित पवार के निधन से पूरे देश में शोक की लहर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं ने जताया शोक

Ajit Pawar:  महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। मुंबई से चुनाव प्रचार के लिए बारामती जा रहे अजित पवार का निजी चार्टर विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनके साथ यात्रा कर रहे सभी पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे की पुष्टि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने की है। वहीं इस हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई दिग्गज नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद

आपको बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद बन गया, बारामती में बुधवार सुबह उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) को ले जा रहा निजी चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

पीएम मोदी ने कहा- असमय निधन बेहद दुखद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि, “वे जमीनी स्तर से जुड़े जननेता थे। उन्होंने लिखा कि अजित पवार महाराष्ट्र की जनता की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहे और उनका असमय जाना अत्यंत पीड़ादायक है।”

Ajit Pawar Death News
Ajit Pawar Death News
राहुल गांधी ने जताई संवेदना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) और उनके सहयात्रियों के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने इस कठिन समय में महाराष्ट्र की जनता और पवार परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।

राष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों ने जताया शोक

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी इस विमान दुर्घटना को अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि अजित पवार का महाराष्ट्र के विकास, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में अहम योगदान रहा है। वहीं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिवार को संबल देने की प्रार्थना की।

 Ajit Pawar's demise, says President Droupadi Murmu
Ajit Pawar’s demise, says President Droupadi Murmu
प्रियंका गांधी और खरगे ने दी श्रद्धांजलि

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पवार परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने अजित पवार की पत्नी और सुप्रिया सुले से बात की है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस हादसे को चौंकाने वाला और बेहद दुखद बताया।

बारामती रवाना हुए बड़े नेता

हादसे के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बारामती जाने का निर्णय लिया है। NCP-SCP प्रमुख शरद पवार भी अपनी पत्नी प्रतिभा पवार के साथ मुंबई से बारामती के लिए रवाना हो चुके हैं। अजित पवार का परिवार भी दिल्ली से बारामती पहुंच रहा है।

पुणे आवास के बाहर पसरा सन्नाटा

अजित पवार के पुणे स्थित आवास के बाहर गमगीन माहौल है, पूरे परिसर में सन्नाटा छाया हुआ है। सुरक्षा के मद्देनज़र भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और इस खबर के बाद समर्थकों की भीड़ धीरे-धीरे जुटने लगी है।

DGCA ने की मौत की पुष्टि

DGCA के अनुसार, इस विमान हादसे में अजित पवार के साथ उनके पीएसओ, एक अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर की भी मौत हुई है। सभी लोग निजी चार्टर विमान में सवार थे। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। Read More Ajit Pawar: अजित पवार के निधन से पूरे देश में शोक की लहर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं ने जताया शोक