Prateek Yadav Death: मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में निधन, राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर

Prateek Yadav Death: यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के छोटे भाई और समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह के सबसे छोटे बेटे, का मंगलवार सुबह लखनऊ में निधन हो गया। वह 38 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में निधन - Vibes Of India

गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे प्रतीक यादव

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई और समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के सबसे छोटे बेटे प्रतीक यादव का बुधवार सुबह 38 वर्ष की उम्र में ( Prateek Yadav Death ) निधन हो गया। मंगलवार सुबह करीब छह बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत लखनऊ के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वह लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।

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Prateek Yadav Death
लंबे समय से बीमार थे प्रतीक यादव

सुत्रों के अनुसार के अनुसार, प्रतीक यादव हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। कुछ दिन पहले उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पल्मोनरी एम्बोलिज्म ऐसी स्थिति होती है, जिसमें खून का थक्का धमनियों में फंस जाता है और फेफड़ों तक रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस बीमारी का असर उनके दिल की कार्यप्रणाली पर भी पड़ा था। बताया गया कि वह पहले से ब्लड थिनर दवाएं ले रहे थे और नियमित इलाज चल रहा था।

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पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा पार्थिव शरीर

पोस्टमार्टम के बाद दोपहर करीब दो बजे उनका पार्थिव शरीर लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर लाया गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में समर्थक, रिश्तेदार और राजनीतिक हस्तियां पहुंचीं। अर्पणा यादव दोपहर में लखनऊ पहुंचीं और सीधे अपने आवास के लिए रवाना हुईं। वहीं, डिंपल, धर्मेंद्र यादव सहित यादव परिवार के कई सदस्य भी वहां मौजूद रहे।

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अंतिम दर्शन के लिए नेताओं का तांता

प्रतीक यादव के निधन के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएल पुनिया (कांग्रेस नेता) भाजपा सांसद साक्षी महाराज और प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह (परिवहन मंत्री) भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं लखनऊ की सुषमा खर्कवाल (महापौर, लखनऊ) ने भी परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रतीक यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

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जिम और फिटनेस का था काफी शौक

प्रतीक यादव ने हमेशा सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी। हालांकि, वह अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल, फिटनेस प्रेम और सामाजिक गतिविधियों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते थे। बताया जाता है कि उन्हें जिम और फिटनेस का काफी शौक था। सोशल मीडिया पर भी उनकी अलग पहचान थी। उनकी पत्नी अपर्णा यादव राजनीति में सक्रिय रहीं, लेकिन कई मौकों पर यह चर्चा होती रही कि प्रतीक खुद राजनीति से दूर रहना पसंद करते थे।

परिवार और समर्थकों में शोक की लहर

प्रतीक यादव के निधन ( Prateek Yadav Death ) की खबर के बाद उनके आवास पर समर्थकों और शुभचिंतकों का जमावड़ा लग गया। यादव परिवार के करीबी लोग लगातार पहुंच रहे हैं। परिवार के लिए यह एक बड़ा व्यक्तिगत और भावनात्मक नुकसान माना जा रहा है।

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PM Modi Election Speech: “BJP की पांच राज्यों में ऐतिहासिक जीत तय, बनेगी हैट्रिक..” पीएम मोदी का बड़ा दावा

PM Modi Election Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई (मल्लावां) में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला और आगामी चुनावी नतीजों को लेकर बड़ा दावा किया। गंगा एक्सप्रेसवे के एक महत्वपूर्ण चरण के उद्घाटन के बाद जनता को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि 04 मई को आने वाले चुनावी नतीजे ‘विकसित भारत’ के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे।

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जीत की ‘हैट्रिक’ का भरोसा

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के हालिया स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों का जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं और जनता में जोश भरा। उन्होंने कहा,”कल ही गुजरात में स्थानीय चुनावों के नतीजे आए हैं, जहाँ 80 से 85 प्रतिशत सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। यह रुझान साफ दिखाता है कि जनता का विश्वास किस ओर है। मुझे पूरा विश्वास है कि इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी भाजपा ऐतिहासिक जीत के साथ ‘हैट्रिक’ लगाने जा रही है।”

पीएम ने बिहार विधानसभा चुनाव और एनडीए की प्रचंड जीत को याद करते हुए कहा कि भाजपा के विकास मॉडल को देश के हर कोने में स्वीकृति मिल रही है।

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PM Modi Election Speech
भयमुक्त मतदान और लोकतंत्र का उत्सव

पश्चिम बंगाल में जारी दूसरे चरण के मतदान पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने वहां की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दशकों बाद बंगाल में लोग बिना किसी डर के, लंबी कतारों में लगकर वोट डाल रहे हैं। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक बताया।

भाषण के मुख्य बिंदु:

04 मई के नतीजे: ये नतीजे देश के विकास की गति को नई ऊर्जा देंगे।

विकास का संकल्प: हर चुनाव परिणाम ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर एक कदम है।

बंगाल की जनता: पीएम ने बंगाल के मतदाताओं से रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने की अपील की।

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Raghav Chadha joins BJP: AAP में सबसे बड़ी बगावत, राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों ने छोड़ी पार्टी, BJP में शामिल होने का किया ऐलान

Raghav Chadha joins BJP : आम आदमी पार्टी (AAP) के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। पार्टी के युवा चेहरा और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ‘आप’ से अपने 15 साल पुराने रिश्ते को खत्म करते हुए इस्तीफा दे दिया है। केवल राघव ही नहीं, बल्कि उनके साथ कुल 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी (Raghav Chadha joins BJP)  में शामिल होने का ऐलान किया है।

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अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा
छोड़ा ‘झाड़ू’ का साथ

बता दें कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने भावुक और कड़े शब्दों में पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा। उनके साथ मंच पर संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद थे।

राघव चड्ढा ने कहा, “जिस पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा, वह आज अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है। अब यह पार्टी राष्ट्रहित के बजाय निजी स्वार्थों के लिए काम कर रही है। मुझे लंबे समय से महसूस हो रहा था कि मैं एक गलत पार्टी में सही इंसान हूं।”

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Raghav Chadha joins BJP
दो-तिहाई बहुमत के साथ शामिल होने का ऐलान

राघव चड्ढा (Raghav Chadha joins BJP) ने संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए दावा किया कि उनके पास राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई (2/3) से ज्यादा सांसद हैं। चड्ढा के मुताबिक, यह गुट अब भारतीय जनता पार्टी में अपना विलय करने जा रहा है।

आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद राघव चड्ढा BJP में शामिल हुए

पार्टी छोड़ने वाले 7 दिग्गज नेताओं की सूची:
  1. राघव चड्ढा: पार्टी के रणनीतिकार और राज्यसभा सांसद।

  2. संदीप पाठक: IIT बैकग्राउंड वाले संगठन महामंत्री और चुनावी चाणक्य।

  3. अशोक मित्तल: LPU के संस्थापक और शिक्षाविद।

  4. हरभजन सिंह: पूर्व क्रिकेटर और दिग्गज खिलाड़ी।

  5. राजेंद्र गुप्ता: ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन और उद्योगपति।

  6. विक्रमजीत सिंह साहनी: सन फाउंडेशन के प्रमुख और समाजसेवी।

  7. स्वाति मालीवाल: दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष।

संदीप पाठक ने भी साधा निशाना

संगठन में गहरी पैठ रखने वाले संदीप पाठक ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि, “उन्होंने हमेशा अरविंद केजरीवाल और पार्टी को खुद से आगे रखा, लेकिन पार्टी अब अपनी राह से भटक चुकी है। वहीं, स्वाति मालीवाल का इस्तीफा भी काफी चर्चा में है, क्योंकि पिछले कुछ समय से उनके और केजरीवाल के बीच विवाद की खबरें लगातार सुर्खियों में थीं।”

AAP के लिए बड़ा झटका

राज्यसभा में AAP की ताकत अब लगभग खत्म होने की कगार पर है। एक साथ 7 बड़े चेहरों का जाना और भाजपा में विलय की घोषणा करना दिल्ली और पंजाब की राजनीति में भूचाल लाने वाला कदम है। देखना होगा कि आम आदमी पार्टी इस बगावत पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है। Read More Raghav Chadha joins BJP: AAP में सबसे बड़ी बगावत, राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों ने छोड़ी पार्टी, BJP में शामिल होने का किया ऐलान

Donald Trump के ‘नरक’ वाले विवादित पोस्ट पर भारत का जवाब, जाने विदेश मंत्रालय ने क्या कहा…

BE NEWS: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा सोशल मीडिया पर एक विवादास्पद लेख साझा किए जाने के बाद भारत में राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस लेख में भारत और चीन की तुलना ‘धरती पर नरक’ (Hell on Earth) से की गई थी। इस मामले पर भारत सरकार की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।

Donald Trump Truth Social Post Michael Savage India China Hellhole Controversy - Trump ने भारत को बताया नर्क, सोशल मीडिया पोस्ट पर मचा बवाल, जमकर ट्रोल हो रहे अमेरिकी राष्ट्रपति ...
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump)
विदेश मंत्रालय का रुख, ‘हमने रिपोर्ट्स देखी हैं’

बता दें कि भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस मुद्दे पर संक्षिप्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मंत्रालय इस मामले से जुड़ी रिपोर्ट्स और ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट से अवगत है। हालांकि, जायसवाल ने इस मुद्दे पर किसी भी तरह की तीखी प्रतिक्रिया या विस्तृत टिप्पणी करने से फिलहाल परहेज किया। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि भारत इस मामले को संभलकर देख रहा है ताकि द्विपक्षीय संबंधों पर सीधा असर न पड़े।

डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump)
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump)
क्या था ट्रंप का विवादित पोस्ट?

डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर लेखक माइकल सैवेज का एक लेख री-शेयर किया था। यह लेख मुख्य रूप से अमेरिका में ‘बर्थ राइट सिटीजनशिप’ (जन्म के आधार पर नागरिकता) और प्रवासियों के मुद्दे पर केंद्रित था। जिसमें जन्म के आधार पर नागरिकता (birthright citizenship) को लेकर तीखी टिप्पणी की गई थी। लेख में दावा किया गया कि इस कानून का फायदा उठाकर विदेशी परिवार अमेरिका आते हैं और बाद में अपने रिश्तेदारों को भी बुला लेते हैं। इसी दौरान भारत और चीन को आपत्तिजनक शब्दों में संबोधित किया गया। ट्रंप द्वारा इस लेख को साझा किए जाने को प्रवासियों के प्रति उनके सख्त रुख और आगामी राजनीतिक विमर्श से जोड़कर देखा जा रहा है।

भारत में सियासी उबाल

ट्रंप (Donald Trump) के इस कदम पर भारत में विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भारत जैसी उभरती शक्ति और अमेरिका के रणनीतिक साझेदार के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल अपमानजनक है। विपक्ष ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत स्तर पर इस मुद्दे को अमेरिकी प्रशासन के सामने उठाना चाहिए और कड़ा विरोध दर्ज कराना चाहिए। Read More Donald Trump के ‘नरक’ वाले विवादित पोस्ट पर भारत का जवाब, जाने विदेश मंत्रालय ने क्या कहा…

Rahul Gandhi FIR Case: राहुल गांधी को बड़ी राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने FIR के अपने आदेश पर लगाई रोक

Rahul Gandhi FIR Case: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दोहरी नागरिकता मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शनिवार को अपने ही एक दिन पुराने आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे।

अपने ही आदेश पर रोक

आपको बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी (Rahul Gandhi FIR Case) दर्ज करने के अपने ही आदेश पर शनिवार को रोक लगा दी है। अदालत ने अपने ताज़ा फैसले में यह स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को बिना पूर्व नोटिस दिए उसके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का निर्देश देना कानूनी प्रक्रिया के तहत उचित नहीं है।

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Rahul Gandhi FIR Case
संबंधित पक्ष को सुनवाई का पूरा अवसर

अदालत ने अपने ताजा आदेश में साफ कहा कि, “बिना संबंधित व्यक्ति को नोटिस दिए और उसका पक्ष सुने किसी के खिलाफ प्राथमिकी (Rahul Gandhi FIR Case) दर्ज करने का आदेश देना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।” कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी अंतिम आदेश से पहले संबंधित पक्ष को सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाना जरूरी है।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि शुक्रवार को हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की कथित ‘दोहरी नागरिकता’ के मामले में खुली अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी (Rahul Gandhi FIR Case) दर्ज करने का आदेश दिया था। हालांकि, 24 घंटे के भीतर ही जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने इस पर रोक लगा दी। जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी। हालांकि, अब अदालत ने अपने उसी आदेश के अमल पर रोक लगाकर तत्काल कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया है।

राहुल गांधी पर FIR दर्ज करने का आदेश, दोहरी नागरिकता केस में बढ़ी मुश्किलें  - rahul gandhi fir order dual citizenship case allahabad high court lucknow  bench cbi probe NTC agkp - AajTak
Rahul Gandhi
दोहरी नागरिकता रखने का आरोप

मामले की सुनवाई जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच में हुई। यह याचिका कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई थी, जिसमें राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता रखने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), पासपोर्ट एक्ट, फॉरेनर्स एक्ट और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत FIR दर्ज करने की मांग की थी।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR के आदेश दिए, ब्रिटिश  नागरिकता का मामला

अगली सुनवाई के बाद ही आगे की कानूनी दिशा

अब (Rahul Gandhi FIR Case) इस मामले में अगली सुनवाई के बाद ही आगे की कानूनी दिशा तय होगी। अदालत के इस फैसले को राहुल गांधी के लिए फिलहाल बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। Read More Rahul Gandhi FIR Case: राहुल गांधी को बड़ी राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने FIR के अपने आदेश पर लगाई रोक

West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में गरजे अमित शाह, घुसपैठ और सिंडिकेट राज पर साधा निशाना

West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल चरम पर है और इसी बीच भाजपा ने अपने प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंक दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम मेदिनीपुर के देबरा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता में जोश भर दिया। इसके साथ ही उन्होंने खड़गपुर सदर इलाके में रोड शो कर शक्ति प्रदर्शन भी किया।

bjp sankalp patra in bengal home minister amit shah gives triple d formula बंगाल के अस्तित्व पर ही खतरा, अब BJP बचाएगी; घुसपैठ पर अमित शाह का 'ट्रिपल D' वाला फॉर्मूला, West-bengal
Amit Shah in West Bengal
मतदान की अपील और सत्ता परिवर्तन का दावा

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Elections) के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीत के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है। इसी क्रम में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम मेदिनीपुर के देबरा और खड़गपुर सदर में विशाल जनसभाओं और रोड शो के जरिए चुनावी हुंकार भरी। शाह ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए राज्य को ‘सिंडिकेट राज’ से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया।

इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने  (West Bengal Elections) लोगों से आगामी मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता को “कमल के निशान” पर वोट देकर राज्य में बदलाव लाना है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार बंगाल में सत्ता परिवर्तन तय है।

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ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला

शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 15 साल के शासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि “मां, माटी और मानुष” के नाम पर जनता से वादे किए गए, लेकिन हकीकत में युवाओं को बेरोजगारी, किसानों को परेशानी और महिलाओं को असुरक्षा मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में “कटमनी” और “सिंडिकेट राज” ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।

घुसपैठ का मुद्दा बना मुख्य हथियार

अपने भाषण में शाह ने बार-बार घुसपैठ का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि बाहरी घुसपैठिये राज्य में नौकरियां छीन रहे हैं और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर (West Bengal Elections) “एक-एक घुसपैठिये को बाहर निकाला जाएगा” और राज्य को सुरक्षित बनाया जाएगा।

मैं 15 दिन तक बंगाल में ही रहने वाला हूं', अमित शाह ने ममता को ललकारा - West Bengal Assembly Elections Amit Shah Mamata Banerjee Suvendu Adhikari ntc ntyv - AajTak

सिंडिकेट और गुंडागर्दी पर सख्त रुख

शाह ने आरोप लगाया कि बंगाल में निर्माण सामग्री से लेकर छोटे कामों तक हर जगह सिंडिकेट का कब्जा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आई तो इस पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाएगा और दोषियों को जेल भेजा जाएगा।

बेरोजगारी और आर्थिक मदद के वादे

युवाओं को साधने के लिए शाह ने बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर बेरोजगारों को हर महीने 3000 रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा महिलाओं को 3000 रुपये प्रतिमाह और किसानों को सालाना 9000 रुपये देने का वादा भी किया गया।

विकास योजनाओं पर भी घेरा

शाह ने घाताल बाढ़ समस्या का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा दिए गए 1500 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान को राज्य सरकार ने लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर इस योजना को एक साल के भीतर पूरा किया जाएगा। Read More West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में गरजे अमित शाह, घुसपैठ और सिंडिकेट राज पर साधा निशाना

Chennai: सीएम स्टालिन का केंद्र को अल्टीमेटम, कहा- “तमिलनाडु में हिंदी के लिए कोई जगह नहीं!”

BE NEWS – तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक (DMK) अध्यक्ष एमके स्टालिन ने एक बार फिर केंद्र सरकार को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि तमिलनाडु में हिंदी थोपे जाने के लिए कभी कोई जगह नहीं रही और न भविष्य में होगी। भाषा शहीद दिवस के मौके पर उन्होंने 1960 के दशक के हिंदी-विरोधी आंदोलन के बलिदानियों को याद किया और राज्य की भाषाई पहचान की रक्षा का संकल्प दोहराया।

हिंदी-विरोधी आंदोलन की दिखाई झलक 

आपको बता देंं कि  सीएम स्टालिन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि, भाषा शहीद दिवस के अवसर पर यह स्पष्ट किया कि तमिलनाडु में हिंदी के लिए न तब कोई जगह थी, न अब है और न कभी होगी। इसके साथ उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें 1965 के ऐतिहासिक हिंदी विरोधी आंदोलन की झलक दिखाई गई। इस वीडियो में द्रमुक के संस्थापक नेताओं सी.एन. अन्नादुरई और एम. करुणानिधि के योगदान को भी दिखाया गया।

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केंद्र से रार के बीच स्टालिन का बड़ा ऐलान, तमिलनाडु की स्वायत्तता पर ...

शहीदों की प्रतिमाओं का अनावरण

मुख्यमंत्री ने चेन्नई में शहीद थलामुथु और नटरासन के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इन आंदोलनकारियों ने हिंदी को अधिकारिक भाषा बनाने के विरोध में अपना जान गंवा दी थी। उन्होंने चेन्नई महानगर विकास प्राधिकरण (CMDA) भवन पर दोनों शहीदों की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया। स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु ने हिंदी-विरोधी आंदोलन के जरिए न सिर्फ अपनी भाषा, बल्कि पूरे देश में भाषाई अधिकारों और पहचान की रक्षा का मार्ग प्रशस्त किया।

दरअसल ‘भाषा शहीद दिवस’ उन युवाओं की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने 1964-65 के दौरान हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाए जाने के विरोध में अपनी जान गंवाई थी। इस आंदोलन के बाद तमिलनाडु में दो भाषा सूत्र अपनाया, जिसमें केवल तमिल और अंग्रेजी को प्राथमिकता दी जाती है।

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन हिंदी भाषा को लेकर दिया बड़ा बयान ...

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का विरोध

द्रमुक सरकार लगातार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का विरोध करती रही है। मुख्यमंत्री स्टालिन का आरोप है कि केंद्र सरकार इस नीति के जरिए पिछले दरवाजे से हिंदी को गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर थोपना चाहती है। Read More Chennai: सीएम स्टालिन का केंद्र को अल्टीमेटम, कहा- “तमिलनाडु में हिंदी के लिए कोई जगह नहीं!”