Prateek Yadav Death: मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में निधन, राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर

Prateek Yadav Death: यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के छोटे भाई और समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह के सबसे छोटे बेटे, का मंगलवार सुबह लखनऊ में निधन हो गया। वह 38 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में निधन - Vibes Of India

गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे प्रतीक यादव

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई और समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के सबसे छोटे बेटे प्रतीक यादव का बुधवार सुबह 38 वर्ष की उम्र में ( Prateek Yadav Death ) निधन हो गया। मंगलवार सुबह करीब छह बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत लखनऊ के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वह लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।

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Prateek Yadav Death
लंबे समय से बीमार थे प्रतीक यादव

सुत्रों के अनुसार के अनुसार, प्रतीक यादव हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। कुछ दिन पहले उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पल्मोनरी एम्बोलिज्म ऐसी स्थिति होती है, जिसमें खून का थक्का धमनियों में फंस जाता है और फेफड़ों तक रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस बीमारी का असर उनके दिल की कार्यप्रणाली पर भी पड़ा था। बताया गया कि वह पहले से ब्लड थिनर दवाएं ले रहे थे और नियमित इलाज चल रहा था।

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पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा पार्थिव शरीर

पोस्टमार्टम के बाद दोपहर करीब दो बजे उनका पार्थिव शरीर लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर लाया गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में समर्थक, रिश्तेदार और राजनीतिक हस्तियां पहुंचीं। अर्पणा यादव दोपहर में लखनऊ पहुंचीं और सीधे अपने आवास के लिए रवाना हुईं। वहीं, डिंपल, धर्मेंद्र यादव सहित यादव परिवार के कई सदस्य भी वहां मौजूद रहे।

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अंतिम दर्शन के लिए नेताओं का तांता

प्रतीक यादव के निधन के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएल पुनिया (कांग्रेस नेता) भाजपा सांसद साक्षी महाराज और प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह (परिवहन मंत्री) भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं लखनऊ की सुषमा खर्कवाल (महापौर, लखनऊ) ने भी परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रतीक यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

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जिम और फिटनेस का था काफी शौक

प्रतीक यादव ने हमेशा सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी। हालांकि, वह अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल, फिटनेस प्रेम और सामाजिक गतिविधियों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते थे। बताया जाता है कि उन्हें जिम और फिटनेस का काफी शौक था। सोशल मीडिया पर भी उनकी अलग पहचान थी। उनकी पत्नी अपर्णा यादव राजनीति में सक्रिय रहीं, लेकिन कई मौकों पर यह चर्चा होती रही कि प्रतीक खुद राजनीति से दूर रहना पसंद करते थे।

परिवार और समर्थकों में शोक की लहर

प्रतीक यादव के निधन ( Prateek Yadav Death ) की खबर के बाद उनके आवास पर समर्थकों और शुभचिंतकों का जमावड़ा लग गया। यादव परिवार के करीबी लोग लगातार पहुंच रहे हैं। परिवार के लिए यह एक बड़ा व्यक्तिगत और भावनात्मक नुकसान माना जा रहा है।

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UP Election 2027: चुनाव से पहले अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान… 300 यूनिट फ्री बिजली और महिलाओं को ₹40,000 पेंशन का वादा

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए बिसात बिछनी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बड़े चुनावी वादों की झड़ी लगा दी है।

बिजली और पेंशन पर बड़ा ऐलान

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव (UP Election 2027) से पहले बड़ा चुनावी दांव खेलते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर 2027 में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी।

इसके अलावा, महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने वादा किया कि महिलाओं को सालाना 40,000 रुपये की पेंशन दी जाएगी। उन्होंने पीडीए (PDA) के माध्यम से समाज के हर वर्ग को एक मंच पर लाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
स्मार्ट मीटर को बताया ‘ठगी का मीटर’

स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि जनता का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर की तेज रीडिंग बीजेपी के भ्रष्टाचार का नतीजा है। अखिलेश यादव ने तीखा तंज कसते हुए कहा, “जैसे ईवीएम में हेराफेरी होती है, वैसे ही बीजेपी के बिजली मीटर भी जनता की जेब काट रहे हैं।”

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2027 में बीजेपी मुक्त यूपी का लक्ष्य

कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी की जनविरोधी नीतियों, खाद की कमी और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से जनता त्रस्त है। उन्होंने आह्वान किया कि आपसी तालमेल से UP Election 2027 में ऐसी मेहनत करें कि बीजेपी एक-एक सीट के लिए तरस जाए। उन्होंने दावा किया कि महंगा सिलेंडर और बिजली के भारी भरकम बिल ही बीजेपी का सत्ता से कनेक्शन काट देंगे।

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वृंदावन नाव हादसा: यमुना में नाव पलटने से 10 की मौत, पीएम मोदी और सीएम योगी ने जताया शोक

वृंदावन नाव हादसा : उत्तर प्रदेश के वृंदावन में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।

यह हादसा उस समय हुआ जब पंजाब के लुधियाना से करीब 132 श्रद्धालुओं का एक समूह वृंदावन दर्शन के लिए आया हुआ था। सभी श्रद्धालु नाव के जरिए यमुना नदी पार कर रहे थे, तभी अचानक तेज हवाओं और असंतुलन के कारण नाव हादसे का शिकार हो गई।

पीएम मोदी ने किया आर्थिक सहायता देने का ऐलान 

आपको बता दें कि कान्हा की नगरी वृंदावन में शुक्रवार को एक बड़ा और हृदयविदारक हादसा हो गया। यहां केसी घाट के पास यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी एक नाव असंतुलित होकर पलट गई। इस दुखद घटना में 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से बचा लिया गया है।

पीएम मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।

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सीएम योगी ने बचाव कार्य तेज करने के दिए निर्देश 

वहीं, इस घटना पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और मृतकों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।

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कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नदी के बीच में पहुंचने के बाद नाव तेज हवाओं की वजह से डगमगाने लगी और एक तैरते हुए पोंटून (पीपा पुल के हिस्से) से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नाव पलट गई और उसमें सवार लोग पानी में गिर गए।

बताया जा रहा है कि हाल ही में बढ़ते जलस्तर के कारण पीपा पुल को हटाया गया था, लेकिन कुछ पोंटून नदी में ही रह गए थे। इन्हीं में से एक से टकराने के कारण यह हादसा हुआ।

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घायलों को नजदीकी अस्पतालों में कराया गया भर्ती 

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

मथुरा के जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं की सूची का मिलान किया जा रहा है और कुछ लोग अब भी लापता हो सकते हैं। मृतकों के शवों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जा रही है।

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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

वृंदावन नाव हादसा सोशल मीडिया पर इस घटना का एक विचलित करने वाला वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करते दिख रहे हैं और स्थानीय मल्लाह उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं। Read More वृंदावन नाव हादसा: यमुना में नाव पलटने से 10 की मौत, पीएम मोदी और सीएम योगी ने जताया शोक

Kanpur: बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलें, डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने किया स्थलीय निरीक्षण, दिए सर्वे के आदेश

रिपोर्ट: सत्यम गोस्वामी

Kanpur: कानपुर में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। फसलों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने तहसील सदर के सचेंडी और सोना गांव के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर खेतों का स्थलीय निरीक्षण किया और नुकसान का जायजा लिया।

बेमौसम बारिश ने गेहूं की फसल को किया बर्बाद, किसानों में मायूसी
बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलें
खेतों में पहुंचकर डीएम ने जाना किसानों का दर्द

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को तत्काल सर्वे कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सीधे खेतों में जाकर फसल क्षति की स्थिति को देखा। इस दौरान उन्होंने प्रभावित किसानों से बातचीत की और बारिश से बर्बाद हुई फसलों का हाल जाना। किसानों ने बताया कि बारिश के कारण तैयार खड़ी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की व्यथा सुनने के बाद जिलाधिकारी ने उन्हें उचित मुआवजे का आश्वासन दिया।

DM strict on the plight of Samsi lake of Kanpur

गाटा-वार सर्वे के लिए लेखपालों को दी कड़ी चेतावनी

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के हर प्रभावित गांव में तत्काल प्रभाव से सर्वे शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे का काम ‘गाटा-वार’ और ‘क्षेत्र-वार’ होना चाहिए ताकि एक भी प्रभावित किसान मुआवजे से वंचित न रहे। डीएम ने उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे लेखपालों द्वारा किए जा रहे सर्वेक्षण कार्य की स्वयं निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि रिपोर्ट में कोई त्रुटि न हो।

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समयबद्ध रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि फसल क्षति का आकलन समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तैयार की गई आकलन रिपोर्ट को तत्काल शासन के पास भेजा जाएगा, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर क्षतिपूर्ति (मुआवजा) का भुगतान किया जा सके।


जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि फसल सर्वे के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरी संवेदनशीलता के साथ किसानों की मदद सुनिश्चित करें ताकि उन्हें जल्द से जल्द राहत मिल सके। Read More Kanpur: बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलें, डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने किया स्थलीय निरीक्षण, दिए सर्वे के आदेश

Israel-Iran War: खामेनेई की हत्या, लखनऊ की सड़कों पर उतरा शिया समुदाय, तीन दिन के शोक का किया ऐलान

Israel-Iran War – राजधानी लखनऊ में ईरान के सुप्रीम लीडर नेता अयातुल्ला अली खामेनेई  (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत की खबर के बाद शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। रविवार सुबह छोटे इमामबाड़े के पास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। कई लोग रोते-बिलखते नजर आए, जबकि महिलाओं ने भी शोक जताते हुए नारेबाजी में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने इस्राइल और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि खामेनेई की हत्या धोखे से की गई है। वहीं कई धार्मिक नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की।

लखनऊ विरोध प्रदर्शन
लखनऊ विरोध प्रदर्शन
भारत के कई हिस्सों में तनाव और गम का माहौल

आपको बता दें कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इस्राइल और अमेरिका के हमलों (Israel-Iran War) में हुई मौत के बाद भारत के कई हिस्सों में तनाव और गम का माहौल है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित देश के विभिन्न शहरों में शिया मुस्लिम समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए हैं और इस हमले के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज करा रहे हैं। रविवार सुबह से ही लखनऊ के छोटे और बड़े इमामबाड़े के पास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल है।

ये भी देखें – https://www.youtube.com/watch?v=T2zc4iurPfg

लखनऊ की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन
स्वतंत्र देश पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ

प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि किसी भी स्वतंत्र देश पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि खामेनेई को दुनिया भर के मुसलमानों का नेता माना जाता था।

मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने तीन दिन के शोक का ऐलान करते हुए समुदाय से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करें। रविवार रात 8 बजे छोटे इमामबाड़े में शोकसभा और उसके बाद कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की गई। देशभर के शिया समुदाय से भी इसी समय शोकसभाएं आयोजित करने की अपील की गई है।

लखनऊ की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन
लखनऊ की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन
इमामबाड़े और बाजार बंद

शोक के चलते बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा और पिक्चर गैलरी को तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया है। पर्यटकों को बाहर से ही लौटना पड़ा। छोटे इमामबाड़े के आसपास की दुकानों पर भी ताले लगे रहे और इलाके में सन्नाटा पसरा रहा।

अंतरराष्ट्रीय हालात पर जताई चिंता 

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने खामेनेई को एक मजबूत नेता बताते हुए कहा कि दुनिया ने एक प्रभावशाली शख्सियत को खो दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हालात पर चिंता जताई। फिलहाल, प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। Read More Israel-Iran War: खामेनेई की हत्या, लखनऊ की सड़कों पर उतरा शिया समुदाय, तीन दिन के शोक का किया ऐलान

विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी हलचल तेज, अखिलेश यादव की मौजूदगी में नसीमुद्दीन सिद्दीकी सपा में हुए शामिल

UP Politics: राजधानी लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी मुख्यालय में क बड़ा राजनीतिक हेर-फेर देखने को मिला। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए आज उनकी सदस्यता की आधिकारिक घोषणा की गई। इस मौके पर तीन महिला नेत्रियों समेत कुल सात नेताओं ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण की है।

विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दल-बदल का दौर शुरू हो चुका है और इसी कड़ी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चर्चित मुस्लिम चेहरे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। सपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें माला पहनाकर औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कराया। इस दौरान उन्हें स्मृति चिह्न और अहिल्याबाई की तस्वीर भेंट कर स्वागत किया गया।

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Naseemuddin Siddiqui joins SP
Naseemuddin Siddiqui joins SP
बसपा के बाद अब सपा में नई पारी

नसीमुद्दीन सिद्दीकी इससे पहले Bahujan Samaj Party सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनका मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है। हाल ही में उन्होंने कांग्रेस छोड़ी थी, जिसके बाद उनके अगले कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे थे।

सपा में शामिल होते ही उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव से उनके पुराने रिश्ते हैं और वे उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

सपा की नीतियों की सराहना

सदस्यता ग्रहण करने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सपा सरकार के कार्यकाल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ता और छात्रों को लैपटॉप वितरण जैसी योजनाएं ऐतिहासिक कदम थीं। युवाओं को रोजगार देने का श्रेय भी उन्होंने सपा सरकार को दिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने शेरो-शायरी के जरिए कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की और “जय समाजवाद” के नारे के साथ अपनी बात समाप्त की।

अखिलेश यादव के सियासी तंज

इस अवसर पर अखिलेश यादव ने भी राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “आज हमारे पास फूल आ गए हैं, तो किसी का फूल मुरझाता जा रहा है।” इस दौरान उन्होंने कुछ नेताओं की भाषा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब वे बोलते हैं तो विवाद खड़ा हो जाता है। साथ ही, उन्होंने “सीएम” का नया अर्थ बताते हुए राजनीतिक कटाक्ष किया और प्रदेश व केंद्र सरकार पर भी टिप्पणी की।

सपा को मिला मजबूत मुस्लिम चेहरा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी के शामिल होने से सपा को एक प्रभावशाली मुस्लिम चेहरा मिला है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी पकड़ को देखते हुए आगामी चुनावी समीकरणों पर इसका असर पड़ सकता है।

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Parliament Budget Session 2026: लोकसभा में हंगामा जारी, कार्यवाही बार-बार स्थगित, राज्यसभा में बहस जारी

Parliament Budget Session 2026 – संसद के बजट सत्र का आज 10वां दिन भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी टकराव की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। लोकसभा से आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वक्तव्य को कथित तौर पर रिकॉर्ड से हटाए जाने के मुद्दे पर गतिरोध बरकरार है। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही आज भी दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई, जबकि राज्यसभा में शोरगुल के बीच कार्यवाही जारी है।

लोकसभा में स्थगन, विपक्ष का विरोध जारी

आपको बता दें कि सुबह 11 बजे शुरू हुई लोकसभा की कार्यवाही (Parliament Budget Session 2026) विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण बाधित रही। विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला को कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस सौंपते हुए महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग की। कांग्रेस समेत कई दलों का कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन नहीं कर रही और विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विपक्षी सांसद स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर भी विचार कर रहे हैं। हालांकि, इससे पहले 9 फरवरी को सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि ऐसा प्रस्ताव बजट सत्र के दूसरे चरण में लाया जा सकता है।

Parliament Budget Session 2026
Parliament Budget Session 2026
भाजपा महिला सांसदों की शिकायत

इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के व्यवहार पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 4 फरवरी को लोकसभा में विपक्षी सांसदों के आचरण से भाजपा के सांसद, विशेषकर महिला सांसद, काफी नाराज थीं। रिजिजू के अनुसार, भाजपा की महिला सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री की सीट के घेराव और सदन के वेल में घुसकर प्रदर्शन करने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि शारीरिक टकराव की नौबत आ सकती थी, लेकिन भाजपा सांसदों ने संयम बरता।

Parliament Budget Session 2026
राज्यसभा में बजट पर चर्चा

राज्यसभा में हालांकि हंगामे के बावजूद कामकाज जारी है। संभावना जताई जा रही है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज बजट 2026 पर हुई चर्चा का जवाब देंगी। वहीं, लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा की मांग उठाई है।

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Parliament Budget Session 2026

बजट चर्चा पर अनिश्चितता

लोकसभा में आज (Parliament Budget Session 2026) पर चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन लगातार हो रहे हंगामे के कारण इस पर संशय बना हुआ है। सोमवार को भी प्रश्नकाल बाधित रहा और अंततः दोपहर बाद पूरे दिन के लिए सदन स्थगित करना पड़ा था। स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की थी, लेकिन फिलहाल गतिरोध टूटता नजर नहीं आ रहा। Read More Parliament Budget Session 2026: लोकसभा में हंगामा जारी, कार्यवाही बार-बार स्थगित, राज्यसभा में बहस जारी

UP Budget 2026: यूपी बजट सत्र का हंगामेदार आगाज़, सदन में गूंजे ‘गो-बैक’ के नारे…

UP Budget 2026 – उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन बड़ी हलचल वाला रहा। यूपी विधानसभा का बजट सत्र (UP Budget 2026) आज से शुरू हो गया है, लेकिन उम्मीद के मुताबिक सत्र की शुरुआत शांतिपूर्ण नहीं रही। जैसे ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपना भाषण शुरू किया, विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। आखिर सदन के अंदर और बाहर आज क्या-क्या हुआ, आइए देखते हैं इस रिपोर्ट में।”

बजट सत्र का हंगामेदार आगाज़ 

आपको बता दें कि यूपी विधानसभा के बजट सत्र (UP Budget 2026) का आगाज़ काफी हंगामेदार रहा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सदन में पहुंचते ही विपक्षी दलों ने ‘गो-बैक’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। विपक्ष के इस भारी शोर-शराबे की वजह से सदन के भीतर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है और यहां हंगामा करना शोभा नहीं देता। उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि अगर उनके पास कोई जनता से जुड़ा मुद्दा है, तो वे शोर मचाने के बजाय उस पर चर्चा करें।

UP Budget 2026
रिपोर्ट में यूपी की तरक्की का पूरा ब्योरा

यही नहीं, मुख्यमंत्री ने आज एक ऐतिहासिक घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि राज्यपाल के भाषण के बाद सरकार पहली बार राज्य का ‘इकोनॉमिक सर्वे’ यानी आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने जा रही है। इस रिपोर्ट में यूपी की तरक्की का पूरा ब्योरा होगा। सीएम योगी का दावा है कि उनकी सरकार ने यूपी को पिछड़ेपन से निकालकर एक मजबूत अर्थव्यवस्था बना दिया है।

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UP Budget 2026
इकोनॉमिक सर्वे ही बजट चर्चा की बुनियाद

योगी आदित्यनाथ ने जोर देते हुए कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि सरकार ने उनके लिए क्या काम किया है। अब यह इकोनॉमिक सर्वे ही बजट चर्चा की बुनियाद बनेगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विपक्ष चर्चा में हिस्सा लेगा या फिर यह सत्र भी सिर्फ हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा?”

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Magh Mela 2026: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मनाने में जुटा प्रयागराज प्रशासन, माफी और प्रोटोकॉल पर बनी सहमति के संकेत

Magh Mela- ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद को शांत करने के लिए प्रयागराज जिला प्रशासन अब बैकफुट पर नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम में हुई अपनी चूक को स्वीकार करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को भी तैयार हो गया है। मामले को सुलझाने के लिए लखनऊ से शासन के दो वरिष्ठ अधिकारी मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं।

शंकराचार्य ने रखी दो स्पष्ट शर्तें

बता दें कि इस पूरे प्रकरण पर प्रशासन की कोशिशों के बावजूद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी वापसी को लेकर दो स्पष्ट शर्तें रखी हैं। पहली शर्त यह है कि जिन अधिकारियों द्वारा दुर्व्यवहार किया गया, वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। दूसरी शर्त के तहत संगम स्नान के दौरान चारों शंकराचार्यों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल को पूरी तरह लागू किया जाए।

शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी योगीराज सरकार ने पुष्टि की है कि शासन स्तर से संपर्क किया गया है और अधिकारी वाराणसी पहुंचने वाले हैं। उन्होंने कहा कि अब फैसला पूरी तरह प्रशासन के रवैये पर निर्भर करेगा।

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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
मौनी अमावस्या की घटना के बाद शुरू हुआ विवाद

इस विवाद की शुरुआत 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन हुई थी। संगम नोज तक पालकी ले जाने को लेकर शंकराचार्य के शिष्यों और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हो गई थी। प्रशासन ने बैरिकेडिंग तोड़ने का आरोप लगाया, जबकि शंकराचार्य पक्ष का कहना था कि उनके शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। घटना से आहत होकर शंकराचार्य पिछले 12 दिनों तक अपने शिविर में धरने पर बैठे रहे और बाद में नाराजगी जताते हुए माघ मेला छोड़कर वाराणसी चले गए थे।

माघी पूर्णिमा से पहले समाधान की कोशिश

शंकराचार्य का अचानक मेला छोड़ना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया। माघी पूर्णिमा का प्रमुख स्नान निकट होने के कारण सरकार किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहती। अधिकारियों का कहना है कि शंकराचार्य को पूरे सम्मान के साथ वापस लाया जाएगा और प्रोटोकॉल के अनुसार ही संगम स्नान कराया जाएगा। Read More Magh Mela 2026: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मनाने में जुटा प्रयागराज प्रशासन, माफी और प्रोटोकॉल पर बनी सहमति के संकेत

UP Cabinet Meeting: शिक्षकों को बड़ी राहत, अब मिलेगा कैशलेस इलाज, कैबिनेट बैठक में लगी कई अहम फैसलों पर मुहर

UP Cabinet Meeting- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक (UP Cabinet Meeting) में राज्य सरकार ने शिक्षकों और शिक्षा कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। कैबिनेट ने प्रदेश के करीब 11.92 लाख शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह सुविधा राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लागू की जाएगी।

UP Cabinet Meeting
UP Cabinet Meeting
माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी लाभ

बता दें कि कैबिनेट बैठक (UP Cabinet Meeting) में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 2.97 लाख से अधिक कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मंजूरी दी गई। इस पर सरकार को 89.25 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। हालांकि, जो कर्मचारी पहले से किसी सरकारी स्वास्थ्य योजना से आच्छादित हैं, उन्हें इसका अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते वर्ष 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) के अवसर पर शिक्षकों को कैशलेस इलाज देने की घोषणा की थी, जिसे अब कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है।

इस फैसले से शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया समेत शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कार्मिक लाभान्वित होंगे। योजना के क्रियान्वयन पर सरकार को करीब 358.61 करोड़ रुपये का व्यय भार आएगा।

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Big relief for teachers
Big relief for teachers
कैबिनेट में 30 प्रस्ताव पास

बैठक (UP Cabinet Meeting) में कुल 32 प्रस्तावों में से 30 को मंजूरी दी गई, जबकि 14वें और 17वें प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया गया। इलके साथ ही कई अन्य प्रमुख फैसले पर भी मुहर लगाई गई, जिनमें शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को स्वीकृति मिली, भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की प्रक्रिया सरल होगी। बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना की जाएगी। विकास शुल्क के संशोधित दरें लागू होंगी।

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Cashless Treatment
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आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास

कैबिनेट (UP Cabinet Meeting) ने आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को भी मंजूरी दी। बहराइच के परतापुर समेत अन्य गांवों में प्रभावित परिवारों को भूमि पट्टा और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए जाएंगे। कुल 136 परिवारों को पुनर्वास का लाभ मिलेगा, साथ ही खेती के लिए भी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

CM फेलो को प्रतियोगी परीक्षाओं में राहत

सरकार ने सीएम फेलो को यूपीपीएससी और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में अधिकतम तीन वर्ष की आयु सीमा छूट और अतिरिक्त अंक देने का फैसला किया है। सेवा अवधि के आधार पर मुख्य परीक्षा में अधिमान अंक भी मिलेंगे। इससे युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर बढ़ेगा।

तीन वर्ष की वकालत का अनुभव अनिवार्य

कैबिनेट ने पीसीएस (न्यायिक) भर्ती नियमों में संशोधन करते हुए अब तीन वर्ष की वकालत का अनुभव अनिवार्य कर दिया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की संस्तुति के आधार पर लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे न्यायिक सेवा की भर्ती प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व मजबूत होगी। Read More UP Cabinet Meeting: शिक्षकों को बड़ी राहत, अब मिलेगा कैशलेस इलाज, कैबिनेट बैठक में लगी कई अहम फैसलों पर मुहर