Indian Defense Deal 2026: रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने ₹2.38 लाख करोड़ के प्रस्तावों को दी मंजूरी, जानें कैसे बदलेगी सेना की ताकत…

Indian Defense Deal 2026: वैश्विक अनिश्चितताओं और सीमाओं पर बढ़ती चुनौतियों के बीच भारत ने अपनी सैन्य शक्ति को अभूतपूर्व स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने 2.38 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को स्वीकृति दे दी है।

रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम

आपको बता दें कि भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में आज शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में लगभग 2.38 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों (Indian Defense Deal 2026) को आवश्यकता स्वीकृति (AoN) दी गई है। यह निर्णय देश की सैन्य ताकत को आधुनिक बनाने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की तैयारी का हिस्सा है। यह फैसला न केवल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को मजबूत करता है, बल्कि थल सेना, वायु सेना और तटरक्षक बल की मारक क्षमता को भी कई गुना बढ़ा देगा।

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रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक
थल सेना- ‘धनुष’ की गूंज और अभेद्य सुरक्षा तंत्र

भारतीय सेना को और अधिक घातक बनाने के लिए कई अत्याधुनिक प्रणालियों को मंजूरी मिली है जिनमें –

धनुष तोप प्रणाली (Dhanush Artillery): इसे ‘देसी बोफोर्स’ भी कहा जाता है। यह 155mm x 45 कैलिबर की आर्टिलरी गन है। ₹2.38 लाख करोड़ के इस पैकेज में इसकी बड़ी खेप शामिल है, जो ऊबड़-खाबड़ और पहाड़ी इलाकों में दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने में सक्षम है।

वायु रक्षा ट्रैक प्रणाली (Air Defense Track System): आधुनिक युद्ध में ड्रोन और क्रूज मिसाइलों का खतरा बढ़ गया है। यह प्रणाली चलते-फिरते (On the move) हवाई खतरों को ट्रैक करेगी और उन्हें नष्ट करने के लिए रियल-टाइम डेटा प्रदान करेगी।

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AMRED Piercing Tank Ammunition: यह विशेष गोला-बारूद दुश्मन के सबसे मजबूत ‘एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर’ (ERA) वाले टैंकों की ढाल को भी भेदने की क्षमता रखता है।

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वायु सेना- S-400 और स्वदेशी ताकत का विस्तार

आसमान में भारत की बादशाहत बरकरार रखने के लिए (Indian Defense Deal 2026)  वायु सेना के लिए बड़े निवेश की घोषणा की गई है:

S-400 मिसाइल प्रणाली: दुश्मन के लंबी दूरी के हवाई हमलों को विफल करने के लिए इस सिस्टम को और मजबूती दी जा रही है।

मध्यम परिवहन विमान: पुराने AN32 और IL76 बेड़े की जगह अब नए मध्यम परिवहन विमान लेंगे, जिससे रसद और सैन्य परिवहन आसान होगा।

रिमोटली पायलेटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट: ये ड्रोन न केवल खुफिया जानकारी जुटाएंगे, बल्कि जरूरत पड़ने पर सटीक स्ट्राइक भी कर सकेंगे।

Su-30 एयरो इंजन नवीनीकरण: सुखोई विमानों की उम्र और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए इंजनों के नवीनीकरण को मंजूरी दी गई है।

तटरक्षक बल: समुद्री सीमाओं की सुरक्षा

Indian Defense Deal 2026 के अन्तर्गत भारतीय तटरक्षक बल को हेवी ड्यूटी एयर कुशन व्हीकल्स (होवरक्राफ्ट) से लैस किया जाएगा। ये वाहन उच्च गति से गश्त करने, खोज और बचाव अभियान चलाने और तटीय क्षेत्रों में रसद पहुंचाने में अत्यधिक कुशल होंगे।

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रक्षा इतिहास में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड

वित्त वर्ष 2025-26 भारत के रक्षा इतिहास में मील का पत्थर साबित हो रहा है। अब तक ₹6.73 लाख करोड़ के कुल 55 प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है और ₹2.28 लाख करोड़ के 503 पूंजीगत खरीद अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह किसी भी एक वित्तीय वर्ष में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

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आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा

भारत का यह बड़ा रक्षा निवेश भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। Indian Defense Deal 2026 के इन प्रस्तावों का मुख्य उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देना है। “मेक इन इंडिया” पहल के तहत भारत अपनी सैन्य जरूरतों के लिए विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।