America-European Union Tariff War: अमेरिका-यूरोपीय संघ टैरिफ जंग के बीच भारत को मिला नया साझेदार, FTA से निर्यात को मिलेगी रफ्तार

America-European Union Tariff War – अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव में अब एक उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। टैरिफ वॉर के बीच भारत को यूरोपीय संघ का समर्थन मिला है, जिससे भारत को बड़ा फायदा मिल सकता है।

भारत के लिए एक बड़ा अवसर

दरअसल बदलते व्यापारिक समीकरणों के बीच भारत के लिए एक बड़ा अवसर उभरता नजर आ रहा है। अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव, खासतौर पर आयात शुल्क को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता, भारत के लिए रणनीतिक लाभ का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत – यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अंतिम रूप ले लेता है, तो भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी टैरिफ से होने वाले संभावित नुकसान से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

ये भी देखें – Today Breaking News ! आज 21 जनवरी 2026 के मुख्य समाचार बड़ी खबरें | TOP 25 | BE NEWS

मोदी सरकार के 8 सालों में कितनी बदल गई भारत की विदेश नीति, पंडित नेहरू ...

भारत के लिए हो सकता बड़ा झटका 

हालिया विश्लेषण के मुताबिक भारत अमेरिका को हर साल करीब 79.4 अरब डॉलर का निर्यात करता है। यदि अमेरिका की ओर से भारतीय उत्पादों पर सख्त टैरिफ लगाए जाते हैं, तो यह भारत के लिए बड़ा झटका हो सकता है। हालांकि, इसी चुनौती के बीच एक मजबूत विकल्प भी सामने है। अनुमान है कि भारत अपने अमेरिकी निर्यात का लगभग 84% हिस्सा, यानी करीब 67.2 अरब डॉलर मूल्य का सामान, यूरोपीय बाजारों की ओर मोड़ सकता है, बशर्ते यूरोपीय संघ के साथ FTA लागू हो जाए।

ये भी देखें – UP Election 2027: PM किसे बनाना चाहती है Gen Z ? | CM Yogi | PM Modi | Akhilesh Yadav | BE News

भारत को यूरोपीय संघ का समर्थन
वैश्विक व्यापार माहौल में बढ़ा तनाव 

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद यूरोपीय देशों पर आयात शुल्क लगाने की घोषणाओं ने वैश्विक व्यापार माहौल में तनाव बढ़ा दिया है। इसी पृष्ठभूमि में भारत और EU के बीच लंबे समय से लंबित व्यापार समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सुरक्षा कवच साबित हो सकता है। यह समझौता न केवल टैरिफ से होने वाले नुकसान को कम करेगा, बल्कि भारतीय उत्पादों को यूरोप में अधिक प्रतिस्पर्धी भी बनाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि EU बाजार में भारत के लिए टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो कंपोनेंट्स और आईटी सेवाओं जैसी कई श्रेणियों में बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। इसके अलावा, निर्यात का विविधीकरण भारत को किसी एक देश या बाजार पर अत्यधिक निर्भरता से भी बचाएगा।

व्यापारिक रणनीति को नए सिरे से गढ़ने का मौका

कुल मिलाकर, ‘टैरिफ वॉर’ के इस दौर में भारत के पास अपनी व्यापारिक रणनीति को नए सिरे से गढ़ने का मौका है। यदि भारत–EU FTA समय पर और अनुकूल शर्तों के साथ लागू होता है, तो यह न सिर्फ अमेरिकी टैरिफ के असर को संतुलित करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक व्यापार मानचित्र पर एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदार के रूप में भी स्थापित करेगा। Read More America-European Union Tariff War: अमेरिका-यूरोपीय संघ टैरिफ जंग के बीच भारत को मिला नया साझेदार, FTA से निर्यात को मिलेगी रफ्तार

Sunita Williams Retires: 9 महीने अंतरिक्ष में फंसी रहीं सुनीता विलियम्स…अब नासा को कह दिया अलविदा!

BE NEWS – अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने नासा से रिटायर ले लिया है। 27 साल के शानदार करियर के बाद वो भारत वापस आ गई है। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित में एक कार्यक्रम में युवाओं के साथ अपने अनुभव को साझा किया।

60 वर्ष पूरे करने पर अंतरिक्ष एजेंसी को कहा अलविदा 

आपको बता दें कि भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने 27 साल की शानदार सेवा के बाद नासा से रिटायरमेंट ले लिया है। 60 वर्ष पूरे करने पर उन्होंने अंतरिक्ष एजेंसी को अलविदा कहा और इस खास मौके पर भारत दौरे पर पहुंचीं। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं से संवाद किया और दिवंगत भारतीय अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के परिवार से मुलाकात कर भावुक क्षण साझा किए।

नासा ने बता दिया कब होगी सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर की अंतरिक्ष से ...

भारत आना घर लौटने जैसा है- सुनीता विलियम्स

दिल्ली स्थित अमेरिकन सेंटर में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन की शुरुआत करते हुए सुनीता विलियम्स ने कहा कि भारत आना उनके लिए घर लौटने जैसा अनुभव है। उन्होंने बताया कि उनके पिता का जन्म भारत में हुआ था, इसलिए भारतीय संस्कृति से उनका गहरा जुड़ाव है। नीले रंग के स्पेस सूट और स्पेस-थीम जूतों में मंच पर पहुंचीं सुनीता का युवाओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

अंतरिक्ष में 9 महीने, यादों से भरा सफर

कार्यक्रम के दौरान सुनीता ने अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण अनुभवों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि बोइंग के  कैप्सूल टेस्ट फ्लाइट मिशन जो सिर्फ 8 दिनों का था, तकनीकी कारणों से 9 महीनों से ज्यादा लंबा हो गया। बोइंग के अंतरिक्ष यान में आई खराबी के चलते उन्हें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में रुकना पड़ा।

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने NASA से लिया रिटायरमेंट, 27 साल तक ...

‘स्पेस रेस’ प्रतिस्पर्धा नहीं, सहयोग की दौड़

जब उनसे मौजूदा वैश्विक ‘स्पेस रेस’ पर सवाल पूछा गया, तो सुनीता विलियम्स ने बेहद संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आज अंतरिक्ष में जरूर एक दौड़ चल रही है, लेकिन यह जीतने की नहीं, बल्कि टिकाऊ और सुरक्षित तरीके से चांद पर वापसी सुनिश्चित करने की दौड़ है। उन्होंने चांद की तुलना अंटार्कटिका से करते हुए कहा कि जैसे वहां सभी देश मिलकर काम करते हैं, वैसे ही चांद पर भी सहयोग ही रास्ता है।

सुनीता विलियम्स को मिलेगा 9 महीने के स्पेस ओवरटाइम का पैसा? जानिए पूर्व ...

भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की भी सराहना

सुनीता विलियम्स ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि आर्टेमिस अकॉर्ड्स के तहत भारत समेत कई देश चांद मिशन में साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने भारत के लक्ष्यों का ज़िक्र करते हुए कहा कि,

  1. 2035 तक भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की योजना पर काम कर रहा है
  2. 2040 तक भारतीय को चांद पर भेजने का लक्ष्य रखा गया है

उन्होंने निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी को भी सकारात्मक बताया और कहा कि इससे युवाओं के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र में नई नौकरियां और तकनीकी अवसर पैदा हो रहे हैं, चाहे वह रॉकेट टेक्नोलॉजी हो, सैटेलाइट, 3डी प्रिंटिंग या नई इनोवेशन।

ऊपर से देखने पर कोई सीमा नहीं

कार्यक्रम के आखिर में सुनीता विलियम्स ने एक गहरी बात साझा की। उन्होंने कहा कि जब कोई अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखता है, तो सोच बदल जाती है। “ऊपर से देखने पर कोई सीमा नहीं दिखती। तब समझ आता है कि हम सब एक हैं और आपसी झगड़े कितने बेकार हैं”। Read More Sunita Williams Retires: 9 महीने अंतरिक्ष में फंसी रहीं सुनीता विलियम्स…अब नासा को कह दिया अलविदा!

Train Accident In spain: स्पेन में दो ट्रेनों की टक्कर से हुआ दर्दनाक हादसा, 21 लोगों की मौत, दर्जनों घायल

BE NEWS – दक्षिणी स्पेन में दो ट्रेन की टक्कर होने दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में 21 लोगों की मौत होने की खबर है, वहीं 70 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे है। बचाव दल मौके पर मौजूद है, घायलों को बाहर निकाला जा रहा है।

जोरदार भिंडत होने से भयानक हादसा

आपको बता दें कि दक्षिणी स्पेन के कॉर्डोबा प्रांत के पास दो ट्रेनों की आपस में जोरदार भिंडत होने से भयानक हादसा हो गया, जिसमें 21 लोगों का मौत होने की खबर है और 73 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। मिली जानकारी के अनुसार मलागा से मैड्रिड जा रही ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण सामने से आ रही दूसरी ट्रेन से टकरा गई जिस कारण ये बड़ा हादसा हो गया। दोनों ही ट्रेन में करीब 500 ये अधिक यात्री सवार बताये जा रहे है।

स्पेन में भीषण रेल हादसा: दो ट्रेनों की आमने-सामने की भिड़ंत में 21 की ...

राहत और बचाव दल मौके पर

इस हादसे की सूचना पाकर राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गया है और लोगों का रेस्कयू  कर बाहर निकाला जा रहा है। हालांकि दूर- दराज का इलाका होने की वजह से राहत कार्य में काफी कठिनाई आ रही है। इस हादसे को लेकर किंग फेलिल छठे और महारानी लेतिजिया ने दुख जाहिर किया है। स्पेन के अंदालुसिया प्रांत के रिजनल हेल्थ मिनिस्टर एंटिनियों सांज हादसे वाली जगह पंहुच गए है।

मृतकों की संख्या में हो सकता है इजाफा 

अंदालुसिया के हेल्थ मिनिस्टर मंत्री एंटोनियो सांज खुद घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की। उन्होंने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। मंत्री के अनुसार, 73 घायलों को आसपास के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और कई की हालत गंभीर बनी हुई है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही कई यात्रियों की जान चली गई।

ये भी देखें – टोल प्लाज़ा पर वकील की जमकर पिटाई ! जानें क्या है पूरा मामला? BE NEWS

स्पेन में हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर, 21 की मौत, 30 की हालत गंभीर

दूरस्थ इलाके में राहत कार्य चुनौतीपूर्ण

हादसा एक दूर-दराज क्षेत्र में हुआ, जिससे राहत टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ऐसे में स्थानीय लोग सबसे पहले मदद के लिए आगे आए और घायलों को कंबल, पानी और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई।

यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष ने व्यक्त किया शोक 

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सूला वॉन डेर लेयेन ने भी इस त्रासदी पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि, “वह इस दुखद घटना पर नजर रखे हुए हैं और पीड़ितों के साथ संवेदना व्यक्त करती हैं।”

हादसे के बाद एहतियातन अंदालुसिया और मैड्रिड के बीच सोमवार को ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। Read More Train Accident In spain: स्पेन में दो ट्रेनों की टक्कर से हुआ दर्दनाक हादसा, 21 लोगों की मौत, दर्जनों घायल

Burqa controversy: लंदन मेयर उम्मीदवार ने बुर्का पहनने वाली महिलाओं पर की स्टॉप-एंड-सर्च जांच की मांग, मुस्लिम संगठनों में भारी आक्रोश

BE NEWS – रिफार्म युके की लंदन मेयर उम्मीदवार लैला कनिंघम के बुर्के पर दिए गये एक बयान पर बवाल छिड़ गया है। जिसके बाद मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। उन्होंने उनके इस बयान को विभाजनकारी बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है।

मुस्लिम समुदाय और राजनीतिक हलकों में हलचल

आपको बता दें कि ब्रिटेन की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें रिफॉर्म यूके पार्टी की लंदन मेयर पद की उम्मीदवार लैला कनिंघम के बयान ने मुस्लिम समुदाय और राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। कनिंघम ने सार्वजनिक रूप से बुर्का पहनने वाली महिलाओं पर स्टॉप-एंड-सर्च जांच की मांग की है।

कनिंघम, जो मिस्र मूल की ब्रिटिश मुस्लिम हैं और पहले क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस में काम कर चुकी हैं, ने हाल ही में 2028 के लंदन मेयर चुनाव के लिए उम्मीदवार बनने के बाद यह विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि, “एक खुले समाज में किसी को भी अपना चेहरा नहीं ढकना चाहिए। यदि कोई चेहरा छुपा रहा है, तो इसे आपराधिक इरादों से जोड़ा जा सकता है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि लंदन के कुछ इलाकों में सांस्कृतिक विविधता अधिक हो गई है और वहां ऐसा महसूस होता है कि यह “एक मुस्लिम शहर” है।

रिफॉर्म UK की उम्मीदवार लैला कनिंघम के बुर्के वाले बयान पर बवाल, स्टॉप ...

मुस्लिम समुदाय में आक्रोश

कनिंघम के इस बयान के बाद मुस्लिम संगठनों और नेताओं ने कड़ी आलोचना की है। मुस्लिम विमेन नेटवर्क यूके की चीफ एग्जीक्यूटिव शैस्ता गोहिर ने इसे नफरत भड़काने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं को अलग-थलग कर सकता है और समाज में द्वेषपूर्ण माहौल पैदा कर सकता है।

गोहिर ने कनिंघम पर आरोप लगाया कि वह मुसलमानों को “यहां का नहीं” बताकर दुर्व्यवहार को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बुर्का पहनने वाली महिलाओं की संख्या बेहद कम होने के बावजूद, कनिंघम ने इस मुद्दे को चुनावी एजेंडा बनाने को क्यों प्राथमिकता दी।

ये भी देखें- Breaking News: मंदिर परिसर में मोबाइल-कैमरे बैन, रील-ब्लॉग पर रोक | Char Dham Yatra | BE News

Ban On Burqa: बुर्का पहनने पर लगा प्रतिबंध, उल्लंघन करने पर लगेगा 92 ...

धर्म और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ब्रिटिश अधिकार

लंदन के मौजूदा मेयर ने सादिक खान ने उनके इस बयान पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, “लगभग बिना किसी बहस के, हमारा शहर अपनी विविधता के कारण दुनिया का सबसे महान शहर है। धर्म और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ब्रिटिश अधिकारों का हिस्सा हैं, और इन्हें कमजोर नहीं होने देना चाहिए।”

लंदन मेयर चुनाव में बड़े बहस का मुद्दा

कनिंघम के बयान ने न केवल मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक समावेश पर बहस तेज कर दी है, बल्कि लंदन में चुनावी राजनीति में भी तनाव पैदा कर दिया है। यह विवाद अब लंदन मेयर चुनाव में बड़े बहस का मुद्दा बन गया है, और आने वाले महीनों में इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव और भी स्पष्ट होंगे। Read More Burqa controversy: लंदन मेयर उम्मीदवार ने बुर्का पहनने वाली महिलाओं पर की स्टॉप-एंड-सर्च जांच की मांग, मुस्लिम संगठनों में भारी आक्रोश

ईरान में हिंसा को लेकर भारत की बढ़ती ही जा रही चिंता, भारतीयों नागरिकों की वापसी के लिए इमरजेंसी प्लान तैयार

BE NEWS – ईरान में चल रही उथल- पुथल के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदर्शनकारियों के बढ़ते प्रदर्शन के कारण वहां पर फंसे हुए भारतीयों को सरकार जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जा रही है।

पहला जत्था कल हो सकता रवाना

आपको बता दें कि ईरान में फैली हिंसा के कारण भारत सरकार की चिंता अब बढ़ती ही जा रही है। जिसको लेकर अब भारत सरकार ने वहां रह रहे भारतीयों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मिला जानकारी के अनुसार वहां फंसे लोगों के निकालने के लिए पहला जत्था कल ही रवाना हो सकता है। जिसके लिए भारतीय दूतावास ने अलग- अलग इलाकों में रह रहे भारतीय छात्रों से संपर्क करना भी शुरु कर दिया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कौन- कौन ईरान को छोड़ना चाहता है। कई इलाकों में इंटरनेट सेवाओं के बंद होने व फोन के काम न करने के कारण लोगों से मिलकर भी संपर्क किया जा रहा है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तेजी से प्रतिक्रिया देने की पूरी तैयारी है, ताकि भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लौटाया जा सके।

ये भी देखें – मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं का सैलाब | BE NEWS

ईरान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम ...

कब और कैसे शुरू हुए विरोध प्रदर्शन

ईरान में यह अशांति पिछले महीने के अंत में ईरानी रियाल की भारी गिरावट के बाद शुरू हुई थी। धीरे-धीरे यह विरोध प्रदर्शन देश के सभी 31 प्रांतों में फैल गए और अब बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले चुके हैं। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 3,400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हाल के दिनों में हालात और बिगड़े हैं।

10 हजार से ज्यादा भारतीय ईरान में मौजूद

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, छात्रों सहित करीब 10,000 से अधिक भारतीय नागरिक फिलहाल ईरान में रह रहे हैं। भारत सरकार ने बुधवार को वहां मौजूद सभी भारतीयों को सलाह दी कि वे उपलब्ध साधनों के जरिए देश छोड़ें और ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें।

ईरान से भारतीयों की निकासी शुरू, दूतावास ने जारी किया आपातकालीन ...

भारतीय दूतावास द्वारा जारी की एडवाइजरी

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी एडवाइजरी में छात्रों, तीर्थयात्रियों, कारोबारियों और पर्यटकों से कमर्शियल फ्लाइट्स या अन्य उपलब्ध परिवहन विकल्पों का उपयोग कर ईरान छोड़ने की अपील की गई है। एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी भारतीय नागरिक अपने पासपोर्ट, पहचान पत्र और अन्य यात्रा दस्तावेज तैयार रखें। इसके साथ ही किसी भी तरह की सहायता के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क में रहने को कहा गया है। दूतावास ने यह भी दोहराया है कि भारतीय नागरिक पूरी सावधानी बरतें, प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहें, स्थानीय मीडिया पर नजर बनाए रखें और किसी भी नए घटनाक्रम की जानकारी दूतावास के साथ साझा करें। Read More ईरान में हिंसा को लेकर भारत की बढ़ती ही जा रही चिंता, भारतीयों नागरिकों की वापसी के लिए इमरजेंसी प्लान तैयार

ईरान के हालात पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की चिंता, अमेरिका और इस्राइल पर लगाए गंभीर आरोप

BE NEWS – ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने ईरान के हालात पर गहरी चिंता जताई है, और ईरान में जो कुछ भी हो रहा है  उसके पीछे अमेरिका और इस्राइल की साजिश है।

ईरान की आर्थिक स्थिति को कमजोर करने की कोशिश

दरअसल ईरान के हालात पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने गहरी चिंता जतायी है। मौलाना का आरोप है कि अमेरिका लंबे समय से ईरान की आर्थिक स्थिति को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है और इसी मकसद से उस पर तरह-तरह की पाबंदियां लगाई गई है। मौलाना ने साफ कहा कि धरना और विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना हर एक व्यक्ति का अधिकार है।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि इन हालातों की वजह से ईरान के अंदर अस्थिरता बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान पर अपना कब्जा जमाना चाहता है और वहां मौलाना खामेनेई की हुकूमत को खत्म कर पूर्व शासक रजा शाह पहलवी के बेटे को सत्ता सौंपना चाहता है, लेकिन ऐसा होना आसान नहीं है।

ये भी देखें- UP election 2027: मायावती का चुनावी बिगुल,BSP अपने दम पर लड़ेगी चुनाव | BE News

ईरान में तनाव के बीच फंसे 10 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र, एयरस्पेस बंद ...

अमेरिका की दादागिरी खत्म हो

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि भारत और यहां के मुसलमान पूरी दुनिया में अमन, सुकून और शांति के लिए दुआ करते हैं। उन्होंने अमेरिका की दादागिरी और तानाशाही को खत्म होने की बात कही और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यायपूर्ण रवैये की जरूरत पर जोर दिया। अंत में उन्होंने कहा, कि भारत और यहां के मुसलमान पूरी दुनिया में अमन, चैन और शांति की दुआ करते हैं। Read More ईरान के हालात पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की चिंता, अमेरिका और इस्राइल पर लगाए गंभीर आरोप

Thailand Train Accident: थाईलैंड में पैसेंजर ट्रेन पर क्रेन गिरने से हुआ भयानक हादसा, 22 लोगों की मौत, कई लोग घायल

BE NEWS – थाईलैंड में पैसेंजर ट्रेन पर तेज रफ्तार क्रेन गिरने से भीषण हादसा हो गया। जिस कारण ट्रेन पटरी से उतर गई, जिसमें 22 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, वही कई लोगों घायल बताए जा रहे हैं।

तेज रफ्तार क्रेन गिरने से बड़ा हादसा

आपको बता दें कि थाईलैंड के बैंकॉक से करीब 230 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित नाखोन रत्चासिमा प्रांत के सिखियो जिले में पैसेंजर ट्रेन पर तेज रफ्तार क्रेन गिरने से बड़ा हादसा हो गया। ये हादसा एक हाई स्पीड रेल के पुल निर्माण में प्रयोग की जा रही क्रेन के गिरने से हुआ, जिस कारण ट्रैक पर आ रही पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतर गई। जिस कारण ये हादसा हो गया और 22 लोगों की जान चली गई। वहीं कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।

ये भी देखें – Lucknow में संकल्प दिवस पर जुटा NDA नेतृत्व, किरेन रिजिजू का बड़ा बयान | UP Politics | BE News

Thailand Train Accident

राहत-बचाव कार्य जारी

क्रेन के टकराते ही ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और कुछ ही देर में उनमें आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि फर्स्ट रेस्पॉन्डर्स मलबा काटकर घायलों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। हादसे के समय कई यात्री डिब्बों के अंदर फंसे हुए थे, जिन्हें निकालने के लिए विशेष उपकरणों की मदद ली गई।

सरकार ने दिए जांच के आदेश

थाई सरकार के पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना के तुरंत बाद कई रेस्क्यू टीमें मौके पर भेजी गईं। वहीं, थाईलैंड के डिप्टी प्रधानमंत्री और परिवहन मंत्री फिफात रत्चाकितप्राकर्न ने मामले को गंभीर बताते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को जांच के आदेश दिए हैं, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

पूरे देश में शोक की लहर

इस भीषण दुर्घटना के बाद पूरे थाईलैंड में शोक का माहौल है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है, जबकि घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में जारी है। Read More Thailand Train Accident: थाईलैंड में पैसेंजर ट्रेन पर क्रेन गिरने से हुआ भयानक हादसा, 22 लोगों की मौत, कई लोग घायल

Tariff War with Iran: ट्रंप का बड़ा ऐलान, ईरान से कारोबार करने वालों पर अमेरिका लगाएगा 25% टैरिफ, भारत पर क्या होगा इसका असर…

BE NEWS – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक नया फरमान जारी किया है। सख्त रुख अपनाते हुए ट्रंप ने ये ऐलान किया है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा उसे 25 प्रतिशत टैरिफ देना होगा।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर दी जानकारी

आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने कल 12 जनवरी दिन सोमवार को एक बार फिर से बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापारिक संबध रखेगा उस पर 25 प्रतिशत टैरिफ देना होगा। ट्रंप ने इस फैसले की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह आदेश अंतिम और निर्णायक है और इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ लगाया

 प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर असर

ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में चीन, भारत, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान और आर्मेनिया जैसे देश शामिल हैं। ऐसे में ट्रंप के इस कदम का सीधा असर इन सभी देशों पर पड़ने की आशंका है। भारत के लिए यह फैसला विशेष रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल के वर्षों में भारत ईरान के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में शामिल रहा है। अमेरिका पहले ही भारत पर ऊंचे टैरिफ लगा चुका है और अब ईरान के साथ व्यापार जारी रखने की स्थिति में भारतीय निर्यातकों को और अधिक दबाव झेलना पड़ सकता है।

भारत-ईरान व्यापार के आंकड़े

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत से ईरान को भेजे जाने वाले प्रमुख उत्पादों में चावल, चाय, चीनी, दवाइयां, कृत्रिम फाइबर, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और आर्टिफिशियल ज्वेलरी शामिल हैं। वहीं ईरान से भारत में सूखे मेवे, रसायन और कांच से बने उत्पादों का आयात किया जाता है। वहीं वर्ष 2023 में भारत ने ईरान को करीब 1.19 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि ईरान से भारत का आयात लगभग 1.02 अरब डॉलर रहा। चावल, सोयाबीन मील और केले भारत के प्रमुख निर्यात उत्पादों में शामिल रहे, जबकि ईरान से खासतौर पर रासायनिक उत्पादों का आयात हुआ।

ये भी देखें- Godhra Kand: Sabarmati Express में किसने लगाई थी आग? | Vakya | BE News

भारत हथियार से कम करेगा ट्रंप के टैरिफ की धार! जानिए NDTV इंडिया पर ...

 केवल व्यापार तक सीमित नहीं भारत और ईरान

भारत और ईरान के रिश्ते केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हजारों वर्षों पुराने माने जाते हैं। भारतीय दूतावास के अनुसार, आज के दौर में ये संबंध राजनीतिक संवाद, व्यापार, कनेक्टिविटी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के आपसी संपर्क के जरिए और मजबूत हुए हैं।

चाबहार के विकास को लेकर समझौता

भारत-ईरान संबंधों का सबसे अहम स्तंभ चाबहार बंदरगाह परियोजना है। 2015 में दोनों देशों के बीच चाबहार के विकास को लेकर समझौता हुआ था, जिसके बाद भारत, ईरान और अफगानिस्तान के बीच त्रिपक्षीय समझौता भी किया गया। भारत की कंपनी इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) वर्तमान में शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल के संचालन और विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही है। मई 2024 में हुए 10 वर्षीय समझौते को दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग के लिहाज से बेहद अहम माना गया। Read More Tariff War with Iran: ट्रंप का बड़ा ऐलान, ईरान से कारोबार करने वालों पर अमेरिका लगाएगा 25% टैरिफ, भारत पर क्या होगा इसका असर…

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे अहमदाबाद, पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय सहयोग पर हो सकती है चर्चा

BE NEWS – जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12 व 13 जनवरी तक अपने दो दिवसीय दौरे पर भारत आए हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर पहली बार वो भारत यात्रा पर आये हैं।

अंतरराष्ट्रीय पंतग महोत्सव का उद्घाटन

आपको बता दें कि पीएम मोदी के निमंत्रण पर भारत आये जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज रविवार रात को सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे पर पहुंचे। वहीं आज उन्होंने अहमदाबाद में पीएम मोदी के साथ साबरमती आश्रम पंहुच कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। जिसके बाद वो साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे। जहां पहुंचने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पंतग महोत्सव का उद्घाटन भी किया।

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत पहुंचे, अहमदाबाद में हुआ स्वागत ...

व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात

इसके बाद दोनों नेता गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर पहुंचे, जहां भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को हाल ही में 25 वर्ष पूरे हुए हैं। शाम को प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे और क्षेत्रीय व वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।

निवेश, टेक्नोलॉजी जैसे कई अहम विषयों पर चर्चा होगी

इस उच्चस्तरीय बैठक में व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रक्षा-सुरक्षा, विज्ञान, नवाचार और ग्रीन एनर्जी जैसे अहम विषयों पर चर्चा होगी। चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ 25 प्रमुख जर्मन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों का एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।

ये भी देखें- Top 5 Breaking News Today | CM Yogi | Delhi Pollution | ISRO PSLV C62 | German Chancellor | BE News

German Chancellor In India Photos: Meet With PM Modi, International Kites Festival and other Events

 मेक इन इंडिया पहल को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद

प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज की मुलाकात के दौरान करीब 8 अरब डॉलर की एक बड़ी रक्षा डील को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। यह डील भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट-75I के तहत छह आधुनिक स्टेल्थ पनडुब्बियों के निर्माण से जुड़ी है। इसके लिए 2500 टन वजनी टाइप-214NG सबमरीन का चयन किया गया है, जो एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन तकनीक से लैस है।  इस डील से मेक इन इंडिया पहल को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

ग्रीन एनर्जी सहयोग पर भी अहम फैसला संभव

इस यात्रा के दौरान ग्रीन एनर्जी सहयोग पर भी बड़ा फैसला लिया जा सकता है। जर्मनी की सरकारी कंपनी यूनिपर और भारत के ग्रीनको ग्रुप के बीच पहले ही समझौता हो चुका है, जिसके तहत हर साल 2.5 लाख मीट्रिक टन ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति की जा सकती है। चांसलर मर्ज की इस यात्रा में इस डील को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है। Read More जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे अहमदाबाद, पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय सहयोग पर हो सकती है चर्चा

एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ ने मानी गलती, 3500 से अधिक आपत्तिजनक पोस्ट किए ब्लॉक, 600 अकाउंट डिलीट

BE NEWS – केंद्र सरकार के सख्त आदेश के बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स ने अपने कई यूजर्स पर एक्शन लेते हुए 600 अकाउंट्स को हटा दिया है, इसके साथ ही 3500 से ज्यादा की पोस्ट भी डिलीट की है।

आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर मानी अपनी गलती

आपको बता दें कि भारत सरकार ने एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने भारत में आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर अपनी गलती को मान लिया है, और ने भारत सरकार को भरोसा दिलाया है कि वह आगे से भारतीय कानूनों और आईटी नियमों का पूरी तरह पालन करेगा। इस कार्रवाई के तहत X ने अपने AI टूल Grok से जुड़े 3500 से अधिक आपत्तिजनक कंटेंट को ब्लॉक किया है, जबकि 600 से ज्यादा अकाउंट्स को स्थायी रूप से डिलीट कर दिया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, एक्स ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की अश्लील, गैर-सहमति वाली या आपत्तिजनक इमेजरी को अनुमति नहीं दी जाएगी।

ये भी देखें – Trump Threatens Iran | “खून बहा तो हमला तय” | Protesters Warning | BE NEWS

रक्षा अभियानों की लाइव कवरेज पर रोक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जारी ...

AI चैटबाट ग्रोक के दुरुपयोग पर सरकार सख्त

भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को AI चैटबाट ग्रोक के  दुरुपयोग के मामलों में जवाबदेही तय करने के लिए नोटिस जारी किया था। सरकार ने कंपनी से ATR मांगी थी, जिसे पहले 5 जनवरी और बाद में समय बढ़ाकर 7 जनवरी तक जमा करने का निर्देश दिया गया था।

पहले नोटिस के जवाब में X ने भ्रामक पोस्ट और गैर-सहमति से तैयार की गई इमेज से जुड़े मामलों में अपनी कंटेंट हटाने की नीतियों की जानकारी दी थी। हालांकि, सरकार का मानना था कि उस जवाब में ग्रोक AI से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट पर की गई वास्तविक कार्रवाई और भविष्य की रोकथाम रणनीति को लेकर किसी भी प्रकार की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी।

Media is not free in India Elon Musks x got angry after Reuters account ...

केंद्रीय सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने जताई थी गंभीर चिंता

केंद्रीय सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने 2 जनवरी को एक्स को लैटर लिखकर AI-जनरेटेड कंटेंट की मॉडरेशन में गंभीर खामियों पर चिंता जताई थी। मंत्रालय ने कहा था कि एक्स के AI चैटबाट ग्रोक की अन्य सेवाओं का इस्तेमाल अश्लील, आपत्तिजनक और गैर-सहमति वाले कंटेंट को बनाने और फैलाने में किया जा रहा है, जिससे खास तौर पर महिलाओं की गरिमा और निजता को नुकसान पहुंच रहा है। मंत्रालय ने इसे आईटी कानून और उससे जुड़े नियमों का उल्लंघन बताते हुए उसे तत्काल अवैध कंटेंट हटाने, अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट देने और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

IT कानून की चेतावनी और सेफ हार्बर का मुद्दा

सरकार ने X को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं की गई तो कानूनी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही यह भी कहा गया था कि IT Act की धारा 79 के तहत मिलने वाली सेफ हार्बर सुरक्षा तभी लागू होगी, जब प्लेटफॉर्म कंटेंट मॉडरेशन में पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता बरतेगा। Read More एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ ने मानी गलती, 3500 से अधिक आपत्तिजनक पोस्ट किए ब्लॉक, 600 अकाउंट डिलीट