Israel Lebanon Attack: लेबनान में इजरायल का भीषण हमला, PM नवाफ सलाम ने की संघर्ष विराम में लेबनान को शामिल करने की अपील

Israel Lebanon Attack: मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब ईरान और अमेरिका के बीच हुए संघर्षविराम (Ceasefire) के महज़ 24 घंटों के भीतर इज़रायल ने लेबनान पर अब तक का सबसे घातक हमला बोल दिया। इस हमले ने पिछले 30 सालों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, इज़रायली बमबारी में 254 लोगों की जान चली गई है, जबकि 1100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

संघर्षविराम में लेबनान को शामिल करने की अपील

आपको बता दें कि मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। नवाफ सलाम के नेतृत्व वाली लेबनान सरकार पर इजरायली हमलों के बाद भारी दबाव है। इसी बीच सलाम ने शहबाज शरीफ को फोन कर ईरान-अमेरिका संघर्ष विराम में लेबनान को शामिल करने की अपील की है।

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Middle East Crisis
संघर्षविराम के बीच लेबनान बना युद्ध का मैदान

हैरानी की बात यह है कि एक तरफ ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए संघर्षविराम पर सहमति बनी, वहीं दूसरी ओर इज़रायल ने लेबनान को इस समझौते से बाहर रखते हुए अपने हमले और तेज कर दिए। इज़रायल का दावा है कि वह लेबनान में मौजूद ईरान समर्थित लड़ाकों के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर रहा है। लेकिन मलबे में तब्दील होती इमारतें और बढ़ती लाशों की संख्या ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है।

लेबनान के PM ने पाकिस्तान से मांगी मदद

लेबनान (Israel Lebanon Attack) में बढ़ते जन आक्रोश और तबाही के बीच प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने अंतरराष्ट्रीय मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। उन्होंने अपने पाकिस्तानी समकक्ष शहबाज शरीफ को फोन कर इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। सलाम ने मांग की है कि इस्लामाबाद यह सुनिश्चित करे कि ईरान-अमेरिका युद्धविराम में लेबनान को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि निर्दोष लोगों का कत्लेआम रुक सके।

युद्धविराम पर संकट के बादल, लेबनान में इजरायली हमले में 254 लोगों की मौत, ईरान की कड़ी चेतावनी | Clouds of Crisis Over Ceasefire 254 Dead in Israeli Attacks in Lebanon Iran
(Israel Lebanon Attack)
ईरान की दोटूक: “हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं”

इजरायली हमलों से भड़के ईरान ने कड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने इसे ‘धोखेबाज़ी’ करार देते हुए कहा कि लेबनान में इज़रायल (Israel Lebanon Attack) की घुसपैठ संघर्षविराम समझौते का खुला उल्लंघन है। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा, “ईरान अपने लेबनानी भाई-बहनों को अकेला नहीं छोड़ेगा। अगर ये हरकतें जारी रहीं तो बातचीत बेमानी हो जाएगी। हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर ही हैं।” वहीं, ईरान के संसदीय अध्यक्ष ने भी लेबनान को “युद्धविराम का अभिन्न अंग” बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की धमकी दी है।

लेबनान में इजरायली सेना का भीषण हवाई हमला जारी, 48 घंटे में 120 लोगों की मौत - Israel defence forces air strike on Beirut Lebanon killed 120 peoples within 48 hours opnm2 - AajTak

इज़रायल और अमेरिका का रुख

इज़रायल और अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान युद्धविराम में लेबनान को शामिल नहीं किया गया है। इज़रायली रक्षा बलों का कहना है कि वे अपने देश की सुरक्षा के लिए लेबनान में सैन्य ऑपरेशन जारी रखेंगे।

इस भीषण हमले के बाद मिडिल ईस्ट में एक बार फिर पूर्ण युद्ध (Full-scale war) का खतरा मंडराने लगा है। अब सबकी निगाहें अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर टिकी हैं कि क्या वे इज़रायल को रोकने और लेबनान को बचाने में सफल हो पाते हैं या नहीं। Read More Israel Lebanon Attack: लेबनान में इजरायल का भीषण हमला, PM नवाफ सलाम ने की संघर्ष विराम में लेबनान को शामिल करने की अपील

Trump Ceasefire Announcement: टल गया महायुद्ध! ट्रंप की डेडलाइन से पहले सीजफायर का ऐलान, जानें समझौते की 10 बड़ी शर्तें

Trump Ceasefire Announcement: दुनिया पर मंडरा रहा तीसरे विश्व युद्ध का खतरा फिलहाल टल गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी  विनाशकारी सैन्य कार्रवाई की ‘रात 8 बजे’ की डेडलाइन खत्म होने से महज कुछ घंटे पहले ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर (युद्धविराम) का बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने यह घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर की।

पाकिस्तानी पीएम की अपील और ट्रंप का फैसला

आपको बता दें कि इस ऐतिहासिक सीजफायर (Trump Ceasefire Announcement) के पीछे एक दिलचस्प कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, यह समझौता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के विशेष अनुरोध के बाद हुआ है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान शांति की ओर कदम बढ़ाता है, तो अमेरिका भी एक व्यापक समझौते के लिए तैयार है।

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Trump Ceasefire Announcement
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: समझौते की सबसे बड़ी शर्त

इस युद्धविराम के पीछे अमेरिका की सबसे पहली और अनिवार्य शर्त ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलना है। दुनिया के तेल व्यापार के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस रास्ते को ईरान ने बंद कर रखा था। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान इस शर्त से पीछे हटता है, तो उसे अपने नागरिक बुनियादी ढांचे पर भीषण हमलों का सामना करना पड़ेगा।

अमेरिका ने मानी सभी शर्तें, हासिल की बहुत बड़ी जीत', ईरान की 10 सूत्री  योजना में क्या है? - India TV Hindi
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर समझौता
इजरायल भी सीजफायर में शामिल

व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने CNN को पुष्टि की है कि इस दो हफ्ते के सीजफायर (Trump Ceasefire Announcement) में इजरायल भी शामिल है। समझौते के तहत, जब तक बातचीत जारी रहेगी, इजरायल अपनी बमबारी रोक देगा। अमेरिका का मानना है कि वह अपने सैन्य लक्ष्य पहले ही हासिल कर चुका है और अब ईरान के साथ एक स्थायी शांति समझौते के बेहद करीब है।

ईरान का 10-सूत्रीय प्रस्ताव: क्या झुका अमेरिका?

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इस सीजफायर (Trump Ceasefire Announcement) को अपनी कूटनीतिक जीत बताया है। ईरान ने 10 बिंदुओं वाला एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसे समझौते का आधार माना जा रहा है। इस प्रस्ताव की मुख्य शर्तें निम्नलिखित हैं:

1.होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण: जलमार्ग पर ईरान का संप्रभु अधिकार बना रहे।

2.प्रतिबंधों की समाप्ति: ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना।

3.यूरेनियम संवर्धन: ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति देना।

4.मुआवजे की मांग: अब तक हुए नुकसान के लिए ईरान को मुआवजा मिले।

5.अमेरिकी सेना की वापसी: क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों को पूरी तरह वापस बुलाना।

6.हमला न करने की गारंटी: भविष्य में सैन्य कार्रवाई न करने की प्रतिबद्धता।

7.UNSC के प्रस्तावों का अंत: ईरान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के पुराने प्रस्तावों को खत्म करना।

8.प्रतिरोध का अंत: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति।

अगले 14 दिन दुनिया के लिए अहम

अगले दो हफ्ते यह तय करेंगे कि क्या यह दुनिया एक स्थायी शांति की ओर बढ़ेगी या फिर युद्ध की आग दोबारा दहकेगी। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यह समय समझौते को अंतिम रूप देने के लिए है। यदि बातचीत विफल होती है, तो ‘डेडलाइन’ का खतरा फिर से वापस आ सकता है।फिलहाल, कच्चे तेल के बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था ने इस खबर के बाद राहत की सांस ली है। Read More Trump Ceasefire Announcement: टल गया महायुद्ध! ट्रंप की डेडलाइन से पहले सीजफायर का ऐलान, जानें समझौते की 10 बड़ी शर्तें