Trump Ceasefire Announcement: टल गया महायुद्ध! ट्रंप की डेडलाइन से पहले सीजफायर का ऐलान, जानें समझौते की 10 बड़ी शर्तें

Trump Ceasefire Announcement: दुनिया पर मंडरा रहा तीसरे विश्व युद्ध का खतरा फिलहाल टल गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी  विनाशकारी सैन्य कार्रवाई की ‘रात 8 बजे’ की डेडलाइन खत्म होने से महज कुछ घंटे पहले ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर (युद्धविराम) का बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने यह घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर की।

पाकिस्तानी पीएम की अपील और ट्रंप का फैसला

आपको बता दें कि इस ऐतिहासिक सीजफायर (Trump Ceasefire Announcement) के पीछे एक दिलचस्प कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, यह समझौता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के विशेष अनुरोध के बाद हुआ है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान शांति की ओर कदम बढ़ाता है, तो अमेरिका भी एक व्यापक समझौते के लिए तैयार है।

Donald Trump Iran war, US Iran conflict update, no ceasefire Trump  statement 'बातचीत तो हो सकती है, लेकिन सीजफायर बिल्कुल नहीं', ईरान से जारी  जंग के बीच बोले डोनाल्ड ट्रंप - India
Trump Ceasefire Announcement
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: समझौते की सबसे बड़ी शर्त

इस युद्धविराम के पीछे अमेरिका की सबसे पहली और अनिवार्य शर्त ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलना है। दुनिया के तेल व्यापार के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस रास्ते को ईरान ने बंद कर रखा था। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान इस शर्त से पीछे हटता है, तो उसे अपने नागरिक बुनियादी ढांचे पर भीषण हमलों का सामना करना पड़ेगा।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर समझौता
इजरायल भी सीजफायर में शामिल

व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने CNN को पुष्टि की है कि इस दो हफ्ते के सीजफायर (Trump Ceasefire Announcement) में इजरायल भी शामिल है। समझौते के तहत, जब तक बातचीत जारी रहेगी, इजरायल अपनी बमबारी रोक देगा। अमेरिका का मानना है कि वह अपने सैन्य लक्ष्य पहले ही हासिल कर चुका है और अब ईरान के साथ एक स्थायी शांति समझौते के बेहद करीब है।

ईरान का 10-सूत्रीय प्रस्ताव: क्या झुका अमेरिका?

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इस सीजफायर (Trump Ceasefire Announcement) को अपनी कूटनीतिक जीत बताया है। ईरान ने 10 बिंदुओं वाला एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसे समझौते का आधार माना जा रहा है। इस प्रस्ताव की मुख्य शर्तें निम्नलिखित हैं:

1.होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण: जलमार्ग पर ईरान का संप्रभु अधिकार बना रहे।

2.प्रतिबंधों की समाप्ति: ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना।

3.यूरेनियम संवर्धन: ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति देना।

4.मुआवजे की मांग: अब तक हुए नुकसान के लिए ईरान को मुआवजा मिले।

5.अमेरिकी सेना की वापसी: क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों को पूरी तरह वापस बुलाना।

6.हमला न करने की गारंटी: भविष्य में सैन्य कार्रवाई न करने की प्रतिबद्धता।

7.UNSC के प्रस्तावों का अंत: ईरान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के पुराने प्रस्तावों को खत्म करना।

8.प्रतिरोध का अंत: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति।

अगले 14 दिन दुनिया के लिए अहम

अगले दो हफ्ते यह तय करेंगे कि क्या यह दुनिया एक स्थायी शांति की ओर बढ़ेगी या फिर युद्ध की आग दोबारा दहकेगी। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यह समय समझौते को अंतिम रूप देने के लिए है। यदि बातचीत विफल होती है, तो ‘डेडलाइन’ का खतरा फिर से वापस आ सकता है।फिलहाल, कच्चे तेल के बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था ने इस खबर के बाद राहत की सांस ली है। Read More Trump Ceasefire Announcement: टल गया महायुद्ध! ट्रंप की डेडलाइन से पहले सीजफायर का ऐलान, जानें समझौते की 10 बड़ी शर्तें

Strait of Hormuz crisis: ईरान का भारत को बड़ा भरोसा, कहा- “हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं”

Strait of Hormuz crisis: पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz crisis) में जारी तनाव के बीच ईरान ने भारत को बड़ी राहत दी है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे अहम माने जाने वाले इस समुद्री रास्ते पर ईरान ने स्पष्ट किया है कि भारत के लिए कोई चिंता की बात नहीं है।

ईरान का आधिकारिक संदेश

आपको बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)  को लेकर ईरान ने भारत के लिए बड़ा बयान दिया है। भारत में ईरान के दूतावास ने कहा है कि “भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं और उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है।” यह बयान ऐसे समय आया है जब Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इसका असर देखने को मिल रहा है।

Strait of Hormuz
Strait of Hormuz
ईरानी दूतावास ने ‘X’ पर किया पोस्ट 

भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए कहा, “हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं है।” यह बयान ऐसे समय पर आया है जब 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा तेहरान पर हमले के बाद से इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर गंभीर संकट पैदा हो गया है।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए ‘लाइफलाइन’ है होर्मुज

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग रास्तों में से एक है, जिससे विश्व की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा का परिवहन होता है। संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान ने इस क्षेत्र पर कड़ा नियंत्रण रखते हुए जहाजों की आवाजाही को सीमित कर दिया है। हालांकि, ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसने भारत, रूस और चीन जैसे मित्र राष्ट्रों के जहाजों को सुरक्षित गुजरने की विशेष छूट दी है।

भारत के लिए स्थिति और जहाजों का डेटा

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा समय में भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं:

सफलतापूर्वक निकले जहाज: अब तक कम से कम 8 भारतीय जहाज होर्मुज के रास्ते अपनी यात्रा पूरी कर चुके हैं। इसमें दो प्रमुख LPG कैरियर – BW TYR और BW ELM शामिल हैं, जिनमें लगभग 94,000 टन LPG लदी है।

अभी भी अटके जहाज: मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने जानकारी दी है कि वर्तमान में भारत के लिए कच्चा तेल, LPG और LNG ले जा रहे करीब 19 जहाज अभी भी इस क्षेत्र में आवाजाही के लिए अनुमति या अनुकूल परिस्थितियों का इंतजार कर रहे हैं।

फंसे हुए कुल जहाज: संघर्ष के दौरान इस संकरे जलडमरूमध्य में लगभग 500 से अधिक जहाज फंसे हुए थे, जिनमें भारत के लिए सामग्री ले जा रहे 10 विदेशी झंडे वाले और 8 भारतीय झंडे वाले टैंकर शामिल हैं।

Strait of Hormuz
Strait of Hormuz
भारत पर क्या होगा असर?

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz crisis) में जारी इस नाकेबंदी के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में भारी व्यवधान आया है। यदि यह गतिरोध लंबा खिंचता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी। हालांकि, ईरान के आश्वासन के बाद भारतीय खेप के सुरक्षित निकलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। Read More Strait of Hormuz crisis: ईरान का भारत को बड़ा भरोसा, कहा- “हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं”