Tragic accident in Doda: जम्मू-कश्मीर के डोडा में खाई में गिरा सेना का वाहन, 10 जवान हुए शहीद, 11 घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

BE NEWS – जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में भारतीय सेना के 10 जवानों की शहादत हो गई, जबकि 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा भद्रवाह -चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास उस समय हुई, जब सेना का वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा।

ड्यूटी के लिए रवाना हुई थी सेना की टुकड़ी 

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां भद्रवाह – चंबा मार्ग पर सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण सड़क हादसे में भारतीय सेना के 10 वीर जवानों ने अपनी जान गंवा दी है, जबकि 11 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसा उस वक्त हुआ जब सेना की एक टुकड़ी ऑपरेशनल ड्यूटी के लिए रवाना हुई थी। खन्नी टॉप के पास सड़क बहुत संकरी और मोड़ों वाली है। इसी दौरान एक खतरनाक मोड़ पर ड्राइवर का नियंत्रण टूट गया और वाहन सीधे गहरी खाई में में जा गिरी।

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Tragic accident in Doda:
कड़ी मशक्कत के बाद जवानों को बाहर निकाला

हादसे की सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत कर जवानों को बाहर निकाला। अधिकारियों ने बताया कि 10 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 जवान घायल अवस्था में पाए गए।

घायलों को पहले उपजिला अस्पताल भद्रवाह में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एयरलिफ्ट कर उधमपुर स्थित सेना के कमांड अस्पताल भेजा गया। सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने व्यक्त किया शोक

इस हादसे पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि, “डोडा में हुए इस दुखद सड़क हादसे में देश ने अपने 10 वीर जवानों को खो दिया है। जवानों की उत्कृष्ट सेवा और सर्वोच्च बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति उन्होंने गहरी संवेदना प्रकट की। उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि, “इस कठिन समय में पूरा देश शहीदों के परिवारों के साथ खड़ा है।”

शहीद जवानों के नाम- जोबन जीत, सुधेर नरवाल, मोनू, मोहित, एच.आर. कंवर, सिमरन, पी. लोरा, सुलिंदर, अजय लोफरा और स्वर्ण नाग पाल।

घायल जवानों के नाम- साहिल, जे.पी. सिंह, नीरज, अनूप, नागिस, अमन, शंकर, संदीप, जोबनप्रीत, राकेश और अभिमन्यु।

वरिष्ठ अधिकारियों ने घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। यह हादसा पूरे देश को शोक में डुबोने वाला है। Read More Tragic accident in Doda: जम्मू-कश्मीर के डोडा में खाई में गिरा सेना का वाहन, 10 जवान हुए शहीद, 11 घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Amit Shah Haridwar Visit: अखंड ज्योति की शताब्दी पर हरिद्वार से अमित शाह का उद्घोष, कहा- “अब गर्व से गूंज रहा है हिंदुत्व का नारा”

Amit Shah Haridwar Visit केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान आज तीर्थनगरी हरिद्वार पहुंचे। यहां उन्होंने तीन प्रमुख कार्यक्रमों में शिरकत करते हुए अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति, हिंदुत्व और राष्ट्रीय पुनर्जागरण के प्रति सरकार के संकल्प को दोहराया।

तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में शिरकत

आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज हरिद्वार में दो दिवसीय दौरे के दौरान तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में शिरकत की। उन्होंने शान्तिकुंज के अखंड ज्योति शताब्दी समारोह का दीपप्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया और पंडित राम शर्मा आचार्य व माता भगवती देवी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके जीवनकाल में कई युगों का निर्माण हुआ। उनके आंदोलन के तहत 15 करोड़ से अधिक लोग आध्यात्मिकता के मार्ग पर चल रहे हैं।

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Amit Shah Haridwar Visit
विश्व की सभी समस्याओं का समाधान

शाह ने कहा, “पहले लोग हिंदुत्व की बात करने से डरते थे, लेकिन आज पूरे देश में इसका नारा गूंज रहा है। भारतीय परंपरा में विश्व की सभी समस्याओं का समाधान निहित है। पंडित राम शर्मा ने गायत्री मंत्र के माध्यम से हर जाति, हर समाज और लिंग भेद से ऊपर उठकर हर आत्मा को कल्याण का मार्ग दिखाया।” इसके अलावा, अमित शाह ने पतंजलि इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल के उद्घाटन समारोह में भी भाग लिया। आधुनिक चिकित्सा और योग-आयुर्वेद के समन्वय की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता ही नए भारत की पहचान है

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1925-26 का वर्ष राष्ट्रीय पुनर्जागरण का वर्ष

केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी बताया कि 1925-26 का वर्ष राष्ट्रीय पुनर्जागरण का वर्ष था, और उसी वर्ष संघ परिवार की स्थापना हुई थी। इसी समय संघ परिवार (RSS) की स्थापना हुई थी और इसी दौर ने देश को आध्यात्मिक और वैचारिक रूप से मजबूती प्रदान की। उन्होंने पंडित राम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके प्रयास आज भी लाखों लोगों के जीवन को आध्यात्मिक दिशा प्रदान कर रहे हैं। Read More Amit Shah Haridwar Visit: अखंड ज्योति की शताब्दी पर हरिद्वार से अमित शाह का उद्घोष, कहा- “अब गर्व से गूंज रहा है हिंदुत्व का नारा”

Prayagraj Plane Crash: प्रयागराज में बेकाबू होकर सेना का ट्रेनी विमान हुआ क्रैश, पूरे इलाके में मची अफरा-तफरी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Prayagraj Plane Crash – प्रयागराज में आज एक ट्रेनी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सेना का विमान अचानक तालाब में गिरने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित बाहर निकाल किए गए है। उनको मामूली चोटें आई हैं।

  सेना का एक ट्रेनी विमान क्रैश होने से हादसा

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को सेना का एक ट्रेनी विमान क्रैश हो गया। यह विमान शहर के बीचों-बीच स्थित एक तालाब में जा गिरा। इस हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा केपी कॉलेज के पीछे हुआ। विमान अचानक हवा में संतुलन खो बैठा और काफी देर तक आसमान में चक्कर लगाने के बाद तालाब में गिर पड़ा। बताया जा रहा है कि यह भारतीय वायुसेना का माइक्रोलाइट ट्रेनर एयरक्राफ्ट था, जो प्रशिक्षण उड़ान पर था।

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Prayagraj Aircraft Crash: तालाब में गिरा वायुसेना का ट्रेनी विमान, पैरासूट के सहारे पायलट ने बचाई जान

इंजन फेल होने से हुआ हादसा

सेना की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इंजन फेल होने की वजह से विमान तालाब में गिरा। विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे और राहत की बात यह है कि दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी। इसके बाद फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। तालाब के आसपास के इलाके को घेर लिया गया है और विमान को बाहर निकालने का काम लगातार जारी है।

दलदली तालाब में गिरा विमान

हादसे वाली जगह पर दलदली तालाब है, जहां चारों तरफ जलकुंभी उगी हुई है। इसी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में थोड़ी दिक्कतें आ रही हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

चेन्नई में भी हो चुका है ऐसा हादसा

गौरतलब है कि इससे पहले पिछले साल नवंबर में चेन्नई के ताम्बराम के पास चेंगलपट्टू जिले में भी भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। वह विमान ‘पिलाटस पीसी-7’ ट्रेनर एयरक्राफ्ट था, जो ट्रेनिंग मिशन पर था। उस हादसे में पायलट ने सुरक्षित रूप से इजेक्ट कर लिया था। फिलहाल प्रयागराज हादसे के मामले में भी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और एयरक्राफ्ट को तालाब से बाहर निकालने का काम जारी है। Read More Prayagraj Plane Crash: प्रयागराज में बेकाबू होकर सेना का ट्रेनी विमान हुआ क्रैश, पूरे इलाके में मची अफरा-तफरी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Noida Basement Accident: बिल्डर की लापरवाही या सिस्टम फेल? इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले पर SIT ने शुरू की जांच

BE NEWS – ग्रेटर नोएडा में 17 दिसंबर की रात  निर्माणाधीन बेसमेंट में कार के डुबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। बेसमेंट बनाने वाले बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं दूसरे आरोपी की जांच की रही है।

आपको बता दें कि नोएडा सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत का मामले पर सीएम योगी द्वारा SIT टीम का गठन किया गया है। जो अब इस मामले की पूरी जांच करेगी। वहीं इस पूरे प्रकरण पर अब पुलिस ने एमजेड विजटाउन के निदेशक बिल्डर अभय कुमार जिन्होंने इस बेसमेंट की निर्माण किया था, उनके गिरफ्तार कर लिया है।

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दो साल पहले खोदा गया था बेसमेंट का गड्ढा

पुलिस के अनुसार, आरोपी बिल्डर ने दो वर्ष पहले एक मॉल निर्माण के लिए बेसमेंट बनाने के उद्देश्य से जमीन पर गड्ढा खुदवाया था। यह गड्ढा लंबे समय से पानी से भरा हुआ था। शुक्रवार को इसी बेसमेंट में कार समेत गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत हो गई।

घटना के बाद बेसमेंट में डूबी कार को निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार को लगभग 96 घंटे बाद कार को बाहर निकाला जा सका।

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बचाव कार्य में बरती गई भारी लापरवाही

युवराज मेहता के पिता ने SIT को दिए बयान में आरोप लगाया कि हादसे के समय उन्होंने लगातार पुलिस, दमकल और एसडीआरएफ कर्मियों से बेटे को बचाने की गुहार लगाई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि, बचाव कर्मियों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे। उन्होंने पानी ठंडा होने का हवाला देकर अंदर उतरने से मना कर दिया, जिसके बाद केवल रस्सी फेंक कर के एक औपचारिकता निभाई गई। वहीं एनडीआरएफ को भी इस घटना की सूचना देने में देरी की गई। पीड़ित पिता का यह भी आरोप है कि घटना के तीन दिन बाद तक कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

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SIT कर रही पुलिस, प्रशासन और बिल्डरों की जांच

SIT टीम ने मंगलवार को सबसे पहले नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए। इसके बाद घटना स्थल का निरीक्षण किया गया और संबंधित विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की गई।

SIT में शामिल मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमें पांच दिन के भीतर सभी पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट शासन को सौंपनी है। हादसा किस स्तर की लापरवाही से हुआ। इसमें पुलिस, प्रशासन, प्राधिकरण, दमकल विभाग, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ सभी की भूमिका की जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”

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नहीं थे बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम

पुलिस के अनुसार, जिस प्लॉट पर हादसा हुआ वहां कोई बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए थे। इसी कारण यह दुर्घटना हुई। पीड़ित पिता की तहरीर पर 18 जनवरी को नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने एमजेड विशटाउन और लोटस ग्रीन बिल्डर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया था। फिलहाल गिरफ्तार बिल्डर को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। Read More Noida Basement Accident: बिल्डर की लापरवाही या सिस्टम फेल? इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले पर SIT ने शुरू की जांच

‘शंकराचार्य’ उपाधि पर तकरार….स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को माघ मेला प्राधिकरण ने भेजा नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब

BE NEWS – स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को माघ मेला प्राधिकरण ने नोटिस भेजकर उनके ‘शंकराचार्य’ की उपाधि का प्रयोग किए जाने पर जवाब मांगा है।

‘शंकराचार्य’ उपाधि के प्रयोग पर जताई आपत्ति 

आपको बता दें कि माघ मेला क्षेत्र में मौनी अमावस्या के स्नान पर्व के दौरान शुरू हुआ विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने ज्योतिष्पीठ से जुड़े संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी कर उनके नाम के साथ ‘शंकराचार्य’ उपाधि के प्रयोग पर आपत्ति जताई है। प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मामले का हवाला देते हुए 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने और आवश्यक सुधार करने को कहा है।

सिविल अपील सर्वोच्च न्यायालय में लंबित

प्राधिकरण की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि शंकराचार्य पद को लेकर एक सिविल अपील सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं हुआ है। ऐसे में किसी भी धर्माचार्य का स्वयं को ज्योतिष्पीठ का शंकराचार्य घोषित करना नियमों के विपरीत है। इसके बावजूद मेला क्षेत्र में लगे शिविर के बोर्ड पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के नाम के आगे ‘शंकराचार्य’ लिखा गया है, जो आपत्तिजनक है।

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने भेजा नोटिस ...

शोभायात्रा में शिष्यों और पुलिस के बीच झड़प 

यह विवाद उस घटना के बाद गहराया, जब मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की शोभायात्रा को संगम की ओर जाने से रोक दिया गया था। स्वामी पहिया लगी पालकी पर सवार होकर शिष्यों के साथ महास्नान के लिए जा रहे थे, लेकिन पुलिस और मेला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शोभायात्रा आगे बढ़ने नहीं दी। इसके बाद आक्रोशित शिष्यों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बन गई, जिसमें कुछ शिष्यों को हिरासत में लिया गया।

प्रशासन पर अपमान और दुर्व्यवहार का आरोप

घटना के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर अपमान और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके शिष्यों को जानबूझकर रोका गया, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

स्नान से नहीं, पहिया लगी पालकी से आपत्ति

वहीं, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने प्रशासन का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि स्वामी को स्नान से नहीं रोका गया था। आपत्ति केवल पहिया लगी पालकी को लेकर थी। उस समय संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी और ऐसी स्थिति में पालकी के साथ आगे बढ़ने से भगदड़ या किसी अनहोनी की आशंका थी।

फिलहाल, माघ मेला प्राधिकरण के नोटिस के बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया है। अब सबकी निगाहें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के जवाब पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है। Read More ‘शंकराचार्य’ उपाधि पर तकरार….स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को माघ मेला प्राधिकरण ने भेजा नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब

कोच्चि में बीजेपी और आरएसएस पर राहुल गांधी का जोरदार हमला, कहा- “दोनों सत्ता का केंद्रीकरण करने की कोशिशों में जुटे हैं”

BE NEWS – कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कोच्चि में आयोजित कांग्रेस महापंचायत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस देश में सत्ता का केंद्रीकरण करना चाहते हैं।

बीजेपी और RSS पर जमकर निशाना साधा

दरअसल कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कोच्चि में कांग्रेस महापंचायत के दौरान जनता को संबोधित किया। जहां उन्होंने बीजेपी और RSS पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि, “मौजूदा केंद्र सरकार की नीतियां कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं। जबकि आम जनता की आवाज को दबाया जा रहा है।”

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Priyanka Gandhi powerful Lok Sabha address happy rahul said better than ...

लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम

कांग्रेस महापंचायत को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि, “बीजेपी ऐसा भारत चाहती है जहां सवाल पूछने वालों को चुप करा दिया जाए।” उन्होंने कहा, “बीजेपी की सोच यह है कि आम लोग खामोश रहें और सिर्फ कुछ बड़े कॉरपोरेट आगे बढ़ें। लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम होती है, लेकिन आज उसे दबाने की कोशिश की जा रही है।”

राहुल गांधी ने केरल की जनता की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि कोई भी ताकत केरल के लोगों को चुप नहीं करा सकती। उन्होंने कहा कि केरल ने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, बहस और विचारों की आज़ादी की रक्षा की है।

15,000 से अधिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी

यह कांग्रेस महापंचायत केरल में स्थानीय निकायों के लिए चुने गए कांग्रेस प्रतिनिधियों के सम्मान में आयोजित की गई थी। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अनुसार, कोच्चि के मरीन ड्राइव पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य भर से 15,000 से अधिक निर्वाचित कांग्रेस प्रतिनिधियों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया।

अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि, “कांग्रेस का लक्ष्य सत्ता को जनता के हाथों में लौटाना है और पार्टी लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।” Read More कोच्चि में बीजेपी और आरएसएस पर राहुल गांधी का जोरदार हमला, कहा- “दोनों सत्ता का केंद्रीकरण करने की कोशिशों में जुटे हैं”

Indigo Flight Bomb Threat: दिल्ली से उड़ान भरने वाले इंडिगो विमान को बम से उड़ाने की मिली धमकी, टिशू पेपर पर लिखा मिला नोट..

BE NEWS – दिल्ली से उड़ान भरने वाली इंडिगो एयरलाइंस की एक फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। उड़ान के दौरान मिली धमकी के बाद विमान को तुरंत लखनऊ की ओर डायवर्ट कर दिया गया।

लखनऊ की ओर किया गया डायवर्ट 

दरअसल बता दें किदिल्ली से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E 6650 को उड़ान के दौरान बम से उड़ाने की धमकी मिलने से अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा को देखते हुए विमान को तत्काल लखनऊ की ओर डायवर्ट किया गया, जहां सुबह 9:17 बजे चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस फ्लाइट में कुल 222 यात्री, 8 बच्चे, 2 पायलट और 5 क्रू मेंबर्स सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं। सभी को बाहर निकाल लिया गया है।

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टॉयलेट में मिले टिशू पेपर पर लिखी धमकी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विमान के टॉयलेट में एक टिशू पेपर मिला था, जिस पर हाथ से लिखा था, “प्लेन में बम है।” इस सूचना के मिलते ही क्रू ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को अलर्ट किया।

एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, कल सुबह करीब 8:46 बजे ATC को बम की धमकी की जानकारी दी गई थी, जिसके बाद विमान को लखनऊ में सुरक्षित उतारने का निर्णय लिया गया।

सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं

लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद विमान को आइसोलेशन-वे में ले जाया गया। बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने विमान, यात्रियों के सामान और पूरे केबिन की गहन जांच की और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

पूरे मामले की गंभीरता से की जा रही जांच

एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि, “धमकी की पुष्टि टॉयलेट में मिले टिशू पेपर से हुई है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की सूचना नहीं है।” वहीं इस घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, जबकि यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। Read More Indigo Flight Bomb Threat: दिल्ली से उड़ान भरने वाले इंडिगो विमान को बम से उड़ाने की मिली धमकी, टिशू पेपर पर लिखा मिला नोट..

Lucknow: योगी सरकार की बड़ी पहल, गोवंश के लिए दो वर्षों में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर होगा हरा चारा उत्पादन

BE NEWS – उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पशु कल्याण और गोवंश संरक्षण को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है। गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में गोचर एवं चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है।

35 हजार हेक्टेयर पर होगा हरा चारा उत्पादन

बता दें कि सीएम योगी की इस पहल का सकारात्मक असर अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश में उपलब्ध कुल 61118.815 हेक्टेयर गोचर एवं चारागाह भूमि है। जिसमें 7140.37 हेक्टर चारागाह की भूमि को कब्जा मुक्त करके हरा चारा उत्पादन किया जा रहा है।यह प्रयास न केवल पशुओं के पोषण स्तर को बेहतर बना रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।

योगी सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। आने वाले दो वर्षों में 35000 हेक्टेयर कब्जामुक्त एवं सिंचित चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन कराया जाएगा। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि प्रदेश में 1691.78 हेक्टेयर क्षेत्र में हाइब्रिड नेपियर चारा और 5448.59 हेक्टेयर में अन्य हरे चारे (जई,बरसीम आदि) की बुआई की जा चुकी है। इससे गोवंश को सालभर पौष्टिक और संतुलित आहार उपलब्ध हो सकेगा।

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इन जनपदों में तेजी से बढ़ा हरा चारा उत्पादन

प्रदेश के हरदोई, सुल्तानपुर, कानपुर नगर और रामपुर जनपदों में हरा चारा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं टैग्ड गोचर भूमि पर शत-प्रतिशत हरा चारा उत्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। गोचर एवं चारागाह भूमि का समतलीकरण, सुरक्षाबाड़ा एवं खाई निर्माण जैसे कार्य मनरेगा कन्वर्जेन्स के माध्यम से कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है और पशुओं के लिए सुरक्षित चारागाह भी विकसित हो रहे हैं।

योगी सरकार ने तय किया किस जिले में क्या कृषि उत्पाद पैदा करेंगे किसान ...

शीतलहर से बचाव के भी निर्देश

योगी सरकार ने गोवंश के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शीतलहर से बचाव के लिए बोरा-चट्ट ओढ़ाने, तिरपाल लगाने और गो-आश्रय स्थलों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पशु स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें। कुल मिलाकर हरा चारा उत्पादन, चारागाह विकास और गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं के माध्यम से योगी सरकार यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ पशु कल्याण भी शासन की प्राथमिकता है। यह पहल न केवल गोवंश संरक्षण को मजबूती दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को पशुपालन के क्षेत्र में एक सशक्त मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है। Read More Lucknow: योगी सरकार की बड़ी पहल, गोवंश के लिए दो वर्षों में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर होगा हरा चारा उत्पादन

Prayagraj Magh Mela: धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- “केवल सम्मानजनक प्रोटोकॉल मिलने पर ही करेंगे गंगा स्नान”

BE NEWS – प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में आज मौनी अमावस्या पर शाही स्नान के लिए पहुंचे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस प्रशासन ने संगम पर जाने से पहले ही रोक दिया गया, जिसको लेकर शंकराचार्य और पुलिस में तीखी झड़प हो गई। जिसके बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। जिसके बाद शंकराचार्य ने मौनी अमावस्या पर स्नान करने से इंकार कर दिया।

Prayagraj Magh Mela Shankaracharya Avimukteshwarananda's chariot was prevented from entering the Sangam

समर्थकों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक

आपको बता दें कि मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में राजसी स्नान करने के लिए जा रहे ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को पुलिस प्रशासन ने संगम के पहले रोक दिया। इस कार्रवाई के बाद शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और पूरे संगम क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

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Prayagraj Magh Mela :शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के राथ को संगम जाने ...

पुलिस ने रथ को संगम तक जाने से रोका

जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ और जुलूस को रास्ते में रोकने के बाद समर्थकों ने विरोध किया। शंकराचार्य ने पुलिस और मेला प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही का आरोप लगाया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जुलूस के साथ संगम तट तक जाने की अनुमति नहीं है।

इस पूरी घटना के बाद संगम क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और मेलाधिकारी ऋषिराज समेत कई उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

समर्थक और साधु-संतों के बीच झड़प

पुलिस के साथ झड़प के बाद शंकराचार्य के 20 से अधिक समर्थक साधु हिरासत में ले लिए गए। इस बीच संगम पर स्नान जारी रहा। शंकराचार्य समर्थकों के साथ संगम के पहले ही रथ में बैठ गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। समर्थकों ने पांटून पुल संख्या चार के पास हंगामा किया, जिससे बैरिकेडिंग टूट गई और पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा।

शंकराचार्य ने किया धरना

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस और प्रशासन को कहा कि, “जब तक उन्हें सम्मानजनक प्रोटोकॉल के साथ नहीं लाया जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सामने साधु-संतों के साथ अभद्रता और मारपीट की गई, जो स्वीकार्य नहीं है।”

अधिकारियों ने किया समझाने-बुझाने का प्रयास

पुलिस और मेला प्रशासन लगातार शंकराचार्य को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि इस विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सके। Read More Prayagraj Magh Mela: धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- “केवल सम्मानजनक प्रोटोकॉल मिलने पर ही करेंगे गंगा स्नान”

यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी हब…यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन पर बोले सीएम योगी

BE NEWS – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी लखनऊ में यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल 25 करोड़ की आबादी वाला राज्य नहीं है, बल्कि देश और पड़ोसी राज्यों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र भी है।

आपको बता दें कि यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन के अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश को मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर इनोवेशन और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का राष्ट्रीय और वैश्विक हब बनाने की दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले पौने नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है, जिसके परिणाम आज ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

अंतिम पायदान तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े हेल्थकेयर कंज्यूमर मार्केट के रूप में 35 करोड़ से अधिक लोगों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं का भार वहन करता है। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज पूरी तरह क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में दो AIIMS, 100 से अधिक जिला अस्पताल, सैकड़ों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की एक मजबूत श्रृंखला स्थापित की गई है। इससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन खड़े करना नहीं था, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था तैयार करना था, जिसमें अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को भी सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

आयुष्मान योजना ने बदली गरीब की तकदीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू होने से पहले यदि किसी गरीब परिवार में कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाता था, तो पूरा परिवार भय और आर्थिक संकट में घिर जाता था। आज उत्तर प्रदेश में 5.5 करोड़ परिवारों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से प्रति परिवार ₹5 लाख तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जो पात्र परिवार किसी कारणवश योजना में शामिल नहीं हो सके, उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से कवर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, CHC, PHC तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

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मातृ-शिशु मृत्युदर में उल्लेखनीय गिरावट

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश ने मातृ एवं शिशु मृत्युदर को नियंत्रित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। संस्थागत प्रसव अब राष्ट्रीय औसत के समकक्ष पहुंच चुका है। कई जनपदों में ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है। एक समय उत्तर प्रदेश वेक्टर जनित रोगों की चपेट में रहता था। मानसून आते ही इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और कालाजार जैसी बीमारियां विकराल रूप ले लेती थीं।

इंसेफेलाइटिस के कारण पिछले 40 वर्षों में लगभग 50,000 बच्चों की मृत्यु हुई थी। वर्ष 2017 में सरकार ने इसके खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू किया। समय पर पहचान, स्थानीय स्तर पर इलाज और जवाबदेही तय करने की व्यवस्था लागू की गई। मात्र दो वर्षों के भीतर इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया और आज उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से शून्य मृत्यु (Zero Death) दर्ज की जा रही है। डेंगू, मलेरिया, कालाजार और चिकनगुनिया पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है।

टेक्नोलॉजी से ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ की ओर

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अगला लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ विज़न को साकार करना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया गांव स्तर से शुरू होनी चाहिए, ताकि मरीज को अनावश्यक रूप से 40-50 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही यह तय हो जाए कि मरीज को किस स्तर की चिकित्सा की आवश्यकता है। टेलीकंसल्टेशन, टेलीमेडिसिन और एआई आधारित स्क्रीनिंग से यह संभव है।

टेक्नोलॉजी से ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ की दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगला लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Ease of Living’ विज़न को साकार करना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया गांव स्तर से शुरू होनी चाहिए, ताकि मरीज को अनावश्यक रूप से 40–50 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही यह तय हो जाएगा कि मरीज को किस स्तर की चिकित्सा की आवश्यकता है। टेलीकंसल्टेशन, टेलीमेडिसिन और AI आधारित स्क्रीनिंग से यह संभव होगा।

मेडिकल डिवाइस और फार्मा सेक्टर को नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क और ललितपुर में बल्क ड्रग फार्मा पार्क का विकास युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल आत्मनिर्भर भारत नहीं, बल्कि ‘Make in India’ से ‘Make for the World’ की दिशा में आगे बढ़ना है।कोविड काल ने यह सिखाया कि संकट के समय दुनिया अपनी मोनोपोली दिखाती है। ऐसे में देश और प्रदेश को स्वास्थ्य और मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा।

मुख्यमंत्री ने तक्षशिला विश्वविद्यालय और वैद्य जीवक की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय मनीषा हमेशा यह मानती रही है कि “नास्ति मूलमनौषधम्” यानि कोई भी वनस्पति ऐसी नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हों। उसी तरह “अयोग्य: पुरुषो नास्ति” यानि कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, आवश्यकता केवल सही योजक की होती है। आज सरकार की नीतियां वही योग्य योजक हैं, जो युवाओं, स्टार्टअप्स व इनोवेटर्स को अवसर प्रदान कर रही हैं।

निवेशकों को यूपी आने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश-विदेश के निवेशकों और उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि प्रदेश में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित वातावरण और सिंगल विंडो सिस्टम उपलब्ध है। सरकार समयबद्ध स्वीकृति और हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और फार्मा के क्षेत्र में देश ही नहीं, दुनिया का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर सिंह, सचिव भारत सरकार मनोज जोशी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अमित घोष और औषधि महानियंत्रक भारत सरकार राजीव रघुवंशी समेत अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। Read More यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी हब…यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन पर बोले सीएम योगी