यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी हब…यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन पर बोले सीएम योगी

BE NEWS – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी लखनऊ में यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल 25 करोड़ की आबादी वाला राज्य नहीं है, बल्कि देश और पड़ोसी राज्यों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र भी है।

आपको बता दें कि यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन के अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश को मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर इनोवेशन और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का राष्ट्रीय और वैश्विक हब बनाने की दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले पौने नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है, जिसके परिणाम आज ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

अंतिम पायदान तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े हेल्थकेयर कंज्यूमर मार्केट के रूप में 35 करोड़ से अधिक लोगों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं का भार वहन करता है। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज पूरी तरह क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में दो AIIMS, 100 से अधिक जिला अस्पताल, सैकड़ों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की एक मजबूत श्रृंखला स्थापित की गई है। इससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन खड़े करना नहीं था, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था तैयार करना था, जिसमें अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को भी सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

आयुष्मान योजना ने बदली गरीब की तकदीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू होने से पहले यदि किसी गरीब परिवार में कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाता था, तो पूरा परिवार भय और आर्थिक संकट में घिर जाता था। आज उत्तर प्रदेश में 5.5 करोड़ परिवारों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से प्रति परिवार ₹5 लाख तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जो पात्र परिवार किसी कारणवश योजना में शामिल नहीं हो सके, उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से कवर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, CHC, PHC तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

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मातृ-शिशु मृत्युदर में उल्लेखनीय गिरावट

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश ने मातृ एवं शिशु मृत्युदर को नियंत्रित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। संस्थागत प्रसव अब राष्ट्रीय औसत के समकक्ष पहुंच चुका है। कई जनपदों में ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है। एक समय उत्तर प्रदेश वेक्टर जनित रोगों की चपेट में रहता था। मानसून आते ही इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और कालाजार जैसी बीमारियां विकराल रूप ले लेती थीं।

इंसेफेलाइटिस के कारण पिछले 40 वर्षों में लगभग 50,000 बच्चों की मृत्यु हुई थी। वर्ष 2017 में सरकार ने इसके खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू किया। समय पर पहचान, स्थानीय स्तर पर इलाज और जवाबदेही तय करने की व्यवस्था लागू की गई। मात्र दो वर्षों के भीतर इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया और आज उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से शून्य मृत्यु (Zero Death) दर्ज की जा रही है। डेंगू, मलेरिया, कालाजार और चिकनगुनिया पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है।

टेक्नोलॉजी से ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ की ओर

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अगला लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ विज़न को साकार करना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया गांव स्तर से शुरू होनी चाहिए, ताकि मरीज को अनावश्यक रूप से 40-50 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही यह तय हो जाए कि मरीज को किस स्तर की चिकित्सा की आवश्यकता है। टेलीकंसल्टेशन, टेलीमेडिसिन और एआई आधारित स्क्रीनिंग से यह संभव है।

टेक्नोलॉजी से ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ की दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगला लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Ease of Living’ विज़न को साकार करना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया गांव स्तर से शुरू होनी चाहिए, ताकि मरीज को अनावश्यक रूप से 40–50 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही यह तय हो जाएगा कि मरीज को किस स्तर की चिकित्सा की आवश्यकता है। टेलीकंसल्टेशन, टेलीमेडिसिन और AI आधारित स्क्रीनिंग से यह संभव होगा।

मेडिकल डिवाइस और फार्मा सेक्टर को नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क और ललितपुर में बल्क ड्रग फार्मा पार्क का विकास युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल आत्मनिर्भर भारत नहीं, बल्कि ‘Make in India’ से ‘Make for the World’ की दिशा में आगे बढ़ना है।कोविड काल ने यह सिखाया कि संकट के समय दुनिया अपनी मोनोपोली दिखाती है। ऐसे में देश और प्रदेश को स्वास्थ्य और मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा।

मुख्यमंत्री ने तक्षशिला विश्वविद्यालय और वैद्य जीवक की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय मनीषा हमेशा यह मानती रही है कि “नास्ति मूलमनौषधम्” यानि कोई भी वनस्पति ऐसी नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हों। उसी तरह “अयोग्य: पुरुषो नास्ति” यानि कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, आवश्यकता केवल सही योजक की होती है। आज सरकार की नीतियां वही योग्य योजक हैं, जो युवाओं, स्टार्टअप्स व इनोवेटर्स को अवसर प्रदान कर रही हैं।

निवेशकों को यूपी आने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश-विदेश के निवेशकों और उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि प्रदेश में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित वातावरण और सिंगल विंडो सिस्टम उपलब्ध है। सरकार समयबद्ध स्वीकृति और हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और फार्मा के क्षेत्र में देश ही नहीं, दुनिया का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर सिंह, सचिव भारत सरकार मनोज जोशी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अमित घोष और औषधि महानियंत्रक भारत सरकार राजीव रघुवंशी समेत अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। Read More यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी हब…यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन पर बोले सीएम योगी

Lucknow: सीएम योगी ने किया UP-IMRAS सॉफ्टवेयर का लोकार्पण, डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी और आसान

BE NEWS – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक अत्याधुनिक डिजिटल पहल के तहत UP-IMRAS (Integrated Medical Research Application System) सॉफ्टवेयर का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर इस सॉफ्टवेयर को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी आसान

आपको बता दें कि यह अत्याधुनिक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म क्लिनिकल ट्रायल, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइसेज़ से जुड़े अनुसंधान कार्यों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से अब शोधकर्ता अपनी सभी अनुसंधान संबंधी आवश्यकताएं, प्रस्ताव और अनुमतियां पूरी तरह ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगे। साथ ही इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी (IEC) द्वारा अनुमोदन, समीक्षा और निगरानी की संपूर्ण प्रक्रिया भी डिजिटल रूप से इसी प्लेटफॉर्म पर संपन्न होगी। इससे समय की बचत के साथ-साथ शोध कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

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SOPs पुस्तक का विमोचन

इसके बाद मुख्यमंत्री ने इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) से संबंधित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस पुस्तक में कुल 22 प्रकार के SOPs का विस्तृत संकलन किया गया है, जिससे क्लिनिकल ट्रायल्स और उनसे जुड़ी सभी प्रक्रियाओं में एकरूपता, नैतिकता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

वैश्विक स्तर पर नई पहल

इस अवसर पर बताया गया कि यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी तरह का पहला संगठित प्रयास है। इसे राज्य को मेडिकल रिसर्च और हेल्थ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Read More Lucknow: सीएम योगी ने किया UP-IMRAS सॉफ्टवेयर का लोकार्पण, डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी और आसान

एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ ने मानी गलती, 3500 से अधिक आपत्तिजनक पोस्ट किए ब्लॉक, 600 अकाउंट डिलीट

BE NEWS – केंद्र सरकार के सख्त आदेश के बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स ने अपने कई यूजर्स पर एक्शन लेते हुए 600 अकाउंट्स को हटा दिया है, इसके साथ ही 3500 से ज्यादा की पोस्ट भी डिलीट की है।

आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर मानी अपनी गलती

आपको बता दें कि भारत सरकार ने एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने भारत में आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर अपनी गलती को मान लिया है, और ने भारत सरकार को भरोसा दिलाया है कि वह आगे से भारतीय कानूनों और आईटी नियमों का पूरी तरह पालन करेगा। इस कार्रवाई के तहत X ने अपने AI टूल Grok से जुड़े 3500 से अधिक आपत्तिजनक कंटेंट को ब्लॉक किया है, जबकि 600 से ज्यादा अकाउंट्स को स्थायी रूप से डिलीट कर दिया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, एक्स ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की अश्लील, गैर-सहमति वाली या आपत्तिजनक इमेजरी को अनुमति नहीं दी जाएगी।

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AI चैटबाट ग्रोक के दुरुपयोग पर सरकार सख्त

भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को AI चैटबाट ग्रोक के  दुरुपयोग के मामलों में जवाबदेही तय करने के लिए नोटिस जारी किया था। सरकार ने कंपनी से ATR मांगी थी, जिसे पहले 5 जनवरी और बाद में समय बढ़ाकर 7 जनवरी तक जमा करने का निर्देश दिया गया था।

पहले नोटिस के जवाब में X ने भ्रामक पोस्ट और गैर-सहमति से तैयार की गई इमेज से जुड़े मामलों में अपनी कंटेंट हटाने की नीतियों की जानकारी दी थी। हालांकि, सरकार का मानना था कि उस जवाब में ग्रोक AI से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट पर की गई वास्तविक कार्रवाई और भविष्य की रोकथाम रणनीति को लेकर किसी भी प्रकार की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी।

Media is not free in India Elon Musks x got angry after Reuters account ...

केंद्रीय सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने जताई थी गंभीर चिंता

केंद्रीय सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने 2 जनवरी को एक्स को लैटर लिखकर AI-जनरेटेड कंटेंट की मॉडरेशन में गंभीर खामियों पर चिंता जताई थी। मंत्रालय ने कहा था कि एक्स के AI चैटबाट ग्रोक की अन्य सेवाओं का इस्तेमाल अश्लील, आपत्तिजनक और गैर-सहमति वाले कंटेंट को बनाने और फैलाने में किया जा रहा है, जिससे खास तौर पर महिलाओं की गरिमा और निजता को नुकसान पहुंच रहा है। मंत्रालय ने इसे आईटी कानून और उससे जुड़े नियमों का उल्लंघन बताते हुए उसे तत्काल अवैध कंटेंट हटाने, अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट देने और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

IT कानून की चेतावनी और सेफ हार्बर का मुद्दा

सरकार ने X को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं की गई तो कानूनी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही यह भी कहा गया था कि IT Act की धारा 79 के तहत मिलने वाली सेफ हार्बर सुरक्षा तभी लागू होगी, जब प्लेटफॉर्म कंटेंट मॉडरेशन में पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता बरतेगा। Read More एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ ने मानी गलती, 3500 से अधिक आपत्तिजनक पोस्ट किए ब्लॉक, 600 अकाउंट डिलीट

PM मोदी ने भारतीय एआई स्टार्टअप्स संग की अहम बैठक, India AI Impact Summit 2026 से पहले किया गया मंथन

BE NEWS – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आधिकारिक आवास पर भारतीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  स्टार्टअप्स के साथ एक महत्वपूर्ण राउंडटेबल बैठक की। यह बैठक अगले महीने भारत में आयोजित होने वाले India AI Impact Summit 2026 से पहले हुई, जिसे देश के लिए वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

12 भारतीय AI स्टार्टअप्स ने लिया हिस्सा

दरअसल इस बैठक में AI for All- Global Impact Challenge के तहत चयनित 12 भारतीय AI स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया। इन स्टार्टअप्स ने प्रधानमंत्री के सामने अपने इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स की प्रस्तुतियां दीं। ये कंपनियां भारतीय भाषाओं पर आधारित फाउंडेशन मॉडल, मल्टी-लिंगुअल LLMs, स्पीच-टू-टेक्स्ट और टेक्स्ट-टू-ऑडियो तकनीक, टेक्स्ट-टू-वीडियो समाधान, ई-कॉमर्स और मार्केटिंग के लिए जनरेटिव AI आधारित 3D कंटेंट, इंजीनियरिंग सिमुलेशन, मैटेरियल रिसर्च, हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स और मेडिकल रिसर्च जैसे उभरते क्षेत्रों में काम कर रही हैं।

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देश में AI सेक्टर तेज़ी से आगे बढ़ रहा

AI स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार की नीतियों और समर्थन की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश में AI सेक्टर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इसमें असीम संभावनाएं हैं। स्टार्टअप्स का मानना है कि AI इनोवेशन और उसके व्यावहारिक उपयोग का वैश्विक केंद्र अब धीरे-धीरे भारत बनता जा रहा है।

परिवर्तनकारी और समावेशी विकास की दिशा

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाज और अर्थव्यवस्था में बड़े पैमाने पर परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि आगामी India AI Impact Summit भारत को वैश्विक तकनीकी मंच पर नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत AI के माध्यम से परिवर्तनकारी और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

दोनों में अपार क्षमता मौजूद

प्रधानमंत्री ने AI स्टार्टअप्स और उद्यमियों को देश के भविष्य का “को-आर्किटेक्ट” बताते हुए कहा कि भारत में इनोवेशन और बड़े स्तर पर किया जाना चाहिए। दोनों में अपार क्षमता मौजूद है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को “Made in India, Made for the World” की भावना के साथ एक अलग और भरोसेमंद AI मॉडल दुनिया के सामने पेश करना चाहिए।

दुनिया का विश्वास देश की सबसे बड़ी ताकत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, ‘ भारत पर दुनिया का विश्वास देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारतीय AI मॉडल नैतिकता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और डेटा प्राइवेसी जैसे मूल सिद्धांतों पर आधारित होने चाहिए।’

उन्होंने स्टार्टअप्स की दिशा में सोचने और काम करने का आह्वान किया तथा कहा कि भारत सस्ती, समावेशी और भरोसेमंद AI को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दे सकता है। साथ ही, भारतीय AI समाधानों में स्थानीय कंटेंट और क्षेत्रीय भाषाओं को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। Read More PM मोदी ने भारतीय एआई स्टार्टअप्स संग की अहम बैठक, India AI Impact Summit 2026 से पहले किया गया मंथन