Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र शोक में की लहर, फडणवीस-शिंदे और शरद पवार बारामती रवाना

Ajit Pawar Plane Crash – महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन (Ajit Pawar Plane Crash) हो गया। वे मुंबई से चुनाव प्रचार के सिलसिले में बारामती जा रहे थे, तभी लैंडिंग के दौरान रनवे पर उनका निजी चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

Ajit Pawar Plane Crash
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पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर

डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन (Ajit Pawar Plane Crash) की खबर मिलते ही महाराष्ट्र समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। बारामती और पुणे में उनके आवास के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

सीएम फडणवीस और एकनाथ शिंदे रवाना 

हादसे के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तुरंत बारामती जाने का निर्णय लिया है। एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह महाराष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है और खुद जाकर वह स्थिति वहां जायजा लेगें।

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Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
शरद पवार मुंबई से बारामती के लिए रवाना

NCP-SCP प्रमुख शरद पवार अपनी पत्नी प्रतिभा पवार के साथ मुंबई स्थित अपने आवास से बारामती के लिए रवाना हो गए हैं। पवार परिवार के अन्य सदस्य भी दिल्ली और मुंबई से बारामती पहुंच रहे हैं।

लैंडिंग के समय हुआ हादसा

महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह एक भीषण विमान हादसा सामने आया, जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा निजी चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना सुबह करीब 8:45 बजे हुई, जब विमान बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरने की कोशिश कर रहा था। लैंडिंग के दौरान विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा और रनवे के पास क्रैश हो गया। टक्कर के तुरंत बाद विमान में भीषण आग लग गई, जिससे धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा।

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Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
लैंडिंग के दौरान दो हिस्सों में टूटा विमान

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान जैसे ही बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरने वाला था, अचानक नियंत्रण खो बैठा और रनवे पर टकराकर दो हिस्सों में बंट गया। टक्कर के तुरंत बाद विमान में आग लग गई और कुछ ही पलों में वह आग के गोले में तब्दील हो गया। हादसा इतना भयावह था कि विमान पूरी तरह जलकर राख हो गया।

Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
विमान से जुड़ी अहम जानकारी

1.प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अजित पवार निजी चार्टर्ड विमान में यात्रा कर रहे थे।

2. विमान कंपनी- VSR वेंचर प्राइवेट लिमिटेड

3. विमान मॉडल- Bombardier Learjet 45XR (2010 मॉडल)

4. रजिस्ट्रेशन नंबर- VT-SSK

राष्ट्रपति से लेकर नेताओं तक ने जताया शोक

राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु , केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने इसे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया है।

हादसे की जांच के आदेश

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और स्थानीय प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन तकनीकी खराबी या लैंडिंग के दौरान आई समस्या की आशंका जताई जा रही है। Read More Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र शोक में की लहर, फडणवीस-शिंदे और शरद पवार बारामती रवाना

Ajit Pawar Plane Crash: डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन, हादसे से हिला महाराष्ट्र, जांच के आदेश..

Ajit Pawar Plane Crash – महाराष्ट्र से इस वक्त की सबसे बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक विमान (Ajit Pawar Plane Crash) हादसे में निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हो गई ।

राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद

आपको बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद बन गया, बारामती में बुधवार सुबह उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा निजी चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

लैंडिंग के दौरान बिगड़ा विमान संतुलन

सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार मुंबई में कैबिनेट बैठक में शामिल होने के बाद एक निजी कंपनी के चार्टर्ड विमान से बारामती के लिए रवाना हुए थे। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान विमान संतुलन खो बैठा और रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि विमान को भारी नुकसान पहुंचा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

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Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
कुल पांच लोगों की मौत की पुष्टि

इस हादसे में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। मृतकों में विमान के पायलट, को-पायलट और अन्य स्टाफ सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि अजित पवार पुणे जिले में 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने बारामती जा रहे थे।

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Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, हालांकि डॉक्टरों ने अजित पवार समेत पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। तकनीकी खराबी या मौसम को लेकर भी जांच की जा रही है। नागरिक उड्डयन विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

इधर, अजित पवार के निधन की खबर के बाद महाराष्ट्र सहित पूरे देश में शोक की लहर है। राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख जताया है और सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। Read More Ajit Pawar Plane Crash: डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन, हादसे से हिला महाराष्ट्र, जांच के आदेश..

Bank Strike Today: SBI-PNB समेत सरकारी बैंकों में आज कामकाज ठप, जानिए क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद…

Bank Strike Today – अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो आपको कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है। रविवार और गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद अब मंगलवार, 27 जनवरी को बैंक यूनियनों ने देशव्यापी बैंक हड़ताल (Bank Strike)  का आह्वान किया है। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले बुलाई गई है, जिसका उद्देश्य सरकार और बैंक प्रबंधन पर लंबित मांगों को पूरा करने का दबाव बनाना है।

Bank Strike
Bank Strike
इन बैंकों ने जारी की एडवाइजरी

बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bob) सहित कई बड़े सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को पहले ही सूचित कर दिया है कि हड़ताल (Bank Strike) के कारण शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहेगा। हालांकि बैंकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि डिजिटल सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी।

हड़ताल के चलते मंगलवार को बैंक शाखाओं में –

बैंक हड़ताल (Bank Strike) का वजह से केवाईसी (KYC) अपडेट, नया खाता खुलवाना, चेक जमा करना, नकद जमा और निकासी जैसे काम नहीं हो पाएंगे। इसके अलावा चेक क्लियरिंग प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है, जिससे व्यापारिक लेनदेन में देरी संभव है।

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कौन-सी सेवाएं रहेंगी चालू, ग्राहक इन सेवाओं का लाभ ले सकेंगे –

वहीं बैंक हड़ताल (Bank Strike) के बीच नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई (UPI), एटीएम से कैश निकासी (सीमित उपलब्धता के साथ) जैसी सुवधाएं चालू रहेगी। बैंकों ने ये भरोसा दिलाया है कि वेबसाइट और मोबाइल ऐप्स के जरिए बैंकिंग सेवाएं 24×7 उपलब्ध रहेंगी।

बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगें

1. बैंक कर्मचारी सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने की मांग कर रहे हैं। अभी केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही अवकाश रहता है। यूनियनों का दावा है कि सरकार और IBA के बीच इस पर सहमति बन चुकी है, लेकिन अधिसूचना अब तक जारी नहीं हुई है।

2. पुराने कर्मचारियों के लिए पेंशन अपडेट करने, खाली पदों पर नई भर्ती करने और आउटसोर्सिंग बंद करने की मांग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

3. कर्मचारी संगठन नई पेंशन योजना (NPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग कर रहे हैं, ताकि रिटायरमेंट के बाद सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Bank Strike
Bank Strike
एटीएम पर बढ़ सकता है दबाव

लगातार तीन दिन बैंक बंद रहने के कारण एटीएम में कैश की कमी हो सकती है। हालांकि बैंक प्रबंधन ने कैश उपलब्धता बनाए रखने का प्रयास करने का भरोसा दिया है, लेकिन भारी निकासी से एटीएम जल्दी खाली होने की आशंका बनी हुई है।

 SBI ने ग्राहकों से की अपील 

देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने ग्राहकों से अपील की है कि वे हड़ताल (Bank Strike) के दौरान डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें। बैंक के अनुसार, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई सेवाएं बिना किसी रुकावट के चालू रहेंगी।

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UGC Controversy: “मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो…” यूजीसी विवाद में उतरे कुमार विश्वास, एक्स पर कविता पोस्ट कर किया विरोध

UGC Controversy-  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को लेकर विवाद दिन-ब- दिन बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच आज UGC नियमों के बदलाव के लेकर कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर इसका विरोध किया है।

यूजीसी के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध तेज

आपको बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध तेज होता जा रहा है। छात्र संगठनों के साथ-साथ अब साहित्य और कला जगत की चर्चित हस्तियां भी इस विवाद में खुलकर सामने आने लगी हैं। इसी कड़ी में मशहूर कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने भी यूजीसी नियमों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक कविता साझा करते हुए नए यूजीसी नियमों का विरोध दर्ज कराया। उनकी यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है।

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Kumar Vishwas
कविता के जरिए सरकार पर तंज

कुमार विश्वास ने अपनी पोस्ट में स्वर्गीय कवि रमेश रंजन की कविता की पंक्तियां साझा कीं। उन्होंने लिखा- “चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा।” इस कविता के साथ उन्होंने #UGC_RollBack हैशटैग का इस्तेमाल किया है।

https://x.com/DrKumarVishwas/status/2016004252049756647

नियमों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज

UGC नियमों में बदलाव के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। मंगलवार को दिल्ली स्थित UGC मुख्यालय पर छात्रों ने प्रदर्शन किया। सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक इन नियमों को लेकर नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।

क्या हैं यूजीसी रूल्स 2026

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 13 जनवरी 2026 को देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में UGC रूल्स 2026 लागू किए हैं। इन नियमों के तहत Equity Committees, Equity Squads, 24×7 हेल्पलाइन और कड़ी निगरानी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। यह व्यवस्थाएं विशेष रूप से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।

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सामान्य वर्ग में भारी नाराजगी

UGC के इन नए नियमों को लेकर सामान्य वर्ग में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि ये नियम एकतरफा हैं और इससे भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं।

प्रशासन तक पहुंचा विवाद

यूजीसी (UGC) नियमों को लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि हाल ही में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी नाराजगी जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले कई भाजपा नेताओं ने भी इन नियमों पर सवाल उठाए थे।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

कुमार विश्वास की कविता पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है। कुछ समर्थक इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे नियमों के खिलाफ मान रहे हैं। यूजीसी नियमों को लेकर यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। Read More UGC Controversy: “मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो…” यूजीसी विवाद में उतरे कुमार विश्वास, एक्स पर कविता पोस्ट कर किया विरोध

77th Republic Day 2026: ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने शुभांशु शुक्ला, द्रौपदी मुर्मू ने ‘अशोक चक्र’ से किया सम्मानित

77th Republic Day 2026 – गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनकी वीरता का प्रतीक है, बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की एक नई उड़ान की पहचान भी है।

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ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय 

आपको बता दें कि नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को   ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्हें ऐतिहासिक एक्सिओम-4 मिशन के तहत यह गौरव प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने 18 दिन तक अंतरिक्ष में बिताए। इस मिशन में अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भाग लिया। शुभांशु शुक्ला के अलावा मिशन में तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भी शामिल थे।

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भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक नई उपलब्धि

ग्रुप कैप्टन शुक्ला का अंतरिक्ष में कदम रखना भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक नई उपलब्धि है। उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री बने थे। 41 साल बाद भारत ने फिर से अंतरिक्ष में अपने नागरिक को भेजा।

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जून 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल

लखनऊ के रहने वाले शुभांशु शुक्ला ने जून 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल होकर विभिन्न लड़ाकू विमानों का अनुभव प्राप्त किया। उनके पास Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier और AN-32 सहित कई विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान का रिकॉर्ड है। एक्सिओम-4 मिशन में उन्होंने पायलट की भूमिका निभाई और मिशन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ग्रुप कैप्टन शुक्ला के इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन और वीरता पुरस्कार ने पूरे देश को गर्वित कर दिया। इस मौके पर देशवासियों ने उनके साहस और योगदान को सराहा। Read More 77th Republic Day 2026: ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने शुभांशु शुक्ला, द्रौपदी मुर्मू ने ‘अशोक चक्र’ से किया सम्मानित

Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस पर लखनऊ में सीएम योगी ने फहराया तिरंगा, देशवासियों को दी शुभकामनाएं

Republic Day 2026: देशभर के साथ राजधानी लखनऊ में भी 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कालीदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तिरंगे को सलामी दी।

देशवासियों को गणतंत्र दिवस पर दीं शुभकामनाएं 

आपको बता दें कि सीएम योगी ने राजधानी लखनऊ में इस मौके पर प्रदेशवासियों और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान की गूंज से पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया। तिरंगा फहराने के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि, ” संविधान ने अनेक उतार- चढ़ाव देखे हैं फिर भी आज भारत मजबूत हुआ ”

76 वर्षों की यात्रा में भारतीय संविधान

आगे उन्होंने कहा कि पिछले 76 वर्षों की यात्रा में भारतीय संविधान ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन इसके बावजूद देश ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक आज हर भारतवासी राष्ट्रीय एकता, अखंडता और गौरव के भाव के साथ नए भारत के निर्माण में सहभागी बन रहा है।

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गणतंत्र दिवस पर महापुरुषों को किया नमन

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन करते हुए कहा कि, “उनके नेतृत्व में चले स्वतंत्रता आंदोलन ने भारत को आज़ादी दिलाई। उन्होंने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित उन सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।”

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राजधानी में देशभक्ति का माहौल

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ में विभिन्न स्थानों पर रंगारंग कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरा शहर देशभक्ति के नारों और तिरंगे के रंग में सराबोर नजर आया। Read More Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस पर लखनऊ में सीएम योगी ने फहराया तिरंगा, देशवासियों को दी शुभकामनाएं

Padma Awards: साल 2026 के लिए पद्म पुरस्कारों का ऐलान, गुमनाम नायकों के समर्पण को राष्ट्र का नमन…

BE NEWS – साल 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इस सम्मान के साथ देशभर के उन तमाम नायकों को जिन्होंने चुपचाप समाज में बड़ा बदलाव लाया, उनको सम्मानित किया जाएगा।

वर्ष 2026 के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान

आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस की गौरवशाली पूर्व संध्या पर, भारत सरकार ने वर्ष 2026 के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक, ‘पद्म पुरस्कारों’ की घोषणा कर दी है। कला, साहित्य, विज्ञान, खेल और समाज सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपना जीवन समर्पित करने वाली असाधारण शख्सियतों को इस बार पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से नवाजा गया है। वहीं देश के दूर-दराज के इलाकों में चुपचाप समाज को बदलने वाले उन ‘गुमनाम नायकों’ को भी ‘पीपल्स पद्म’ के जरिए सम्मान दिया गया है।

कुल 131 पुरस्कारों (5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री) के माध्यम से राष्ट्र ने उन हाथों को सलाम किया है जिन्होंने अपनी विशिष्ट सेवा से भारत की प्रगति और संस्कृति में अमूल्य योगदान दिया है। इस वर्ष की सूची विशेष रूप से चर्चा में है, क्योंकि इसमें जहाँ धर्मेंद्र सिंह देओल, अल्का याग्निक और ममूटी जैसे दिग्गज फिल्मी सितारों के नाम शामिल हैं, हालांकि पद्म पुरस्कार विजेताओं की आधिकारिक सूची केंद्र सरकार द्वारा 25 जनवरी की शाम को जारी की जाएगी, लेकिन इससे पहले सामने आई प्रारंभिक सूची ने यह साफ कर दिया है कि इस बार भी “पीपल्स पद्म” की भावना को आगे बढ़ाया गया है।

Padma Awards 2026: पद्म पुरस्कारों का ऐलान, धर्मेंद्र से अल्का याग्निक ...

पद्मश्री पुरस्कार पाने वालों के नाम

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चिरंजी लाल यादव, धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या, बुधरी ताती और चरण हेम्ब्रम जैसे नाम पद्मश्री पुरस्कार पाने वालों में शामिल हैं। ये वे लोग हैं जिन्होंने बिना किसी प्रचार के, बेहद कठिन परिस्थितियों में समाज सेवा को अपना जीवन उद्देश्य बनाया।

 प्रारंभिक सूची में शामिल नाम

इस सूची में अंके गौड़ा, आर्मिडा फर्नांडीज, भगवानदास रायकवार, भिकल्या लाडक्या ढिंडा, बृज लाल भट्ट, चरण हेम्ब्रम, चिरंजी लाल यादव, धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या, गफरूद्दीन मेवाती जोगी, इंद्रजीत सिंह सिद्धू, कैलाश चंद्र पंत, कोल्लाक्कयिल देवकी अम्मा जी, कुमारसामी थंगराज, महेंद्र कुमार मिश्र, नूरुद्दीन अहमद, रघुवीर तुकाराम खेडकर, रामचन्द्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले सहित कई अन्य नाम शामिल हैं।

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Padma Awards Announced: पद्म पुरस्कारों का ऐलान, ताइवान की फॉक्सकॉन ...

समाज की भलाई को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया

इस वर्ष सम्मानित किए जाने वाले कई लोग दलित, पिछड़े वर्गों, आदिवासी समुदायों और दूरदराज़ के कठिन इलाकों से आते हैं। इन पुरस्कार विजेताओं ने न केवल व्यक्तिगत संघर्षों का सामना किया, बल्कि समाज की भलाई को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। इनकी सेवाएं भले ही सुर्खियों में न रही हों, लेकिन उनका प्रभाव गहरा और स्थायी रहा है।

पद्म पुरस्कार केवल उपलब्धियों का सम्मान नहीं हैं, बल्कि उन मूल्यों की पहचान भी हैं जो देश उन हाथों को भी सलाम करता है, जो बिना तालियों की उम्मीद किए समाज को बेहतर बनाने में लगे रहे। Read More Padma Awards: साल 2026 के लिए पद्म पुरस्कारों का ऐलान, गुमनाम नायकों के समर्पण को राष्ट्र का नमन…

Chennai: सीएम स्टालिन का केंद्र को अल्टीमेटम, कहा- “तमिलनाडु में हिंदी के लिए कोई जगह नहीं!”

BE NEWS – तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक (DMK) अध्यक्ष एमके स्टालिन ने एक बार फिर केंद्र सरकार को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि तमिलनाडु में हिंदी थोपे जाने के लिए कभी कोई जगह नहीं रही और न भविष्य में होगी। भाषा शहीद दिवस के मौके पर उन्होंने 1960 के दशक के हिंदी-विरोधी आंदोलन के बलिदानियों को याद किया और राज्य की भाषाई पहचान की रक्षा का संकल्प दोहराया।

हिंदी-विरोधी आंदोलन की दिखाई झलक 

आपको बता देंं कि  सीएम स्टालिन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि, भाषा शहीद दिवस के अवसर पर यह स्पष्ट किया कि तमिलनाडु में हिंदी के लिए न तब कोई जगह थी, न अब है और न कभी होगी। इसके साथ उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें 1965 के ऐतिहासिक हिंदी विरोधी आंदोलन की झलक दिखाई गई। इस वीडियो में द्रमुक के संस्थापक नेताओं सी.एन. अन्नादुरई और एम. करुणानिधि के योगदान को भी दिखाया गया।

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केंद्र से रार के बीच स्टालिन का बड़ा ऐलान, तमिलनाडु की स्वायत्तता पर ...

शहीदों की प्रतिमाओं का अनावरण

मुख्यमंत्री ने चेन्नई में शहीद थलामुथु और नटरासन के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इन आंदोलनकारियों ने हिंदी को अधिकारिक भाषा बनाने के विरोध में अपना जान गंवा दी थी। उन्होंने चेन्नई महानगर विकास प्राधिकरण (CMDA) भवन पर दोनों शहीदों की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया। स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु ने हिंदी-विरोधी आंदोलन के जरिए न सिर्फ अपनी भाषा, बल्कि पूरे देश में भाषाई अधिकारों और पहचान की रक्षा का मार्ग प्रशस्त किया।

दरअसल ‘भाषा शहीद दिवस’ उन युवाओं की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने 1964-65 के दौरान हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाए जाने के विरोध में अपनी जान गंवाई थी। इस आंदोलन के बाद तमिलनाडु में दो भाषा सूत्र अपनाया, जिसमें केवल तमिल और अंग्रेजी को प्राथमिकता दी जाती है।

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन हिंदी भाषा को लेकर दिया बड़ा बयान ...

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का विरोध

द्रमुक सरकार लगातार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का विरोध करती रही है। मुख्यमंत्री स्टालिन का आरोप है कि केंद्र सरकार इस नीति के जरिए पिछले दरवाजे से हिंदी को गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर थोपना चाहती है। Read More Chennai: सीएम स्टालिन का केंद्र को अल्टीमेटम, कहा- “तमिलनाडु में हिंदी के लिए कोई जगह नहीं!”

UP Mock Drill: उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सायरन बजते ही होगा आज ब्लैकआउट, शाम 6 बजे यूपी सुरक्षा का ‘शक्ति परीक्षण’

UP Mock Drill – उत्तर प्रदेश में आज शाम 6 बजे प्रदेश के सभी जिलों में 10 मिनट के लिए बिजली सप्लाई अस्थाई रुप से बंद कर ही जाएगी। ये ब्लैक आउट सिर्फ एक अभ्यास है, जिसको लेकर योगी सरकार ने लोगों से सहयोग करने की अपील की है।

प्रदेश के सभी 75 जिलों में बिजली सप्लाई बंद 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में आज शाम सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के अभ्यास के तहत बड़ा मॉक ड्रिल किया जाएगा। शाम 6 बजे से प्रदेश के सभी 75 जिलों में लगभग 10 मिनट के लिए बिजली की सप्लाई अस्थायी रूप से बंद रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई आपात स्थिति नहीं है, बल्कि सिर्फ एक अभ्यास है।

सरकार के मुताबिक, इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध, आतंकवादी हमला, हवाई खतरा, बड़ी आग या प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में प्रशासन और जनता कितनी जल्दी और सही तरीके से प्रतिक्रिया दे पाती है।

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मॉक ड्रिल का कार्यक्रम
  • शाम 6 बजे से पहले अलग-अलग जिलों में सायरन बजाए जाएंगे।

  • इसके बाद लगभग 10 मिनट तक प्रदेशभर में बिजली बंद रहेगी।

  • पुलिस, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों को पूरी तरह अलर्ट रखा जाएगा।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ में मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे, जो पुलिस लाइंस में आयोजित किया जाएगा।

इस दौरान यह देखा जाएगा कि आपात स्थिति में पुलिस कितनी तेजी से मौके पर पहुंचती है, राहत और बचाव कार्य कैसे किए जाते हैं, और घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

अभ्यास में प्रशासन का समर्थन करने की अपील

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि ब्लैकआउट के दौरान घबराए नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। लोगों से कहा गया है कि वे घरों की लाइट बंद रखें, बेवजह बाहर न निकलें और इस अभ्यास में प्रशासन का पूरा समर्थन दें।

सरकार का मानना है कि इस तरह के अभ्यास से प्रशासन की कमियों का पता चलता है और समय रहते सुधार किया जा सकता है। भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में यह कदम जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद करेगा। Read More UP Mock Drill: उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सायरन बजते ही होगा आज ब्लैकआउट, शाम 6 बजे यूपी सुरक्षा का ‘शक्ति परीक्षण’

Prayagraj Magh Mela 2026: बसंत पंचमी पर संगम बना आस्था का महासंगम, करोड़ों ने लगाई पुण्य की डुबकी

Prayagraj Magh Mela 2026: बसंत पंचमी के पावन पर्व पर शुक्रवार सुबह संगम पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। आज बन रहे गजकेसरी योग में श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया और पूजा-अर्चना की। सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की कतारें देखने को मिलीं। माघ मेले के इस चौथे स्नान को लेकर प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किए है।

आपको बता दें कि संगम किनारे चल रहे माघ मेले का आज 23 जनवरी, दिन शुक्रवार को बंसत पंचमी के पावन दिन मनाया जा रहा है। इस स्नान पर्व को लेकर मेला स्थल पर आज श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 8 बजे तक अनुमानित 1 करोड़ 4 लाख श्रद्धालुओं ने अब तक संगम पर आस्था की डुबकी लगाई है। अभी यह संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कई इंतजाम किए है।

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कोई वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं

प्रशासन का अनुमान है कि बसंत पंचमी से लेकर 26 जनवरी तक, यानी अगले चार दिनों में लगभग साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालु संगम तट पर पहुंच सकते हैं। भीड़ को देखते हुए इस दौरान कोई वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं किया गया है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को समान सुविधा मिल सके।

माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त की गई है। पुलिस, पीएसी, आरएएफ, बीडीएस, यूपी एटीएस के कमांडो और खुफिया एजेंसियां तैनात हैं। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए की जा रही है। स्नान घाटों पर जल पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड कंपनी पीएसी और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है।

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पहले स्नान पर्व पर आस्था का समागम, हर हर गंगे के जयकारों के बीच महाकुंभ ...

मेला प्रशासन ने किए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

वसंत पंचमी स्नान को लेकर मेला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। संगम क्षेत्र में करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबे स्नान घाट तैयार किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को स्नान में किसी प्रकार की असुविधा न हो। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है।

मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि इस दौरान भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, घाटों की सुरक्षा और सुरक्षित निकासी व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात रहेगा।

रूट डायवर्जन की विशेष व्यवस्था

ट्रैफिक व्यवस्था के तहत माघ मेला से संबंधित वाहनों को छोड़कर अन्य भारी और हल्के वाहनों को प्रयागराज जिले की सीमा में आने से पहले ही वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ दिया जाएगा। इसके लिए रूट डायवर्जन की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि शहर के भीतर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने।

श्रद्धालुओं से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील 

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बसंत पंचमी स्नान पर्व के दिन, यानी 23 जनवरी को नया यमुना पुल पूरी तरह बंद रहेगा। इस दिन आवागमन केवल पुराने यमुना पुल से ही संभव होगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सहयोग करें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके। Read More Prayagraj Magh Mela 2026: बसंत पंचमी पर संगम बना आस्था का महासंगम, करोड़ों ने लगाई पुण्य की डुबकी