गोरखपुर महोत्सव में पवन सिंह के लाइव शो के दौरान मची अफरा-तफरी, बेकाबू भीड़ पर पुलिस ने भांजी लाठियां

BE NEWS – भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई गाना या फिल्म नहीं, बल्कि गोरखपुर में हुआ उनका लाइव शो है। गोरखपुर महोत्सव के दौरान पवन सिंह को देखने के लिए उमड़ी भारी भीड़ बेकाबू हो गई, जिसके बाद हालात संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा।

कार्यक्रम स्थल पर लोगों की भीड़

दरअसल  12 जनवरी की रात गोरखपुर महोत्सव के दूसरे दिन पवन सिंह स्टेज शो के लिए पहुंचे थे। इस दौरान जैसे ही उनके आने की खबर फैली, कार्यक्रम स्थल पर लोगों की भीड़ तेजी से बढ़ती चली गई। हालात इतने बिगड़ गए कि सुरक्षा व्यवस्था जवाब देने लगी और देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई।

जन्मदिन सेलिब्रेशन के दौरान बिगड़े हालात

बताया जा रहा है कि शो के दौरान मंच पर पवन सिंह के जन्मदिन का केक काटा जा रहा था। उसी वक्त फैंस की भीड़ आगे बढ़ने लगी और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे भीड़ तितर-बितर हो गई। इस दौरान कई लोग घायल हुए हैं।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कार्यक्रम स्थल पर कुर्सियां टूटी हुई पड़ी हैं और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं। भगदड़ के कारण महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हुए।

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सांसद रवि किशन भी थे मंच पर मौजूद

इस कार्यक्रम में पवन सिंह के साथ मंच पर भोजपुरी अभिनेता और सांसद रवि किशन भी मौजूद थे। दोनों की मौजूदगी के चलते उत्साह अपने चरम पर था, लेकिन अव्यवस्था के कारण पूरा आयोजन प्रभावित हो गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो

घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुलिस की कार्रवाई और भगदड़ के दृश्य साफ नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। Read More गोरखपुर महोत्सव में पवन सिंह के लाइव शो के दौरान मची अफरा-तफरी, बेकाबू भीड़ पर पुलिस ने भांजी लाठियां

I-PAC मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची ED, ममता बनर्जी समेत कई शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ की FIR की मांग

BE NEWS – प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक माहौल गरमा गया है। ईडी ने पश्चिम बंगाल में की गई छापेमारी मामले को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

मनी लॉन्ड्रिंग जांच में बाधा डालने का आरोप

दरअसल I-PAC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। ED ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि I-PAC से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान राज्य सरकार और शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने जानबूझकर जांच में रुकावट डाली। एजेंसी का कहना है कि रेड के समय अधिकारियों ने सहयोग करने के बजाय जांच प्रक्रिया को बाधित किया।

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सबूतों से छेड़छाड़ और जांच में रुकावट का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय ने यह भी आरोप लगाया है कि राज्य की मशीनरी का इस्तेमाल कर सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई और कुछ अहम साक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया। याचिका में ED ने कहा कि कानून के रखवाले ही अपराध में भागीदार बन गए, जिससे निष्पक्ष जांच पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में ED ने कहा कि जांच एजेंसी को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करने से रोका गया। एजेंसी का दावा है कि राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने पद और शक्ति का दुरुपयोग करते हुए जांच में सीधी दखलअंदाजी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए ED ने सुप्रीम कोर्ट से CBI जांच कराने की मांग भी की है।

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 आखिर क्या है पूरा मामला

बीते  गुरुवार को ईडी ने पश्चिम बंगाल समेत देश के 15 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कोलकाता स्थित राजनीतिक रणनीति बनाने वाली कंपनी आईपैक (I-PAC) का दफ्तर भी शामिल था। आईपैक कार्यालय पर छापे की खबर मिलते ही खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंच गईं। जहां से वह कुछ फाइलें अपने साथ लेकर चली गई। जिसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार पर एजेंसियों के जरिए उनकी पार्टी की निजी और राजनीतिक जानकारी चुराने का गंभीर आरोप लगाया था। इस छापेमारी के विरोध में दिल्ली में भी तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया था। Read More I-PAC मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची ED, ममता बनर्जी समेत कई शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ की FIR की मांग

लखनऊ: जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं जनसमस्याएं, कहा- “भूमाफिया व दबंगों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाई”

BE NEWS – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक प्रार्थी से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। आमजनों के प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं है।

भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम योगी ने प्रत्येक फरियादी के प्रार्थना पत्र स्वयं लेकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध कब्जा, दबंगई और भूमाफियाओं की गतिविधियां किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी है और नियमित रूप से होती रहेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ ही लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार आपकी समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

 शीघ्रता से निस्तारण का दिया निर्देश

मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ वादी जमीन कब्जा व मारपीट आदि की शिकायत लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हर एक व्यक्ति के पास पहुंचकर उसकी शिकायत सुनी, प्रार्थना पत्र लिया, फिर अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद स्तर पर कानून व राजस्व के प्रकरण में तेजी से सुनवाई करते हुए इसका निस्तारण किया जाए। कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में है। इसमें हीला-हवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और जनपद, मंडल, रेंज व जोन के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि दबंगों व भूमाफिया के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखें।

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इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता दे रही सरकार

जनता दर्शन में पहुंचकर गंभीर बीमारी से जूझ रहे कुछ पीड़ितों ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। जिसको लेकर सीएम योगी ने कहा कि, सरकार इलाज के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। आप भी हॉस्पिटल से जल्द एस्टिमेट बनवाकर दें, एस्टिमेट मिलते ही आपके इलाज में सरकार तुरंत आर्थिक मदद करेगी। धन के अभाव में इलाज नहीं रुकेगा।

नौनिहालों को सीएम योगी ने किया दुलार

जनता दर्शन में कई बच्चे भी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे। नन्हे-मुन्ने बच्चों के सामने सीएम योगी का बालप्रेम फिर उमड़ पड़ा। उन्होंने बच्चों का हाल जाना, उन्हें दुलारा-पुचकारा और चॉकलेट दी। सीएम ने अभिभावकों से कहा कि ठंड में बच्चों का विशेष ध्यान रखें। यह अपनत्वपूर्ण भाव सुनकर अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। Read More लखनऊ: जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं जनसमस्याएं, कहा- “भूमाफिया व दबंगों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाई”

मेरठ: दलित महिला हत्याकांड मामले में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने जताई चिंता, कहा – “मुझे आशंका है कि लड़की को…”

BE NEWS – मेरठ के थाना सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मृतका की बेटी को सकुशल बरामद कर लिया है और मुख्य आरोपी युवक पारस सोम को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी युवक और बरामद की गई युवती से पूछताछ कर रही है।

अपहरण के विरोध में हुई हत्या का आरोप

आपको बता दें कि मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दिनदहाड़े हुई दिल दहला देने वाली वारदात के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी । पुलिस ने घटना के तीन दिन बाद अपहृत दलित किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया है। इसके साथ ही इस मामले के मुख्य आरोपी युवक पारस को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

वहीं पीड़ित परिवार का आरोप है कि पारस सोम ने उनकी बेटी का अपहरण किया था। जब इस बात का मृतका ने विरोध किया तो आरोपी ने महिला पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार दलित समाज से ताल्लुक रखता है, जिस कारण यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है।

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मेरठ में अपहरण-हत्या से उबाल... पीड़िता के गांव जा रहे सपा नेता ...

लव एंगल को लेकर बढ़ी सियासत

घटना के बाद भीम आर्मी चीफ और नगीना से लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस पूरे मामले को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिजनों से मुलाकात के लिए मेरठ रवाना हुए। हालांकि, रास्ते में गाजीपुर बॉर्डर पर गाजियाबाद पुलिस ने उन्हें रोक लिया।

चंद्रशेखर आजाद ने प्रशासन को दी चेतावनी

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि, उन्हें डर है कि लड़की और उसके परिवार पर दबाव बनाकर आरोपी के पक्ष में बयान बदलवाने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने कहा, “मुझे आशंका है कि लड़की को डराकर या समझाकर, परिवार को दबाव में लेकर लड़के के समर्थन में बयान दिलवाया जा सकता है। कल से ही यह नैरेटिव चलाया जा रहा है कि लड़का-लड़की में अफेयर था।” उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि पीड़िता और उसके परिवार पर किसी भी तरह का दबाव न डाला जाए।

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पीड़िता के भाई का बयान

मृतका के भाई ने भी इस मामले में अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि उनकी बहन पर किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए और उसका बयान नहीं बदलवाया जाना चाहिए। भाई का कहना है कि उन्हें आशंका है कि कुछ लोग युवती पर दबाव बनाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन उन्हें भरोसा है कि सच सामने आएगा।

गांव में तैनात भारी पुलिस बल

स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी पहलुओं से हत्या, अपहरण और कथित प्रेम संबंध को ध्यान में रखते हुए पूछताछ जारी है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी। Read More मेरठ: दलित महिला हत्याकांड मामले में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने जताई चिंता, कहा – “मुझे आशंका है कि लड़की को…”

Lucknow: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि, कहा- “आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की…”

BE NEWS – आज दिनांक 11 जनवरी, 2026 को उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

शास्त्री जी का उद्घोष आज भी सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत 

आपको बता दें कि इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि, भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी का संपूर्ण जीवन देश की सेवा, नैतिक मूल्य और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को समर्पित रहा उनका जय जवान जय किसान का उद्घोष आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है। आगे  उन्होंने ने कहा कि, शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा न केवल वर्तमान समय में, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक है।

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आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की परिकल्पना

उप मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “जय जवान, जय किसान” का नारा देने वाले शास्त्री जी ने जिस आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की परिकल्पना की थी, उसे आज यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश साकार कर रहा है। किसान कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और समग्र विकास के क्षेत्र में हो रहे कार्य शास्त्री जी के सपनों के भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है। Read More Lucknow: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि, कहा- “आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की…”

ED रेड के बाद बंगाल से दिल्ली तक मचा सियासी घमासान, ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला, TMC का गृह मंत्रालय के सामने धरना

BE NEWS – ईडी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल समेत कुल 15 जगहों पर छापेमारी की थी। जिसमें वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आईटी प्रमुख और आईपीएसी प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और सॉल्ट लेक स्थित ऑफिस पर भी छापेमारी की गयी। इस कार्रवाई के बाद राजनैतिक माहौल और गरमा गया, और टीएमसी सांसदों ने गृह मंत्रालय के सामने धरना दिया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे 8 सांसदों को हिरासत में ले लिया है।

पश्चिम बंगाल समेत देश के 15 ठिकानों पर छापेमारी

आपको बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक माहौल गरमा गया है। गुरुवार को ईडी ने पश्चिम बंगाल समेत देश के 15 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कोलकाता स्थित राजनीतिक रणनीति बनाने वाली कंपनी आईपैक (I-PAC) का दफ्तर भी शामिल था। इस कार्रवाई के बाद मामला पूरी तरह सियासी रंग लेता दिख ।

आईपैक कार्यालय पर छापे की खबर मिलते ही खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंच गईं। बताया जा रहा है कि वह कुछ फाइलें अपने साथ लेकर ऑफिस से बाहर निकलीं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए उनकी पार्टी की निजी और राजनीतिक जानकारी चुराने की कोशिश की जा रही है।

पूरे बंगाल में प्रदर्शन का ऐलान

ईडी की कार्रवाई से नाराज़ ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पूरे पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।

ED के खिलाफ FIR, कोलकाता में दो मामले दर्ज

विवाद और तेज तब हो गया जब कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी के खिलाफ दो अलग-अलग पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराई। टीएमसी का आरोप है कि एजेंसी ने नियमों का उल्लंघन किया और राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई की।

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दिल्ली में TMC का प्रदर्शन

दिल्ली में भी तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई टीएमसी सांसदों को हिरासत में लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचाया।

अमित शाह पर सवाल

टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमित शाह को निशाने पर लेते हुए सवाल उठाया कि क्या अब लोकतंत्र को कुचलने के लिए दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल चुने हुए प्रतिनिधियों के खिलाफ किया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि असहमति की आवाज को दबाया जा रहा है। Read More ED रेड के बाद बंगाल से दिल्ली तक मचा सियासी घमासान, ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला, TMC का गृह मंत्रालय के सामने धरना

ED Raids: टीएमसी के आईटी प्रमुख के घर ईडी की छापेमारी, मौके पर पहुंचीं सीएम ममता बनर्जी, लगाएं गंभीर आरोप..

BE NEWS – प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आईटी प्रमुख और आईपीएसी प्रमुख प्रतीक जैन के आवास सॉल्ट लेक स्थित ऑफिस पर छापेमारी की। छापेमारी की सूचना मिलते ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं मौके पर पहुंचीं और केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया हैं।

संगठन संबधी डेटा जब्त करने की कोशिश का 

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। उससे पहले ही सियासी हलचल तेज हो चुकी है, इसी बीच 8 जनवरी 2026 को कोलकाता में टीएमसी के I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और सॉल्ट लेक ऑफिस पर ED ने रेड मारी है। जिस पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ईडी के अधिकारी छापेमारी के दौरान टीएमसी से जुड़े हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज और संगठन संबधी डेटा जब्त करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि इन दस्तावेजों में विधानसभा चुनावों से संबंधित संवेदनशील जानकारी मौजूद थी। उसके बाद आईपैक दफ्तर में मौजूद कुछ फाइलों को उठाकर ममता बनर्जी की गाड़ी में रखा।

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दस्तावेज भाजपा को सौंपने की मंशा

सीएम ममता ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए कहा कि, यह पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीतिक दलों के आईटी प्रमुखों के घरों पर छापेमारी कराना केंद्रीय गृह मंत्री का काम है। ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि जब्त किए जाने वाले दस्तावेज भाजपा को सौंपने की मंशा से एकत्र किए जा रहे थे।

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केंद्रीय एजेंसी की जांच में सीधा हस्तक्षेप

वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने छापेमारी की जगह पर मुख्यमंत्री के पहुंचने पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे अनैतिक, असंवैधानिक और केंद्रीय एजेंसी की जांच में सीधा हस्तक्षेप करार दिया। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि इस मामले में ईडी को सीएम के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए।

छह राज्यों में कुल 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान

उधर ईडी ने स्पष्ट किया है कि यह छापेमारी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर की गई कथित धोखाधड़ी के एक मामले की जांच के तहत की गई है। एजेंसी के अनुसार, इस मामले में देश के छह राज्यों में कुल 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया है। इसमें इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (IPC) का कोलकाता स्थित कार्यालय भी शामिल है। ईडी का दावा है कि एक संगठित गिरोह फर्जी नौकरियां दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा था, जिसकी जांच जारी है। Read More ED Raids: टीएमसी के आईटी प्रमुख के घर ईडी की छापेमारी, मौके पर पहुंचीं सीएम ममता बनर्जी, लगाएं गंभीर आरोप..

महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव से ठीक पहले सियासी हलचल तेज, कांग्रेस से निलंबित 12 पार्षद बीजेपी में शामिल

BE NEWS – महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव से ठीक पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस से निलंबित किए गये 12 पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए हैं। महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने सभी को पार्टी में शामिल कराया है।

एक बार फिर राज्य की राजनीति को नई दिशा

आपको बता दें कि महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति को नई दिशा दे दी है। कांग्रेस के निलंबित सभी 12 पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया है। महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने पार्टी में शामिल कराया। जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट शेयर कर खुद इसकी जानकारी दी।

Ambernath Municipal Council 12 councillors suspended Congress January 7 joined BJP January 8, BJP 26 members Shiv Sena has 27 councillors | अंबरनाथ नगरपालिका परिषदः 7 जनवरी को कांग्रेस से 12 पार्षद निलंबित और 8 जनवरी को भाजपा में शामिल, बीजेपी सदस्यों की संख्या 26 और शिवसेना के पास 27 पार्षद

पोस्ट शेयर कर दी इसकी जानकारी 

उन्होंने लिखा कि, “भाजपा परिवार के विकासोन्मुख और लोकाभिमुख कार्यशैली से प्रेरित होकर उबाठा समूह के कल्याण ग्रामीण के उपजिला प्रमुख राहुल भगत ने विकास का ‘कमल’ अपने हाथ में लिया। इस अवसर पर उनका भाजपा परिवार में स्वागत किया गया और आगामी यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी।

उन्होंने लिखा कि, इस मौके पर कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका की स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के निर्विरोध उम्मीदवार दीपेश म्हात्रे, जयेश म्हात्रे, हर्षदाताई भोइर सहित अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित थे।

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शिवसेना के खिलाफ गठबंधन

महाराष्ट्र के ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के खिलाफ गठबंधन करके अंबरनाथ विकास अघाड़ी (AVA) नाम की एक पार्टी बनाई थी, जिसके बाद कांग्रेस ने इन  सभी 12 पार्षदों को निंलवित कर दिया था। जोकि अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो चुके हैं। Read More महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव से ठीक पहले सियासी हलचल तेज, कांग्रेस से निलंबित 12 पार्षद बीजेपी में शामिल

Delhi: तुर्कमान गेट पर अतिक्रमण हटाने के दौरान भीड़ ने पुलिस व MCD कर्मियों पर किया पथराव, FIR दर्ज, पांच गिरफ्तार

BE NEWS – दिल्ली के तुर्कमान गेट के पास बनी फैज-ए- इलाही मस्जिद के पास कल रात अतिक्रमण हटाने को लेकर कार्रवाई हुई। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने इस अभियान का विरोध किया। कुछ ही देर में भीड़ बेकाबू हो गई जिसके बाद वहां पत्थरबाजी शुरु हो गई। जिस पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थति को तुरंत काबू कर लिया। वहीं मामले पर गंभीरता दिखाते हुए पुलिस FIR भी दर्ज की है और उपद्रवियों की पहचान शुरु कर दी है।

अदालत के आदेश के बाद अतिक्रमण हटाने का कार्य

आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में सोमवार देर रात अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हालात अचानक बेकाबू हो गए। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की टीम जब अदालत के आदेश के तहत अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह विरोध हिंसा में बदल गया और भीड़ ने पुलिस व एमसीडी कर्मियों पर पथराव कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा।

तुर्कमान गेट मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान बवाल, पत्थरबाजी और ...

पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल

हिंसक झड़प के दौरान पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालांकि, सभी को मामूली चोटें आई हैं और किसी की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भीड़ को हटाया गया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

10 लोग हिरासत में, 5 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अब तक करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन कैमरों की मदद से पत्थर फेंकने वालों की पहचान की जा रही है।

जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा ने बताया कि, “पत्थर फेंकने वालों को दो-तीन मिनट में हटा दिया गया। पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।”

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लोकोपयोगी सेवा की स्थाई लोक अदालत के आदेश के बाद रेलवे स्टेशन रोड के ...

कोर्ट के आदेश पर हो रही थी कार्रवाई

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी नितिन वलसन ने कहा कि एमसीडी की यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत की जा रही थी। उन्होंने बताया, “एमसीडी कर्मचारी जेसीबी लेकर आए थे। लोगों को समझाया गया कि यह कोर्ट का आदेश है और वे चाहें तो इसके खिलाफ अपील कर सकते हैं। कुछ लोगों ने अपील की, लेकिन उन्हें स्टे नहीं मिला। इसके बाद 25-30 लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। डीसीपी के मुताबिक, हालात बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को पीछे हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

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अतिक्रमण हटाने का काम जारी

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जितना अतिक्रमण हटाया जाना था, वह काम पूरा किया जा चुका है और आगे भी अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने चेतावनी दी है कि हिंसा में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। Read More Delhi: तुर्कमान गेट पर अतिक्रमण हटाने के दौरान भीड़ ने पुलिस व MCD कर्मियों पर किया पथराव, FIR दर्ज, पांच गिरफ्तार

महाराष्ट्र : अंबरनाथ नगर परिषद में सियासी उलटफेर, शिवसेना के खिलाफ कांग्रेस- बीजेपी ने किया गठबंधन

BE NEWS – महाराष्ट्र की राजनीति में स्थानीय निकाय चुनाव एक बार फिर से बड़ा बदलाव होने वाला हैं। ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के खिलाफ गठबंधन कर लिया है। यह गठबंधन इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि अंबरनाथ को शिंदे गुट की शिवसेना का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।

कांग्रेस और बीजेपी का साथ आना 

आपको बता दें कि महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति को नई दिशा दे दी है। अंबरनाथ नगर परिषद में कांग्रेस और बीजेपी का साथ आना न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि यह गठबंधन सीधे तौर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

पूरे महाराष्ट्र राजनीति में हलचल तेज

मुंबई से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित अंबरनाथ नगर परिषद में हालिया चुनावों के बाद शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, लेकिन बहुमत से चूक गई। इस दौरान शिवसेना ने अपने सहयोगी बीजेपी के साथ मिलकर सत्ता बनाने की कोशिश की। हालांकि, अंतिम समय में बीजेपी ने शिवसेना का साथ छोड़ते हुए कांग्रेस से हाथ मिला लिया। इस गठबंधन के बाद कांग्रेस-बीजेपी ने मिलकर नगर परिषद में सरकार बना ली और बीजेपी के एक पार्षद को नगर अध्यक्ष चुना गया। इस गठबंधन ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।

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अंबरनाथ में पलटे सियासी समीकरण

शिवसेना का तीखा हमला

बीजेपी के इस कदम से शिवसेना खासा नाराज नजर आ रही है। शिंदे गुट के विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने कांग्रेस-बीजेपी गठबंधन को ‘अभद्र युति’ बताते हुए इसे जनादेश के खिलाफ करार दिया। वहीं, सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, इस गठबंधन को लेकर सवाल बीजेपी से पूछे जाने चाहिए।

श्रीकांत शिंदे ने दो टूक कहा कि, बीजेपी और शिवसेना लंबे समय से केंद्र और राज्य में सहयोगी हैं और यह गठबंधन मजबूत रहना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि अंबरनाथ में शिवसेना ने विकास के कई अहम काम किए हैं और पार्टी आगे भी विकास की राजनीति करने वालों के साथ ही खड़ी रहेगी।

बीजेपी ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद बीजेपी ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। पार्टी के उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने कहा कि बीजेपी ने शिवसेना के साथ गठबंधन को लेकर कई बार बातचीत की कोशिश की, लेकिन शिवसेना की ओर से कोई ठोस या स्पष्ट जवाब नहीं मिला। ऐसे में पार्टी को ये निर्णय लेना पड़ा। Read More महाराष्ट्र : अंबरनाथ नगर परिषद में सियासी उलटफेर, शिवसेना के खिलाफ कांग्रेस- बीजेपी ने किया गठबंधन