कोच्चि में बीजेपी और आरएसएस पर राहुल गांधी का जोरदार हमला, कहा- “दोनों सत्ता का केंद्रीकरण करने की कोशिशों में जुटे हैं”

BE NEWS – कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कोच्चि में आयोजित कांग्रेस महापंचायत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस देश में सत्ता का केंद्रीकरण करना चाहते हैं।

बीजेपी और RSS पर जमकर निशाना साधा

दरअसल कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कोच्चि में कांग्रेस महापंचायत के दौरान जनता को संबोधित किया। जहां उन्होंने बीजेपी और RSS पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि, “मौजूदा केंद्र सरकार की नीतियां कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं। जबकि आम जनता की आवाज को दबाया जा रहा है।”

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लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम

कांग्रेस महापंचायत को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि, “बीजेपी ऐसा भारत चाहती है जहां सवाल पूछने वालों को चुप करा दिया जाए।” उन्होंने कहा, “बीजेपी की सोच यह है कि आम लोग खामोश रहें और सिर्फ कुछ बड़े कॉरपोरेट आगे बढ़ें। लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम होती है, लेकिन आज उसे दबाने की कोशिश की जा रही है।”

राहुल गांधी ने केरल की जनता की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि कोई भी ताकत केरल के लोगों को चुप नहीं करा सकती। उन्होंने कहा कि केरल ने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, बहस और विचारों की आज़ादी की रक्षा की है।

15,000 से अधिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी

यह कांग्रेस महापंचायत केरल में स्थानीय निकायों के लिए चुने गए कांग्रेस प्रतिनिधियों के सम्मान में आयोजित की गई थी। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अनुसार, कोच्चि के मरीन ड्राइव पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य भर से 15,000 से अधिक निर्वाचित कांग्रेस प्रतिनिधियों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया।

अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि, “कांग्रेस का लक्ष्य सत्ता को जनता के हाथों में लौटाना है और पार्टी लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।” Read More कोच्चि में बीजेपी और आरएसएस पर राहुल गांधी का जोरदार हमला, कहा- “दोनों सत्ता का केंद्रीकरण करने की कोशिशों में जुटे हैं”

Indigo Flight Bomb Threat: दिल्ली से उड़ान भरने वाले इंडिगो विमान को बम से उड़ाने की मिली धमकी, टिशू पेपर पर लिखा मिला नोट..

BE NEWS – दिल्ली से उड़ान भरने वाली इंडिगो एयरलाइंस की एक फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। उड़ान के दौरान मिली धमकी के बाद विमान को तुरंत लखनऊ की ओर डायवर्ट कर दिया गया।

लखनऊ की ओर किया गया डायवर्ट 

दरअसल बता दें किदिल्ली से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E 6650 को उड़ान के दौरान बम से उड़ाने की धमकी मिलने से अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा को देखते हुए विमान को तत्काल लखनऊ की ओर डायवर्ट किया गया, जहां सुबह 9:17 बजे चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस फ्लाइट में कुल 222 यात्री, 8 बच्चे, 2 पायलट और 5 क्रू मेंबर्स सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं। सभी को बाहर निकाल लिया गया है।

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इंडिगो की फ्लाइट में बम की धमकी से मचा हड़कंप, आनन-फानन में मुंबई में ...

टॉयलेट में मिले टिशू पेपर पर लिखी धमकी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विमान के टॉयलेट में एक टिशू पेपर मिला था, जिस पर हाथ से लिखा था, “प्लेन में बम है।” इस सूचना के मिलते ही क्रू ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को अलर्ट किया।

एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, कल सुबह करीब 8:46 बजे ATC को बम की धमकी की जानकारी दी गई थी, जिसके बाद विमान को लखनऊ में सुरक्षित उतारने का निर्णय लिया गया।

सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं

लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद विमान को आइसोलेशन-वे में ले जाया गया। बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने विमान, यात्रियों के सामान और पूरे केबिन की गहन जांच की और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

पूरे मामले की गंभीरता से की जा रही जांच

एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि, “धमकी की पुष्टि टॉयलेट में मिले टिशू पेपर से हुई है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की सूचना नहीं है।” वहीं इस घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, जबकि यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। Read More Indigo Flight Bomb Threat: दिल्ली से उड़ान भरने वाले इंडिगो विमान को बम से उड़ाने की मिली धमकी, टिशू पेपर पर लिखा मिला नोट..

Lucknow: योगी सरकार की बड़ी पहल, गोवंश के लिए दो वर्षों में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर होगा हरा चारा उत्पादन

BE NEWS – उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पशु कल्याण और गोवंश संरक्षण को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है। गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में गोचर एवं चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है।

35 हजार हेक्टेयर पर होगा हरा चारा उत्पादन

बता दें कि सीएम योगी की इस पहल का सकारात्मक असर अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश में उपलब्ध कुल 61118.815 हेक्टेयर गोचर एवं चारागाह भूमि है। जिसमें 7140.37 हेक्टर चारागाह की भूमि को कब्जा मुक्त करके हरा चारा उत्पादन किया जा रहा है।यह प्रयास न केवल पशुओं के पोषण स्तर को बेहतर बना रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।

योगी सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। आने वाले दो वर्षों में 35000 हेक्टेयर कब्जामुक्त एवं सिंचित चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन कराया जाएगा। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि प्रदेश में 1691.78 हेक्टेयर क्षेत्र में हाइब्रिड नेपियर चारा और 5448.59 हेक्टेयर में अन्य हरे चारे (जई,बरसीम आदि) की बुआई की जा चुकी है। इससे गोवंश को सालभर पौष्टिक और संतुलित आहार उपलब्ध हो सकेगा।

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इन जनपदों में तेजी से बढ़ा हरा चारा उत्पादन

प्रदेश के हरदोई, सुल्तानपुर, कानपुर नगर और रामपुर जनपदों में हरा चारा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं टैग्ड गोचर भूमि पर शत-प्रतिशत हरा चारा उत्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। गोचर एवं चारागाह भूमि का समतलीकरण, सुरक्षाबाड़ा एवं खाई निर्माण जैसे कार्य मनरेगा कन्वर्जेन्स के माध्यम से कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है और पशुओं के लिए सुरक्षित चारागाह भी विकसित हो रहे हैं।

योगी सरकार ने तय किया किस जिले में क्या कृषि उत्पाद पैदा करेंगे किसान ...

शीतलहर से बचाव के भी निर्देश

योगी सरकार ने गोवंश के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शीतलहर से बचाव के लिए बोरा-चट्ट ओढ़ाने, तिरपाल लगाने और गो-आश्रय स्थलों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पशु स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें। कुल मिलाकर हरा चारा उत्पादन, चारागाह विकास और गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं के माध्यम से योगी सरकार यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ पशु कल्याण भी शासन की प्राथमिकता है। यह पहल न केवल गोवंश संरक्षण को मजबूती दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को पशुपालन के क्षेत्र में एक सशक्त मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है। Read More Lucknow: योगी सरकार की बड़ी पहल, गोवंश के लिए दो वर्षों में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर होगा हरा चारा उत्पादन

Prayagraj Magh Mela: धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- “केवल सम्मानजनक प्रोटोकॉल मिलने पर ही करेंगे गंगा स्नान”

BE NEWS – प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में आज मौनी अमावस्या पर शाही स्नान के लिए पहुंचे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस प्रशासन ने संगम पर जाने से पहले ही रोक दिया गया, जिसको लेकर शंकराचार्य और पुलिस में तीखी झड़प हो गई। जिसके बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। जिसके बाद शंकराचार्य ने मौनी अमावस्या पर स्नान करने से इंकार कर दिया।

Prayagraj Magh Mela Shankaracharya Avimukteshwarananda's chariot was prevented from entering the Sangam

समर्थकों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक

आपको बता दें कि मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में राजसी स्नान करने के लिए जा रहे ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को पुलिस प्रशासन ने संगम के पहले रोक दिया। इस कार्रवाई के बाद शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और पूरे संगम क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

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Prayagraj Magh Mela :शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के राथ को संगम जाने ...

पुलिस ने रथ को संगम तक जाने से रोका

जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ और जुलूस को रास्ते में रोकने के बाद समर्थकों ने विरोध किया। शंकराचार्य ने पुलिस और मेला प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही का आरोप लगाया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जुलूस के साथ संगम तट तक जाने की अनुमति नहीं है।

इस पूरी घटना के बाद संगम क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और मेलाधिकारी ऋषिराज समेत कई उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

समर्थक और साधु-संतों के बीच झड़प

पुलिस के साथ झड़प के बाद शंकराचार्य के 20 से अधिक समर्थक साधु हिरासत में ले लिए गए। इस बीच संगम पर स्नान जारी रहा। शंकराचार्य समर्थकों के साथ संगम के पहले ही रथ में बैठ गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। समर्थकों ने पांटून पुल संख्या चार के पास हंगामा किया, जिससे बैरिकेडिंग टूट गई और पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा।

शंकराचार्य ने किया धरना

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस और प्रशासन को कहा कि, “जब तक उन्हें सम्मानजनक प्रोटोकॉल के साथ नहीं लाया जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सामने साधु-संतों के साथ अभद्रता और मारपीट की गई, जो स्वीकार्य नहीं है।”

अधिकारियों ने किया समझाने-बुझाने का प्रयास

पुलिस और मेला प्रशासन लगातार शंकराचार्य को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि इस विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सके। Read More Prayagraj Magh Mela: धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- “केवल सम्मानजनक प्रोटोकॉल मिलने पर ही करेंगे गंगा स्नान”

यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी हब…यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन पर बोले सीएम योगी

BE NEWS – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी लखनऊ में यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल 25 करोड़ की आबादी वाला राज्य नहीं है, बल्कि देश और पड़ोसी राज्यों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र भी है।

आपको बता दें कि यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन के अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश को मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर इनोवेशन और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का राष्ट्रीय और वैश्विक हब बनाने की दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले पौने नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है, जिसके परिणाम आज ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

अंतिम पायदान तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े हेल्थकेयर कंज्यूमर मार्केट के रूप में 35 करोड़ से अधिक लोगों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं का भार वहन करता है। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज पूरी तरह क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में दो AIIMS, 100 से अधिक जिला अस्पताल, सैकड़ों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की एक मजबूत श्रृंखला स्थापित की गई है। इससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन खड़े करना नहीं था, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था तैयार करना था, जिसमें अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को भी सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

आयुष्मान योजना ने बदली गरीब की तकदीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू होने से पहले यदि किसी गरीब परिवार में कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाता था, तो पूरा परिवार भय और आर्थिक संकट में घिर जाता था। आज उत्तर प्रदेश में 5.5 करोड़ परिवारों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से प्रति परिवार ₹5 लाख तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जो पात्र परिवार किसी कारणवश योजना में शामिल नहीं हो सके, उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से कवर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, CHC, PHC तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

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मातृ-शिशु मृत्युदर में उल्लेखनीय गिरावट

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश ने मातृ एवं शिशु मृत्युदर को नियंत्रित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। संस्थागत प्रसव अब राष्ट्रीय औसत के समकक्ष पहुंच चुका है। कई जनपदों में ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है। एक समय उत्तर प्रदेश वेक्टर जनित रोगों की चपेट में रहता था। मानसून आते ही इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और कालाजार जैसी बीमारियां विकराल रूप ले लेती थीं।

इंसेफेलाइटिस के कारण पिछले 40 वर्षों में लगभग 50,000 बच्चों की मृत्यु हुई थी। वर्ष 2017 में सरकार ने इसके खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू किया। समय पर पहचान, स्थानीय स्तर पर इलाज और जवाबदेही तय करने की व्यवस्था लागू की गई। मात्र दो वर्षों के भीतर इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया और आज उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से शून्य मृत्यु (Zero Death) दर्ज की जा रही है। डेंगू, मलेरिया, कालाजार और चिकनगुनिया पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है।

टेक्नोलॉजी से ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ की ओर

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अगला लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ विज़न को साकार करना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया गांव स्तर से शुरू होनी चाहिए, ताकि मरीज को अनावश्यक रूप से 40-50 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही यह तय हो जाए कि मरीज को किस स्तर की चिकित्सा की आवश्यकता है। टेलीकंसल्टेशन, टेलीमेडिसिन और एआई आधारित स्क्रीनिंग से यह संभव है।

टेक्नोलॉजी से ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ की दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगला लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Ease of Living’ विज़न को साकार करना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया गांव स्तर से शुरू होनी चाहिए, ताकि मरीज को अनावश्यक रूप से 40–50 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही यह तय हो जाएगा कि मरीज को किस स्तर की चिकित्सा की आवश्यकता है। टेलीकंसल्टेशन, टेलीमेडिसिन और AI आधारित स्क्रीनिंग से यह संभव होगा।

मेडिकल डिवाइस और फार्मा सेक्टर को नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क और ललितपुर में बल्क ड्रग फार्मा पार्क का विकास युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल आत्मनिर्भर भारत नहीं, बल्कि ‘Make in India’ से ‘Make for the World’ की दिशा में आगे बढ़ना है।कोविड काल ने यह सिखाया कि संकट के समय दुनिया अपनी मोनोपोली दिखाती है। ऐसे में देश और प्रदेश को स्वास्थ्य और मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा।

मुख्यमंत्री ने तक्षशिला विश्वविद्यालय और वैद्य जीवक की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय मनीषा हमेशा यह मानती रही है कि “नास्ति मूलमनौषधम्” यानि कोई भी वनस्पति ऐसी नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हों। उसी तरह “अयोग्य: पुरुषो नास्ति” यानि कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, आवश्यकता केवल सही योजक की होती है। आज सरकार की नीतियां वही योग्य योजक हैं, जो युवाओं, स्टार्टअप्स व इनोवेटर्स को अवसर प्रदान कर रही हैं।

निवेशकों को यूपी आने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश-विदेश के निवेशकों और उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि प्रदेश में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित वातावरण और सिंगल विंडो सिस्टम उपलब्ध है। सरकार समयबद्ध स्वीकृति और हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और फार्मा के क्षेत्र में देश ही नहीं, दुनिया का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर सिंह, सचिव भारत सरकार मनोज जोशी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अमित घोष और औषधि महानियंत्रक भारत सरकार राजीव रघुवंशी समेत अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। Read More यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी हब…यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन पर बोले सीएम योगी

Lucknow: सीएम योगी ने किया UP-IMRAS सॉफ्टवेयर का लोकार्पण, डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी और आसान

BE NEWS – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक अत्याधुनिक डिजिटल पहल के तहत UP-IMRAS (Integrated Medical Research Application System) सॉफ्टवेयर का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर इस सॉफ्टवेयर को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी आसान

आपको बता दें कि यह अत्याधुनिक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म क्लिनिकल ट्रायल, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइसेज़ से जुड़े अनुसंधान कार्यों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से अब शोधकर्ता अपनी सभी अनुसंधान संबंधी आवश्यकताएं, प्रस्ताव और अनुमतियां पूरी तरह ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगे। साथ ही इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी (IEC) द्वारा अनुमोदन, समीक्षा और निगरानी की संपूर्ण प्रक्रिया भी डिजिटल रूप से इसी प्लेटफॉर्म पर संपन्न होगी। इससे समय की बचत के साथ-साथ शोध कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

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SOPs पुस्तक का विमोचन

इसके बाद मुख्यमंत्री ने इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) से संबंधित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस पुस्तक में कुल 22 प्रकार के SOPs का विस्तृत संकलन किया गया है, जिससे क्लिनिकल ट्रायल्स और उनसे जुड़ी सभी प्रक्रियाओं में एकरूपता, नैतिकता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

वैश्विक स्तर पर नई पहल

इस अवसर पर बताया गया कि यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी तरह का पहला संगठित प्रयास है। इसे राज्य को मेडिकल रिसर्च और हेल्थ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Read More Lucknow: सीएम योगी ने किया UP-IMRAS सॉफ्टवेयर का लोकार्पण, डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी और आसान

BMC Election Result 2026: मुंबई BMC चुनाव में BJP की बंपर जीत, शिवसेना UBT पीछे, जानें क्या हैं अब तक के रुझान…

BE NEWS – मुंबई में बीएमसी क्षेत्र के 227 वार्डों में चुनाव कल संपन्न हो चुके है, जिसकी मतगणना आज सुबह 10 बजे से जारी है। प्रत्येक सेंटर के लिए इलेक्शन डिसीजन ऑफिसर नियुक्त थे, जिनके अधीन एक-एक स्ट्रॉन्ग रूम और काउंटिंग सेंटर बनाए गए थे।

चुनाव की मतगणना आज सुबह से जारी

आपको बता दें कि मुंबई में बृहन्मुंबई में महा- नगरपालिका क्षेत्र के 227 वार्डो में हुए चुनाव की मतगणना आज सुबह 10 बजे से जारी है। इन चुनाव में भाजपा ने 137 सीटों व शिव सेना 90 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे है। उधर शिवसेना UBT (महायुति) ने राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के साथ गठबंधन किया है। UBT ने 163 सीटों पर जबकि MNS ने 52 सीटों पर चुनाव लड़ा। कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के साथ गठबंधन किया है। कांग्रेस 143 सीटों पर और VBA 46 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। एनसीपी (अजित पवार गुट) ने किसी भी दल से गठबंधन नहीं किया और 94 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

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3 राज्यों में BJP की बंपर जीत का क्या है गुजरात कनेक्शन? | Madhya ...

अब तक के प्रमुख रुझान
  • BJP गठबंधन: 118 सीटें

  • शिवसेना UBT: 70 सीटें

  • कांग्रेस: 12 सीटें

  • अन्य दल: 5 सीटें

  • AIMIM: 4 सीटें

इस प्रकार पहली बार BMC में BJP को पूर्ण बहुमत मिला है, जबकि ठाकरे बंधु केवल 70 सीटों पर सिमट गए।

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शुरुआती रुझान भाजपा गठबंधन आगे

रुझानों के अनुसार, भाजपा गठबंधन (महायुति) ने स्पष्ट बढ़त बनाई है। जैसे-जैसे काउंटिंग पूरी हो रही है, बीजेपी गठबंधन 118 सीटों पर आगे है, जबकि शिवसेना UBT केवल 70 सीटों पर सीमित रह गई है। कांग्रेस गठबंधन 12 सीटों पर और अन्य दलों ने 5 सीटों पर बढ़त बनाई है। कुल मिलाकर 208 सीटों के रुझान सामने आ चुके हैं।

पिछला चुनाव और तुलना

2017 के BMC चुनाव में शिवसेना ने 84 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, जबकि बीजेपी को 82 सीटें मिली थीं। कांग्रेस ने 31, एनसीपी ने 9 और अन्य पार्टियों को कम सीटें मिली थीं। 2026 में भाजपा गठबंधन की जीत से शहर की सत्ता का समीकरण बदल गया है।

UBT और MVA के लिए अहम चुनाव

BMC चुनाव सिर्फ नगर निगम का नहीं, बल्कि मुंबई की सत्ता का प्रतीक भी माना जाता है। 74,000 करोड़ रुपये के बजट वाली मुंबई नगर निगम पर कब्जा राजनीतिक प्रतिष्ठा का मुद्दा है। भाजपा और शिवसेना, कांग्रेस और VBA, एनसीपी और अन्य दलों के बीच यह चुनाव सियासी ताकत की परीक्षा रहा। Read More BMC Election Result 2026: मुंबई BMC चुनाव में BJP की बंपर जीत, शिवसेना UBT पीछे, जानें क्या हैं अब तक के रुझान…

दिल्ली के पालम में सर्दी ने तोड़ा सोलह सालों का रिकार्ड, न्यूनतम तापमान 2.3 °C किया गया दर्ज, सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन

BE NEWS – उत्तर भारत समेत दिल्ली NCR के कई इलाकों में सर्दी का सितम देखने को मिल रहा है। जिसने पिछले 16 सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है, जो कि 2010 के बाद का सबसे कम तापमान रहा है।

गुरुवार को इस सीजन की सबसे ठंडी सुबह

आपको बता दें कि उत्तर भारत के कई हिस्सों के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर में सर्दी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में इतनी ठंड पड़ी कि पिछले 16 साल का रिकॉर्ड टूट गया। दिल्ली के पालम इलाके में न्यूनतम तापमान गिरकर 2.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो साल 2010 के बाद सबसे कम दर्ज किया गया तापमान है।

मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को इस सीजन की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई। इससे पहले दूसरा सबसे कम तापमान 7 जनवरी 2013 को रिकॉर्ड किया गया था, जब पारा 2.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।

Delhi Winters: कंपकंपाती सर्दी से दिल्लीवासियों का बुरा हाल, शीतलहर ने ...

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में तापमान का हाल

दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो जनवरी 2023 के बाद से सबसे कम है। वहीं, पालम में तापमान 2.3 डिग्री, लोधी रोड में 3.4 डिग्री, आयानगर में 2.7 डिग्री और रिज क्षेत्र में 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजधानी के सभी मौसम केंद्रों पर सामान्य से कम तापमान दर्ज किया गया है।

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चार दिन से शीतलहर की चपेट में राजधानी

दिल्ली बीते चार दिनों से लगातार शीतलहर की गिरफ्त में है और अनुमान है कि ठंड का यह दौर अभी जारी रह सकता है। आज अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है, हालांकि ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन बनी रहेगी।

प्रदूषण ने बढ़ाई परेशानी

कड़ाके की ठंड के साथ-साथ वायु गुणवत्ता भी गंभीर बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 349 दर्ज किया गया है, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सुबह और देर रात अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। Read More दिल्ली के पालम में सर्दी ने तोड़ा सोलह सालों का रिकार्ड, न्यूनतम तापमान 2.3 °C किया गया दर्ज, सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन

BSP सुप्रीमो मायावती आज मना रही अपना 70वां जन्मदिन, सीएम योगी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दी शुभकामनाएं

BE News – BSP सुप्रीमो और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती आज अपना 70वां जन्मदिन मना रही हैं। बसपा पार्टी इस दिन को जन कल्याणकारी दिवस के रुप में मना रही है। बसपा सुप्रीमो को सीएम योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दी।

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बीजेपी और कांग्रेस पर साधा निशाना

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को BSP सुप्रीमो मायावती को उनके जन्मदिन पर बधाई दी। इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उम्मीद जताई कि मायावती आने वाले दिनों में “संविधान विरोधी” BJP को चुनौती देती रहेंगी। वहीं सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सपा, बीजेपी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। सुप्रीमो ने पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि वह जल्द सत्ता में वापसी करेंगी।

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सीएम योगी ने पोस्ट कर दी शुभकामनाएं

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने X पर पोस्ट कर लिखा- “उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने आगे कहा कि, ” भगवान श्री राम आपको लंबी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य दें।”

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किया पोस्ट

वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी X पर पोस्ट कर लिखा, “आदरणीय मायावती जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उनके स्वास्थ, स्वतंत्र जीवन और सार्थक सक्रियता के लिए अनंत शुभकामनाएं। इसके साथ ही उन्होंने ने कहा कि, “आपने अपने पूरे जीवन में शोषित, वंचित, पीड़ित, उपेक्षित और अपमानित समाज की गरिमा,सम्मान और अधिकारों के लिए प्रभावशाली ताकतों के खिलाफ दिन-रात लगातार संघर्ष किया है।

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वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि, “जैसे आपने संविधान विरोधी BJP और उनके सहयोगियों और साथियों को चुनौती दी है, यह लगातार जारी रहे,और इसी कामना के साथ एक बार फिरअखिलेश यादव ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं।” Read More BSP सुप्रीमो मायावती आज मना रही अपना 70वां जन्मदिन, सीएम योगी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दी शुभकामनाएं

Prayagraj Magh Mela 2026: प्रयागराज में मकर संक्रांति पर दिखा आस्था का समागम, संगम पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

BE NEWS – आज देशभर में मकर संक्रांति का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इसके साथ ही माघ मेला 2026 को आज दूसरा प्रमुख शाही स्नान है, जिसके लिए संगम के पावन तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया गया है।

देशभर से आए श्रद्धालु संगम घाटों पर उमड़े

आपको बता दें कि माघ मेला 2026 के दूसरे प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति पर प्रयागराज में आस्था का समागम देखने को मिला। गुरुवार सुबह से ही संगम तट पर श्रद्धालुओं, साधु-संतों और कल्पवासियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए देशभर से आए श्रद्धालु संगम घाटों की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। साधु-संतों, संन्यासियों और कल्पवासियों की मौजूदगी से संगम क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

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दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान

मेला प्रशासन के अनुसार, सुबह 10 बजे तक 36 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त पूरे दिन रहने के कारण शाम तक स्नान करने वालों की संख्या एक करोड़ के पार पहुंच सकती है। प्रशासन ने इस बार कुल दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान जताया है।

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Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर प्रयागराज के संगम में हजारों ...

सुरक्षा और मार्गदर्शन के कड़े इंतजाम

घने कोहरे के बीच श्रद्धालु आस्था के साथ संगम घाटों तक पहुंचे। मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और मार्गदर्शन के इंतजाम और कड़े कर दिए। एसपी माघ मेला नीरज पांडे ने बताया कि कोहरे के कारण पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है ताकि कोई श्रद्धालु रास्ता न भटके और हर गतिविधि पर सतत निगरानी रखी जा सके।

स्नान घाटों पर विशेष प्रबंध

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के अनुसार, 24 स्नान घाटों पर विशेष प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में पीएसी, बाढ़ राहत पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आरएएफ, एटीएस, बीडीडीएस सहित हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही यूपी 112 की गाड़ियां, आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम और हाईटेक रिस्पांस प्लान को सक्रिय किया गया है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। Read More Prayagraj Magh Mela 2026: प्रयागराज में मकर संक्रांति पर दिखा आस्था का समागम, संगम पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब