Vadh 2 Trailer: वध 2 का ट्रेलर हुआ रिलीज, नीना गुप्ता और संजय मिश्रा की थ्रिलर में दिखेगा सस्पेंस के तड़का

Vadh 2 Trailer – लव फिल्म्स के बैनर तले बनी अपकमिंग थ्रिलर-मिस्ट्री फिल्म वध 2 (Vadh 2) का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। संजय मिश्रा और नीना गुप्ता स्टारर इस फिल्म का ट्रेलर दर्शकों को एक गंभीर, रहस्यमयी और भावनात्मक दुनिया में ले जाता है। ट्रेलर से साफ है कि फिल्म की कहानी रोचक होने के साथ-साथ सस्पेंस और थ्रिलर से भी भरी होगी।

थ्रिल और इमोशनल कॉन्फ्लिक्ट का मिक्सर

आपको बता दें कि, जसपाल सिंह संधू द्वारा लिखित और निर्देशित वध 2 (Vadh 2) में थ्रिल और इमोशनल कॉन्फ्लिक्ट का मिक्सर देखने को मिलता है। ट्रेलर में कहानी की मुख्य घटना को अभी भी सस्पेंस में रखा गया है, जो दर्शकों की एक्साइटमेंट को और बढ़ाता है। गंभीर टोन और रियलिस्टिक परफॉर्मेंस फिल्म की इमोशनल गहराई को मजबूती देती हैं।

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Vadh 2
Vadh 2
ट्रेलर में कलाकारों की दमदार झलक

फिल्म में संजय मिश्रा और नीना गुप्ता के साथ कुमुद मिश्रा और शिल्पा शुक्ला अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इसके अलावा नए कलाकारों में अमित के सिंह, अक्षय डोगरा और योगिता बिहानी भी फिल्म का हिस्सा हैं। सभी कलाकारों की झलक ट्रेलर में बहुत ही दमदार दिखाई दे रही है।

निर्देशक ने क्या कहा?

फिल्म को लेकर निर्देशक जसपाल सिंह संधू ने कहा, ” Vadh 2 को इस तरह तैयार किया गया है कि यह मजबूत कहानी और साफ-सुथरे किरदारों के साथ एक अलग अनुभव दे। हमने स्टोरीटेलिंग को एक कदम आगे बढ़ाया है, ताकि दर्शकों को एक लेयर्ड थ्रिलर-मिस्ट्री मिले। ट्रेलर उस नैतिक रूप से जटिल दुनिया की झलक देता है, जहां सच साफ तौर पर नजर नहीं आता।”

Vadh 2 Trailer
 IFFI में फिल्म को मिले अच्छे रिस्पॉन्स

प्रोड्यूसर लव रंजन ने कहा कि Vadh 2 पहली फिल्म की सोच और इमोशनल गहराई को आगे बढ़ाती है, लेकिन पूरी तरह नई कहानी के साथ। उन्होंने संजय मिश्रा, नीना गुप्ता और कुमुद मिश्रा की स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ करते हुए कहा कि मजबूत कहानियां उम्र की सीमाओं से परे होती हैं। वहीं प्रोड्यूसर अंकुर गर्ग ने बताया कि IFFI में फिल्म को मिले अच्छे रिस्पॉन्स और दर्शकों का पहली ‘वध’ से इमोशनल जुड़ाव इस फ्रेंचाइज़ी और दमदार बना रहा है।

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Vadh 2
फरवरी में सिनेमाघरों में होगी रिलीज

लव फिल्म्स की स्किप्ट वध 2 (Vadh 2) को जसपाल सिंह संधू ने लिखा और निर्देशित किया है, जबकि इसे लव रंजन और अंकुर गर्ग ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 6 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। Read More Vadh 2 Trailer: वध 2 का ट्रेलर हुआ रिलीज, नीना गुप्ता और संजय मिश्रा की थ्रिलर में दिखेगा सस्पेंस के तड़का

होलाष्टक 2026: कब लगेगा Holashtak ? जानें इसका धार्मिक महत्व व होलिका दहन और होली की सही तारीख…

Holashtak 2026 – हिन्दू धर्म में फाल्गुन मास की पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व है। यह पावन तिथि रंगों और उमंग का महापर्व होली (Holi) से जुड़ी हुई है। होली महापर्व की शुरुआत होलाष्टक (Holashtak) से होती है, जो फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेकर पूर्णिमा तक आठ दिनों तक रहता है। इस दौरान विशेष धार्मिक मान्यताओं के कारण कई शुभ कार्यों पर रोक लगाई जाती है।

Holashtak
Holashtak
होलाष्टक (Holashtak) का प्रारम्भ व समाप्ति

होलाष्टक (Holashtak) का समय फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेकर पूर्णिमा तक माना जाता है। पंचांग के अनुसार इस साल होलाष्टक (Holashtak) 24 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 03 मार्च 2026 तक रहेगा। वहीं होलिका दहन 03 मार्च 2026 को किया जाएगा। जिसका शुभ मुहूर्त सायंकाल 06:08 से 08:35 बजे तक रहेगा। धुलैण्डी (रंगों वाली होली) 04 मार्च 2026 को खेली जायेगी।

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Holi
होलाष्टक का धार्मिक महत्व

हमारे सनातन धर्म में होलाष्टक (Holashtak) का संबंध प्राचीन कथा से जुड़ा है। हिन्दू मान्यता के अनुसार, यह अवधि प्रहलाद और राजा हिरण्यकश्यप की कथा से जुड़ी हुई है। कथा के अनुसार, होलिका ने प्रहलाद को अग्नि में जलाने का प्रयास किया, लेकिन प्रहलाद भगवान विष्णु के भक्त होने के कारण सुरक्षित रहे, जबकि होलिका स्वयं जल गई। इसलिए होलाष्टक (Holashtak) के आठ दिन नकारात्मक ऊर्जाओं के प्रभाव को बढ़ाने वाले माने जाते हैं। इस अवधि में शास्त्रों के अनुसार किसी भी शुभ कार्य को करना अशुभ माना जाता है।

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Holika Dahan
Holika Dahan
होलाष्टक (Holashtak) के दौरान निम्न कार्य नहीं करने चाहिए-

1. विवाह, सगाई, मुंडन जैसी मांगलिक क्रियाएं

2. कोई भी धन या संपत्ति से संबंधित शुभ कार्य

3. नवविवाहित स्त्रियों के लिए मायके में रहने का विधान

4. अन्य व्यक्तिगत या पारिवारिक शुभ कार्य

फाल्गुन माह और होली का महत्व

फाल्गुन मास 2 फरवरी 2026 से शुरू होगा। इस मास में महाशिवरात्रि और होली जैसे प्रमुख त्योहार आते हैं। बसंत पंचमी से लेकर होली तक के दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस समय मंदिरों में गुलाल अर्पित किया जाता है और विभिन्न स्थानों पर होली के आयोजन होते हैं।

होली के महापर्व शुरूआत

होलाष्टक (Holashtak) के प्रारंभ समय शुभ कार्यों से बचना चाहिए। इसका मुख्य उद्देश्य नकारात्मक ऊर्जाओं के प्रभाव को कम करना और परिवार में शांति बनाए रखना है। होलाष्टक (Holashtak) समाप्त होने के साथ ही होली का महापर्व शुरू होता है। इस समय भक्त खुशी और उमंग के साथ एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर पर्व मनाते हैं। Read More होलाष्टक 2026: कब लगेगा Holashtak ? जानें इसका धार्मिक महत्व व होलिका दहन और होली की सही तारीख…

Skin Care in Winter: चेहरे की ड्राइनेस दूर करने के लिए नाइट क्रीम की तरह करें घी का इस्तेमाल, अपनाएं ये घरेलू उपाय…

Skin Care in Winter – सर्दियों का मौसम शुरु होते ही स्किन से जुड़ी समस्याएं भी शुरु हो जाती हैं। ठंडी हवाओं के कारण चेहरे की नमी कम होने लगती है और फेस पर ड्राईनेस आने जिससे कभी- कभी स्किन फटने लगती है। इस समस्या से छुटकारा पाने  के लिए लोग तरह- तरह ब्यूटी प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं। जिनके बहुत से साइड इफेक्ट्स भी हो सकते है।

स्किन को बनाए और भी ग्लोइंग 

इन साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए हम घरेलू चीजों का उपयोग करके हम अपनी स्किन को और भी ग्लोइंग बना सकते हैं। इन घरेलू प्रोडक्ट में सबसे उपयोगी है हमारे किचन में रखा हुआ घी है। जोकि हमारी स्किन को रिपेयर करने और उसे हेल्दी बनाने के लिए काफी मदद करता है। आइए जानते हैं कैसे इस्तेमाल करें इस घी का जो कि हमारी स्किन को इन सर्दियों में और भी बेहतर बना सकता है।

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हेयरग्रोथ में घी कैसे मदद करता है,- Hair growth mei ghee kaise madad ...
Skin Care in Winter
नाइट क्रीम की तरह घी का इस्तेमाल

स्किन की ड्राइनेस को दूर करने के लिए हम नाइट क्रीम की तरह घी का इस्तेमाल कर सकते है। इसको लगाने से पहले चेहरे को अच्छी तरह से साफ कर लें फिर हल्के हाथों से अपने चेहरे की मसाज करते हुए इसे लगाए। ये स्किन को ग्लोइंग बनाएगा और हाइड्रेट भी रखेगा।

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Use ghee
Use ghee
बॉडी की ड्राइनेस को करें दूर

सर्दियों में बॉडी की ड्राइनेस को दूर करने के लिए भी घी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए घी को हल्का सा गर्म करें और फिर बॉडी की मसाज करें। इससे बॉडी को सभी पोषक तत्व मिलते हैं। इसमें ओमेगा-3 और 9, विटामिन ए, डी और के की भरपूर मात्रा पाई जाती है। Read More Skin Care in Winter: चेहरे की ड्राइनेस दूर करने के लिए नाइट क्रीम की तरह करें घी का इस्तेमाल, अपनाएं ये घरेलू उपाय…

UGC Act: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर देशभर में बवाल, सड़कों से सुप्रीम कोर्ट तक विरोध…

UGC Act –  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को लेकर विवाद तेज हो गया है। इसी बीच आज UGC नियमों के बदलाव के लेकर भारी उबाल देखने को मिल रहा है, जिसको लेकर आज देशभर में जगह – जगह प्रदर्शन किया रहा है।

आपको बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए यूजीसी एक्ट 2026 – इक्विटी रेगुलेशन को लेकर देशभर में जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है। आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में इन नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं, जिसके बाद छात्र संगठनों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

UGC
क्या है यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026

नए नियमों के तहत देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में SC, ST और OBC वर्ग के लिए ‘समान अवसर प्रकोष्ठ’ (Equity Cell) का गठन अनिवार्य किया गया है। पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भी जातिगत भेदभाव से संरक्षण प्राप्त वर्गों की सूची में शामिल किया गया है। इसके अलावा Equity Committees, Equity Squads, 24×7 हेल्पलाइन और सख्त निगरानी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।

जनरल कैटेगरी में नाराजगी

नए प्रावधानों को लेकर जनरल कैटेगरी के छात्रों में भारी असंतोष है। उनका तर्क है कि OBC वर्ग को पहले से ही आरक्षण सहित कई सुविधाएं प्राप्त हैं, ऐसे में उन्हें जातिगत भेदभाव से संरक्षण वाली श्रेणी में शामिल करना एकतरफा और भेदभावपूर्ण है। इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।

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UGC Protest
UGC Protest
 यूजीसी मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन

राजधानी दिल्ली में छात्रों ने यूजीसी मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी लगातार प्रदर्शन और धरना-प्रदर्शन जारी है। सोशल मीडिया पर भी #UGC_RollBack ट्रेंड कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, यूजीसी देगा स्पष्टीकरण

यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक दर्जन से अधिक याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। याचिकाकर्ताओं ने चीफ जस्टिस की बेंच के समक्ष जल्द सुनवाई की मांग करने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कानूनी परामर्श लिया है।

सूत्रों के अनुसार, बढ़ते विरोध को देखते हुए यूजीसी की ओर से जल्द ही इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया जाएगा।

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UGC Protest
UGC Protest
कहीं विरोध तो कहीं समर्थन 

जहां एक ओर लेफ्ट विंग छात्र संगठन AISA ने यूजीसी के नए नियमों का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ी जीत बताया है, वहीं दूसरी ओर कई छात्र संगठन और सामाजिक समूह इसे शिक्षा व्यवस्था में विभाजनकारी कदम बता रहे हैं।

प्रशासन और राजनीति में भी असर

विवाद का असर प्रशासन तक भी पहुंच गया है। बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी नियमों से असहमति जताते हुए सेवा से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया। वहीं रायबरेली में विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए चुप्पी साधने वाले नेताओं को चूड़ियां भेजने का अभियान भी शुरू किया गया है।

मंत्रियों के बयान भी चर्चा में

यूजीसी नियमों पर जब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से सवाल किया गया, तो वे सीधा जवाब देने से बचते नजर आए। वहीं कांग्रेस नेता हरीश रावत ने इसे सनातन धर्म पर हमला बताते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला।

कानूनी चुनौतियां और राजनीतिक बयानबाजी तेज

जिस तरह विरोध प्रदर्शन, कानूनी चुनौतियां और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो रही है, उससे साफ है कि यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर विवाद फिलहाल थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में सरकार, यूजीसी और न्यायपालिका की भूमिका इस मुद्दे पर बेहद अहम रहने वाली है। Read More UGC Act: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर देशभर में बवाल, सड़कों से सुप्रीम कोर्ट तक विरोध…

UGC Controversy: “मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो…” यूजीसी विवाद में उतरे कुमार विश्वास, एक्स पर कविता पोस्ट कर किया विरोध

UGC Controversy-  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को लेकर विवाद दिन-ब- दिन बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच आज UGC नियमों के बदलाव के लेकर कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर इसका विरोध किया है।

यूजीसी के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध तेज

आपको बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध तेज होता जा रहा है। छात्र संगठनों के साथ-साथ अब साहित्य और कला जगत की चर्चित हस्तियां भी इस विवाद में खुलकर सामने आने लगी हैं। इसी कड़ी में मशहूर कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने भी यूजीसी नियमों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक कविता साझा करते हुए नए यूजीसी नियमों का विरोध दर्ज कराया। उनकी यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है।

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Kumar Vishwas
कविता के जरिए सरकार पर तंज

कुमार विश्वास ने अपनी पोस्ट में स्वर्गीय कवि रमेश रंजन की कविता की पंक्तियां साझा कीं। उन्होंने लिखा- “चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा।” इस कविता के साथ उन्होंने #UGC_RollBack हैशटैग का इस्तेमाल किया है।

https://x.com/DrKumarVishwas/status/2016004252049756647

नियमों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज

UGC नियमों में बदलाव के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। मंगलवार को दिल्ली स्थित UGC मुख्यालय पर छात्रों ने प्रदर्शन किया। सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक इन नियमों को लेकर नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।

क्या हैं यूजीसी रूल्स 2026

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 13 जनवरी 2026 को देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में UGC रूल्स 2026 लागू किए हैं। इन नियमों के तहत Equity Committees, Equity Squads, 24×7 हेल्पलाइन और कड़ी निगरानी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। यह व्यवस्थाएं विशेष रूप से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।

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सामान्य वर्ग में भारी नाराजगी

UGC के इन नए नियमों को लेकर सामान्य वर्ग में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि ये नियम एकतरफा हैं और इससे भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं।

प्रशासन तक पहुंचा विवाद

यूजीसी (UGC) नियमों को लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि हाल ही में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी नाराजगी जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले कई भाजपा नेताओं ने भी इन नियमों पर सवाल उठाए थे।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

कुमार विश्वास की कविता पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है। कुछ समर्थक इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे नियमों के खिलाफ मान रहे हैं। यूजीसी नियमों को लेकर यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। Read More UGC Controversy: “मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो…” यूजीसी विवाद में उतरे कुमार विश्वास, एक्स पर कविता पोस्ट कर किया विरोध

यूपी सरकार का बड़ा एक्शन, बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री निलंबित

BE NEWS – उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। निलंबन के साथ ही उन्हें जांच पूरी होने तक शामली के कलेक्टर कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच बरेली मंडलायुक्त को सौंपी गई है।

प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया है।निलंबन के साथ ही उन्हें शामली स्थित कलेक्टर कार्यालय से अटैच कर पूरे प्रकरण की जांच बरेली मंडलायुक्त को सौंपी गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी दिन सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी थी।उन्होंने अपने इस्तीफे में केंद्र और राज्य सरकार की कुछ नीतियों, विशेष रूप से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों तथा प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ माघ मेले से जुड़े घटनाक्रम को लेकर नाराजगी जाहिर की थी।

Alankar Agnihotri

इस्तीफे में लगाए गंभीर आरोप

अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल और निर्वाचन आयोग को भेजे गए सात पन्नों के इस्तीफे में लिखा कि देश में अब न तो जनतंत्र बचा है और न ही गणतंत्र, बल्कि “भ्रमतंत्र” कायम है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे आरोप लगाते हुए यूजीसी के नए कानून का भी खुलकर विरोध किया।अपने पत्र में उन्होंने खुद को उत्तर प्रदेश सिविल सेवा (2019 बैच) का अधिकारी बताते हुए कहा कि प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दौरान शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि बटुक ब्राह्मण को जमीन पर गिराकर उसकी शिखा पकड़कर घसीटा गया, जो धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा का घोर उल्लंघन है।

ब्राह्मण विरोधी मानसिकता का आरोप

इस्तीफे में अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि यह घटना प्रशासन और सरकार की ब्राह्मण विरोधी सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि साधु-संतों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिससे समाज में गहरा आक्रोश है।

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Alankar Agnihotri
Alankar Agnihotri

पोस्टर के साथ तस्वीर वायरल

सोशल मीडिया पर सिटी मजिस्ट्रेट की एक तस्वीर भी वायरल हुई, जिसमें वह हाथ में पोस्टर लिए नजर आए। पोस्टर पर लिखा था- “UGC Roll Back… काला कानून वापस लो। शंकराचार्य और संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।”

45 मिनट तक बंधक बनाकर रखने का आरोप

इस्तीफे के बाद अलंकार अग्निहोत्री डीएम आवास पहुंचे, जहां करीब एक घंटे तक रहने के बाद बाहर निकलकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि उन्हें 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया और लखनऊ से आए एक फोन कॉल पर उन्हें अपशब्द कहे गए। उन्होंने दावा किया कि यह सब एक साजिश के तहत किया गया।

 

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज

इस पूरे प्रकरण पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार शंकराचार्य को जानबूझकर परेशान कर रही है। वहीं भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “मैं न तो उन्हें जानता हूं और न ही उनके बारे में सुना है। कई लोग राजनीति में आने के लिए ऐसे बहाने ढूंढते हैं।”

इस्तीफा वापस लेने की मांग

कर्मचारी कल्याण सेवा समिति सहित कई संगठनों ने अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और सरकार से इस्तीफा वापस कराने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि यदि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो आंदोलन किया जाएगा।

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Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखें ये 5 शुभ चीजें, बढ़ेगा धन, सुख-समृद्धि और आएगी आर्थिक स्थिरता

BE NEWS – जब भी हम घर बनवाते है या उसे डेकोर करवाते है तो अपने हिसाब सो चीजों का रख- रखाव करते है। जो शायद हमें कहीं न कहीं आगे चलकर नुकसान भी पहुंचा जाता है। जिनका हमें पता भी नहीं चलता है। ऐसे में हम आपको वास्तु शास्त्र से जुड़े कुछ ऐसी टिप्स और ट्रिक बताने जा रहे हैं जो घर-परिवार के साथ आपके जीवन को भी सुख- समृद्धी से भर देंगे।

वास्तु शास्त्र का महत्व

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखी गई कुछ विशेष वस्तुएं व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और धन-वृद्धि लाने में सहायक मानी जाती हैं। यदि इन चीजों को सही दिशा और विधि से रखा जाए, तो मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की कृपा बनी रहती है। मान्यता है कि इससे नौकरी और व्यवसाय में सफलता मिलती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। आइए जानते हैं उन 5 खास वस्तुओं के बारे में, जिन्हें घर में रखना बेहद शुभ माना जाता है।

1. भगवान गणेश की मूर्ति

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। घर में गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर का होना अत्यंत शुभ माना जाता है। उनकी स्थापना से कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और नए कामों की शुरुआत में सफलता मिलती है। नौकरी और व्यापार से जुड़े कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ते हैं। गणेश जी की मूर्ति को साफ-सुथरे और शांत स्थान पर रखना चाहिए।

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2. नारियल (श्रीफल)

हिंदू धर्म में नारियल को श्रीफल कहा गया है और इसे मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। जिस घर में नारियल रखा जाता है, वहां धन और समृद्धि का वास माना जाता है। रसोई या पूजा स्थान में नारियल रखने से आर्थिक समस्याएं कम होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव घटता है।

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3. घर के मंदिर में शंख

शंख को सकारात्मक ऊर्जा और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। घर के मंदिर में शंख रखने से वास्तु दोष कम होते हैं और वातावरण में शांति बनी रहती है। नियमित रूप से शंख की सफाई करना शुभ माना जाता है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि और मानसिक संतुलन बना रहता है।

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4. धन की कमी से बचने के लिए मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की तस्वीर

यदि घर में धन की कमी बनी रहती है, तो मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की तस्वीर लगाना लाभकारी माना जाता है। इस तस्वीर को उत्तर दिशा या पूजा स्थान में लगाना शुभ होता है। इससे आय के स्रोत मजबूत होते हैं और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण आता है।

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5. पूजा स्थल पर बांसुरी

बांसुरी को सुख, प्रेम और मधुरता का प्रतीक माना जाता है। पूजा स्थल में बांसुरी रखने से घर के सदस्यों के बीच तालमेल बढ़ता है और तनाव कम होता है। यह मन को शांत रखने और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में मदद करती है।

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इन बातों का भी रखें ध्यान
  1. घर का उत्तर भाग साफ और हल्का रखें, क्योंकि इसे धन की दिशा माना जाता है।
  2.  उत्तर दिशा में भारी सामान रखने से बचें।
  3. घर में नियमित रूप से रोशनी और ताजी हवा का प्रवाह बना रहना चाहिए।
  4. टूटे हुए बर्तन और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान तुरंत घर से बाहर निकाल दें।
  5. उत्तर या पूर्व दिशा में पानी से भरा साफ कलश या छोटा फव्वारा रखना शुभ माना जाता है, इससे धन की ऊर्जा सक्रिय होती है।

वास्तु शास्त्र के इन सरल उपायों को अपनाकर आप अपने घर में सकारात्मक वातावरण बना सकते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि के द्वार खोल सकते हैं। Read More Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखें ये 5 शुभ चीजें, बढ़ेगा धन, सुख-समृद्धि और आएगी आर्थिक स्थिरता

Colonel Sofia Qureshi: कर्नल सोफिया कुरैशी को मिलेगा विशिष्ट सेवा मेडल, ऑपरेशन सिंदूर में निभाई थी अहम भूमिका

Colonel Sofia Qureshi  भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी Colonel Sofia  को उनके समर्पित सेवा कार्यों के लिए विशिष्ट सेवा मेडल (Vishisht Seva Medal) से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। वे हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान प्रेस ब्रीफिंग में एक प्रमुख चेहरा बनकर सामने आई थीं, जहां उन्होंने सेना की ओर से प्रतिदिन ऑपरेशन से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं।

Colonel Sofia
Colonel Sofia
 Colonel Sofia को विशिष्ट सेवा मेडल

आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी Colonel Sofia को विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित करने की घोषणा की गई। यह सम्मान उन्हें विशेष रूप से पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के लिए दिया जा रहा है।

सरकार ने कुल 70 वीरता पुरस्कारों का ऐलान किया है, जिनमें एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र और 13 शौर्य चक्र शामिल हैं। शौर्य चक्र पाने वालों में 10 थलसेना के जवान (एक मरणोपरांत), दो नौसेना और एक अर्धसैनिक बल के अधिकारी शामिल हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में प्रेस ब्रीफिंग की जिम्मेदारी

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब पाकिस्तान की ओर से लगातार भ्रामक प्रचार और झूठे दावे किए जा रहे थे, तब भारतीय सेना की ओर से प्रेस ब्रीफिंग की जिम्मेदारी Colonel Sofia कुरैशी और भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह को सौंपी गई थी। Colonel Sofia ने तथ्यों के साथ भारत का पक्ष मजबूती से रखा और पाकिस्तान के झूठे दावों को सार्वजनिक रूप से बेनकाब किया।

वडोदरा के एक सैन्य परिवार में हुआ था जन्म

Colonel Sofia (कर्नल सोफिया कुरैशी) का जन्म गुजरात के वडोदरा में एक सैन्य परिवार में हुआ। उनके दादा भारतीय सेना में धार्मिक शिक्षक के रूप में सेवा दे चुके हैं। उन्होंने वर्ष 1997 में महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर डिग्री प्राप्त की और इसके बाद चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) से कमीशन हासिल किया।

बाढ़ राहत अभियानों में उनके कार्यों में योगदान

साल 2001 में संसद पर आतंकी हमले के बाद शुरू हुए ऑपरेशन पराक्रम के दौरान उन्होंने पंजाब सीमा पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं, जिसके लिए उन्हें जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ से कमेंडेशन कार्ड भी मिला। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ राहत अभियानों में उनके कार्य की भी सराहना की गई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ाया भारत का मान

Colonel Sofia (कर्नल सोफिया कुरैशी) ने लगभग छह वर्षों तक संयुक्त राष्ट्र के शांति स्थापना अभियानों के तहत कांगो में सेवा दी। साल 2016 में उन्होंने एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना की टुकड़ी का नेतृत्व किया और ऐसा करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं, जो भारतीय सेना के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।

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Colonel Sofia Qureshi and Wing Commander Vyomika Singh
301 सैन्य अलंकरणों को भी मिली मंजूरी

राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों और अन्य कर्मियों के लिए कुल 301 सैन्य अलंकरणों को भी मंजूरी दी है। इनमें 30 परम विशिष्ट सेवा पदक, चार उत्तम युद्ध सेवा पदक, 56 अति विशिष्ट सेवा पदक, नौ युद्ध सेवा पदक, 43 सेना पदक (विशिष्ट), आठ नौसेना पदक (विशिष्ट), 14 वायु सेना पदक (विशिष्ट) और 135 विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं।

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February Purnima 2026: फरवरी में कब है माघ पूर्णिमा? यहां जानें क्या है शुभ तिथि, मुहूर्त और इसका धार्मिक महत्व…

February Purnima 2026: सनातन धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। यह तिथि स्नान, दान, व्रत और जप के लिए अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कार्य शीघ्र फल प्रदान करते हैं और श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

बता दें कि साल 2026 में फरवरी माह में माघ पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। इसी दिन कल्पवास का समापन भी होता है और भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है।

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फरवरी में माघ पूर्णिमा कब है?

1.माघ पूर्णिमा तिथि- 1 फरवरी 2026

2.पूर्णिमा तिथि प्रारंभ- 1 फरवरी सुबह 05:52 बजे

3. पूर्णिमा तिथि समाप्त- 2 फरवरी सुबह 03:38 बजे

4. चंद्रोदय समय – शाम 05:26 बजे

माघ पूर्णिमा 2024 में कब है?

धार्मिक नियमों का पालन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति

माघ पूर्णिमा के दिन धार्मिक नियमों का पालन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन श्रद्धालुओं को निम्नलिखित विधि अपनानी चाहिए। इसके लिए सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी में स्नान करें। स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें और भगवान विष्णु की पूजा करें और व्रत रखें। इसके बाद जप, हवन और दान  करें। पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण करें फिर निर्धन लोगों और ब्राह्मणों को भोजन कराकर दान-दक्षिणा दें।

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माघ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

माघ पूर्णिमा का नाम मघा नक्षत्र से जुड़ा हुआ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ महीने में देवता मनुष्य रूप धारण कर प्रयागराज में स्नान, दान और जप करते हैं। इसी कारण पूरे माघ मास में गंगा स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। जो श्रद्धालु पूरे माघ महीने स्नान नहीं कर पाते, उनके लिए माघ पूर्णिमा का दिन अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पापों का नाश होता है, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। Read More February Purnima 2026: फरवरी में कब है माघ पूर्णिमा? यहां जानें क्या है शुभ तिथि, मुहूर्त और इसका धार्मिक महत्व…

Google Photos का नया Me Meme फीचर हुआ रोलआउट, अब अपनी फोटो से बनाएं AI मीम…

BE NEWS – गूगल अपने ऐप्स को लगातार ज्यादा क्रिएटिव और मज़ेदार बना रहा है। इसी दिशा में कंपनी ने Google Photos में एक नया फीचर Me Meme रोलआउट करना शुरू कर दिया है। इस फीचर की मदद से यूज़र अपनी ही फोटो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के ज़रिये मज़ेदार मीम में बदल सकते हैं। फिलहाल यह फीचर अमेरिका में उपलब्ध है।

यादों के साथ एंटरटेनमेंट का तड़का

बता दें कि गूगल ने Me Meme फीचर की अनाउंसमेंट अक्टूबर 2025 में की थी और करीब तीन महीने बाद अब इसका रोलआउट शुरू हुआ है। यह फीचर Google Photos के उन टूल्स में शामिल हो गया है, जिनका मकसद यूज़र्स को अपनी यादों के साथ एंटरटेनमेंट का तड़का लगाने का मौका देना है।

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अब आपकी फोटो बनेगी मीम, Google Photos ला रहा नया Me Meme फीचर | Google ...

पूरी तरह यूज़र कंट्रोल में रहेगा फीचर

Me Meme फीचर पूरी तरह यूज़र के कंट्रोल में काम करता है। गूगल आपकी फोटो अपने आप मीम में नहीं बदलेगा। यूज़र को खुद अपनी कोई तस्वीर चुननी होगी, जिसके बाद ऐप उस फोटो को पॉपुलर मीम टेम्पलेट्स में फिट करता है। इन टेम्पलेट्स में पहले से मज़ेदार टेक्स्ट मौजूद होता है, जिसे यूज़र अपनी पसंद के अनुसार एडिट भी कर सकते हैं।

इसके अलावा, यूज़र चाहें तो खुद का टेक्स्ट लिख सकते हैं या अपना कस्टम मीम स्टाइल भी अपलोड कर सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर दोस्तों के साथ शेयर करने और हल्के-फुल्के मज़ाक के लिए डिजाइन किया गया है।

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 फीचर प्राइवेसी के लिहाज़ से सुरक्षित

गूगल ने साफ किया है कि Me Meme फीचर प्राइवेसी के लिहाज़ से सुरक्षित है। यह केवल उन्हीं तस्वीरों पर काम करता है, जिन्हें यूज़र खुद सेलेक्ट करता है। फीचर बैकग्राउंड में अपने आप एक्टिव नहीं रहता और बनाए गए मीम्स Google Photos ऐप के अंदर ही रहते हैं, जब तक यूज़र उन्हें सेव या शेयर न करे। हालांकि, गूगल ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि ये मीम्स स्टोरेज स्पेस कितना घेरेंगे, लेकिन आम तौर पर ऐसे मीम्स नई इमेज फाइल के रूप में सेव होते हैं।

Me Meme फीचर का इस्तेमाल करना बेहद आसान है-

1.अपने फोन में Google Photos ऐप खोलें

2. अपनी कोई साफ और अच्छी फोटो चुनें

3. Create या Meme ऑप्शन पर टैप करें

4. पसंद का मीम टेम्पलेट चुनें

5. टेक्स्ट एडिट करें और मीम तैयार करें

फिलहाल यह फीचर सिर्फ अमेरिका में उपलब्ध है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में गूगल इसे भारत समेत अन्य देशों में भी रोलआउट करेगा। Read More Google Photos का नया Me Meme फीचर हुआ रोलआउट, अब अपनी फोटो से बनाएं AI मीम…