Parliament Budget Session 2026: लोकसभा में हंगामा जारी, कार्यवाही बार-बार स्थगित, राज्यसभा में बहस जारी

Parliament Budget Session 2026 – संसद के बजट सत्र का आज 10वां दिन भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी टकराव की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। लोकसभा से आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वक्तव्य को कथित तौर पर रिकॉर्ड से हटाए जाने के मुद्दे पर गतिरोध बरकरार है। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही आज भी दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई, जबकि राज्यसभा में शोरगुल के बीच कार्यवाही जारी है।

लोकसभा में स्थगन, विपक्ष का विरोध जारी

आपको बता दें कि सुबह 11 बजे शुरू हुई लोकसभा की कार्यवाही (Parliament Budget Session 2026) विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण बाधित रही। विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला को कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस सौंपते हुए महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग की। कांग्रेस समेत कई दलों का कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन नहीं कर रही और विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विपक्षी सांसद स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर भी विचार कर रहे हैं। हालांकि, इससे पहले 9 फरवरी को सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि ऐसा प्रस्ताव बजट सत्र के दूसरे चरण में लाया जा सकता है।

Parliament Budget Session 2026
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भाजपा महिला सांसदों की शिकायत

इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के व्यवहार पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 4 फरवरी को लोकसभा में विपक्षी सांसदों के आचरण से भाजपा के सांसद, विशेषकर महिला सांसद, काफी नाराज थीं। रिजिजू के अनुसार, भाजपा की महिला सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री की सीट के घेराव और सदन के वेल में घुसकर प्रदर्शन करने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि शारीरिक टकराव की नौबत आ सकती थी, लेकिन भाजपा सांसदों ने संयम बरता।

Parliament Budget Session 2026
राज्यसभा में बजट पर चर्चा

राज्यसभा में हालांकि हंगामे के बावजूद कामकाज जारी है। संभावना जताई जा रही है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज बजट 2026 पर हुई चर्चा का जवाब देंगी। वहीं, लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा की मांग उठाई है।

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बजट चर्चा पर अनिश्चितता

लोकसभा में आज (Parliament Budget Session 2026) पर चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन लगातार हो रहे हंगामे के कारण इस पर संशय बना हुआ है। सोमवार को भी प्रश्नकाल बाधित रहा और अंततः दोपहर बाद पूरे दिन के लिए सदन स्थगित करना पड़ा था। स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की थी, लेकिन फिलहाल गतिरोध टूटता नजर नहीं आ रहा। Read More Parliament Budget Session 2026: लोकसभा में हंगामा जारी, कार्यवाही बार-बार स्थगित, राज्यसभा में बहस जारी

UP Budget 2026: यूपी बजट सत्र का हंगामेदार आगाज़, सदन में गूंजे ‘गो-बैक’ के नारे…

UP Budget 2026 – उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन बड़ी हलचल वाला रहा। यूपी विधानसभा का बजट सत्र (UP Budget 2026) आज से शुरू हो गया है, लेकिन उम्मीद के मुताबिक सत्र की शुरुआत शांतिपूर्ण नहीं रही। जैसे ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपना भाषण शुरू किया, विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। आखिर सदन के अंदर और बाहर आज क्या-क्या हुआ, आइए देखते हैं इस रिपोर्ट में।”

बजट सत्र का हंगामेदार आगाज़ 

आपको बता दें कि यूपी विधानसभा के बजट सत्र (UP Budget 2026) का आगाज़ काफी हंगामेदार रहा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सदन में पहुंचते ही विपक्षी दलों ने ‘गो-बैक’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। विपक्ष के इस भारी शोर-शराबे की वजह से सदन के भीतर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है और यहां हंगामा करना शोभा नहीं देता। उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि अगर उनके पास कोई जनता से जुड़ा मुद्दा है, तो वे शोर मचाने के बजाय उस पर चर्चा करें।

UP Budget 2026
रिपोर्ट में यूपी की तरक्की का पूरा ब्योरा

यही नहीं, मुख्यमंत्री ने आज एक ऐतिहासिक घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि राज्यपाल के भाषण के बाद सरकार पहली बार राज्य का ‘इकोनॉमिक सर्वे’ यानी आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने जा रही है। इस रिपोर्ट में यूपी की तरक्की का पूरा ब्योरा होगा। सीएम योगी का दावा है कि उनकी सरकार ने यूपी को पिछड़ेपन से निकालकर एक मजबूत अर्थव्यवस्था बना दिया है।

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UP Budget 2026
इकोनॉमिक सर्वे ही बजट चर्चा की बुनियाद

योगी आदित्यनाथ ने जोर देते हुए कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि सरकार ने उनके लिए क्या काम किया है। अब यह इकोनॉमिक सर्वे ही बजट चर्चा की बुनियाद बनेगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विपक्ष चर्चा में हिस्सा लेगा या फिर यह सत्र भी सिर्फ हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा?”

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Magh Mela 2026: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मनाने में जुटा प्रयागराज प्रशासन, माफी और प्रोटोकॉल पर बनी सहमति के संकेत

Magh Mela- ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद को शांत करने के लिए प्रयागराज जिला प्रशासन अब बैकफुट पर नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम में हुई अपनी चूक को स्वीकार करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को भी तैयार हो गया है। मामले को सुलझाने के लिए लखनऊ से शासन के दो वरिष्ठ अधिकारी मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं।

शंकराचार्य ने रखी दो स्पष्ट शर्तें

बता दें कि इस पूरे प्रकरण पर प्रशासन की कोशिशों के बावजूद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी वापसी को लेकर दो स्पष्ट शर्तें रखी हैं। पहली शर्त यह है कि जिन अधिकारियों द्वारा दुर्व्यवहार किया गया, वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। दूसरी शर्त के तहत संगम स्नान के दौरान चारों शंकराचार्यों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल को पूरी तरह लागू किया जाए।

शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी योगीराज सरकार ने पुष्टि की है कि शासन स्तर से संपर्क किया गया है और अधिकारी वाराणसी पहुंचने वाले हैं। उन्होंने कहा कि अब फैसला पूरी तरह प्रशासन के रवैये पर निर्भर करेगा।

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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
मौनी अमावस्या की घटना के बाद शुरू हुआ विवाद

इस विवाद की शुरुआत 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन हुई थी। संगम नोज तक पालकी ले जाने को लेकर शंकराचार्य के शिष्यों और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हो गई थी। प्रशासन ने बैरिकेडिंग तोड़ने का आरोप लगाया, जबकि शंकराचार्य पक्ष का कहना था कि उनके शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। घटना से आहत होकर शंकराचार्य पिछले 12 दिनों तक अपने शिविर में धरने पर बैठे रहे और बाद में नाराजगी जताते हुए माघ मेला छोड़कर वाराणसी चले गए थे।

माघी पूर्णिमा से पहले समाधान की कोशिश

शंकराचार्य का अचानक मेला छोड़ना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया। माघी पूर्णिमा का प्रमुख स्नान निकट होने के कारण सरकार किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहती। अधिकारियों का कहना है कि शंकराचार्य को पूरे सम्मान के साथ वापस लाया जाएगा और प्रोटोकॉल के अनुसार ही संगम स्नान कराया जाएगा। Read More Magh Mela 2026: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मनाने में जुटा प्रयागराज प्रशासन, माफी और प्रोटोकॉल पर बनी सहमति के संकेत

UP Cabinet Meeting: शिक्षकों को बड़ी राहत, अब मिलेगा कैशलेस इलाज, कैबिनेट बैठक में लगी कई अहम फैसलों पर मुहर

UP Cabinet Meeting- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक (UP Cabinet Meeting) में राज्य सरकार ने शिक्षकों और शिक्षा कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। कैबिनेट ने प्रदेश के करीब 11.92 लाख शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह सुविधा राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लागू की जाएगी।

UP Cabinet Meeting
UP Cabinet Meeting
माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी लाभ

बता दें कि कैबिनेट बैठक (UP Cabinet Meeting) में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 2.97 लाख से अधिक कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मंजूरी दी गई। इस पर सरकार को 89.25 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। हालांकि, जो कर्मचारी पहले से किसी सरकारी स्वास्थ्य योजना से आच्छादित हैं, उन्हें इसका अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते वर्ष 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) के अवसर पर शिक्षकों को कैशलेस इलाज देने की घोषणा की थी, जिसे अब कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है।

इस फैसले से शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया समेत शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कार्मिक लाभान्वित होंगे। योजना के क्रियान्वयन पर सरकार को करीब 358.61 करोड़ रुपये का व्यय भार आएगा।

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Big relief for teachers
Big relief for teachers
कैबिनेट में 30 प्रस्ताव पास

बैठक (UP Cabinet Meeting) में कुल 32 प्रस्तावों में से 30 को मंजूरी दी गई, जबकि 14वें और 17वें प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया गया। इलके साथ ही कई अन्य प्रमुख फैसले पर भी मुहर लगाई गई, जिनमें शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को स्वीकृति मिली, भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की प्रक्रिया सरल होगी। बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना की जाएगी। विकास शुल्क के संशोधित दरें लागू होंगी।

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Cashless Treatment
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आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास

कैबिनेट (UP Cabinet Meeting) ने आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को भी मंजूरी दी। बहराइच के परतापुर समेत अन्य गांवों में प्रभावित परिवारों को भूमि पट्टा और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए जाएंगे। कुल 136 परिवारों को पुनर्वास का लाभ मिलेगा, साथ ही खेती के लिए भी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

CM फेलो को प्रतियोगी परीक्षाओं में राहत

सरकार ने सीएम फेलो को यूपीपीएससी और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में अधिकतम तीन वर्ष की आयु सीमा छूट और अतिरिक्त अंक देने का फैसला किया है। सेवा अवधि के आधार पर मुख्य परीक्षा में अधिमान अंक भी मिलेंगे। इससे युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर बढ़ेगा।

तीन वर्ष की वकालत का अनुभव अनिवार्य

कैबिनेट ने पीसीएस (न्यायिक) भर्ती नियमों में संशोधन करते हुए अब तीन वर्ष की वकालत का अनुभव अनिवार्य कर दिया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की संस्तुति के आधार पर लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे न्यायिक सेवा की भर्ती प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व मजबूत होगी। Read More UP Cabinet Meeting: शिक्षकों को बड़ी राहत, अब मिलेगा कैशलेस इलाज, कैबिनेट बैठक में लगी कई अहम फैसलों पर मुहर

Prayagraj: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेले विवाद के बाद प्रयागराज से प्रस्थान किया, न्याय की प्रतीक्षा की कही बात

Prayagraj: माघ मेले के दौरान हुए विवाद के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आज (बुधवार) प्रयागराज से प्रस्थान कर गए। उन्होंने मेला प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें न्याय की प्रतीक्षा रहेगी।

मेले से लौटते समय की प्रेस कॉन्फ्रेंस

आपको बता दें कि 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या के अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) अपने अनुयायियों के साथ पालकी और रथ पर सवार होकर संगम स्नान के लिए जा रहे थे। इसी दौरान मेला प्रशासन के साथ उनका विवाद सामने आया, जिसके बाद स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। इतने दिनों से चल रहे विवाद के बीच आज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज, माघ मेले से वापस कर लिया है। मेले से लौटते समय प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि, मौनी अमावस्या के दिन जब वे अपने शिष्यों के साथ संगम में स्नान के लिए जा रहे थे, तब उन्हें प्रशासन ने रोक दिया था। इसके बाद से वह अनशन पर बैठे थे और विवाद लगातार जारी रहा।

आगे उन्होंने कहा, “हमने अन्याय को अस्वीकार किया है और न्याय की प्रतीक्षा करेंगे। आज स्वर बोझिल हैं और शब्द साथ नहीं दे रहे। भारी मन लेकर प्रयाग से लौटना पड़ रहा है। जो कुछ घटित हुआ, उसने मन झकझोर दिया। बिना स्नान किए विदा ले रहे हैं। न्याय की प्रतीक्षा कभी खत्म नहीं होती।”

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 स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
प्रशासन का प्रस्ताव अस्वीकार

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) ने बताया कि प्रशासन की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था जिसमें कहा गया कि भविष्य में स्नान के समय उन्हें पालकी के साथ सम्मानपूर्वक ले जाया जाएगा और पुष्प वर्षा भी की जाएगी। लेकिन प्रस्ताव में क्षमा के कोई शब्द नहीं थे, इसलिए उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया।

उन्होंने आगे कहा, “अगर आप अपनी गलती के लिए क्षमा-याचना कर सकते हैं, तो ठीक है। लेकिन अगर नहीं, तो और कोई प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं। मुख्य मुद्दा बटुकों, सन्यासी और साधुओं के साथ किए गए व्यवहार का है। 10 दिन शिविर में बैठने के बाद जब जाने का निर्णय लिया, तभी यह प्रस्ताव आया। हम भारी मन से जा रहे हैं।”

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 स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

मेला प्रशासन ने भेजे थे नोटिस

जानकारी के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन स्वामी को स्नान से रोकने के बाद मेला प्रशासन ने उन्हें दो नोटिस भेजे थे। दूसरे नोटिस में पूछा गया था कि क्यों न उनकी संस्था को मेले में दी जा रही भूमि और सुविधाओं को निरस्त किया जाए और प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए।

प्रशासन द्वारा लगाया आरोप

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) ने कहा कि प्रशासन द्वारा लगाया गया आरोप कि वे बग्घी से मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने गए थे, पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण और निराधार है। वर्तमान में न तो वे शिविर में हैं और न ही उनके किसी आश्रम में कोई बग्घी है। Read More Prayagraj: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेले विवाद के बाद प्रयागराज से प्रस्थान किया, न्याय की प्रतीक्षा की कही बात

Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र शोक में की लहर, फडणवीस-शिंदे और शरद पवार बारामती रवाना

Ajit Pawar Plane Crash – महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन (Ajit Pawar Plane Crash) हो गया। वे मुंबई से चुनाव प्रचार के सिलसिले में बारामती जा रहे थे, तभी लैंडिंग के दौरान रनवे पर उनका निजी चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर

डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन (Ajit Pawar Plane Crash) की खबर मिलते ही महाराष्ट्र समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। बारामती और पुणे में उनके आवास के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

सीएम फडणवीस और एकनाथ शिंदे रवाना 

हादसे के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तुरंत बारामती जाने का निर्णय लिया है। एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह महाराष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है और खुद जाकर वह स्थिति वहां जायजा लेगें।

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Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
शरद पवार मुंबई से बारामती के लिए रवाना

NCP-SCP प्रमुख शरद पवार अपनी पत्नी प्रतिभा पवार के साथ मुंबई स्थित अपने आवास से बारामती के लिए रवाना हो गए हैं। पवार परिवार के अन्य सदस्य भी दिल्ली और मुंबई से बारामती पहुंच रहे हैं।

लैंडिंग के समय हुआ हादसा

महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह एक भीषण विमान हादसा सामने आया, जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा निजी चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना सुबह करीब 8:45 बजे हुई, जब विमान बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरने की कोशिश कर रहा था। लैंडिंग के दौरान विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा और रनवे के पास क्रैश हो गया। टक्कर के तुरंत बाद विमान में भीषण आग लग गई, जिससे धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा।

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Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
लैंडिंग के दौरान दो हिस्सों में टूटा विमान

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान जैसे ही बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरने वाला था, अचानक नियंत्रण खो बैठा और रनवे पर टकराकर दो हिस्सों में बंट गया। टक्कर के तुरंत बाद विमान में आग लग गई और कुछ ही पलों में वह आग के गोले में तब्दील हो गया। हादसा इतना भयावह था कि विमान पूरी तरह जलकर राख हो गया।

Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
विमान से जुड़ी अहम जानकारी

1.प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अजित पवार निजी चार्टर्ड विमान में यात्रा कर रहे थे।

2. विमान कंपनी- VSR वेंचर प्राइवेट लिमिटेड

3. विमान मॉडल- Bombardier Learjet 45XR (2010 मॉडल)

4. रजिस्ट्रेशन नंबर- VT-SSK

राष्ट्रपति से लेकर नेताओं तक ने जताया शोक

राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु , केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने इसे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया है।

हादसे की जांच के आदेश

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और स्थानीय प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन तकनीकी खराबी या लैंडिंग के दौरान आई समस्या की आशंका जताई जा रही है। Read More Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र शोक में की लहर, फडणवीस-शिंदे और शरद पवार बारामती रवाना

Ajit Pawar Plane Crash: डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन, हादसे से हिला महाराष्ट्र, जांच के आदेश..

Ajit Pawar Plane Crash – महाराष्ट्र से इस वक्त की सबसे बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक विमान (Ajit Pawar Plane Crash) हादसे में निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हो गई ।

राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद

आपको बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद बन गया, बारामती में बुधवार सुबह उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा निजी चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

लैंडिंग के दौरान बिगड़ा विमान संतुलन

सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार मुंबई में कैबिनेट बैठक में शामिल होने के बाद एक निजी कंपनी के चार्टर्ड विमान से बारामती के लिए रवाना हुए थे। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान विमान संतुलन खो बैठा और रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि विमान को भारी नुकसान पहुंचा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

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Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
कुल पांच लोगों की मौत की पुष्टि

इस हादसे में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। मृतकों में विमान के पायलट, को-पायलट और अन्य स्टाफ सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि अजित पवार पुणे जिले में 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने बारामती जा रहे थे।

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Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, हालांकि डॉक्टरों ने अजित पवार समेत पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। तकनीकी खराबी या मौसम को लेकर भी जांच की जा रही है। नागरिक उड्डयन विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

इधर, अजित पवार के निधन की खबर के बाद महाराष्ट्र सहित पूरे देश में शोक की लहर है। राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख जताया है और सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। Read More Ajit Pawar Plane Crash: डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन, हादसे से हिला महाराष्ट्र, जांच के आदेश..

Bank Strike Today: SBI-PNB समेत सरकारी बैंकों में आज कामकाज ठप, जानिए क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद…

Bank Strike Today – अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो आपको कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है। रविवार और गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद अब मंगलवार, 27 जनवरी को बैंक यूनियनों ने देशव्यापी बैंक हड़ताल (Bank Strike)  का आह्वान किया है। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले बुलाई गई है, जिसका उद्देश्य सरकार और बैंक प्रबंधन पर लंबित मांगों को पूरा करने का दबाव बनाना है।

Bank Strike
Bank Strike
इन बैंकों ने जारी की एडवाइजरी

बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bob) सहित कई बड़े सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को पहले ही सूचित कर दिया है कि हड़ताल (Bank Strike) के कारण शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहेगा। हालांकि बैंकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि डिजिटल सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी।

हड़ताल के चलते मंगलवार को बैंक शाखाओं में –

बैंक हड़ताल (Bank Strike) का वजह से केवाईसी (KYC) अपडेट, नया खाता खुलवाना, चेक जमा करना, नकद जमा और निकासी जैसे काम नहीं हो पाएंगे। इसके अलावा चेक क्लियरिंग प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है, जिससे व्यापारिक लेनदेन में देरी संभव है।

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कौन-सी सेवाएं रहेंगी चालू, ग्राहक इन सेवाओं का लाभ ले सकेंगे –

वहीं बैंक हड़ताल (Bank Strike) के बीच नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई (UPI), एटीएम से कैश निकासी (सीमित उपलब्धता के साथ) जैसी सुवधाएं चालू रहेगी। बैंकों ने ये भरोसा दिलाया है कि वेबसाइट और मोबाइल ऐप्स के जरिए बैंकिंग सेवाएं 24×7 उपलब्ध रहेंगी।

बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगें

1. बैंक कर्मचारी सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने की मांग कर रहे हैं। अभी केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही अवकाश रहता है। यूनियनों का दावा है कि सरकार और IBA के बीच इस पर सहमति बन चुकी है, लेकिन अधिसूचना अब तक जारी नहीं हुई है।

2. पुराने कर्मचारियों के लिए पेंशन अपडेट करने, खाली पदों पर नई भर्ती करने और आउटसोर्सिंग बंद करने की मांग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

3. कर्मचारी संगठन नई पेंशन योजना (NPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग कर रहे हैं, ताकि रिटायरमेंट के बाद सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Bank Strike
Bank Strike
एटीएम पर बढ़ सकता है दबाव

लगातार तीन दिन बैंक बंद रहने के कारण एटीएम में कैश की कमी हो सकती है। हालांकि बैंक प्रबंधन ने कैश उपलब्धता बनाए रखने का प्रयास करने का भरोसा दिया है, लेकिन भारी निकासी से एटीएम जल्दी खाली होने की आशंका बनी हुई है।

 SBI ने ग्राहकों से की अपील 

देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने ग्राहकों से अपील की है कि वे हड़ताल (Bank Strike) के दौरान डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें। बैंक के अनुसार, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई सेवाएं बिना किसी रुकावट के चालू रहेंगी।

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UGC Controversy: “मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो…” यूजीसी विवाद में उतरे कुमार विश्वास, एक्स पर कविता पोस्ट कर किया विरोध

UGC Controversy-  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को लेकर विवाद दिन-ब- दिन बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच आज UGC नियमों के बदलाव के लेकर कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर इसका विरोध किया है।

यूजीसी के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध तेज

आपको बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध तेज होता जा रहा है। छात्र संगठनों के साथ-साथ अब साहित्य और कला जगत की चर्चित हस्तियां भी इस विवाद में खुलकर सामने आने लगी हैं। इसी कड़ी में मशहूर कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने भी यूजीसी नियमों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक कविता साझा करते हुए नए यूजीसी नियमों का विरोध दर्ज कराया। उनकी यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है।

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Kumar Vishwas
कविता के जरिए सरकार पर तंज

कुमार विश्वास ने अपनी पोस्ट में स्वर्गीय कवि रमेश रंजन की कविता की पंक्तियां साझा कीं। उन्होंने लिखा- “चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा।” इस कविता के साथ उन्होंने #UGC_RollBack हैशटैग का इस्तेमाल किया है।

https://x.com/DrKumarVishwas/status/2016004252049756647

नियमों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज

UGC नियमों में बदलाव के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। मंगलवार को दिल्ली स्थित UGC मुख्यालय पर छात्रों ने प्रदर्शन किया। सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक इन नियमों को लेकर नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।

क्या हैं यूजीसी रूल्स 2026

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 13 जनवरी 2026 को देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में UGC रूल्स 2026 लागू किए हैं। इन नियमों के तहत Equity Committees, Equity Squads, 24×7 हेल्पलाइन और कड़ी निगरानी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। यह व्यवस्थाएं विशेष रूप से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।

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सामान्य वर्ग में भारी नाराजगी

UGC के इन नए नियमों को लेकर सामान्य वर्ग में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि ये नियम एकतरफा हैं और इससे भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं।

प्रशासन तक पहुंचा विवाद

यूजीसी (UGC) नियमों को लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि हाल ही में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी नाराजगी जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले कई भाजपा नेताओं ने भी इन नियमों पर सवाल उठाए थे।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

कुमार विश्वास की कविता पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है। कुछ समर्थक इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे नियमों के खिलाफ मान रहे हैं। यूजीसी नियमों को लेकर यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। Read More UGC Controversy: “मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो…” यूजीसी विवाद में उतरे कुमार विश्वास, एक्स पर कविता पोस्ट कर किया विरोध

77th Republic Day 2026: ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने शुभांशु शुक्ला, द्रौपदी मुर्मू ने ‘अशोक चक्र’ से किया सम्मानित

77th Republic Day 2026 – गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनकी वीरता का प्रतीक है, बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की एक नई उड़ान की पहचान भी है।

IAF ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अशोक चक्र से हुए सम्मानित, कर्तव्य पथ ...

ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय 

आपको बता दें कि नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को   ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्हें ऐतिहासिक एक्सिओम-4 मिशन के तहत यह गौरव प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने 18 दिन तक अंतरिक्ष में बिताए। इस मिशन में अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भाग लिया। शुभांशु शुक्ला के अलावा मिशन में तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भी शामिल थे।

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भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक नई उपलब्धि

ग्रुप कैप्टन शुक्ला का अंतरिक्ष में कदम रखना भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक नई उपलब्धि है। उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री बने थे। 41 साल बाद भारत ने फिर से अंतरिक्ष में अपने नागरिक को भेजा।

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जून 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल

लखनऊ के रहने वाले शुभांशु शुक्ला ने जून 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल होकर विभिन्न लड़ाकू विमानों का अनुभव प्राप्त किया। उनके पास Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier और AN-32 सहित कई विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान का रिकॉर्ड है। एक्सिओम-4 मिशन में उन्होंने पायलट की भूमिका निभाई और मिशन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ग्रुप कैप्टन शुक्ला के इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन और वीरता पुरस्कार ने पूरे देश को गर्वित कर दिया। इस मौके पर देशवासियों ने उनके साहस और योगदान को सराहा। Read More 77th Republic Day 2026: ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने शुभांशु शुक्ला, द्रौपदी मुर्मू ने ‘अशोक चक्र’ से किया सम्मानित