Parliament Session: स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंकने पर 8 विपक्षी सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित

Parliament Session – संसद के मौजूदा सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला, जब कुछ सांसदों ने सदन की मर्यादा तोड़ते हुए स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंके। इस गंभीर अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए छह सांसदों को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।

निलंबन का प्रस्ताव और सदन की मंजूरी

आपको बता दें कि लोकसभा में मंगलवार को भारी हंगामे के बीच सदन ( Parliament Session) की मर्यादा भंग करने के आरोप में आठ विपक्षी सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। इन सांसदों पर लोकसभा स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंकने का आरोप है। इस घटना को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए स्पीकर ओम बिरला ने सभी आठ सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया। हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और लोकसभा की कार्यवाही को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

Parliamentary Proceedings
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राहुल गांधी के भाषण से शुरू हुआ विवाद

 Parliament Session हंगामे की शुरुआत उस समय हुई जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान एक बार फिर चीन से जुड़ा मुद्दा उठाया। जैसे ही उन्होंने इस विषय पर बोलना शुरू किया, सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। राहुल गांधी अपनी बात पूरी करने पर अड़े रहे, लेकिन शोर-शराबे के कारण उनका भाषण अधूरा रह गया।

हंगामे के चलते कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा। इसी दौरान कुछ सांसदों ने आसन के पास पहुंचकर कागज के टुकड़े उछाल दिए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

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Parliament Budget Session
Parliament Budget Session
निलंबन का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित

दोपहर तीन बजे जब लोकसभा की कार्यवाही चौथी बार शुरू हुई, तब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पीकर की ओर कागज फेंकने वाले सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव सदन में पेश किया। सदन ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

निलंबित किए गए सांसद

 Parliament Session निलंबन की कार्रवाई जिन सांसदों पर हुई, उनके नाम गुरजीत औजला, मणिकम टैगोर (कांग्रेस, तमिलनाडु), अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, किरण कुमार रेड्डी, न कुरियाकोसे (कांग्रेस, केरल), एस. वेंकटेश (सीपीएम), हिबी ईडन (कांग्रेस, केरल), प्रशांत पडोले, थॉमस हैं। इन सभी सांसदों को मौजूदा बजट सत्र में किसी भी कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।

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Rahul Gandhi
Rahul Gandhi
विपक्ष का पलटवार

इससे पहले कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें बोलने से रोक रही है। वेणुगोपाल ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि हिम्मत है तो सभी विपक्षी सांसदों को निलंबित करके दिखाए। फिलहाल, संसद का माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है और राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।

सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई

विरोध के दौरान विपक्षी सांसद सदन के वेल में पहुंच गए, नारेबाजी की और स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज उछाले। हालात इतने बिगड़ गए कि कार्यवाही चलाना संभव नहीं रहा। बार-बार अपील के बावजूद व्यवस्था बहाल न होने पर संबंधित सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। फिलहाल, लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। Read More Parliament Session: स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंकने पर 8 विपक्षी सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित

Parliament Budget Session – राहुल गांधी के बयान पर भाजपा का पलटवार, सीपी जोशी बोले- विदेशी ताकतों के इशारे पर विपक्ष

Parliament Budget Session- संसद के बजट सत्र (Parliament Budget Session) की शुरुआत 28 जनवरी से हो चुकी है और सोमवार को कार्यवाही का चौथा दिन रहा। लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत हुई। इस चर्चा के लिए स्पीकर ओम बिरला ने 18 घंटे का समय निर्धारित किया है, जबकि राज्यसभा में इस विषय पर 16 घंटे चर्चा होनी है।

Parliament Budget Session
Parliament Budget Session
आज इस कार्यवाही का चौथा दिन

आपको बता दें कि संसद के बजट सत्र (Parliament Budget Session) की शुरुआत हो चुकी है। आज इस कार्यवाही का चौथा दिन था, हालांकि आज 2 फरवरी दिन सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान के कारण बार-बार बाधित होती रही। राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए कहा कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि वे सिर्फ दो-तीन पंक्तियां कहना चाहते हैं, जो पूर्व सेना प्रमुख के बयानों से जुड़ी हैं।

विपक्ष विदेशी ताकतों के हाथों में

राहुल गांधी के बयान पर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा सांसद सीपी जोशी ने कहा कि, “राहुल गांधी को बोलने के कई अवसर दिए गए, लेकिन उन्होंने देश को बदनाम करने और सेना का मनोबल गिराने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष विदेशी ताकतों के हाथों में खेल रहा है।”

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भारी हंगामे के बीच सदन स्थगित

हंगामा बढ़ने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को बिना तथ्यों के बयान देने से बचने की चेतावनी दी और कहा कि सदन नियमों के अनुसार ही चलेगा। इसके बावजूद शोर-शराबा जारी रहा, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 3 बजे और फिर शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। अंततः भारी हंगामे के बीच सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

देश से माफी मांगने की मांग

इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान को शर्मनाक बताते हुए उनसे देश से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि, “विपक्ष के नेता बार-बार सदन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। उधर, राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा शांतिपूर्ण ढंग से जारी रही। संसद के बजट सत्र (Parliament Budget Session) की कार्यवाही से जुड़े तमाम घटनाक्रम पर देशभर की नजर बनी हुई है।”

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Union Budget 2026: निर्मला सीतारमण का 9वां बजट, क्या बदलेगा आम आदमी की किस्मत?

Union Budget 2026: अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए भारी टैरिफ के जवाब में केंद्र सरकार ने Union Budget 2026 के ज़रिये बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पर्सनल इस्तेमाल के लिए इम्पोर्ट किए जाने वाले सभी ड्यूटी वाले सामानों पर टैरिफ रेट को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है। इस फैसले से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ इम्पोर्ट पर निर्भर सेक्टर्स को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

Nirmala Sitharaman's Union Budget 2026
Nirmala Sitharaman’s Union Budget 2026
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवां बजट

आपको बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी, दिन रविवार को अपना लगातार नौवां बजट (Union Budget 2026) पेश किया हैं। एनडीए सरकार के तीसरी बार सत्ता में लौटने के बाद यह दूसरा पूर्ण बजट होगा, जिससे उम्मीदें भी पहले से कहीं ज्यादा हैं। जिसमें सरकार का फोकस खास तौर पर उन उद्योगों को सपोर्ट करने पर है जो अमेरिकी टैरिफ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इसी कड़ी में सी-फूड इंडस्ट्री को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने एक्सपोर्ट के लिए सी-फूड प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाले खास इनपुट्स के ड्यूटी-फ्री इम्पोर्ट की सीमा को बढ़ाने का ऐलान किया। अब यह सीमा पिछले वर्ष के एक्सपोर्ट टर्नओवर की FOB वैल्यू के 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत कर दी गई है।

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Union Budget 2026
फुटवियर और लेदर सेक्टर को भी फायदा

वित्त मंत्री ने Union Budget 2026 यह भी प्रस्ताव दिया कि जिन खास इनपुट्स के ड्यूटी-फ्री इम्पोर्ट की सुविधा अभी लेदर और सिंथेटिक फुटवियर एक्सपोर्ट के लिए उपलब्ध है, वही सुविधा अब शू अपर एक्सपोर्ट करने वालों को भी दी जाएगी। इससे फुटवियर इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

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Finance Minister Nirmala Sitharaman presents the 'Union Budget 2
Finance Minister Nirmala Sitharaman presents the ‘Union Budget 2
रक्षा, बैटरी और एनर्जी सेक्टर को बढ़ावा

Union Budget 2026 में रक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के उद्देश्य से एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) के लिए जरूरी पार्ट्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के इम्पोर्ट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा, लिथियम-आयन बैटरी सेक्टर को बढ़ावा देते हुए सरकार ने बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले लिथियम-आयन सेल और जरूरी मिनरल्स के लिए कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट देने की घोषणा की है। यह छूट अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के लिए इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स तक भी बढ़ाई जाएगी।

न्यूक्लियर और सोलर सेक्टर को राहत

न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी सामानों के इम्पोर्ट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट को 2035 तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है, जो सभी न्यूक्लियर प्लांट्स पर लागू होगा, चाहे उनकी क्षमता कुछ भी हो। वहीं, सोलर ग्लास निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट और क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग से जुड़े कैपिटल गुड्स के इम्पोर्ट को भी ड्यूटी-फ्री करने का प्रस्ताव है।

US टैरिफ का सीधा असर

गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों के इम्पोर्ट पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया था, जिससे टेक्सटाइल, सी-फूड और अन्य एक्सपोर्ट सेक्टर्स पर दबाव बढ़ गया था। Union Budget 2026 में किए गए ये ऐलान उसी चुनौती से निपटने की रणनीति के तौर पर देखे जा रहे हैं।

इसके साथ ही सरकार ने ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर विकसित करने में मदद देने का भी प्रस्ताव रखा है, जिससे भारत की क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन मजबूत हो सके। Read More Union Budget 2026: निर्मला सीतारमण का 9वां बजट, क्या बदलेगा आम आदमी की किस्मत?

Mahatma Gandhi’s Death Anniversary: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर पीएम मोदी और सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि, उनके आदर्शों को किया याद

Mahatma Gandhi’s Death Anniversary – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। हर वर्ष 30 जनवरी को यह दिन शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से महात्मा गांधी को नमन किया और उनके विचारों को याद किया।

Mahatma Gandhi's Death Anniversary
Mahatma Gandhi’s Death Anniversary
भारत के निर्माण का आधार 

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन को विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आधार बताया। उन्होंने कहा कि, ‘बापू का जीवन और विचार देशवासियों को कर्तव्य, आत्मबल और राष्ट्रनिर्माण के मार्ग पर प्रेरित करते रहेंगे। राष्ट्रपिता का स्वदेशी पर जोर आज के भारत के आत्मनिर्भरता के संकल्प से सीधे जुड़ा हुआ है और यही सोच विकसित भारत की नींव है।’

महात्मा गांधी के आदर्शों को अपनाने की अपील की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर (Mahatma Gandhi’s Death Anniversary)  श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सत्य, अहिंसा और मानवता के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, ‘बापू की करुणा, नैतिकता और अहिंसक विचारधारा आज भी पूरी दुनिया को प्रकाश दिखाने का कार्य कर रही है। सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा कि गांधी के आदर्शों को अपनाकर ही एक समृद्ध, न्यायपूर्ण और विकसित भारत का निर्माण संभव है।’

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CM Yogi Adityanath
CM Yogi Adityanath
उनके बलिदान की स्मृति में शहीद दिवस

महात्मा गांधी की 30 जनवरी 1948 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में यह दिन शहीद दिवस (Mahatma Gandhi’s Death Anniversary) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन देश उन सभी महान आत्माओं को याद करता है, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

आज भी प्रासंगिक हैं गांधी के विचार

मोहनदास करमचंद गांधी, जिन्हें दुनिया बापू के नाम से जानती है, ने सत्य और अहिंसा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। दक्षिण अफ्रीका से शुरू हुआ उनका सत्याग्रह भारत की आज़ादी का मजबूत आधार बना। असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन के जरिए उन्होंने ब्रिटिश शासन को हिला दिया। गांधी जी का अहिंसा, समानता और मानवता का संदेश आज भी न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बना हुआ है।

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Ajit Pawar Funeral: नम आंखों और ‘अमर रहें’ के नारों के बीच पंचतत्व में विलीन अजित पवार, बेटों ने दी मुखाग्नि

Ajit Pawar Funeral:  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख अजित पवार (Ajit Pawar)  का बुधवार सुबह एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। इस हादसे से पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। राज्य सरकार ने अजित पवार के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। आज बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार (Ajit Pawar Funeral) किया गया।

समर्थकों का उमड़ा जनसैलाब 

बता दें कि सुबह से ही विद्या प्रतिष्ठान मैदान और आसपास के इलाकों में अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए समर्थकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तिरंगे में लिपटा अजित पवार का पार्थिव शरीर जैसे ही अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। लोग नम आंखों से ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे लगाते हुए अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देते नजर आए।

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Ajit Pawar Funeral
Ajit Pawar Funeral
परिवार ने दी अंतिम श्रद्धांजलि

अंतिम संस्कार के दौरान अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार भावुक हो गईं। उन्होंने अपने पति को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। बेटे पार्थ पवार और जय पवार ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अपने पिता की अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। राजकीय सम्मान के तहत पार्थिव शरीर पर लिपटा तिरंगा अंतिम संस्कार से पहले बेटे जय पवार को सौंपा गया। बेटों ने अंतिम संस्कार की सभी रस्में पुरी करते हुए अपने पिता को मुखाग्नि दी।

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Ajit Pawar Funeral

राजनीतिक दिग्गजों की मौजूदगी

अजित पवार की अंतिम विदाई (Ajit Pawar Funeral) में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत सहित कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेता मौजूद रहे और अजित पवार के निधन (Ajit Pawar Funeral) पर गहरा शोक व्यक्त किया। एनसीपी (एससीपी) नेता सुप्रिया सुले ने सुनेत्रा पवार को गले लगाकर सांत्वना दी।

Ajit Pawar Funeral

ब्लैक बॉक्स बरामद, जांच जारी

इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि बारामती में क्रैश हुए चार्टर प्लेन का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) बरामद कर लिया गया है। डीजीसीए और फोरेंसिक टीम हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई हैं।

समर्थकों की उमड़ी भारी भीड़

अंतिम यात्रा के दौरान अजित पवार के पार्थिव शरीर (Ajit Pawar Funeral) को ले जा रहे वाहन के पीछे-पीछे हजारों समर्थक चलते नजर आए। सड़कों के दोनों ओर लोग अपने नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए खड़े रहे। ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में विद्या प्रतिष्ठान मैदान में उमड़ा विशाल जनसैलाब साफ देखा जा सकता है।

अजित पवार के अचानक निधन से महाराष्ट्र की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। समर्थक, कार्यकर्ता और राजनीतिक जगत उन्हें एक मजबूत, निर्णायक और जनप्रिय नेता के रूप में याद कर रहा है। Read More Ajit Pawar Funeral: नम आंखों और ‘अमर रहें’ के नारों के बीच पंचतत्व में विलीन अजित पवार, बेटों ने दी मुखाग्नि

Ajit Pawar: अजित पवार के निधन से पूरे देश में शोक की लहर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं ने जताया शोक

Ajit Pawar:  महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। मुंबई से चुनाव प्रचार के लिए बारामती जा रहे अजित पवार का निजी चार्टर विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनके साथ यात्रा कर रहे सभी पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे की पुष्टि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने की है। वहीं इस हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई दिग्गज नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद

आपको बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद बन गया, बारामती में बुधवार सुबह उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) को ले जा रहा निजी चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

पीएम मोदी ने कहा- असमय निधन बेहद दुखद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि, “वे जमीनी स्तर से जुड़े जननेता थे। उन्होंने लिखा कि अजित पवार महाराष्ट्र की जनता की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहे और उनका असमय जाना अत्यंत पीड़ादायक है।”

Ajit Pawar Death News
Ajit Pawar Death News
राहुल गांधी ने जताई संवेदना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) और उनके सहयात्रियों के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने इस कठिन समय में महाराष्ट्र की जनता और पवार परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।

राष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों ने जताया शोक

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी इस विमान दुर्घटना को अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि अजित पवार का महाराष्ट्र के विकास, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में अहम योगदान रहा है। वहीं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिवार को संबल देने की प्रार्थना की।

 Ajit Pawar's demise, says President Droupadi Murmu
Ajit Pawar’s demise, says President Droupadi Murmu
प्रियंका गांधी और खरगे ने दी श्रद्धांजलि

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पवार परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने अजित पवार की पत्नी और सुप्रिया सुले से बात की है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस हादसे को चौंकाने वाला और बेहद दुखद बताया।

बारामती रवाना हुए बड़े नेता

हादसे के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बारामती जाने का निर्णय लिया है। NCP-SCP प्रमुख शरद पवार भी अपनी पत्नी प्रतिभा पवार के साथ मुंबई से बारामती के लिए रवाना हो चुके हैं। अजित पवार का परिवार भी दिल्ली से बारामती पहुंच रहा है।

पुणे आवास के बाहर पसरा सन्नाटा

अजित पवार के पुणे स्थित आवास के बाहर गमगीन माहौल है, पूरे परिसर में सन्नाटा छाया हुआ है। सुरक्षा के मद्देनज़र भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और इस खबर के बाद समर्थकों की भीड़ धीरे-धीरे जुटने लगी है।

DGCA ने की मौत की पुष्टि

DGCA के अनुसार, इस विमान हादसे में अजित पवार के साथ उनके पीएसओ, एक अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर की भी मौत हुई है। सभी लोग निजी चार्टर विमान में सवार थे। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। Read More Ajit Pawar: अजित पवार के निधन से पूरे देश में शोक की लहर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं ने जताया शोक

UGC विवाद पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान आया सामने, बोले- “कोई भेदभाव नहीं होगा और कोई भी…”

UGC Act – विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए समानता नियमों को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और आलोचकों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि नए नियमों के तहत किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा और न ही कोई कानून का गलत इस्तेमाल कर सकेगा।

Education Minister Dharmendra Pradhan
Education Minister Dharmendra Pradhan
बढ़ते विरोध के बीच आया बयान

आपको बता दें कि आपको बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए यूजीसी एक्ट (UGC Act 2026) इक्विटी रेगुलेशन को लेकर देशभर में जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है। आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में इन नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं, जिसके बाद छात्र संगठनों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश के विभिन्न शैक्षणिक परिसरों में यूजीसी (UGC) के नए रेगुलेशन के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सोशल मीडिया पर भी इन नियमों को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। छात्र, शिक्षक और कई संगठन सीधे तौर पर केंद्र सरकार से नियमों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

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Dharmendra Pradhan
Dharmendra Pradhan
क्या बोले केंद्रीय शिक्षा मंत्री-

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा,“मैं अत्यंत विनम्रतापूर्वक यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यूजीसी के नए नियमों से किसी के साथ भेदभाव या उत्पीड़न नहीं होगा। चाहे वह यूजीसी हो, केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार – कानून का दुरुपयोग किसी के द्वारा नहीं किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि, “यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि नियमों का इस्तेमाल केवल न्याय और समानता के लिए हो, न कि किसी के खिलाफ हथियार के रूप में।”

धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी स्पष्ट किया कि यूजीसी (UGC) के ये नियम भारत के संविधान की सीमाओं के भीतर और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बनाए गए हैं। ऐसे में ये किसी भी वर्ग के खिलाफ भेदभाव की अनुमति नहीं देते।

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आखिर क्या है यूजीसी विवाद

यूजीसी  (UGC) द्वारा लाए गए “उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के विनियम, 2026” को लेकर पूरे देश में विवाद खड़ा हो गया है। ये नियम 13 जनवरी को अधिसूचित हुए थे और 15 जनवरी से लागू कर दिए गए। सरकार का कहना है कि ये नियम 2012 के पुराने एंटी-डिस्क्रिमिनेशन फ्रेमवर्क को और मजबूत करने के लिए लाए गए हैं, लेकिन विरोध करने वालों का आरोप है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में असंतुलन और दुरुपयोग की आशंका बढ़ेगी।

विवाद की क्या है जड़ ?

नए यूजीसी नियमों के तहत – हर कॉलेज और विश्वविद्यालय में Equity Committee, Equity Squad और Equal Opportunity Cell (EOC) बनाना अनिवार्य है। SC, ST और OBC छात्रों व कर्मचारियों के खिलाफ जातिगत भेदभाव की शिकायतों पर त्वरित जांच हो। 24×7 हेल्पलाइन, नियमित निगरानी और रिपोर्टिंग की व्यवस्था हो। इसके साथ ही भेदभाव सिद्ध होने पर संस्थान की फंडिंग रोकी जा सकती है, कोर्स या डिग्री पर रोक लग सकती है और UGC मान्यता भी रद्द हो सकती है। भेदभाव की परिभाषा का दायरा बढ़ाया गया है, जिसमें अब OBC वर्ग को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।

सरकार के आश्वासन के बावजूद यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर असंतोष बना हुआ है। प्रदर्शन, बयानबाजी और कानूनी चुनौतियों के बीच यह मुद्दा लगातार राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है। Read More UGC विवाद पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान आया सामने, बोले- “कोई भेदभाव नहीं होगा और कोई भी…”

UGC Act: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर देशभर में बवाल, सड़कों से सुप्रीम कोर्ट तक विरोध…

UGC Act –  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को लेकर विवाद तेज हो गया है। इसी बीच आज UGC नियमों के बदलाव के लेकर भारी उबाल देखने को मिल रहा है, जिसको लेकर आज देशभर में जगह – जगह प्रदर्शन किया रहा है।

आपको बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए यूजीसी एक्ट 2026 – इक्विटी रेगुलेशन को लेकर देशभर में जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है। आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में इन नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं, जिसके बाद छात्र संगठनों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

UGC
क्या है यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026

नए नियमों के तहत देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में SC, ST और OBC वर्ग के लिए ‘समान अवसर प्रकोष्ठ’ (Equity Cell) का गठन अनिवार्य किया गया है। पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भी जातिगत भेदभाव से संरक्षण प्राप्त वर्गों की सूची में शामिल किया गया है। इसके अलावा Equity Committees, Equity Squads, 24×7 हेल्पलाइन और सख्त निगरानी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।

जनरल कैटेगरी में नाराजगी

नए प्रावधानों को लेकर जनरल कैटेगरी के छात्रों में भारी असंतोष है। उनका तर्क है कि OBC वर्ग को पहले से ही आरक्षण सहित कई सुविधाएं प्राप्त हैं, ऐसे में उन्हें जातिगत भेदभाव से संरक्षण वाली श्रेणी में शामिल करना एकतरफा और भेदभावपूर्ण है। इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।

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UGC Protest
UGC Protest
 यूजीसी मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन

राजधानी दिल्ली में छात्रों ने यूजीसी मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी लगातार प्रदर्शन और धरना-प्रदर्शन जारी है। सोशल मीडिया पर भी #UGC_RollBack ट्रेंड कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, यूजीसी देगा स्पष्टीकरण

यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक दर्जन से अधिक याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। याचिकाकर्ताओं ने चीफ जस्टिस की बेंच के समक्ष जल्द सुनवाई की मांग करने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कानूनी परामर्श लिया है।

सूत्रों के अनुसार, बढ़ते विरोध को देखते हुए यूजीसी की ओर से जल्द ही इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया जाएगा।

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UGC Protest
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कहीं विरोध तो कहीं समर्थन 

जहां एक ओर लेफ्ट विंग छात्र संगठन AISA ने यूजीसी के नए नियमों का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ी जीत बताया है, वहीं दूसरी ओर कई छात्र संगठन और सामाजिक समूह इसे शिक्षा व्यवस्था में विभाजनकारी कदम बता रहे हैं।

प्रशासन और राजनीति में भी असर

विवाद का असर प्रशासन तक भी पहुंच गया है। बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी नियमों से असहमति जताते हुए सेवा से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया। वहीं रायबरेली में विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए चुप्पी साधने वाले नेताओं को चूड़ियां भेजने का अभियान भी शुरू किया गया है।

मंत्रियों के बयान भी चर्चा में

यूजीसी नियमों पर जब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से सवाल किया गया, तो वे सीधा जवाब देने से बचते नजर आए। वहीं कांग्रेस नेता हरीश रावत ने इसे सनातन धर्म पर हमला बताते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला।

कानूनी चुनौतियां और राजनीतिक बयानबाजी तेज

जिस तरह विरोध प्रदर्शन, कानूनी चुनौतियां और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो रही है, उससे साफ है कि यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर विवाद फिलहाल थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में सरकार, यूजीसी और न्यायपालिका की भूमिका इस मुद्दे पर बेहद अहम रहने वाली है। Read More UGC Act: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर देशभर में बवाल, सड़कों से सुप्रीम कोर्ट तक विरोध…

Colonel Sofia Qureshi: कर्नल सोफिया कुरैशी को मिलेगा विशिष्ट सेवा मेडल, ऑपरेशन सिंदूर में निभाई थी अहम भूमिका

Colonel Sofia Qureshi  भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी Colonel Sofia  को उनके समर्पित सेवा कार्यों के लिए विशिष्ट सेवा मेडल (Vishisht Seva Medal) से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। वे हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान प्रेस ब्रीफिंग में एक प्रमुख चेहरा बनकर सामने आई थीं, जहां उन्होंने सेना की ओर से प्रतिदिन ऑपरेशन से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं।

Colonel Sofia
Colonel Sofia
 Colonel Sofia को विशिष्ट सेवा मेडल

आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी Colonel Sofia को विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित करने की घोषणा की गई। यह सम्मान उन्हें विशेष रूप से पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के लिए दिया जा रहा है।

सरकार ने कुल 70 वीरता पुरस्कारों का ऐलान किया है, जिनमें एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र और 13 शौर्य चक्र शामिल हैं। शौर्य चक्र पाने वालों में 10 थलसेना के जवान (एक मरणोपरांत), दो नौसेना और एक अर्धसैनिक बल के अधिकारी शामिल हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में प्रेस ब्रीफिंग की जिम्मेदारी

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब पाकिस्तान की ओर से लगातार भ्रामक प्रचार और झूठे दावे किए जा रहे थे, तब भारतीय सेना की ओर से प्रेस ब्रीफिंग की जिम्मेदारी Colonel Sofia कुरैशी और भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह को सौंपी गई थी। Colonel Sofia ने तथ्यों के साथ भारत का पक्ष मजबूती से रखा और पाकिस्तान के झूठे दावों को सार्वजनिक रूप से बेनकाब किया।

वडोदरा के एक सैन्य परिवार में हुआ था जन्म

Colonel Sofia (कर्नल सोफिया कुरैशी) का जन्म गुजरात के वडोदरा में एक सैन्य परिवार में हुआ। उनके दादा भारतीय सेना में धार्मिक शिक्षक के रूप में सेवा दे चुके हैं। उन्होंने वर्ष 1997 में महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर डिग्री प्राप्त की और इसके बाद चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) से कमीशन हासिल किया।

बाढ़ राहत अभियानों में उनके कार्यों में योगदान

साल 2001 में संसद पर आतंकी हमले के बाद शुरू हुए ऑपरेशन पराक्रम के दौरान उन्होंने पंजाब सीमा पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं, जिसके लिए उन्हें जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ से कमेंडेशन कार्ड भी मिला। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ राहत अभियानों में उनके कार्य की भी सराहना की गई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ाया भारत का मान

Colonel Sofia (कर्नल सोफिया कुरैशी) ने लगभग छह वर्षों तक संयुक्त राष्ट्र के शांति स्थापना अभियानों के तहत कांगो में सेवा दी। साल 2016 में उन्होंने एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना की टुकड़ी का नेतृत्व किया और ऐसा करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं, जो भारतीय सेना के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।

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Colonel Sofia Qureshi and Wing Commander Vyomika Singh
301 सैन्य अलंकरणों को भी मिली मंजूरी

राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों और अन्य कर्मियों के लिए कुल 301 सैन्य अलंकरणों को भी मंजूरी दी है। इनमें 30 परम विशिष्ट सेवा पदक, चार उत्तम युद्ध सेवा पदक, 56 अति विशिष्ट सेवा पदक, नौ युद्ध सेवा पदक, 43 सेना पदक (विशिष्ट), आठ नौसेना पदक (विशिष्ट), 14 वायु सेना पदक (विशिष्ट) और 135 विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं।

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History Of Royal Carriage: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस पर विदेशी अतिथियों के साथ की शाही बग्घी में सवारी, जानें इसका सालों पुराना इतिहास…

History Of Royal Carriage: 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत राष्ट्रपति भवन से होते ही इतिहास की एक झलक नजर आई, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विदेशी अतिथियों के साथ शाही बग्घी में सवार होकर समारोह स्थल की ओर रवाना हुईं। इस अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेएन भी राष्ट्रपति के साथ मौजूद रहे।

शाही बग्घी का ऐतिहासिक महत्व

आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस समारोह में इस्तेमाल होने वाली यह शाही बग्घी सैकड़ों साल पुरानी है। भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद 1950 में इस बग्घी में बैठकर समारोह में शामिल हुए थे। इसके पहले, ब्रिटिश वायसराय भी इसे शाही सवारी के रूप में प्रयोग करते थे। बग्घी के किनारों पर सोने की परत लगी हुई है और इसमें राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ को भी सोने के साथ अंकित किया गया है।

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President Draupadi Murmu
काले रंग की शाही बग्घी और इसकी विशेषताएं

दरअसल इस काले रंग की शाही बग्घी को खास लकड़ी से तैयार किया गया है। इसके पहियों के रिम और अन्य हिस्सों में सोने का इस्तेमाल किया गया है। वर्तमान मूल्य करोड़ों रुपये में आंका जाता है। 100 साल से अधिक पहले कोलकाता की स्टुअर्ट एंड कंपनी ने इसे ब्रिटिश शासन के दौरान बनाया था। बग्घी को आगे खींचने के लिए छह घोड़ों का इस्तेमाल किया जाता है, और इसकी सुरक्षा राष्ट्रपति के विशेष अंगरक्षकों द्वारा सुनिश्चित की जाती है।

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Royal Carriage

इस शाही बग्घी के अधिकार को लेकर निर्णय

भारत-पाकिस्तान के विभाजन के समय इस शाही बग्घी के अधिकार को लेकर निर्णय सिक्का उछालकर किया गया। भारत के दूत एच.एम. पटेल और पाकिस्तान के चौधरी मोहम्मद अली ने इस निर्णय में भाग लिया। सिक्का उछालकर तय हुआ कि बग्घी भारत के पास रहे।

शाही बग्घी का उपयोग बंद

प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 1984 में हत्या के बाद शाही बग्घी का उपयोग बंद कर दिया गया था और इसकी जगह बुलेटप्रूफ कार का इस्तेमाल शुरू हुआ। हालांकि, वर्ष 2014 में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसे पुनः इस्तेमाल किया। उसके बाद से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने भी विभिन्न सार्वजनिक समारोहों में इस बग्घी का प्रयोग किया।

गणतंत्र दिवस का भव्य दृश्य

राष्ट्रपति के शाही बग्घी में सवार होने से समारोह की भव्यता और ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ गया। छह घोड़ों की जोड़ी और सोने की परत वाली बग्घी ने समारोह को ऐतिहासिक और यादगार बना दिया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद से लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक, यह बग्घी हमारे गौरवशाली अतीत और आधुनिक भारत के आत्मविश्वास को जोड़ती है। 77वें गणतंत्र दिवस पर छह घोड़ों की टाप और बग्घी की चमक ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अपनी जड़ों और परंपराओं को सहेजते हुए भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है। Read More History Of Royal Carriage: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस पर विदेशी अतिथियों के साथ की शाही बग्घी में सवारी, जानें इसका सालों पुराना इतिहास…