Prayagraj: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेले विवाद के बाद प्रयागराज से प्रस्थान किया, न्याय की प्रतीक्षा की कही बात

Prayagraj: माघ मेले के दौरान हुए विवाद के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आज (बुधवार) प्रयागराज से प्रस्थान कर गए। उन्होंने मेला प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें न्याय की प्रतीक्षा रहेगी।

मेले से लौटते समय की प्रेस कॉन्फ्रेंस

आपको बता दें कि 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या के अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) अपने अनुयायियों के साथ पालकी और रथ पर सवार होकर संगम स्नान के लिए जा रहे थे। इसी दौरान मेला प्रशासन के साथ उनका विवाद सामने आया, जिसके बाद स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। इतने दिनों से चल रहे विवाद के बीच आज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज, माघ मेले से वापस कर लिया है। मेले से लौटते समय प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि, मौनी अमावस्या के दिन जब वे अपने शिष्यों के साथ संगम में स्नान के लिए जा रहे थे, तब उन्हें प्रशासन ने रोक दिया था। इसके बाद से वह अनशन पर बैठे थे और विवाद लगातार जारी रहा।

आगे उन्होंने कहा, “हमने अन्याय को अस्वीकार किया है और न्याय की प्रतीक्षा करेंगे। आज स्वर बोझिल हैं और शब्द साथ नहीं दे रहे। भारी मन लेकर प्रयाग से लौटना पड़ रहा है। जो कुछ घटित हुआ, उसने मन झकझोर दिया। बिना स्नान किए विदा ले रहे हैं। न्याय की प्रतीक्षा कभी खत्म नहीं होती।”

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 स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
प्रशासन का प्रस्ताव अस्वीकार

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) ने बताया कि प्रशासन की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था जिसमें कहा गया कि भविष्य में स्नान के समय उन्हें पालकी के साथ सम्मानपूर्वक ले जाया जाएगा और पुष्प वर्षा भी की जाएगी। लेकिन प्रस्ताव में क्षमा के कोई शब्द नहीं थे, इसलिए उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया।

उन्होंने आगे कहा, “अगर आप अपनी गलती के लिए क्षमा-याचना कर सकते हैं, तो ठीक है। लेकिन अगर नहीं, तो और कोई प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं। मुख्य मुद्दा बटुकों, सन्यासी और साधुओं के साथ किए गए व्यवहार का है। 10 दिन शिविर में बैठने के बाद जब जाने का निर्णय लिया, तभी यह प्रस्ताव आया। हम भारी मन से जा रहे हैं।”

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 स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

मेला प्रशासन ने भेजे थे नोटिस

जानकारी के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन स्वामी को स्नान से रोकने के बाद मेला प्रशासन ने उन्हें दो नोटिस भेजे थे। दूसरे नोटिस में पूछा गया था कि क्यों न उनकी संस्था को मेले में दी जा रही भूमि और सुविधाओं को निरस्त किया जाए और प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए।

प्रशासन द्वारा लगाया आरोप

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) ने कहा कि प्रशासन द्वारा लगाया गया आरोप कि वे बग्घी से मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने गए थे, पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण और निराधार है। वर्तमान में न तो वे शिविर में हैं और न ही उनके किसी आश्रम में कोई बग्घी है। Read More Prayagraj: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेले विवाद के बाद प्रयागराज से प्रस्थान किया, न्याय की प्रतीक्षा की कही बात

Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र शोक में की लहर, फडणवीस-शिंदे और शरद पवार बारामती रवाना

Ajit Pawar Plane Crash – महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन (Ajit Pawar Plane Crash) हो गया। वे मुंबई से चुनाव प्रचार के सिलसिले में बारामती जा रहे थे, तभी लैंडिंग के दौरान रनवे पर उनका निजी चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर

डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन (Ajit Pawar Plane Crash) की खबर मिलते ही महाराष्ट्र समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। बारामती और पुणे में उनके आवास के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

सीएम फडणवीस और एकनाथ शिंदे रवाना 

हादसे के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तुरंत बारामती जाने का निर्णय लिया है। एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह महाराष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है और खुद जाकर वह स्थिति वहां जायजा लेगें।

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Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
शरद पवार मुंबई से बारामती के लिए रवाना

NCP-SCP प्रमुख शरद पवार अपनी पत्नी प्रतिभा पवार के साथ मुंबई स्थित अपने आवास से बारामती के लिए रवाना हो गए हैं। पवार परिवार के अन्य सदस्य भी दिल्ली और मुंबई से बारामती पहुंच रहे हैं।

लैंडिंग के समय हुआ हादसा

महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह एक भीषण विमान हादसा सामने आया, जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा निजी चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना सुबह करीब 8:45 बजे हुई, जब विमान बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरने की कोशिश कर रहा था। लैंडिंग के दौरान विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा और रनवे के पास क्रैश हो गया। टक्कर के तुरंत बाद विमान में भीषण आग लग गई, जिससे धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा।

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Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
लैंडिंग के दौरान दो हिस्सों में टूटा विमान

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान जैसे ही बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरने वाला था, अचानक नियंत्रण खो बैठा और रनवे पर टकराकर दो हिस्सों में बंट गया। टक्कर के तुरंत बाद विमान में आग लग गई और कुछ ही पलों में वह आग के गोले में तब्दील हो गया। हादसा इतना भयावह था कि विमान पूरी तरह जलकर राख हो गया।

Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
विमान से जुड़ी अहम जानकारी

1.प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अजित पवार निजी चार्टर्ड विमान में यात्रा कर रहे थे।

2. विमान कंपनी- VSR वेंचर प्राइवेट लिमिटेड

3. विमान मॉडल- Bombardier Learjet 45XR (2010 मॉडल)

4. रजिस्ट्रेशन नंबर- VT-SSK

राष्ट्रपति से लेकर नेताओं तक ने जताया शोक

राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु , केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने इसे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया है।

हादसे की जांच के आदेश

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और स्थानीय प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन तकनीकी खराबी या लैंडिंग के दौरान आई समस्या की आशंका जताई जा रही है। Read More Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र शोक में की लहर, फडणवीस-शिंदे और शरद पवार बारामती रवाना

Ajit Pawar Plane Crash: डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन, हादसे से हिला महाराष्ट्र, जांच के आदेश..

Ajit Pawar Plane Crash – महाराष्ट्र से इस वक्त की सबसे बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक विमान (Ajit Pawar Plane Crash) हादसे में निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हो गई ।

राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद

आपको बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद बन गया, बारामती में बुधवार सुबह उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा निजी चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

लैंडिंग के दौरान बिगड़ा विमान संतुलन

सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार मुंबई में कैबिनेट बैठक में शामिल होने के बाद एक निजी कंपनी के चार्टर्ड विमान से बारामती के लिए रवाना हुए थे। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान विमान संतुलन खो बैठा और रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि विमान को भारी नुकसान पहुंचा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

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Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
कुल पांच लोगों की मौत की पुष्टि

इस हादसे में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। मृतकों में विमान के पायलट, को-पायलट और अन्य स्टाफ सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि अजित पवार पुणे जिले में 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने बारामती जा रहे थे।

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Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, हालांकि डॉक्टरों ने अजित पवार समेत पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। तकनीकी खराबी या मौसम को लेकर भी जांच की जा रही है। नागरिक उड्डयन विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

इधर, अजित पवार के निधन की खबर के बाद महाराष्ट्र सहित पूरे देश में शोक की लहर है। राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख जताया है और सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। Read More Ajit Pawar Plane Crash: डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन, हादसे से हिला महाराष्ट्र, जांच के आदेश..

UGC Act: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर देशभर में बवाल, सड़कों से सुप्रीम कोर्ट तक विरोध…

UGC Act –  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को लेकर विवाद तेज हो गया है। इसी बीच आज UGC नियमों के बदलाव के लेकर भारी उबाल देखने को मिल रहा है, जिसको लेकर आज देशभर में जगह – जगह प्रदर्शन किया रहा है।

आपको बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए यूजीसी एक्ट 2026 – इक्विटी रेगुलेशन को लेकर देशभर में जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है। आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में इन नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं, जिसके बाद छात्र संगठनों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

UGC
क्या है यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026

नए नियमों के तहत देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में SC, ST और OBC वर्ग के लिए ‘समान अवसर प्रकोष्ठ’ (Equity Cell) का गठन अनिवार्य किया गया है। पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भी जातिगत भेदभाव से संरक्षण प्राप्त वर्गों की सूची में शामिल किया गया है। इसके अलावा Equity Committees, Equity Squads, 24×7 हेल्पलाइन और सख्त निगरानी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।

जनरल कैटेगरी में नाराजगी

नए प्रावधानों को लेकर जनरल कैटेगरी के छात्रों में भारी असंतोष है। उनका तर्क है कि OBC वर्ग को पहले से ही आरक्षण सहित कई सुविधाएं प्राप्त हैं, ऐसे में उन्हें जातिगत भेदभाव से संरक्षण वाली श्रेणी में शामिल करना एकतरफा और भेदभावपूर्ण है। इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।

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UGC Protest
UGC Protest
 यूजीसी मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन

राजधानी दिल्ली में छात्रों ने यूजीसी मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी लगातार प्रदर्शन और धरना-प्रदर्शन जारी है। सोशल मीडिया पर भी #UGC_RollBack ट्रेंड कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, यूजीसी देगा स्पष्टीकरण

यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक दर्जन से अधिक याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। याचिकाकर्ताओं ने चीफ जस्टिस की बेंच के समक्ष जल्द सुनवाई की मांग करने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कानूनी परामर्श लिया है।

सूत्रों के अनुसार, बढ़ते विरोध को देखते हुए यूजीसी की ओर से जल्द ही इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया जाएगा।

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UGC Protest
UGC Protest
कहीं विरोध तो कहीं समर्थन 

जहां एक ओर लेफ्ट विंग छात्र संगठन AISA ने यूजीसी के नए नियमों का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ी जीत बताया है, वहीं दूसरी ओर कई छात्र संगठन और सामाजिक समूह इसे शिक्षा व्यवस्था में विभाजनकारी कदम बता रहे हैं।

प्रशासन और राजनीति में भी असर

विवाद का असर प्रशासन तक भी पहुंच गया है। बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी नियमों से असहमति जताते हुए सेवा से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया। वहीं रायबरेली में विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए चुप्पी साधने वाले नेताओं को चूड़ियां भेजने का अभियान भी शुरू किया गया है।

मंत्रियों के बयान भी चर्चा में

यूजीसी नियमों पर जब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से सवाल किया गया, तो वे सीधा जवाब देने से बचते नजर आए। वहीं कांग्रेस नेता हरीश रावत ने इसे सनातन धर्म पर हमला बताते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला।

कानूनी चुनौतियां और राजनीतिक बयानबाजी तेज

जिस तरह विरोध प्रदर्शन, कानूनी चुनौतियां और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो रही है, उससे साफ है कि यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर विवाद फिलहाल थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में सरकार, यूजीसी और न्यायपालिका की भूमिका इस मुद्दे पर बेहद अहम रहने वाली है। Read More UGC Act: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर देशभर में बवाल, सड़कों से सुप्रीम कोर्ट तक विरोध…

यूपी सरकार का बड़ा एक्शन, बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री निलंबित

BE NEWS – उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। निलंबन के साथ ही उन्हें जांच पूरी होने तक शामली के कलेक्टर कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच बरेली मंडलायुक्त को सौंपी गई है।

प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया है।निलंबन के साथ ही उन्हें शामली स्थित कलेक्टर कार्यालय से अटैच कर पूरे प्रकरण की जांच बरेली मंडलायुक्त को सौंपी गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी दिन सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी थी।उन्होंने अपने इस्तीफे में केंद्र और राज्य सरकार की कुछ नीतियों, विशेष रूप से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों तथा प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ माघ मेले से जुड़े घटनाक्रम को लेकर नाराजगी जाहिर की थी।

Alankar Agnihotri

इस्तीफे में लगाए गंभीर आरोप

अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल और निर्वाचन आयोग को भेजे गए सात पन्नों के इस्तीफे में लिखा कि देश में अब न तो जनतंत्र बचा है और न ही गणतंत्र, बल्कि “भ्रमतंत्र” कायम है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे आरोप लगाते हुए यूजीसी के नए कानून का भी खुलकर विरोध किया।अपने पत्र में उन्होंने खुद को उत्तर प्रदेश सिविल सेवा (2019 बैच) का अधिकारी बताते हुए कहा कि प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दौरान शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि बटुक ब्राह्मण को जमीन पर गिराकर उसकी शिखा पकड़कर घसीटा गया, जो धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा का घोर उल्लंघन है।

ब्राह्मण विरोधी मानसिकता का आरोप

इस्तीफे में अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि यह घटना प्रशासन और सरकार की ब्राह्मण विरोधी सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि साधु-संतों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिससे समाज में गहरा आक्रोश है।

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Alankar Agnihotri
Alankar Agnihotri

पोस्टर के साथ तस्वीर वायरल

सोशल मीडिया पर सिटी मजिस्ट्रेट की एक तस्वीर भी वायरल हुई, जिसमें वह हाथ में पोस्टर लिए नजर आए। पोस्टर पर लिखा था- “UGC Roll Back… काला कानून वापस लो। शंकराचार्य और संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।”

45 मिनट तक बंधक बनाकर रखने का आरोप

इस्तीफे के बाद अलंकार अग्निहोत्री डीएम आवास पहुंचे, जहां करीब एक घंटे तक रहने के बाद बाहर निकलकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि उन्हें 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया और लखनऊ से आए एक फोन कॉल पर उन्हें अपशब्द कहे गए। उन्होंने दावा किया कि यह सब एक साजिश के तहत किया गया।

 

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज

इस पूरे प्रकरण पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार शंकराचार्य को जानबूझकर परेशान कर रही है। वहीं भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “मैं न तो उन्हें जानता हूं और न ही उनके बारे में सुना है। कई लोग राजनीति में आने के लिए ऐसे बहाने ढूंढते हैं।”

इस्तीफा वापस लेने की मांग

कर्मचारी कल्याण सेवा समिति सहित कई संगठनों ने अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और सरकार से इस्तीफा वापस कराने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि यदि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो आंदोलन किया जाएगा।

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77th Republic Day 2026: ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने शुभांशु शुक्ला, द्रौपदी मुर्मू ने ‘अशोक चक्र’ से किया सम्मानित

77th Republic Day 2026 – गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनकी वीरता का प्रतीक है, बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की एक नई उड़ान की पहचान भी है।

IAF ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अशोक चक्र से हुए सम्मानित, कर्तव्य पथ ...

ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय 

आपको बता दें कि नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को   ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्हें ऐतिहासिक एक्सिओम-4 मिशन के तहत यह गौरव प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने 18 दिन तक अंतरिक्ष में बिताए। इस मिशन में अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भाग लिया। शुभांशु शुक्ला के अलावा मिशन में तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भी शामिल थे।

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भारतीय वीर शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष उड़ान, तैयारियां पूरी, काउंटडाउन ...

भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक नई उपलब्धि

ग्रुप कैप्टन शुक्ला का अंतरिक्ष में कदम रखना भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक नई उपलब्धि है। उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री बने थे। 41 साल बाद भारत ने फिर से अंतरिक्ष में अपने नागरिक को भेजा।

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शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अशोक चक्र से किया ...

जून 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल

लखनऊ के रहने वाले शुभांशु शुक्ला ने जून 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल होकर विभिन्न लड़ाकू विमानों का अनुभव प्राप्त किया। उनके पास Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier और AN-32 सहित कई विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान का रिकॉर्ड है। एक्सिओम-4 मिशन में उन्होंने पायलट की भूमिका निभाई और मिशन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ग्रुप कैप्टन शुक्ला के इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन और वीरता पुरस्कार ने पूरे देश को गर्वित कर दिया। इस मौके पर देशवासियों ने उनके साहस और योगदान को सराहा। Read More 77th Republic Day 2026: ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने शुभांशु शुक्ला, द्रौपदी मुर्मू ने ‘अशोक चक्र’ से किया सम्मानित

Republic Day of India: 77वां गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भारत की ताकत और संस्कृति का भव्य प्रदर्शन, यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता बने मुख्य अतिथि

Republic Day of India – भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मना रहा है। इस मौके पर राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत सुबह 9:30 बजे हुई। करीब 90 मिनट तक चलने वाले इस समारोह में भारत की सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक विरासत, सैन्य शक्ति और विकास यात्रा की झलक देखने को मिली।

यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता बने मुख्य अतिथि

बता दें कि दिल्ली में इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की थीम वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर रखी गई है। खास बात यह है कि पूरी दुनिया के सामने वंदे मातरम् की 150 साल की ऐतिहासिक यात्रा और हालिया सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गाथा भी प्रदर्शित की गई। गणतंत्र दिवस 2026 के मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल हुए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह की अध्यक्षता की, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

Republic Day Parade 2026: When And Where To Watch Live, Online ...

कर्तव्य पथ पर पहुंचते ही 21 तोपों की सलामी

राष्ट्रपति के कर्तव्य पथ पर पहुंचते ही 21 तोपों की सलामी दी गई और राष्ट्रगान के साथ आधिकारिक रूप से समारोह शुरू हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया।

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परेड में आत्मनिर्भर भारत की झलक

इस वर्ष की परेड तकनीक, सैन्य क्षमता और आत्मनिर्भर भारत की झलक से भरपूर रही। परेड में आकाश मिसाइल सिस्टम, शक्तिबाण, स्वदेशी रोबोटिक म्यूल्स और UGV, भारतीय सेना की पहली बार युद्धक्षेत्र जैसी फॉर्मेशन में मार्चिंग, तीनों सेनाओं की संयुक्त झांकी में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की विजयगाथा, पूर्व सैनिकों की विशेष झांकी, जिसका थीम रहा ‘संग्राम से राष्ट्रनिर्माण तक’, वंदे मातरम् के छंदों पर आधारित 1923 की ऐतिहासिक पेंटिंग सीरीज ने दर्शकों का ध्यान खींचा।

Republic Day 2026: All set for grand parade at Kartavya Path, Delhi on ...

 31 जनवरी तक भारत पर्व का आयोजन

गणतंत्र दिवस के साथ ही दिल्ली के लाल किले पर आज से 31 जनवरी तक ‘भारत पर्व’ का आयोजन शुरू हो गया है। यह छह दिवसीय उत्सव भारत की सांस्कृतिक, कलात्मक और आध्यात्मिक विरासत को समर्पित है। कार्यक्रम का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया।

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PM Modi, Defence Chiefs Honour Bravehearts at India Gate to Commence ...

देशभर में फहराया गया तिरंगा

गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश के सभी राज्यों में राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों ने तिरंगा फहराया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी सहित कई नेताओं ने समारोहों में भाग लिया। गणतंत्र दिवस 2026 का यह आयोजन भारत की एकता, शक्ति और गौरव का भव्य प्रतीक बनकर सामने आया। Read More Republic Day of India: 77वां गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भारत की ताकत और संस्कृति का भव्य प्रदर्शन, यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता बने मुख्य अतिथि

Bangladesh violence: बांग्लादेश में नहीं थम रही अल्पसंख्यकों पर हिंसा की घटनाएं, नरसिंहदी में युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया

Bangladesh violence – बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला नरसिंहदी जिले से सामने आया है, जहां 23 वर्षीय हिंदू युवक चंचल चंद्र भौमिक को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। यह घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है, जिसने एक बार फिर देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हिंसा की एक और गंभीर घटना आई सामने 

बता दें कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की एक और गंभीर घटना सामने आई है। चंचल चंद्र भौमिक नरसिंहदी इलाके में एक गैराज में काम करता था और काम खत्म करने के बाद वहीं सो रहा था। देर रात अज्ञात हमलावरों ने गैराज में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग इतनी भयानक थी कि चंचल बाहर नहीं निकल सका और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। यह वारदात उस वक्त हुई जब चंचल शुक्रवार रात एक गैराज के अंदर सो रहा था। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

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घटना का वीडियो भी आया सामने 

घटना नरसिंगदी पुलिस लाइन के पास मस्जिद मार्केट इलाके की बताई जा रही है। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावरों ने गैराज के शटर पर बाहर से पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि युवक को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति को बाहर से आग लगाते हुए देखा जा सकता है। पुलिस का कहना है कि वीडियो और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

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आसपास के लोगों ने फायर सर्विस को किया सूचित 

आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने फायर सर्विस को सूचित किया। नरसिंगदी फायर सर्विस की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद गैराज के अंदर से चंचल की जला हुआ शव बरामद हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वह काफी देर तक आग में फंसा रहा, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल

चंचल चंद्र भौमिक कुमिला जिले के लक्ष्मीपुर गांव का रहने वाला था और काम के सिलसिले में नरसिंगदी में रह रहा था। वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य बताया जा रहा है और कई सालों से उसी गैराज में काम कर रहा था। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से सबूत जुटाए गए हैं, मामला दर्ज किया जा रहा है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

हिंदू समुदाय में भय और आक्रोश

इस घटना के बाद बांग्लादेश के हिंदू संगठनों और आम हिंदू समुदाय में भय और इन घटनाओं के लेकर आक्रोश का माहौल है। संगठनों ने सरकार से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

उस्मान हादी की मौत के बाद बिगड़े हालात 

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हालात और बिगड़े हैं। 18 दिसंबर को ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और फिर उसके शव को जला दिया गया। इसके बाद राजबाड़ी जिले में अमृत मंडल, बीते हफ्ते हिंदू व्यापारी लिटन चंद्र दास और अन्य मामलों ने अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। Read More Bangladesh violence: बांग्लादेश में नहीं थम रही अल्पसंख्यकों पर हिंसा की घटनाएं, नरसिंहदी में युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया

Tragic accident in Doda: जम्मू-कश्मीर के डोडा में खाई में गिरा सेना का वाहन, 10 जवान हुए शहीद, 11 घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

BE NEWS – जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में भारतीय सेना के 10 जवानों की शहादत हो गई, जबकि 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा भद्रवाह -चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास उस समय हुई, जब सेना का वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा।

ड्यूटी के लिए रवाना हुई थी सेना की टुकड़ी 

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां भद्रवाह – चंबा मार्ग पर सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण सड़क हादसे में भारतीय सेना के 10 वीर जवानों ने अपनी जान गंवा दी है, जबकि 11 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसा उस वक्त हुआ जब सेना की एक टुकड़ी ऑपरेशनल ड्यूटी के लिए रवाना हुई थी। खन्नी टॉप के पास सड़क बहुत संकरी और मोड़ों वाली है। इसी दौरान एक खतरनाक मोड़ पर ड्राइवर का नियंत्रण टूट गया और वाहन सीधे गहरी खाई में में जा गिरी।

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Tragic accident in Doda:
कड़ी मशक्कत के बाद जवानों को बाहर निकाला

हादसे की सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत कर जवानों को बाहर निकाला। अधिकारियों ने बताया कि 10 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 जवान घायल अवस्था में पाए गए।

घायलों को पहले उपजिला अस्पताल भद्रवाह में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एयरलिफ्ट कर उधमपुर स्थित सेना के कमांड अस्पताल भेजा गया। सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने व्यक्त किया शोक

इस हादसे पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि, “डोडा में हुए इस दुखद सड़क हादसे में देश ने अपने 10 वीर जवानों को खो दिया है। जवानों की उत्कृष्ट सेवा और सर्वोच्च बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति उन्होंने गहरी संवेदना प्रकट की। उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि, “इस कठिन समय में पूरा देश शहीदों के परिवारों के साथ खड़ा है।”

शहीद जवानों के नाम- जोबन जीत, सुधेर नरवाल, मोनू, मोहित, एच.आर. कंवर, सिमरन, पी. लोरा, सुलिंदर, अजय लोफरा और स्वर्ण नाग पाल।

घायल जवानों के नाम- साहिल, जे.पी. सिंह, नीरज, अनूप, नागिस, अमन, शंकर, संदीप, जोबनप्रीत, राकेश और अभिमन्यु।

वरिष्ठ अधिकारियों ने घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। यह हादसा पूरे देश को शोक में डुबोने वाला है। Read More Tragic accident in Doda: जम्मू-कश्मीर के डोडा में खाई में गिरा सेना का वाहन, 10 जवान हुए शहीद, 11 घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Noida Basement Accident: बिल्डर की लापरवाही या सिस्टम फेल? इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले पर SIT ने शुरू की जांच

BE NEWS – ग्रेटर नोएडा में 17 दिसंबर की रात  निर्माणाधीन बेसमेंट में कार के डुबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। बेसमेंट बनाने वाले बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं दूसरे आरोपी की जांच की रही है।

आपको बता दें कि नोएडा सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत का मामले पर सीएम योगी द्वारा SIT टीम का गठन किया गया है। जो अब इस मामले की पूरी जांच करेगी। वहीं इस पूरे प्रकरण पर अब पुलिस ने एमजेड विजटाउन के निदेशक बिल्डर अभय कुमार जिन्होंने इस बेसमेंट की निर्माण किया था, उनके गिरफ्तार कर लिया है।

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दो साल पहले खोदा गया था बेसमेंट का गड्ढा

पुलिस के अनुसार, आरोपी बिल्डर ने दो वर्ष पहले एक मॉल निर्माण के लिए बेसमेंट बनाने के उद्देश्य से जमीन पर गड्ढा खुदवाया था। यह गड्ढा लंबे समय से पानी से भरा हुआ था। शुक्रवार को इसी बेसमेंट में कार समेत गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत हो गई।

घटना के बाद बेसमेंट में डूबी कार को निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार को लगभग 96 घंटे बाद कार को बाहर निकाला जा सका।

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बचाव कार्य में बरती गई भारी लापरवाही

युवराज मेहता के पिता ने SIT को दिए बयान में आरोप लगाया कि हादसे के समय उन्होंने लगातार पुलिस, दमकल और एसडीआरएफ कर्मियों से बेटे को बचाने की गुहार लगाई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि, बचाव कर्मियों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे। उन्होंने पानी ठंडा होने का हवाला देकर अंदर उतरने से मना कर दिया, जिसके बाद केवल रस्सी फेंक कर के एक औपचारिकता निभाई गई। वहीं एनडीआरएफ को भी इस घटना की सूचना देने में देरी की गई। पीड़ित पिता का यह भी आरोप है कि घटना के तीन दिन बाद तक कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

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SIT कर रही पुलिस, प्रशासन और बिल्डरों की जांच

SIT टीम ने मंगलवार को सबसे पहले नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए। इसके बाद घटना स्थल का निरीक्षण किया गया और संबंधित विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की गई।

SIT में शामिल मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमें पांच दिन के भीतर सभी पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट शासन को सौंपनी है। हादसा किस स्तर की लापरवाही से हुआ। इसमें पुलिस, प्रशासन, प्राधिकरण, दमकल विभाग, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ सभी की भूमिका की जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”

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नहीं थे बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम

पुलिस के अनुसार, जिस प्लॉट पर हादसा हुआ वहां कोई बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए थे। इसी कारण यह दुर्घटना हुई। पीड़ित पिता की तहरीर पर 18 जनवरी को नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने एमजेड विशटाउन और लोटस ग्रीन बिल्डर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया था। फिलहाल गिरफ्तार बिल्डर को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। Read More Noida Basement Accident: बिल्डर की लापरवाही या सिस्टम फेल? इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले पर SIT ने शुरू की जांच