Ajit Pawar: बारामती के ‘दादा’ से महाराष्ट्र के ‘अजेय’ राजनेता तक का सफर, जानें अजित पवार के जीवन से जुड़े 6 बड़े मोड़

Ajit Pawar – अजित पवार एक ऐसा नेता जिसकी प्रशासनिक पकड़ का लोहा उनके विरोधी भी मानते थे, बारामती से लेकर मुंबई तक, उनके एक इशारे पर फैसले लिए जाते थे। समर्थकों के लिए वे ‘दादा’ थे। तेज जुबान, उससे भी तेज राजनीतिक सूझबूझ और हर वक्त आगे निकलने की बेचैनी- अजित पवार (Ajit Pawar) महाराष्ट्र की राजनीति के उन नेताओं में थे, जिनकी मौजूदगी मात्र से सत्ता के समीकरण बदल जाया करते थे। शीर्ष पद की चाह उन्होंने कभी नहीं छोड़ी, लेकिन विडंबना यह रही कि मुख्यमंत्री की कुर्सी उनसे हमेशा बस एक कदम दूर ही रही।

Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक काला दिन

आज महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक काला दिन है। बारामती के लाडले और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) अब हमारे बीच नहीं रहे। एक दर्दनाक विमान हादसे ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है। अभी कुछ ही देर पहले उन्हें काटेवाडी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई है।

बुधवार सुबह बारामती के पास हुए एक विमान हादसे में अजित पवार का असमय निधन हो गया। वे 66 वर्ष के थे। अपने गृह नगर बारामती जा रहे अजित पवार (Ajit Pawar) स्थानीय चुनावों के प्रचार में जुटने वाले थे, लेकिन लैंडिंग के दौरान हुए हादसे ने उनकी जीवन यात्रा को अचानक विराम दे दिया। विमान में सवार उनके दो कर्मचारी और चालक दल के दो सदस्यों समेत सभी पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे के कारणों की जांच जारी है। अजित पवार (Ajit Pawar) का राजनीतिक जीवन एक ऐसी कहानी है, जो सत्ता, संघर्ष, महत्वाकांक्षा और अधूरे सपनों से बुनी गई है।

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Ajit Pawar Funeral
Ajit Pawar Funeral
1. 1982, राजनीति के आंगन में पहला कदम

अजित पवार (Ajit Pawar) की राजनीति किसी टीवी डिबेट या सोशल मीडिया मंच से नहीं निकली, बल्कि महाराष्ट्र के सबसे मजबूत सत्ता केंद्र – चीनी मिलों और सहकारी संस्थाओं के नेटवर्क से आकार ली। 22 जुलाई 1959 को आशा और अनंतराव पवार के घर जन्मे अजित पवार ने 1982 में राजनीति में कदम रखा। अपने चाचा शरद पवार के मार्गदर्शन में वे एक चीनी कारखाने के बोर्ड के लिए चुने गए।

बारामती उनके लिए सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र नहीं था, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक किला था। यहां से उन्हें वह जनाधार और संगठनात्मक ताकत मिली, जिसने आगे चलकर उन्हें राज्य की राजनीति में एक निर्णायक शक्ति बना दिया। उनका उभार संयोग नहीं, बल्कि रणनीति और जमीनी पकड़ का नतीजा था।

The beginning of politics, the first step taken in 1982
The beginning of politics, the first step taken in 1982
2. छह बार उपमुख्यमंत्री, ‘कर्मठ प्रशासक’ की पहचान

अजित पवार (Ajit Pawar) ने रिकॉर्ड छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। बदलते गठबंधनों और अस्थिर राजनीतिक दौर के बीच वे सत्ता में बने रहे। समय के पाबंद, काम के प्रति कठोर और फैसलों में निर्णायक-ऐसी छवि उन्होंने बनाई, जो महाराष्ट्र की सुस्त नौकरशाही में अलग नजर आती थी।

वित्त और योजना जैसे अहम विभागों पर उनकी मजबूत पकड़ थी। यहां तक कि उनके राजनीतिक विरोधी भी मानते थे कि प्रशासन को कैसे चलाया जाता है, इसकी उन्हें गहरी समझ थी। कहा जा रहा था कि वे जल्द ही महाराष्ट्र का 2026–27 का बजट पेश करने वाले थे-लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

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Ajit Pawar's political journey
Ajit Pawar’s political journey
3. विवादों से घिरे, लेकिन कभी टूटे नहीं

अजित पवार (Ajit Pawar) जितने प्रभावशाली थे, उतने ही विवादास्पद भी। सिंचाई घोटाले के आरोप हों या बेटे पार्थ पवार से जुड़े भूमि सौदे-विवाद उनके राजनीतिक जीवन का स्थायी हिस्सा रहे। आलोचक उन्हें सत्ता के लिए किसी भी हद तक जाने वाला नेता कहते थे, जबकि समर्थक उन्हें मजबूत और निर्णायक मानते थे।

2013 में इंदापुर की एक सभा में सूखे पर की गई उनकी टिप्पणी ने बड़ा बवाल खड़ा किया और उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। यह घटना उनके व्यक्तित्व के दोनों पहलुओं को दिखाती है – बेबाक और राजनीतिक रूप से चतुर, लेकिन कभी-कभी अपनी ही तीक्ष्णता के शिकार।

Ajit Pawar
4. सत्ता की खुली महत्वाकांक्षा

नवंबर 2019 की वह सुबह महाराष्ट्र की राजनीति के इतिहास में दर्ज हो गई, जब अजित पवार ने देवेंद्र फडणवीस के साथ अचानक शपथ ली। वे उपमुख्यमंत्री बने, लेकिन सरकार सिर्फ दो दिन चली। हालांकि यह प्रयोग अल्पकालिक था, लेकिन इसका असर लंबे समय तक रहा।

यह कदम केवल अवसरवाद नहीं था, बल्कि एक स्पष्ट संदेश था – अजित पवार अब सिर्फ शरद पवार के उत्तराधिकारी नहीं, बल्कि खुद सत्ता संभालने की महत्वाकांक्षा रखने वाले नेता हैं। मुख्यमंत्री बनने का सपना उन्होंने कभी नहीं छिपाया। यह सपना पूरा नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने उन्हें महाराष्ट्र का सबसे अप्रत्याशित और ताकतवर खिलाड़ी बना दिया।

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5. शरद पवार (Ajit Pawar) से अलगाव और फिर रणनीतिक नजदीकी

जुलाई 2023 में अजित पवार ने अपने राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा दांव खेला। उन्होंने शरद पवार से अलग होकर पार्टी में बगावत की, अधिकांश विधायकों को अपने साथ लिया और भाजपा -शिवसेना गठबंधन सरकार में शामिल हो गए। इससे न सिर्फ पार्टी, बल्कि पवार परिवार की राजनीतिक विरासत भी दो हिस्सों में बंट गई।

लोकसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने विधानसभा चुनावों में 41 सीटें जीतकर जोरदार वापसी की। इसके बाद नगर निगम चुनावों से पहले अजित और शरद पवार की रणनीतिक नजदीकी दिखी, जिसे उन्होंने ‘व्यावहारिक राजनीति’ बताया। उस पुनर्मिलन ने भविष्य में दोनों गुटों के एक होने की अटकलों को जन्म दिया, जो अब उनकी मृत्यु के साथ अधूरी रह गईं।

Ajit Pawar funeral
6. मुख्यमंत्री बनने से बस एक कदम दूर

छह बार उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार (Ajit Pawar) महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली और निरंकुश सत्ताधारी नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने सरकारें बनाईं, दल तोड़े, और रातोंरात राजनीतिक समीकरण बदल दिए। वे मुख्यमंत्री नहीं बन पाए, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में जैसा दबदबा उन्होंने बनाया, वैसा बहुत कम नेताओं को नसीब हुआ। Read More Ajit Pawar: बारामती के ‘दादा’ से महाराष्ट्र के ‘अजेय’ राजनेता तक का सफर, जानें अजित पवार के जीवन से जुड़े 6 बड़े मोड़

Ajit Pawar Funeral: नम आंखों और ‘अमर रहें’ के नारों के बीच पंचतत्व में विलीन अजित पवार, बेटों ने दी मुखाग्नि

Ajit Pawar Funeral:  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख अजित पवार (Ajit Pawar)  का बुधवार सुबह एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। इस हादसे से पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। राज्य सरकार ने अजित पवार के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। आज बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार (Ajit Pawar Funeral) किया गया।

समर्थकों का उमड़ा जनसैलाब 

बता दें कि सुबह से ही विद्या प्रतिष्ठान मैदान और आसपास के इलाकों में अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए समर्थकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तिरंगे में लिपटा अजित पवार का पार्थिव शरीर जैसे ही अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। लोग नम आंखों से ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे लगाते हुए अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देते नजर आए।

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Ajit Pawar Funeral
Ajit Pawar Funeral
परिवार ने दी अंतिम श्रद्धांजलि

अंतिम संस्कार के दौरान अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार भावुक हो गईं। उन्होंने अपने पति को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। बेटे पार्थ पवार और जय पवार ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अपने पिता की अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। राजकीय सम्मान के तहत पार्थिव शरीर पर लिपटा तिरंगा अंतिम संस्कार से पहले बेटे जय पवार को सौंपा गया। बेटों ने अंतिम संस्कार की सभी रस्में पुरी करते हुए अपने पिता को मुखाग्नि दी।

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Ajit Pawar Funeral

राजनीतिक दिग्गजों की मौजूदगी

अजित पवार की अंतिम विदाई (Ajit Pawar Funeral) में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत सहित कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेता मौजूद रहे और अजित पवार के निधन (Ajit Pawar Funeral) पर गहरा शोक व्यक्त किया। एनसीपी (एससीपी) नेता सुप्रिया सुले ने सुनेत्रा पवार को गले लगाकर सांत्वना दी।

Ajit Pawar Funeral

ब्लैक बॉक्स बरामद, जांच जारी

इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि बारामती में क्रैश हुए चार्टर प्लेन का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) बरामद कर लिया गया है। डीजीसीए और फोरेंसिक टीम हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई हैं।

समर्थकों की उमड़ी भारी भीड़

अंतिम यात्रा के दौरान अजित पवार के पार्थिव शरीर (Ajit Pawar Funeral) को ले जा रहे वाहन के पीछे-पीछे हजारों समर्थक चलते नजर आए। सड़कों के दोनों ओर लोग अपने नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए खड़े रहे। ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में विद्या प्रतिष्ठान मैदान में उमड़ा विशाल जनसैलाब साफ देखा जा सकता है।

अजित पवार के अचानक निधन से महाराष्ट्र की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। समर्थक, कार्यकर्ता और राजनीतिक जगत उन्हें एक मजबूत, निर्णायक और जनप्रिय नेता के रूप में याद कर रहा है। Read More Ajit Pawar Funeral: नम आंखों और ‘अमर रहें’ के नारों के बीच पंचतत्व में विलीन अजित पवार, बेटों ने दी मुखाग्नि

Ajit Pawar Funeral: शोक में डूबा महाराष्ट्र, जननेता ‘अजित दादा’ को नम आंखों से अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब

Ajit Pawar Funeral: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख अजित पवार का बुधवार सुबह एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। इस दुखद घटना से पूरे राज्य में शोक की लहर है।

निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक 

आपको बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार उनके निधन (Ajit Pawar Funeral) पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। अजित पवार का अंतिम संस्कार आज सुबह 11 बजे बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। सुबह से ही अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नम आंखों और ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारों के बीच पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार स्थल की ओर ले जाया गया। जहां उनके बेटे पार्थ और जय ने बारामती में अपने पिता के अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। वहीं शवयात्रा के दौरान सड़कों के दोनों ओर भारी जनसैलाब उमड़ा रहा।

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Ajit Pawar Funeral
Ajit Pawar Funeral
ब्लैक बॉक्स बरामद, जांच के आदेश

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि हादसे का शिकार हुए चार्टर विमान का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) बरामद कर लिया गया है। डीजीसीए अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हादसे में कोई भी जीवित नहीं बचा। मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

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 Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
राजनीतिक दिग्गजों की मौजूदगी

अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री पंकजा मुंडे और राधाकृष्ण विखे पाटिल विद्या प्रतिष्ठान मैदान पहुंच चुके हैं। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी अंतिम संस्कार में शामिल होने बारामती पहुंचे। इससे पहले मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने शरद पवार से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया।

Ajit Pawar Funeral

परिवार और समर्थकों का अंतिम विदा

अजित पवार के बेटे जय पवार, भतीजे रोहित पवार सहित पवार परिवार के सदस्य अंतिम यात्रा में मौजूद रहे। समर्थक लगातार अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। बारामती और आसपास के इलाकों में शोकाकुल माहौल है। राज्य भर में शोक सभाएं आयोजित की जा रही हैं। वहीं सरकार की ओर से राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। Read More Ajit Pawar Funeral: शोक में डूबा महाराष्ट्र, जननेता ‘अजित दादा’ को नम आंखों से अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब

Arijit Singh Retirement: करियर के पीक पर अरिजीत सिंह ने क्यों छोड़ी प्लेबैक सिंगिंग? खुद सिंगर ने बताई असली वजह

Arijit Singh Retirement – बॉलीवुड के टॉप प्लेबैक सिंगर अरिजीत सिंह के रिटायरमेंट (Arijit Singh Retirement) ने फैंस को चौंका दिया है। महज 38 साल की उम्र में, जब उनका करियर अपने शिखर पर है, ऐसे समय में प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बनाने का फैसला हर किसी को हैरान कर रहा था। अब इस फैसले के पीछे की असली वजह खुद अरिजीत सिंह ने सामने रख दी है।

Arijit Singh Retirement
Arijit Singh Retirement
ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट की शेयर

बता दें कि बॉलीवुड के अरिजीत सिंह ने 27 जनवरी को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर यह ऐलान किया था कि वह अब प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट (Arijit Singh Retirement) ले रहे हैं। इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई कि आखिर इतनी कम उम्र में और इतने सफल करियर के बावजूद उन्होंने यह बड़ा फैसला क्यों लिया।

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Arijit Singh Retirement
Arijit Singh Retirement
एक्स पोस्ट में बताया सच

सोशल मीडिया पर अरिजीत सिंह के नाम से वायरल हो रहे एक पोस्ट में दावा किया गया है कि यह बयान उनके पर्सनल एक्स (X) अकाउंट से शेयर किया गया है। इस पोस्ट में अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने (Arijit Singh Retirement) के पीछे की वजहों को विस्तार से समझाया है।

अरिजीत सिंह ने लिखा, “इसके पीछे कोई एक वजह नहीं है। कई कारण हैं और मैं यह फैसला लंबे समय से लेने की कोशिश कर रहा था। आखिरकार अब मैंने वह हिम्मत जुटा ली।” उन्होंने आगे बताया कि वह एक ही तरह के काम से जल्दी बोर हो जाते हैं। “मैं चीजों से बहुत जल्दी बोर हो जाता हूं। यही वजह है कि मैं एक ही गाने के अरेंजमेंट बार-बार बदलता हूं और स्टेज पर अलग तरह से परफॉर्म करता हूं। सच कहूं तो मैं बोर हो गया था।”

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अरिजीत सिंह

कुछ अलग म्यूजिक करना चाहते हैं अरिजीत

अरिजीत सिंह ने यह भी साफ किया कि वह म्यूजिक से दूरी नहीं बना रहे हैं। उन्होंने लिखा, “मुझे कुछ अलग तरह का म्यूजिक करना है, ताकि मैं सच में जी सकूं। इसके अलावा मैं दूसरे सिंगर्स को सुनना चाहता हूं, जो मुझे असली मोटिवेशन दें।”

दो बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके अरिजीत सिंह का मानना है कि एक आर्टिस्ट के तौर पर खुद को जिंदा रखने के लिए बदलाव जरूरी है और यही सोच उनके इस फैसले की सबसे बड़ी वजह है।

म्यूजिक बनाना नहीं छोड़ेंगे

रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए अरिजीत सिंह (Arijit Singh Retirement) ने अपने फैंस को यह भरोसा भी दिलाया कि वह म्यूजिक बनाना कभी बंद नहीं करेंगे। उन्होंने लिखा था, “मैं म्यूजिक का फैन हूं और भविष्य में भी सीखता रहूंगा। मैं एक छोटे से आर्टिस्ट की तरह काम करता रहूंगा।”

उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके कुछ पुराने कमिटमेंट्स अभी बाकी हैं, जिन्हें वह पूरा करेंगे और शायद इसी साल फैंस को उनके कुछ नए गाने सुनने को मिलें। अरिजीत सिंह के इस फैसले ने भले ही फैंस को भावुक कर दिया हो, लेकिन उनके शब्दों से साफ है कि यह विदाई नहीं, बल्कि म्यूजिक की एक नई शुरुआत है। Read More Arijit Singh Retirement: करियर के पीक पर अरिजीत सिंह ने क्यों छोड़ी प्लेबैक सिंगिंग? खुद सिंगर ने बताई असली वजह

Prayagraj: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेले विवाद के बाद प्रयागराज से प्रस्थान किया, न्याय की प्रतीक्षा की कही बात

Prayagraj: माघ मेले के दौरान हुए विवाद के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आज (बुधवार) प्रयागराज से प्रस्थान कर गए। उन्होंने मेला प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें न्याय की प्रतीक्षा रहेगी।

मेले से लौटते समय की प्रेस कॉन्फ्रेंस

आपको बता दें कि 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या के अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) अपने अनुयायियों के साथ पालकी और रथ पर सवार होकर संगम स्नान के लिए जा रहे थे। इसी दौरान मेला प्रशासन के साथ उनका विवाद सामने आया, जिसके बाद स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। इतने दिनों से चल रहे विवाद के बीच आज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज, माघ मेले से वापस कर लिया है। मेले से लौटते समय प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि, मौनी अमावस्या के दिन जब वे अपने शिष्यों के साथ संगम में स्नान के लिए जा रहे थे, तब उन्हें प्रशासन ने रोक दिया था। इसके बाद से वह अनशन पर बैठे थे और विवाद लगातार जारी रहा।

आगे उन्होंने कहा, “हमने अन्याय को अस्वीकार किया है और न्याय की प्रतीक्षा करेंगे। आज स्वर बोझिल हैं और शब्द साथ नहीं दे रहे। भारी मन लेकर प्रयाग से लौटना पड़ रहा है। जो कुछ घटित हुआ, उसने मन झकझोर दिया। बिना स्नान किए विदा ले रहे हैं। न्याय की प्रतीक्षा कभी खत्म नहीं होती।”

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 स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
प्रशासन का प्रस्ताव अस्वीकार

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) ने बताया कि प्रशासन की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था जिसमें कहा गया कि भविष्य में स्नान के समय उन्हें पालकी के साथ सम्मानपूर्वक ले जाया जाएगा और पुष्प वर्षा भी की जाएगी। लेकिन प्रस्ताव में क्षमा के कोई शब्द नहीं थे, इसलिए उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया।

उन्होंने आगे कहा, “अगर आप अपनी गलती के लिए क्षमा-याचना कर सकते हैं, तो ठीक है। लेकिन अगर नहीं, तो और कोई प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं। मुख्य मुद्दा बटुकों, सन्यासी और साधुओं के साथ किए गए व्यवहार का है। 10 दिन शिविर में बैठने के बाद जब जाने का निर्णय लिया, तभी यह प्रस्ताव आया। हम भारी मन से जा रहे हैं।”

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 स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

मेला प्रशासन ने भेजे थे नोटिस

जानकारी के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन स्वामी को स्नान से रोकने के बाद मेला प्रशासन ने उन्हें दो नोटिस भेजे थे। दूसरे नोटिस में पूछा गया था कि क्यों न उनकी संस्था को मेले में दी जा रही भूमि और सुविधाओं को निरस्त किया जाए और प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए।

प्रशासन द्वारा लगाया आरोप

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) ने कहा कि प्रशासन द्वारा लगाया गया आरोप कि वे बग्घी से मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने गए थे, पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण और निराधार है। वर्तमान में न तो वे शिविर में हैं और न ही उनके किसी आश्रम में कोई बग्घी है। Read More Prayagraj: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेले विवाद के बाद प्रयागराज से प्रस्थान किया, न्याय की प्रतीक्षा की कही बात

Ajit Pawar: अजित पवार के निधन से पूरे देश में शोक की लहर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं ने जताया शोक

Ajit Pawar:  महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। मुंबई से चुनाव प्रचार के लिए बारामती जा रहे अजित पवार का निजी चार्टर विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनके साथ यात्रा कर रहे सभी पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे की पुष्टि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने की है। वहीं इस हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई दिग्गज नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद

आपको बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद बन गया, बारामती में बुधवार सुबह उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) को ले जा रहा निजी चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

पीएम मोदी ने कहा- असमय निधन बेहद दुखद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि, “वे जमीनी स्तर से जुड़े जननेता थे। उन्होंने लिखा कि अजित पवार महाराष्ट्र की जनता की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहे और उनका असमय जाना अत्यंत पीड़ादायक है।”

Ajit Pawar Death News
Ajit Pawar Death News
राहुल गांधी ने जताई संवेदना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) और उनके सहयात्रियों के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने इस कठिन समय में महाराष्ट्र की जनता और पवार परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।

राष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों ने जताया शोक

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी इस विमान दुर्घटना को अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि अजित पवार का महाराष्ट्र के विकास, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में अहम योगदान रहा है। वहीं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिवार को संबल देने की प्रार्थना की।

 Ajit Pawar's demise, says President Droupadi Murmu
Ajit Pawar’s demise, says President Droupadi Murmu
प्रियंका गांधी और खरगे ने दी श्रद्धांजलि

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पवार परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने अजित पवार की पत्नी और सुप्रिया सुले से बात की है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस हादसे को चौंकाने वाला और बेहद दुखद बताया।

बारामती रवाना हुए बड़े नेता

हादसे के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बारामती जाने का निर्णय लिया है। NCP-SCP प्रमुख शरद पवार भी अपनी पत्नी प्रतिभा पवार के साथ मुंबई से बारामती के लिए रवाना हो चुके हैं। अजित पवार का परिवार भी दिल्ली से बारामती पहुंच रहा है।

पुणे आवास के बाहर पसरा सन्नाटा

अजित पवार के पुणे स्थित आवास के बाहर गमगीन माहौल है, पूरे परिसर में सन्नाटा छाया हुआ है। सुरक्षा के मद्देनज़र भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और इस खबर के बाद समर्थकों की भीड़ धीरे-धीरे जुटने लगी है।

DGCA ने की मौत की पुष्टि

DGCA के अनुसार, इस विमान हादसे में अजित पवार के साथ उनके पीएसओ, एक अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर की भी मौत हुई है। सभी लोग निजी चार्टर विमान में सवार थे। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। Read More Ajit Pawar: अजित पवार के निधन से पूरे देश में शोक की लहर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं ने जताया शोक

Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र शोक में की लहर, फडणवीस-शिंदे और शरद पवार बारामती रवाना

Ajit Pawar Plane Crash – महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन (Ajit Pawar Plane Crash) हो गया। वे मुंबई से चुनाव प्रचार के सिलसिले में बारामती जा रहे थे, तभी लैंडिंग के दौरान रनवे पर उनका निजी चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर

डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन (Ajit Pawar Plane Crash) की खबर मिलते ही महाराष्ट्र समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। बारामती और पुणे में उनके आवास के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

सीएम फडणवीस और एकनाथ शिंदे रवाना 

हादसे के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तुरंत बारामती जाने का निर्णय लिया है। एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह महाराष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है और खुद जाकर वह स्थिति वहां जायजा लेगें।

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Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
शरद पवार मुंबई से बारामती के लिए रवाना

NCP-SCP प्रमुख शरद पवार अपनी पत्नी प्रतिभा पवार के साथ मुंबई स्थित अपने आवास से बारामती के लिए रवाना हो गए हैं। पवार परिवार के अन्य सदस्य भी दिल्ली और मुंबई से बारामती पहुंच रहे हैं।

लैंडिंग के समय हुआ हादसा

महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह एक भीषण विमान हादसा सामने आया, जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा निजी चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना सुबह करीब 8:45 बजे हुई, जब विमान बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरने की कोशिश कर रहा था। लैंडिंग के दौरान विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा और रनवे के पास क्रैश हो गया। टक्कर के तुरंत बाद विमान में भीषण आग लग गई, जिससे धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा।

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Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
लैंडिंग के दौरान दो हिस्सों में टूटा विमान

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान जैसे ही बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरने वाला था, अचानक नियंत्रण खो बैठा और रनवे पर टकराकर दो हिस्सों में बंट गया। टक्कर के तुरंत बाद विमान में आग लग गई और कुछ ही पलों में वह आग के गोले में तब्दील हो गया। हादसा इतना भयावह था कि विमान पूरी तरह जलकर राख हो गया।

Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
विमान से जुड़ी अहम जानकारी

1.प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अजित पवार निजी चार्टर्ड विमान में यात्रा कर रहे थे।

2. विमान कंपनी- VSR वेंचर प्राइवेट लिमिटेड

3. विमान मॉडल- Bombardier Learjet 45XR (2010 मॉडल)

4. रजिस्ट्रेशन नंबर- VT-SSK

राष्ट्रपति से लेकर नेताओं तक ने जताया शोक

राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु , केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने इसे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया है।

हादसे की जांच के आदेश

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और स्थानीय प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन तकनीकी खराबी या लैंडिंग के दौरान आई समस्या की आशंका जताई जा रही है। Read More Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र शोक में की लहर, फडणवीस-शिंदे और शरद पवार बारामती रवाना

Ajit Pawar Plane Crash: डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन, हादसे से हिला महाराष्ट्र, जांच के आदेश..

Ajit Pawar Plane Crash – महाराष्ट्र से इस वक्त की सबसे बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक विमान (Ajit Pawar Plane Crash) हादसे में निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हो गई ।

राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद

आपको बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद बन गया, बारामती में बुधवार सुबह उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा निजी चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

लैंडिंग के दौरान बिगड़ा विमान संतुलन

सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार मुंबई में कैबिनेट बैठक में शामिल होने के बाद एक निजी कंपनी के चार्टर्ड विमान से बारामती के लिए रवाना हुए थे। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान विमान संतुलन खो बैठा और रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि विमान को भारी नुकसान पहुंचा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

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Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash
कुल पांच लोगों की मौत की पुष्टि

इस हादसे में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। मृतकों में विमान के पायलट, को-पायलट और अन्य स्टाफ सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि अजित पवार पुणे जिले में 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने बारामती जा रहे थे।

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Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
Deputy CM Ajit Pawar dies in plane crash
पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, हालांकि डॉक्टरों ने अजित पवार समेत पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। तकनीकी खराबी या मौसम को लेकर भी जांच की जा रही है। नागरिक उड्डयन विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

इधर, अजित पवार के निधन की खबर के बाद महाराष्ट्र सहित पूरे देश में शोक की लहर है। राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख जताया है और सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। Read More Ajit Pawar Plane Crash: डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन, हादसे से हिला महाराष्ट्र, जांच के आदेश..

Bank Strike Today: SBI-PNB समेत सरकारी बैंकों में आज कामकाज ठप, जानिए क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद…

Bank Strike Today – अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो आपको कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है। रविवार और गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद अब मंगलवार, 27 जनवरी को बैंक यूनियनों ने देशव्यापी बैंक हड़ताल (Bank Strike)  का आह्वान किया है। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले बुलाई गई है, जिसका उद्देश्य सरकार और बैंक प्रबंधन पर लंबित मांगों को पूरा करने का दबाव बनाना है।

Bank Strike
Bank Strike
इन बैंकों ने जारी की एडवाइजरी

बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bob) सहित कई बड़े सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को पहले ही सूचित कर दिया है कि हड़ताल (Bank Strike) के कारण शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहेगा। हालांकि बैंकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि डिजिटल सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी।

हड़ताल के चलते मंगलवार को बैंक शाखाओं में –

बैंक हड़ताल (Bank Strike) का वजह से केवाईसी (KYC) अपडेट, नया खाता खुलवाना, चेक जमा करना, नकद जमा और निकासी जैसे काम नहीं हो पाएंगे। इसके अलावा चेक क्लियरिंग प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है, जिससे व्यापारिक लेनदेन में देरी संभव है।

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कौन-सी सेवाएं रहेंगी चालू, ग्राहक इन सेवाओं का लाभ ले सकेंगे –

वहीं बैंक हड़ताल (Bank Strike) के बीच नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई (UPI), एटीएम से कैश निकासी (सीमित उपलब्धता के साथ) जैसी सुवधाएं चालू रहेगी। बैंकों ने ये भरोसा दिलाया है कि वेबसाइट और मोबाइल ऐप्स के जरिए बैंकिंग सेवाएं 24×7 उपलब्ध रहेंगी।

बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगें

1. बैंक कर्मचारी सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने की मांग कर रहे हैं। अभी केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही अवकाश रहता है। यूनियनों का दावा है कि सरकार और IBA के बीच इस पर सहमति बन चुकी है, लेकिन अधिसूचना अब तक जारी नहीं हुई है।

2. पुराने कर्मचारियों के लिए पेंशन अपडेट करने, खाली पदों पर नई भर्ती करने और आउटसोर्सिंग बंद करने की मांग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है।

3. कर्मचारी संगठन नई पेंशन योजना (NPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग कर रहे हैं, ताकि रिटायरमेंट के बाद सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Bank Strike
Bank Strike
एटीएम पर बढ़ सकता है दबाव

लगातार तीन दिन बैंक बंद रहने के कारण एटीएम में कैश की कमी हो सकती है। हालांकि बैंक प्रबंधन ने कैश उपलब्धता बनाए रखने का प्रयास करने का भरोसा दिया है, लेकिन भारी निकासी से एटीएम जल्दी खाली होने की आशंका बनी हुई है।

 SBI ने ग्राहकों से की अपील 

देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने ग्राहकों से अपील की है कि वे हड़ताल (Bank Strike) के दौरान डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें। बैंक के अनुसार, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई सेवाएं बिना किसी रुकावट के चालू रहेंगी।

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UGC विवाद पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान आया सामने, बोले- “कोई भेदभाव नहीं होगा और कोई भी…”

UGC Act – विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए समानता नियमों को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और आलोचकों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि नए नियमों के तहत किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा और न ही कोई कानून का गलत इस्तेमाल कर सकेगा।

Education Minister Dharmendra Pradhan
Education Minister Dharmendra Pradhan
बढ़ते विरोध के बीच आया बयान

आपको बता दें कि आपको बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए यूजीसी एक्ट (UGC Act 2026) इक्विटी रेगुलेशन को लेकर देशभर में जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है। आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में इन नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं, जिसके बाद छात्र संगठनों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश के विभिन्न शैक्षणिक परिसरों में यूजीसी (UGC) के नए रेगुलेशन के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सोशल मीडिया पर भी इन नियमों को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। छात्र, शिक्षक और कई संगठन सीधे तौर पर केंद्र सरकार से नियमों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

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Dharmendra Pradhan
Dharmendra Pradhan
क्या बोले केंद्रीय शिक्षा मंत्री-

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा,“मैं अत्यंत विनम्रतापूर्वक यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यूजीसी के नए नियमों से किसी के साथ भेदभाव या उत्पीड़न नहीं होगा। चाहे वह यूजीसी हो, केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार – कानून का दुरुपयोग किसी के द्वारा नहीं किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि, “यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि नियमों का इस्तेमाल केवल न्याय और समानता के लिए हो, न कि किसी के खिलाफ हथियार के रूप में।”

धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी स्पष्ट किया कि यूजीसी (UGC) के ये नियम भारत के संविधान की सीमाओं के भीतर और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बनाए गए हैं। ऐसे में ये किसी भी वर्ग के खिलाफ भेदभाव की अनुमति नहीं देते।

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आखिर क्या है यूजीसी विवाद

यूजीसी  (UGC) द्वारा लाए गए “उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के विनियम, 2026” को लेकर पूरे देश में विवाद खड़ा हो गया है। ये नियम 13 जनवरी को अधिसूचित हुए थे और 15 जनवरी से लागू कर दिए गए। सरकार का कहना है कि ये नियम 2012 के पुराने एंटी-डिस्क्रिमिनेशन फ्रेमवर्क को और मजबूत करने के लिए लाए गए हैं, लेकिन विरोध करने वालों का आरोप है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में असंतुलन और दुरुपयोग की आशंका बढ़ेगी।

विवाद की क्या है जड़ ?

नए यूजीसी नियमों के तहत – हर कॉलेज और विश्वविद्यालय में Equity Committee, Equity Squad और Equal Opportunity Cell (EOC) बनाना अनिवार्य है। SC, ST और OBC छात्रों व कर्मचारियों के खिलाफ जातिगत भेदभाव की शिकायतों पर त्वरित जांच हो। 24×7 हेल्पलाइन, नियमित निगरानी और रिपोर्टिंग की व्यवस्था हो। इसके साथ ही भेदभाव सिद्ध होने पर संस्थान की फंडिंग रोकी जा सकती है, कोर्स या डिग्री पर रोक लग सकती है और UGC मान्यता भी रद्द हो सकती है। भेदभाव की परिभाषा का दायरा बढ़ाया गया है, जिसमें अब OBC वर्ग को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।

सरकार के आश्वासन के बावजूद यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर असंतोष बना हुआ है। प्रदर्शन, बयानबाजी और कानूनी चुनौतियों के बीच यह मुद्दा लगातार राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है। Read More UGC विवाद पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान आया सामने, बोले- “कोई भेदभाव नहीं होगा और कोई भी…”