BJP President: नितिन नबीन आज दाखिल करेंगे नामांकन, 20 जनवरी को BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान, जानें पूरी अपडेट…

BE NEWS – भारतीय जनता पार्टी की सियासत में आज एक बड़ा दिन है। BJP को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने की प्रक्रिया आज, सोमवार 19 जनवरी से औपचारिक रूप से शुरू हो रही है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे और इसके साथ ही बीजेपी नेतृत्व में एक नए अध्याय की शुरुआत तय मानी जा रही है।

नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रकिया आज

आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रकिया आज यानी सोमवार, 19 जनवरी से शुरू होने जा रही हैं। जानकारी के मुताबिक, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन आज अध्यक्ष पद के लिए आपना नामांकन दाखिल करेंगे। दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच नामांकन की प्रकिया पूरी होगी। इसके बाद शाम 4 बजे से 5 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। वहीं शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच नाम वापस ले ने का समय तय किया गया है।

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BJP President: नितिन नबीन होंगे भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष!आज ...

नए अध्यक्ष के नाम का औपचारिक ऐलान

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 20 जनवरी को होगा और उसी दिन नए अध्यक्ष के नाम का औपचारिक ऐलान भी किया जाएगा। इस अहम मौके पर पार्टी के सभी मुख्यमंत्री, बीजेपी के सभी प्रदेश अध्यक्ष और कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, इस चुनाव में कुल 5,708 मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। इन मतदाताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,रक्षा मंत्री राजमाथ सिंह,गृह मंत्री अमित शाह और मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हैं।

पांच बार विधायक रह चुके नितिन नबीन 

बताया जा रहा है कि यह इलेक्टोरल रोल 30 राज्यों में तैयार किया गया है,जहां संगठनात्मक चुनाव की प्रकिया पूरी हो चुकी है। इसी सूची में राष्ट्रीय और राज्य परिषद के नेताओं के नाम शामिल है। नितिन नबीन बिहार से पांच बार विधायक रह चुके हैं और 15 दिसंबर को उन्हें भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। 46 साल की उम्र में नितिन नबीन भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। नितिन नबीन ने एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई है और उनकी नियुक्ति को पार्टी में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। Read More BJP President: नितिन नबीन आज दाखिल करेंगे नामांकन, 20 जनवरी को BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान, जानें पूरी अपडेट…

Prateek Yadav divorce: प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव से तलाक के दिए संकेत, सोशल मीडिया पोस्ट से मची सियासी हलचल

BE NEWS – समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव और उनकी पत्नी एवं भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के रिश्ते को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर संकेत दिए हैं कि वह अपनी पत्नी से तलाक लेने जा रहे हैं। इस पोस्ट के सामने आते ही मुलायम सिंह यादव के परिवार में एक बार फिर अंदरूनी तनाव की चर्चा तेज हो गई है।

वैवाहिक जीवन को लेकर गहरी नाराज़गी

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी अपर्णा यादव से तलाक लेने का फैसला कर लिया है। उन्होंने यह जानकारी अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट पर साझा करते हुए भावुक और तीखे शब्दों वाला पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने वैवाहिक जीवन को लेकर गहरी नाराज़गी जाहिर की।

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इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट की साझा

प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में की गई पोस्ट में लिखा कि, “मैं इस स्वार्थी महिला से जितनी जल्दी हो सके तलाक लेने वाला हूं। उसने मेरे पारिवारिक संबंधों को बर्बाद कर दिया। वह केवल प्रसिद्ध और प्रभावशाली बनना चाहती है। अभी, मेरा मानसिक स्वास्थ्य बहुत खराब स्थिति में है। उसे इसकी कोई परवाह नहीं है। क्योंकि वह केवल अपने बारे में सोचती है।

अपर्णा यादव की प्रतिक्रिया का इंतजार

प्रतीक यादव के इस सार्वजनिक बयान के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर दोनों के बीच ऐसा क्या हुआ, जो मामला तलाक तक पहुंच गया। फिलहाल अपर्णा यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, न ही यह स्पष्ट हो पाया है कि तलाक को लेकर कोई कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है या नहीं।

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2012 में हुई थी दोनों की शादी

बता दें कि  प्रतीक और अपर्णा की शादी 2012 में हुई थी और उनकी दो बेटियां हैं। शादी समारोह में  मुलायम सिंह यादव समेत कई दिग्गज नेता और बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन भी मौजूद थे।अपर्णा यादव राजनीति में सक्रिय हैं और भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीत चुकी हैं। वह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं। प्रतीक यादव का आरोप है कि उनकी पत्नी की राजनीतिक सक्रियता और पब्लिसिटी पर केंद्रित जीवनशैली के कारण पारिवारिक रिश्तों में दरार आ गई।

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Indigo Flight Bomb Threat: दिल्ली से उड़ान भरने वाले इंडिगो विमान को बम से उड़ाने की मिली धमकी, टिशू पेपर पर लिखा मिला नोट..

BE NEWS – दिल्ली से उड़ान भरने वाली इंडिगो एयरलाइंस की एक फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। उड़ान के दौरान मिली धमकी के बाद विमान को तुरंत लखनऊ की ओर डायवर्ट कर दिया गया।

लखनऊ की ओर किया गया डायवर्ट 

दरअसल बता दें किदिल्ली से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E 6650 को उड़ान के दौरान बम से उड़ाने की धमकी मिलने से अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा को देखते हुए विमान को तत्काल लखनऊ की ओर डायवर्ट किया गया, जहां सुबह 9:17 बजे चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस फ्लाइट में कुल 222 यात्री, 8 बच्चे, 2 पायलट और 5 क्रू मेंबर्स सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं। सभी को बाहर निकाल लिया गया है।

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इंडिगो की फ्लाइट में बम की धमकी से मचा हड़कंप, आनन-फानन में मुंबई में ...

टॉयलेट में मिले टिशू पेपर पर लिखी धमकी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विमान के टॉयलेट में एक टिशू पेपर मिला था, जिस पर हाथ से लिखा था, “प्लेन में बम है।” इस सूचना के मिलते ही क्रू ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को अलर्ट किया।

एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, कल सुबह करीब 8:46 बजे ATC को बम की धमकी की जानकारी दी गई थी, जिसके बाद विमान को लखनऊ में सुरक्षित उतारने का निर्णय लिया गया।

सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं

लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद विमान को आइसोलेशन-वे में ले जाया गया। बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने विमान, यात्रियों के सामान और पूरे केबिन की गहन जांच की और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

पूरे मामले की गंभीरता से की जा रही जांच

एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि, “धमकी की पुष्टि टॉयलेट में मिले टिशू पेपर से हुई है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की सूचना नहीं है।” वहीं इस घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, जबकि यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। Read More Indigo Flight Bomb Threat: दिल्ली से उड़ान भरने वाले इंडिगो विमान को बम से उड़ाने की मिली धमकी, टिशू पेपर पर लिखा मिला नोट..

Train Accident In spain: स्पेन में दो ट्रेनों की टक्कर से हुआ दर्दनाक हादसा, 21 लोगों की मौत, दर्जनों घायल

BE NEWS – दक्षिणी स्पेन में दो ट्रेन की टक्कर होने दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में 21 लोगों की मौत होने की खबर है, वहीं 70 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे है। बचाव दल मौके पर मौजूद है, घायलों को बाहर निकाला जा रहा है।

जोरदार भिंडत होने से भयानक हादसा

आपको बता दें कि दक्षिणी स्पेन के कॉर्डोबा प्रांत के पास दो ट्रेनों की आपस में जोरदार भिंडत होने से भयानक हादसा हो गया, जिसमें 21 लोगों का मौत होने की खबर है और 73 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। मिली जानकारी के अनुसार मलागा से मैड्रिड जा रही ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण सामने से आ रही दूसरी ट्रेन से टकरा गई जिस कारण ये बड़ा हादसा हो गया। दोनों ही ट्रेन में करीब 500 ये अधिक यात्री सवार बताये जा रहे है।

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राहत और बचाव दल मौके पर

इस हादसे की सूचना पाकर राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गया है और लोगों का रेस्कयू  कर बाहर निकाला जा रहा है। हालांकि दूर- दराज का इलाका होने की वजह से राहत कार्य में काफी कठिनाई आ रही है। इस हादसे को लेकर किंग फेलिल छठे और महारानी लेतिजिया ने दुख जाहिर किया है। स्पेन के अंदालुसिया प्रांत के रिजनल हेल्थ मिनिस्टर एंटिनियों सांज हादसे वाली जगह पंहुच गए है।

मृतकों की संख्या में हो सकता है इजाफा 

अंदालुसिया के हेल्थ मिनिस्टर मंत्री एंटोनियो सांज खुद घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की। उन्होंने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। मंत्री के अनुसार, 73 घायलों को आसपास के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और कई की हालत गंभीर बनी हुई है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही कई यात्रियों की जान चली गई।

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स्पेन में हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर, 21 की मौत, 30 की हालत गंभीर

दूरस्थ इलाके में राहत कार्य चुनौतीपूर्ण

हादसा एक दूर-दराज क्षेत्र में हुआ, जिससे राहत टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ऐसे में स्थानीय लोग सबसे पहले मदद के लिए आगे आए और घायलों को कंबल, पानी और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई।

यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष ने व्यक्त किया शोक 

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सूला वॉन डेर लेयेन ने भी इस त्रासदी पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि, “वह इस दुखद घटना पर नजर रखे हुए हैं और पीड़ितों के साथ संवेदना व्यक्त करती हैं।”

हादसे के बाद एहतियातन अंदालुसिया और मैड्रिड के बीच सोमवार को ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। Read More Train Accident In spain: स्पेन में दो ट्रेनों की टक्कर से हुआ दर्दनाक हादसा, 21 लोगों की मौत, दर्जनों घायल

Lucknow: योगी सरकार की बड़ी पहल, गोवंश के लिए दो वर्षों में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर होगा हरा चारा उत्पादन

BE NEWS – उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पशु कल्याण और गोवंश संरक्षण को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है। गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में गोचर एवं चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है।

35 हजार हेक्टेयर पर होगा हरा चारा उत्पादन

बता दें कि सीएम योगी की इस पहल का सकारात्मक असर अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश में उपलब्ध कुल 61118.815 हेक्टेयर गोचर एवं चारागाह भूमि है। जिसमें 7140.37 हेक्टर चारागाह की भूमि को कब्जा मुक्त करके हरा चारा उत्पादन किया जा रहा है।यह प्रयास न केवल पशुओं के पोषण स्तर को बेहतर बना रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।

योगी सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। आने वाले दो वर्षों में 35000 हेक्टेयर कब्जामुक्त एवं सिंचित चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन कराया जाएगा। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि प्रदेश में 1691.78 हेक्टेयर क्षेत्र में हाइब्रिड नेपियर चारा और 5448.59 हेक्टेयर में अन्य हरे चारे (जई,बरसीम आदि) की बुआई की जा चुकी है। इससे गोवंश को सालभर पौष्टिक और संतुलित आहार उपलब्ध हो सकेगा।

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इन जनपदों में तेजी से बढ़ा हरा चारा उत्पादन

प्रदेश के हरदोई, सुल्तानपुर, कानपुर नगर और रामपुर जनपदों में हरा चारा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं टैग्ड गोचर भूमि पर शत-प्रतिशत हरा चारा उत्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। गोचर एवं चारागाह भूमि का समतलीकरण, सुरक्षाबाड़ा एवं खाई निर्माण जैसे कार्य मनरेगा कन्वर्जेन्स के माध्यम से कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है और पशुओं के लिए सुरक्षित चारागाह भी विकसित हो रहे हैं।

योगी सरकार ने तय किया किस जिले में क्या कृषि उत्पाद पैदा करेंगे किसान ...

शीतलहर से बचाव के भी निर्देश

योगी सरकार ने गोवंश के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शीतलहर से बचाव के लिए बोरा-चट्ट ओढ़ाने, तिरपाल लगाने और गो-आश्रय स्थलों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पशु स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें। कुल मिलाकर हरा चारा उत्पादन, चारागाह विकास और गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं के माध्यम से योगी सरकार यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ पशु कल्याण भी शासन की प्राथमिकता है। यह पहल न केवल गोवंश संरक्षण को मजबूती दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को पशुपालन के क्षेत्र में एक सशक्त मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है। Read More Lucknow: योगी सरकार की बड़ी पहल, गोवंश के लिए दो वर्षों में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर होगा हरा चारा उत्पादन

Burqa controversy: लंदन मेयर उम्मीदवार ने बुर्का पहनने वाली महिलाओं पर की स्टॉप-एंड-सर्च जांच की मांग, मुस्लिम संगठनों में भारी आक्रोश

BE NEWS – रिफार्म युके की लंदन मेयर उम्मीदवार लैला कनिंघम के बुर्के पर दिए गये एक बयान पर बवाल छिड़ गया है। जिसके बाद मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। उन्होंने उनके इस बयान को विभाजनकारी बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है।

मुस्लिम समुदाय और राजनीतिक हलकों में हलचल

आपको बता दें कि ब्रिटेन की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें रिफॉर्म यूके पार्टी की लंदन मेयर पद की उम्मीदवार लैला कनिंघम के बयान ने मुस्लिम समुदाय और राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। कनिंघम ने सार्वजनिक रूप से बुर्का पहनने वाली महिलाओं पर स्टॉप-एंड-सर्च जांच की मांग की है।

कनिंघम, जो मिस्र मूल की ब्रिटिश मुस्लिम हैं और पहले क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस में काम कर चुकी हैं, ने हाल ही में 2028 के लंदन मेयर चुनाव के लिए उम्मीदवार बनने के बाद यह विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि, “एक खुले समाज में किसी को भी अपना चेहरा नहीं ढकना चाहिए। यदि कोई चेहरा छुपा रहा है, तो इसे आपराधिक इरादों से जोड़ा जा सकता है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि लंदन के कुछ इलाकों में सांस्कृतिक विविधता अधिक हो गई है और वहां ऐसा महसूस होता है कि यह “एक मुस्लिम शहर” है।

रिफॉर्म UK की उम्मीदवार लैला कनिंघम के बुर्के वाले बयान पर बवाल, स्टॉप ...

मुस्लिम समुदाय में आक्रोश

कनिंघम के इस बयान के बाद मुस्लिम संगठनों और नेताओं ने कड़ी आलोचना की है। मुस्लिम विमेन नेटवर्क यूके की चीफ एग्जीक्यूटिव शैस्ता गोहिर ने इसे नफरत भड़काने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं को अलग-थलग कर सकता है और समाज में द्वेषपूर्ण माहौल पैदा कर सकता है।

गोहिर ने कनिंघम पर आरोप लगाया कि वह मुसलमानों को “यहां का नहीं” बताकर दुर्व्यवहार को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बुर्का पहनने वाली महिलाओं की संख्या बेहद कम होने के बावजूद, कनिंघम ने इस मुद्दे को चुनावी एजेंडा बनाने को क्यों प्राथमिकता दी।

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धर्म और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ब्रिटिश अधिकार

लंदन के मौजूदा मेयर ने सादिक खान ने उनके इस बयान पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, “लगभग बिना किसी बहस के, हमारा शहर अपनी विविधता के कारण दुनिया का सबसे महान शहर है। धर्म और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ब्रिटिश अधिकारों का हिस्सा हैं, और इन्हें कमजोर नहीं होने देना चाहिए।”

लंदन मेयर चुनाव में बड़े बहस का मुद्दा

कनिंघम के बयान ने न केवल मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक समावेश पर बहस तेज कर दी है, बल्कि लंदन में चुनावी राजनीति में भी तनाव पैदा कर दिया है। यह विवाद अब लंदन मेयर चुनाव में बड़े बहस का मुद्दा बन गया है, और आने वाले महीनों में इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव और भी स्पष्ट होंगे। Read More Burqa controversy: लंदन मेयर उम्मीदवार ने बुर्का पहनने वाली महिलाओं पर की स्टॉप-एंड-सर्च जांच की मांग, मुस्लिम संगठनों में भारी आक्रोश

Prayagraj Magh Mela: धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- “केवल सम्मानजनक प्रोटोकॉल मिलने पर ही करेंगे गंगा स्नान”

BE NEWS – प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में आज मौनी अमावस्या पर शाही स्नान के लिए पहुंचे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस प्रशासन ने संगम पर जाने से पहले ही रोक दिया गया, जिसको लेकर शंकराचार्य और पुलिस में तीखी झड़प हो गई। जिसके बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। जिसके बाद शंकराचार्य ने मौनी अमावस्या पर स्नान करने से इंकार कर दिया।

Prayagraj Magh Mela Shankaracharya Avimukteshwarananda's chariot was prevented from entering the Sangam

समर्थकों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक

आपको बता दें कि मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में राजसी स्नान करने के लिए जा रहे ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को पुलिस प्रशासन ने संगम के पहले रोक दिया। इस कार्रवाई के बाद शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और पूरे संगम क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

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Prayagraj Magh Mela :शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के राथ को संगम जाने ...

पुलिस ने रथ को संगम तक जाने से रोका

जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ और जुलूस को रास्ते में रोकने के बाद समर्थकों ने विरोध किया। शंकराचार्य ने पुलिस और मेला प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही का आरोप लगाया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जुलूस के साथ संगम तट तक जाने की अनुमति नहीं है।

इस पूरी घटना के बाद संगम क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और मेलाधिकारी ऋषिराज समेत कई उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

समर्थक और साधु-संतों के बीच झड़प

पुलिस के साथ झड़प के बाद शंकराचार्य के 20 से अधिक समर्थक साधु हिरासत में ले लिए गए। इस बीच संगम पर स्नान जारी रहा। शंकराचार्य समर्थकों के साथ संगम के पहले ही रथ में बैठ गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। समर्थकों ने पांटून पुल संख्या चार के पास हंगामा किया, जिससे बैरिकेडिंग टूट गई और पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा।

शंकराचार्य ने किया धरना

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस और प्रशासन को कहा कि, “जब तक उन्हें सम्मानजनक प्रोटोकॉल के साथ नहीं लाया जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सामने साधु-संतों के साथ अभद्रता और मारपीट की गई, जो स्वीकार्य नहीं है।”

अधिकारियों ने किया समझाने-बुझाने का प्रयास

पुलिस और मेला प्रशासन लगातार शंकराचार्य को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि इस विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सके। Read More Prayagraj Magh Mela: धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- “केवल सम्मानजनक प्रोटोकॉल मिलने पर ही करेंगे गंगा स्नान”

Beetroot Halwa: चुकंदर का हलवा है सेहत और स्वाद का परफेक्ट मेल, घर पर जरुर ट्राई करें ये आसान सी रेसिपी, जानें इसके हेल्थ बेनिफिट्स…

BE NEWS – चुकंदर को सुपरफूड कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा। आयरन, एंटीऑक्सीडेंट और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर चुकंदर न सिर्फ शरीर में खून की कमी को दूर करता है, बल्कि एनर्जी बढ़ाने, शरीर को डिटॉक्स करने और त्वचा में नेचुरल ग्लो लाने में भी मदद करता है। अक्सर लोग इसे जूस या सलाद के रूप में खाते हैं, लेकिन कई लोगों को इसका कच्चा स्वाद पसंद नहीं आता। ऐसे में चुकंदर का हलवा एक बेहतरीन और अच्छा विकल्प है।

चुकंदर का हलवा बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है। खास बात यह है कि यह मिठाई होने के बावजूद सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद मानी जाती है।

चुकंदर का स्वाद पसंद नहीं तो हलवा ट्राई कीजिए, जानिए इसकी रेसिपी और ...

चुकंदर का हलवा बनाने की आसान रेसिपी

1. चुकंदर – 2 कप (कद्दूकस किया हुआ)

2. चीनी – 1 कप

3. शहद – आधा कप

4. घी – आधा कप

5. दूध – 1 कप

6. इलायची पाउडर – आधा छोटा चम्मच

7. मावा – 1 कप

8. नारियल – कद्दूकस किया हुआ

बनाने की विधि

सबसे पहले चुकंदर को अच्छे से धोकर उसके छिलके उतार लें और कद्दूकस कर लें। गैस पर एक पैन रखें और उसमें घी गरम करें। अब कद्दूकस किया हुआ चुकंदर डालें और धीमी आंच पर 5-7 मिनट तक भूनें। लगातार चलाते रहें ताकि चुकंदर जले नहीं। इसमें दूध और चीनी डालें और करीब 5 मिनट तक पकाएं। अब शहद डालकर 8-10 मिनट तक पकाएं, जब तक मिश्रण गाढ़ा न हो जाए। हलवा गाढ़ा होने पर मावा, इलायची पाउडर और नारियल डालें और 2-3 मिनट तक पकाकर गैस बंद कर दें। अब गरमा-गरम चुकंदर का हलवा सर्व करें।

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Halwai Style Beetroot Ka Halwa Recipe | हलवाई स्टाइल चुकंदर का हलवा ...

चुकंदर का हलवा खाने के फायदे- 

चुकंदर का हलवा आयरन से भरपूर होता है यह खून की कमी को दूर करने में मदद करता है। ये ब्लड प्यूरीफायर की तरह काम करता है शरीर से गंदे टॉक्सिन्स निकालने में सहायक होता है। एनर्जी बूस्टर, एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर और दिमाग के लिए फायदेमंद होता है।

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यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी हब…यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन पर बोले सीएम योगी

BE NEWS – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी लखनऊ में यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल 25 करोड़ की आबादी वाला राज्य नहीं है, बल्कि देश और पड़ोसी राज्यों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र भी है।

आपको बता दें कि यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन के अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश को मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर इनोवेशन और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का राष्ट्रीय और वैश्विक हब बनाने की दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले पौने नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है, जिसके परिणाम आज ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

अंतिम पायदान तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े हेल्थकेयर कंज्यूमर मार्केट के रूप में 35 करोड़ से अधिक लोगों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं का भार वहन करता है। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज पूरी तरह क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में दो AIIMS, 100 से अधिक जिला अस्पताल, सैकड़ों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की एक मजबूत श्रृंखला स्थापित की गई है। इससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन खड़े करना नहीं था, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था तैयार करना था, जिसमें अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को भी सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

आयुष्मान योजना ने बदली गरीब की तकदीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू होने से पहले यदि किसी गरीब परिवार में कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाता था, तो पूरा परिवार भय और आर्थिक संकट में घिर जाता था। आज उत्तर प्रदेश में 5.5 करोड़ परिवारों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से प्रति परिवार ₹5 लाख तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जो पात्र परिवार किसी कारणवश योजना में शामिल नहीं हो सके, उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से कवर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, CHC, PHC तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

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मातृ-शिशु मृत्युदर में उल्लेखनीय गिरावट

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश ने मातृ एवं शिशु मृत्युदर को नियंत्रित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। संस्थागत प्रसव अब राष्ट्रीय औसत के समकक्ष पहुंच चुका है। कई जनपदों में ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है। एक समय उत्तर प्रदेश वेक्टर जनित रोगों की चपेट में रहता था। मानसून आते ही इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और कालाजार जैसी बीमारियां विकराल रूप ले लेती थीं।

इंसेफेलाइटिस के कारण पिछले 40 वर्षों में लगभग 50,000 बच्चों की मृत्यु हुई थी। वर्ष 2017 में सरकार ने इसके खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू किया। समय पर पहचान, स्थानीय स्तर पर इलाज और जवाबदेही तय करने की व्यवस्था लागू की गई। मात्र दो वर्षों के भीतर इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया और आज उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से शून्य मृत्यु (Zero Death) दर्ज की जा रही है। डेंगू, मलेरिया, कालाजार और चिकनगुनिया पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है।

टेक्नोलॉजी से ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ की ओर

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अगला लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ विज़न को साकार करना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया गांव स्तर से शुरू होनी चाहिए, ताकि मरीज को अनावश्यक रूप से 40-50 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही यह तय हो जाए कि मरीज को किस स्तर की चिकित्सा की आवश्यकता है। टेलीकंसल्टेशन, टेलीमेडिसिन और एआई आधारित स्क्रीनिंग से यह संभव है।

टेक्नोलॉजी से ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ की दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगला लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Ease of Living’ विज़न को साकार करना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया गांव स्तर से शुरू होनी चाहिए, ताकि मरीज को अनावश्यक रूप से 40–50 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही यह तय हो जाएगा कि मरीज को किस स्तर की चिकित्सा की आवश्यकता है। टेलीकंसल्टेशन, टेलीमेडिसिन और AI आधारित स्क्रीनिंग से यह संभव होगा।

मेडिकल डिवाइस और फार्मा सेक्टर को नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क और ललितपुर में बल्क ड्रग फार्मा पार्क का विकास युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल आत्मनिर्भर भारत नहीं, बल्कि ‘Make in India’ से ‘Make for the World’ की दिशा में आगे बढ़ना है।कोविड काल ने यह सिखाया कि संकट के समय दुनिया अपनी मोनोपोली दिखाती है। ऐसे में देश और प्रदेश को स्वास्थ्य और मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा।

मुख्यमंत्री ने तक्षशिला विश्वविद्यालय और वैद्य जीवक की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय मनीषा हमेशा यह मानती रही है कि “नास्ति मूलमनौषधम्” यानि कोई भी वनस्पति ऐसी नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हों। उसी तरह “अयोग्य: पुरुषो नास्ति” यानि कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, आवश्यकता केवल सही योजक की होती है। आज सरकार की नीतियां वही योग्य योजक हैं, जो युवाओं, स्टार्टअप्स व इनोवेटर्स को अवसर प्रदान कर रही हैं।

निवेशकों को यूपी आने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश-विदेश के निवेशकों और उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि प्रदेश में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित वातावरण और सिंगल विंडो सिस्टम उपलब्ध है। सरकार समयबद्ध स्वीकृति और हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और फार्मा के क्षेत्र में देश ही नहीं, दुनिया का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर सिंह, सचिव भारत सरकार मनोज जोशी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अमित घोष और औषधि महानियंत्रक भारत सरकार राजीव रघुवंशी समेत अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। Read More यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी हब…यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन पर बोले सीएम योगी

Lucknow: सीएम योगी ने किया UP-IMRAS सॉफ्टवेयर का लोकार्पण, डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी और आसान

BE NEWS – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक अत्याधुनिक डिजिटल पहल के तहत UP-IMRAS (Integrated Medical Research Application System) सॉफ्टवेयर का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर इस सॉफ्टवेयर को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी आसान

आपको बता दें कि यह अत्याधुनिक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म क्लिनिकल ट्रायल, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइसेज़ से जुड़े अनुसंधान कार्यों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से अब शोधकर्ता अपनी सभी अनुसंधान संबंधी आवश्यकताएं, प्रस्ताव और अनुमतियां पूरी तरह ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगे। साथ ही इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी (IEC) द्वारा अनुमोदन, समीक्षा और निगरानी की संपूर्ण प्रक्रिया भी डिजिटल रूप से इसी प्लेटफॉर्म पर संपन्न होगी। इससे समय की बचत के साथ-साथ शोध कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

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SOPs पुस्तक का विमोचन

इसके बाद मुख्यमंत्री ने इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) से संबंधित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस पुस्तक में कुल 22 प्रकार के SOPs का विस्तृत संकलन किया गया है, जिससे क्लिनिकल ट्रायल्स और उनसे जुड़ी सभी प्रक्रियाओं में एकरूपता, नैतिकता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

वैश्विक स्तर पर नई पहल

इस अवसर पर बताया गया कि यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी तरह का पहला संगठित प्रयास है। इसे राज्य को मेडिकल रिसर्च और हेल्थ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Read More Lucknow: सीएम योगी ने किया UP-IMRAS सॉफ्टवेयर का लोकार्पण, डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी और आसान