पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साधा केंद्र पर निशाना, कहा- ‘मतदाता सूची के पुनरीक्षण के पीछे ‘NRC की मंशा’
पश्चिम बंगाल- संविधान दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पीछे असली उद्देश्य राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) लागू करना है। उन्होंने कहा कि आजादी के दशकों बाद भी नागरिकों की नागरिकता पर सवाल उठाना बेहद चिंताजनक है।
पुनरीक्षण की आड़ में असल मंशा NRC लाना
आपको बता दें कि बुधवार को पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने संविधान दिवस के अवसर पर कोलकाता के रेड रोड स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि, “मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की आड़ में असल मंशा NRC लाना है। हमारे लोगों को बार-बार अपनी नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर करना लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है।”

संविधान दिवस के अवसर पर ‘X’ पर किया पोस्ट
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री ने ‘X’ पर पोस्ट कर कहा कि जब लोकतंत्र दांव पर हो, धर्मनिरपेक्षता खतरे में हो और संघवाद कमज़ोर किया जा रहा हो, तब संविधान के मूल्यों की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य होता है। उन्होंने लिखा कि भारत का संविधान राष्ट्र की रीढ़ है, जो देश की विविधता को एक धागे में पिरोकर एक मजबूत संघीय ढांचा तैयार करता है।
संविधान निर्माताओं को नमन
उन्होनें संविधान सभा के सभी सदस्यों, विशेष रूप से डॉ. बी.आर. आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, “यह महान दस्तावेज हमें जोड़ने का काम करता है। मैं संविधान के दूरदर्शी निर्माताओं को इस विशेष दिन पर सादर नमन करती हूं।
राष्ट्र की एकता का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा, हमारा संविधान देश की संस्कृतियों, भाषाओं और समुदायों की अपार विविधता को एक ढांचे में बांधता है। यह लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और संघवाद जैसे मूलभूत सिद्धांतों का संरक्षक है। हमें हर हाल में इन मूल्यों की रक्षा करनी होगी। उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा समय में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और लोगों को संविधान की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना चाहिए।