कर्नाटक में सियासी घमासान तेज, सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की पोस्ट ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
BE News – कर्नाटक में कांग्रेस सरकार इन दिनों आंतरिक खींचतान के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री बदलने को लेकर चल रही अटकलें अब महज अफवाह नहीं रहीं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार के बीच बढ़ती दूरी ने राज्य की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है।
सोशल मीडिया पर बढ़ी हलचल
आपको बता दें कि पिछले कई महीनों से सियासी गलियारों में यह चर्चा गर्म थी कि कांग्रेस हाईकमान ने चुनाव से पहले ही सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच एक ‘टू-ईयर रोटेशन फॉर्मूला’ पर सहमति बनाई थी। हालांकि, अब तक न तो पार्टी और न ही दोनों नेताओं में से किसी ने इस पर आधिकारिक बयान दिया था। अब जब कार्यकाल का आधा हिस्सा पूरा होने के करीब है, दोनों नेताओं के सोशल मीडिया पोस्ट ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

सीएम सिद्धारमैया का चौंकाने वाला जवाब
दरअसल इन अफवाहों को हवा तब मिली जब बृहस्पतिवार को अचानक सीएम सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की और लिखा कि “एक शब्द तब तक ताकत नहीं है, जब तक वह लोगों के लिए दुनिया को बेहतर न बनाए।” आगे उन्होनें लिखा कि, मुझे यह बताते हुए गरेव हो रहा है कि श क्ति स्कीम ने हमारे राज्य की महिलाओं को 600 करोड़ से ज्यादा की फ्री ट्रिप दी है, साथ ही सरकार बनने के पहले महीने से ही हमने अपनी गांरटी को एकेशन में बदला है बातों में नहीं।
✅ शक्ति – 600 करोड़ से अधिक मुफ्त यात्राएँ, कामकाजी महिलाओं को सम्मान और गतिशीलता लौटाना।
✅ गृह लक्ष्मी – 1.24 करोड़ महिला-प्रधान परिवारों को सशक्त बनाना।
✅ युवा निधि – 3 लाख से अधिक युवाओं को सुरक्षा और आशा के साथ समर्थन।
✅ अन्न भग्य 2.0 – 4.08 करोड़ नागरिकों के लिए खाद्य सुरक्षा।
✅ गृह ज्योति – 1.64 करोड़ परिवारों के लिए मुफ्त बिजली।
मेरे पहले कार्यकाल (2013–18) में, 165 में से 157 वादे पूरे किए गए थे, जिसमें 95% से अधिक पूरा होना शामिल था। इस कार्यकाल में, 593 में से 243+ वादे पहले ही पूरे हो चुके हैं, और बाकी के सभी वादे प्रतिबद्धता, विश्वसनीयता के साथ पूरे किए जाएंगे। कर्नाटक के लोगों द्वारा दिया गया जनादेश केवल एक पल की बात नहीं, बल्कि पांच पूरे वर्ष की जिम्मेदारी है। कांग्रेस पार्टी, मेरे सहित, हमारे लोगों के लिए करुणा, निरंतरता और साहस के साथ अपने वादों को निभा रही है। हमारा कर्नाटक के प्रति वचन कोई नारा नहीं है, यह हमारे लिए दुनिया का मतलब रखता है।
शब्द की शक्ति ही विश्व की शक्ति है- डीके शिवकुमार
सिद्धारमैया की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद डीके शिवकुमार ने भी एक पोस्ट की, जिसमें उन्होनें कहा कि, शब्द कहा कि शब्द की शक्ति ही विश्व की शक्ति है, और अपना वादा निभाना ही दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है।