Ayodhya Ram Mandir: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर उमड़ा भक्ति का सैलाब, ‘जय श्रीराम’ उद्घोष से गूंजा अयोध्या का परिसर

Ramlala Pratishtha Divas 2026- अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जा रही है। यह वही ऐतिहासिक दिन है, जब 2024 में सदियों की प्रतीक्षा के बाद प्रभु श्रीराम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए थे। यह अवसर केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हर राम भक्त के लिए आस्था, विश्वास और गौरव का प्रतीक बन चुका है।

रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ

आपको बता दें कि गुरुवार, 22 जनवरी 2026 का दिन हर राम भक्त के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। इसी दिन अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। इस पावन दिन पर अयोध्या में श्रद्धालुओं  के साथ- साथ देश-विदेश से आए भक्त रामलला के दिव्य दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। कोई मंदिर में पहुंचकर प्रभु के चरणों में शीश नवाता है, तो कोई अपने घर में ही विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर इस शुभ दिन को मना रहा है।

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रामलला की दिव्य प्रतिमा

बाल रूप में विराजमान प्रभु श्रीराम का यह स्वरूप ऐसा प्रतीत कराता है मानो वे साक्षात अपने भक्तों को दर्शन दे रहे हों। इस कोमल और दिव्य रूप की पूजा अत्यंत श्रद्धा के साथ की जाती है। रामलला की यह प्रतिमा काले पत्थर से निर्मित है, जिसे कृष्ण शिला के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि यह पत्थर हजारों वर्षों तक अपनी मजबूती और सौंदर्य बनाए रखता है। इसी विशेष शिला से बनी यह मूर्ति आध्यात्मिक और शिल्प कला का अद्भुत संगम है। शिल्प और विशेषताएं रामलला की इस भव्य मूर्ति का निर्माण कर्नाटक के प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज ने किया है। यह प्रतिमा एक ही पत्थर से तराशी गई है, जो इसे और भी विशिष्ट बनाती है।

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प्राण प्रतिष्ठा के बाद इस परंपरा से होगी रामलला की पूजा, जानें जगाने से ...

भगवान विष्णु के अवतारों का प्रतीकात्मक रूप

जानकारी के अनुसार, मूर्ति का वजन लगभग 200 किलोग्राम है, ऊंचाई 4.24 फीट और चौड़ाई करीब तीन फीट है। इस प्रतिमा की एक और विशेषता यह है कि इसमें भगवान विष्णु के दसों अवतारों का भी प्रतीकात्मक रूप से दर्शन होता है, जो इसे आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है। सूर्य तिलक का दिव्य क्षण हर वर्ष रामनवमी के पावन अवसर पर सूर्यदेव स्वयं प्रभु रामलला का ‘सूर्य तिलक’ करते हैं। सूर्य की किरणों से भगवान के मस्तक का यह दिव्य अभिषेक भक्तों के हृदय को भक्ति और आनंद से भर देता है। यह दृश्य न केवल आध्यात्मिक अनुभूति कराता है, बल्कि विज्ञान और परंपरा के अद्भुत समन्वय को भी दर्शाता है।

राम मंदिर का ऐतिहासिक सफर

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि पर प्राचीन काल से रामलला का मंदिर विद्यमान था, जिसे 16वीं शताब्दी में आक्रमणकारी बाबर द्वारा नष्ट कर दिया गया। इसके बाद लगभग 500 वर्षों तक यह स्थल विवाद और संघर्ष का केंद्र बना रहा। दशकों की कानूनी लड़ाई और सामाजिक आंदोलन के बाद भगवान राम की जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का पुनर्निर्माण संभव हो सका। वर्ष 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा आधुनिक भारत के इतिहास का एक भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण बन गई। रामलला प्रतिष्ठा दिवस 2026 न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, आस्था और एकता का एक प्रतीक बन चुका है। Read More Ayodhya Ram Mandir: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर उमड़ा भक्ति का सैलाब, ‘जय श्रीराम’ उद्घोष से गूंजा अयोध्या का परिसर

Ayodhya: अयोध्या में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया मकर संक्रांति का पर्व, रामलला को अर्पित की गई पतंग, विशेष भोग का आयोजन

BE NEWS – राम नगरी अयोध्या में मकर संक्रांति का पर्व आज गहरी आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। ठंड के बावजूद हजारों श्रद्धालु तड़के ही सरयू तट पर पहुंच गए और पवित्र स्नान कर दान-पुण्य किया। तिल, गुड़, अन्न और वस्त्रों के दान से घाटों पर पुण्य का माहौल बना रहा।

मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन

आपको बता दें कि आज देशभर में हर्षोल्लास के साथ मकर संक्रांति का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला की विधिवत आराधना की गई। इस पर्व की परंपरा को जीवंत करते हुए श्रद्धालुओं की ओर से रामलला को पतंग अर्पित की गई।

बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु 

पूजा के बाद रामलला को विशेष भोग अर्पित किया गया। जिसके बाद मंदिर परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह से राममय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए थे।

घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। स्नान के बाद लोगों ने जरूरतमंदों को दान दिया और फिर राम मंदिर की ओर प्रस्थान किया। प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।

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अयोध्या में मकर संक्रांति का उत्साह, 5 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी ...

मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर अयोध्या पूरी तरह आस्था, परंपरा और उल्लास के रंग में रंगी नजर आ रही है। Read More Ayodhya: अयोध्या में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया मकर संक्रांति का पर्व, रामलला को अर्पित की गई पतंग, विशेष भोग का आयोजन

राम मंदिर की द्वितीय वर्षगांठ पर आज से मंडल पूजा का भव्य आयोजन, अयोध्या में पांच दिन तक होंगे धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम

BE NEWS – अयोध्या राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने वाले है। इस शुभ अवसर पर आज से मंडल पूजा का प्रांरभ हो जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के सदस्य और पेजावर मठ के पीठाधीश्वर स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ करने वाले है।

सीएम योगी व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे सम्मिलत

आपको बता दें कि अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ के अवसर पर आज से मंडल पूजा का शुभारंभ हो रहा है। यह पूजा पांच दिनों तक चलेगी और इसका नेतृत्व श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य तथा उडुप्पी के प्रसिद्ध पेजावर मठ के पीठाधीश्वर स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ करेंगे। पूजा का आयोजन रामजन्मभूमि परिसर की यज्ञशाला में किया जाएगा।

प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ का मुख्य आयोजन 31 दिसंबर को होगा।  जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर सीएम योगी आदित्यनाथ व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उपस्थित होंगे।

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2 जनवरी तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम

यह वर्षगांठ प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में मनाई जा रही है, जिसके अंतर्गत 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। ट्रस्ट ने इस बार कार्यक्रमों का मुख्य केंद्र रामजन्मभूमि परिसर से सटे अंगद टीला को बनाया है। श्रद्धालु सुग्रीव पथ के माध्यम से अंगद टीला तक पहुंच सकेंगे। जिला प्रशासन ने रामपथ स्थित श्रीराम चिकित्सालय के पास से गुजरने वाले इस मार्ग का औपचारिक नामकरण भी किया गया है।

दक्षिण भारत के आचार्यों द्वारा पूजा

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार मंडल पूजा के दौरान प्रतिदिन दो बार विधिपूर्वक पूजन होगा। इस पूजा में भगवान श्रीराम के साथ पंचायतन देवताओं और उनके परिकरों की आराधना की जाएगी। दक्षिण भारत से आए आचार्य और वैदिक विद्वान इस अनुष्ठान को कराएंगे।

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आंध्र प्रदेश के सीएम पहुंचेंगे अयोध्या 

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू 28 दिसंबर को अयोध्या पहुंचेंगे। उनके दर्शन-पूजन का कार्यक्रम तय है और उनके मंडल पूजा में शामिल होने की भी संभावना है।

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रामकथा, मानस पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम

सोमवार से अंगद टीला पर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला शुरू होगी। प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक श्रीश्री मां आनंदमयी मानस परिवार द्वारा मानस पाठ किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य की रामकथा होगी।

किसी पारिश्रमिक के इस कार्यक्रम में आ रहे कलाकार

29 और 30 दिसंबर को गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ द्वारा रामलीला का मंचन किया जाएगा। वहीं 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक प्रसिद्ध गायक सुरेश वाडेकर, अनूप जलोटा और तृप्ति शाक्या भजन प्रस्तुत करेंगे। ट्रस्ट के अनुसार सभी कलाकार बिना किसी पारिश्रमिक के इस कार्यक्रम में आ रहे हैं। Read More राम मंदिर की द्वितीय वर्षगांठ पर आज से मंडल पूजा का भव्य आयोजन, अयोध्या में पांच दिन तक होंगे धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम