77th Republic Day 2026: ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने शुभांशु शुक्ला, द्रौपदी मुर्मू ने ‘अशोक चक्र’ से किया सम्मानित

77th Republic Day 2026 – गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनकी वीरता का प्रतीक है, बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की एक नई उड़ान की पहचान भी है।

IAF ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अशोक चक्र से हुए सम्मानित, कर्तव्य पथ ...

ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय 

आपको बता दें कि नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को   ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्हें ऐतिहासिक एक्सिओम-4 मिशन के तहत यह गौरव प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने 18 दिन तक अंतरिक्ष में बिताए। इस मिशन में अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भाग लिया। शुभांशु शुक्ला के अलावा मिशन में तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भी शामिल थे।

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भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक नई उपलब्धि

ग्रुप कैप्टन शुक्ला का अंतरिक्ष में कदम रखना भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक नई उपलब्धि है। उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री बने थे। 41 साल बाद भारत ने फिर से अंतरिक्ष में अपने नागरिक को भेजा।

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जून 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल

लखनऊ के रहने वाले शुभांशु शुक्ला ने जून 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल होकर विभिन्न लड़ाकू विमानों का अनुभव प्राप्त किया। उनके पास Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier और AN-32 सहित कई विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान का रिकॉर्ड है। एक्सिओम-4 मिशन में उन्होंने पायलट की भूमिका निभाई और मिशन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ग्रुप कैप्टन शुक्ला के इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन और वीरता पुरस्कार ने पूरे देश को गर्वित कर दिया। इस मौके पर देशवासियों ने उनके साहस और योगदान को सराहा। Read More 77th Republic Day 2026: ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने शुभांशु शुक्ला, द्रौपदी मुर्मू ने ‘अशोक चक्र’ से किया सम्मानित

Republic Day of India: 77वां गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भारत की ताकत और संस्कृति का भव्य प्रदर्शन, यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता बने मुख्य अतिथि

Republic Day of India – भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मना रहा है। इस मौके पर राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत सुबह 9:30 बजे हुई। करीब 90 मिनट तक चलने वाले इस समारोह में भारत की सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक विरासत, सैन्य शक्ति और विकास यात्रा की झलक देखने को मिली।

यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता बने मुख्य अतिथि

बता दें कि दिल्ली में इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की थीम वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर रखी गई है। खास बात यह है कि पूरी दुनिया के सामने वंदे मातरम् की 150 साल की ऐतिहासिक यात्रा और हालिया सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गाथा भी प्रदर्शित की गई। गणतंत्र दिवस 2026 के मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल हुए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह की अध्यक्षता की, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

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कर्तव्य पथ पर पहुंचते ही 21 तोपों की सलामी

राष्ट्रपति के कर्तव्य पथ पर पहुंचते ही 21 तोपों की सलामी दी गई और राष्ट्रगान के साथ आधिकारिक रूप से समारोह शुरू हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया।

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परेड में आत्मनिर्भर भारत की झलक

इस वर्ष की परेड तकनीक, सैन्य क्षमता और आत्मनिर्भर भारत की झलक से भरपूर रही। परेड में आकाश मिसाइल सिस्टम, शक्तिबाण, स्वदेशी रोबोटिक म्यूल्स और UGV, भारतीय सेना की पहली बार युद्धक्षेत्र जैसी फॉर्मेशन में मार्चिंग, तीनों सेनाओं की संयुक्त झांकी में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की विजयगाथा, पूर्व सैनिकों की विशेष झांकी, जिसका थीम रहा ‘संग्राम से राष्ट्रनिर्माण तक’, वंदे मातरम् के छंदों पर आधारित 1923 की ऐतिहासिक पेंटिंग सीरीज ने दर्शकों का ध्यान खींचा।

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 31 जनवरी तक भारत पर्व का आयोजन

गणतंत्र दिवस के साथ ही दिल्ली के लाल किले पर आज से 31 जनवरी तक ‘भारत पर्व’ का आयोजन शुरू हो गया है। यह छह दिवसीय उत्सव भारत की सांस्कृतिक, कलात्मक और आध्यात्मिक विरासत को समर्पित है। कार्यक्रम का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया।

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देशभर में फहराया गया तिरंगा

गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश के सभी राज्यों में राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों ने तिरंगा फहराया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी सहित कई नेताओं ने समारोहों में भाग लिया। गणतंत्र दिवस 2026 का यह आयोजन भारत की एकता, शक्ति और गौरव का भव्य प्रतीक बनकर सामने आया। Read More Republic Day of India: 77वां गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भारत की ताकत और संस्कृति का भव्य प्रदर्शन, यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता बने मुख्य अतिथि

VB-G RAM G Act: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘वीबी-जी राम जी’ विधेयक को दी मंजूरी, ग्रामीण मजदूरों को 100 के बदले मिलेगा 125 दिन का वेतन

BE NEWS – ‘वीबी-जी राम जी विधेयक 2025’ को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंजूरी दे दी है। इसके अनुसार अब ग्रामीण मजदूरों को 100 के बदले 125 दिन का वेतन मिलेगा। अब ये विधेयक कानून बन गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दी मंजूरी

आपको बता दें कि VB-G Ram Ji बिल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज 20 दिसंबर दिन रविवार को मंजूरी दे दी है। जिसके साथ ही ये बिल अब कानून बन गया है। इस कानून के तहत अब ग्रामीण परिवारों को मिलने वाली वैधानिक मजदूरी रोजगार की गारंटी को बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है, जो पहले 100 दिन था। इससे पहले ये बिल संसद के दोनों सदनों में पास कर दिया गया था। इस बिल को 1 अप्रैल साल 2026 से लागू करने की तैयारी की जा रही है।

प्रस्तावित बिल 20 साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी अधिनियम (MGNREGA) बिल की जगह लेगा। जिसमें रोजगार की गांरटी अब 100 दिन की बजाय 125 दिन होगी। जो कि एक एतिहासिक कदम है। जिस पर सरकार का कहना है कि VB-G Ram Ji बिल के पास होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी पहले भी ज्यादा अब मजबूत हो जाएगी।

Droupadi Murmu India’s First President From Tribal Community - Mahilalu

भुगतान को लेकर भी सख्त प्रावधान

कानून में मजदूरी भुगतान को लेकर भी सख्त प्रावधान किए गए हैं। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या अधिकतम 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। यदि भुगतान में देरी होती है, तो श्रमिकों को मुआवजा देने का भी स्पष्ट प्रावधान रखा गया है। Read More VB-G RAM G Act: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘वीबी-जी राम जी’ विधेयक को दी मंजूरी, ग्रामीण मजदूरों को 100 के बदले मिलेगा 125 दिन का वेतन

राज्यस्तरीय ध्यान योग कार्यक्रम में पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, CM योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया स्वागत

BE NEWS – लखनऊ में आज ब्रह्मकुमारीज संस्थान की ओर से राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पंहुची हैं। जहां उनके साथ सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मौजूद हैं।

सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया स्वागत

आपको बता दें कि राजधानी लखनऊ के सुल्तानपुर रोड पर स्थित गुलजार उपवन में आज यानि 28 नवंबर दिन शुक्रवार को ब्रह्मकुमारी संस्थान की ओर से राज्यस्तरीय ध्यान योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां पर मुख्य अतिथि के रुप में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पंहुची। जहां मंच पर उनका स्वागत सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए हैं।

इस दौरान बच्चियों ने मयुर नृत्य की प्रस्तुति कर राष्ट्रपति का स्वागत किया। वहीं छत्तीसगढ़ से आये हुए रंगोली कलाकार ने उनके स्वागत में खुबसूरत रंगोली बनाई। इसके साथ ही उनके लिए एक विशेष कक्ष का प्रबंध भी किया गया है जहां पर वे कुछ समय ध्यान करेंगी।

 

हमारे लिए एक गौरव का क्षण- सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारे लिए एक गौरव का क्षण है कि हम ध्यान और योग को लेकर इतने बड़े कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रहें हैं। उन्होंने ब्रह्मकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को शुभकामनाऐं और बधाई दी।

मेडिटेशन से दूर होता है तनाव: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि आज की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली में मेडिटेशन मानसिक शांति और संतुलन बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। राज्यपाल ने बताया कि वर्ष 1937 में, जब समाज अनेक व्याधियों और चुनौतियों से जूझ रहा था, तब ब्रह्मकुमारीज संस्था की स्थापना हुई। कठिन परिस्थितियों में जन्मी यह संस्था आज राष्ट्र निर्माण के विभिन्न आयामों में सक्रिय योगदान दे रही है।