Ankita Bhandari Murder Case: सीएम धामी ने अंकिता भंडारी केस में CBI जांच को दी मंजूरी, बढ़ते विवाद के बीच लिया गया बड़ा फैसला

BE NEWS – अंकिता भंडारी केस में आज फिर इस हत्याकांड को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। जिसको देखते हुए सीएम धामी ने अंकिता भंड़री के माता-पिता की मांग को लेकर सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।

माता-पिता की मांग पर लिया गया निर्णय

दरअसल उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक अहम मोड़ सामने आया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पूरे मामले की CBI को सौंपने की संस्तुति दे दी है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब सोशल मीडिया और जन आंदोलनों के बीच कथित VVIP की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे।

सीएम धामी ने बताया कि हाल ही में उनकी मुलाकात अंकिता भंडारी के माता-पिता से हुई थी। इस दौरान भावुक माता-पिता ने अपनी बेटी को पूर्ण न्याय दिलाने के लिए मामले की CBI जांच कराए जाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता सिर्फ एक पीड़िता नहीं, बल्कि समाज की बेटी थी और सरकार उसके परिवार की भावनाओं का सम्मान करती है।

ये भी देखें- Instagram Love Story: पत्नी की दूसरी शादी का गवाह बना पति! 14 साल का रिश्ता यूं हुआ खत्म | BE News

‘Pilgrims should proceed on their yatra..,' says Uttarakhand CM Pushkar ...

अब तक की कार्रवाई का पूरा ब्यौरा

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने शुरुआत से ही इस मामले में सख्त रुख अपनाया। घटना के तुरंत बाद महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। सभी आरोपियों को समय रहते गिरफ्तार किया गया और सरकार की प्रभावी पैरवी के चलते किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी। निचली अदालत ने ट्रायल पूरा होने के बाद दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अंकिता भंडारी मर्डर केस: कैसे सत्ता का नशा एक युवती के इनकार को सहन ...

सोशल मीडिया दावों पर सरकार का रुख

बीते कुछ समय से सोशल मीडिया पर कुछ ऑडियो क्लिप्स और एक कथित VVIP के शामिल होने को लेकर दावे किए जा रहे थे, जिसके चलते जनता में भारी आक्रोश देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शुरू से ही पारदर्शी और निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करना रहा है। वायरल हो रही ऑडियो क्लिप्स को लेकर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं और उनकी जांच जारी है। सरकार ने दो टूक कहा है कि किसी भी तथ्य या सबूत को दबाया नहीं जाएगा।

जनता को न्याय का भरोसा

CBI जांच की सिफारिश के बाद माना जा रहा है कि इस फैसले से न केवल अंकिता के परिवार को न्याय की उम्मीद मिलेगी, बल्कि जनता के बीच उठ रहे तमाम सवालों का भी जवाब सामने आ सकेगा। अब सभी की निगाहें CBI की जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं। Read More Ankita Bhandari Murder Case: सीएम धामी ने अंकिता भंडारी केस में CBI जांच को दी मंजूरी, बढ़ते विवाद के बीच लिया गया बड़ा फैसला

Land For Job Case: लालू यादव को बड़ा झटका, राउज एवेन्यू कोर्ट ने तेजस्वी-राबड़ी समेत 40 लोगों पर तय किए आरोप

BE NEWS – जमीन के बदले नौकरी घोटाले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव समेत कुल 40 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। CBI की विशेष अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया, जिसके साथ ही अब मामले का ट्रायल शुरू होगा।

परिवार पर साजिश का आरोप

आपको बता दें कि सुनवाई के दौरान CBI की विशेष अदालत ने कहा कि, लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मामले में पुख्ता सबूत मौजूद हैं। अदालत के मुताबिक, यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे परिवार द्वारा मिलकर रची गई साजिश है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपियों ने एक ‘क्रिमिनल सिंडिकेट’ की तरह काम किया और जमीन के बदले नौकरी देने की योजना को अंजाम दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर उपलब्ध सबूत आरोप तय करने के लिए पर्याप्त हैं। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।

लालू प्रसाद यादव परिवार को बड़ा झटका, नौकरी के बदले जमीन घोटाले में ...

आखिर क्या है लैंड फॉर जॉब घोटाला

यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच UPA सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि इस दौरान रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियां देने के बदले उम्मीदवारों या उनके परिजनों से जमीन ली गई। ये जमीनें बाद में लालू यादव की पत्नी, बेटों, बेटियों और करीबी रिश्तेदारों के नाम ट्रांसफर कराई गईं।

ये भी देखें- Trump Tariff News: रूस से तेल खरीदना भारत को पड़ेगा भारी? अमेरिका की टैरिफ चेतावनी | BE News

IRCTC घोटाले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ चलेगा ...

CBI और ED दोनों कर रही जांच

मामले में CBI ने भ्रष्टाचार के आरोप में केस दर्ज किया, जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। CBI की चार्जशीट में कुल 103 आरोपियों के नाम थे, जिनमें से 5 आरोपियों की मौत हो चुकी है और 52 को पहले ही बरी किया जा चुका है। शेष आरोपियों के खिलाफ अब आरोप तय किए गए हैं। लालू प्रसाद यादव पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय हुए हैं, जबकि अन्य आरोपियों पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं। Read More Land For Job Case: लालू यादव को बड़ा झटका, राउज एवेन्यू कोर्ट ने तेजस्वी-राबड़ी समेत 40 लोगों पर तय किए आरोप

ED रेड के बाद बंगाल से दिल्ली तक मचा सियासी घमासान, ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला, TMC का गृह मंत्रालय के सामने धरना

BE NEWS – ईडी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल समेत कुल 15 जगहों पर छापेमारी की थी। जिसमें वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आईटी प्रमुख और आईपीएसी प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और सॉल्ट लेक स्थित ऑफिस पर भी छापेमारी की गयी। इस कार्रवाई के बाद राजनैतिक माहौल और गरमा गया, और टीएमसी सांसदों ने गृह मंत्रालय के सामने धरना दिया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे 8 सांसदों को हिरासत में ले लिया है।

पश्चिम बंगाल समेत देश के 15 ठिकानों पर छापेमारी

आपको बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक माहौल गरमा गया है। गुरुवार को ईडी ने पश्चिम बंगाल समेत देश के 15 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कोलकाता स्थित राजनीतिक रणनीति बनाने वाली कंपनी आईपैक (I-PAC) का दफ्तर भी शामिल था। इस कार्रवाई के बाद मामला पूरी तरह सियासी रंग लेता दिख ।

आईपैक कार्यालय पर छापे की खबर मिलते ही खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंच गईं। बताया जा रहा है कि वह कुछ फाइलें अपने साथ लेकर ऑफिस से बाहर निकलीं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए उनकी पार्टी की निजी और राजनीतिक जानकारी चुराने की कोशिश की जा रही है।

पूरे बंगाल में प्रदर्शन का ऐलान

ईडी की कार्रवाई से नाराज़ ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पूरे पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।

ED के खिलाफ FIR, कोलकाता में दो मामले दर्ज

विवाद और तेज तब हो गया जब कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी के खिलाफ दो अलग-अलग पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराई। टीएमसी का आरोप है कि एजेंसी ने नियमों का उल्लंघन किया और राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई की।

ये भी देखें- BORDER 2: Ishq Da Chehra | Sunny Deol, Varun D, Diljit Dosanjh, Ahan S | Sachet – Parampara, Kausar

दिल्ली में TMC का प्रदर्शन

दिल्ली में भी तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई टीएमसी सांसदों को हिरासत में लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचाया।

अमित शाह पर सवाल

टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमित शाह को निशाने पर लेते हुए सवाल उठाया कि क्या अब लोकतंत्र को कुचलने के लिए दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल चुने हुए प्रतिनिधियों के खिलाफ किया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि असहमति की आवाज को दबाया जा रहा है। Read More ED रेड के बाद बंगाल से दिल्ली तक मचा सियासी घमासान, ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला, TMC का गृह मंत्रालय के सामने धरना

ED Raids: टीएमसी के आईटी प्रमुख के घर ईडी की छापेमारी, मौके पर पहुंचीं सीएम ममता बनर्जी, लगाएं गंभीर आरोप..

BE NEWS – प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आईटी प्रमुख और आईपीएसी प्रमुख प्रतीक जैन के आवास सॉल्ट लेक स्थित ऑफिस पर छापेमारी की। छापेमारी की सूचना मिलते ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं मौके पर पहुंचीं और केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया हैं।

संगठन संबधी डेटा जब्त करने की कोशिश का 

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। उससे पहले ही सियासी हलचल तेज हो चुकी है, इसी बीच 8 जनवरी 2026 को कोलकाता में टीएमसी के I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और सॉल्ट लेक ऑफिस पर ED ने रेड मारी है। जिस पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ईडी के अधिकारी छापेमारी के दौरान टीएमसी से जुड़े हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज और संगठन संबधी डेटा जब्त करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि इन दस्तावेजों में विधानसभा चुनावों से संबंधित संवेदनशील जानकारी मौजूद थी। उसके बाद आईपैक दफ्तर में मौजूद कुछ फाइलों को उठाकर ममता बनर्जी की गाड़ी में रखा।

4,500 करोड़ रुपये के निवेश धोखाधड़ी मामले में ईडी ने की छापेमारी ...

दस्तावेज भाजपा को सौंपने की मंशा

सीएम ममता ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए कहा कि, यह पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीतिक दलों के आईटी प्रमुखों के घरों पर छापेमारी कराना केंद्रीय गृह मंत्री का काम है। ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि जब्त किए जाने वाले दस्तावेज भाजपा को सौंपने की मंशा से एकत्र किए जा रहे थे।

ये भी देखें – Azam Khan पुलिस एनकाउंटर में ढेर | UP Police Encounter | BE News

कर्नाटक में भाजपा की हार पर सीएम ममता बनर्जी बोलीं- यह 2024 की शुरुआत ...

केंद्रीय एजेंसी की जांच में सीधा हस्तक्षेप

वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने छापेमारी की जगह पर मुख्यमंत्री के पहुंचने पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे अनैतिक, असंवैधानिक और केंद्रीय एजेंसी की जांच में सीधा हस्तक्षेप करार दिया। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि इस मामले में ईडी को सीएम के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए।

छह राज्यों में कुल 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान

उधर ईडी ने स्पष्ट किया है कि यह छापेमारी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर की गई कथित धोखाधड़ी के एक मामले की जांच के तहत की गई है। एजेंसी के अनुसार, इस मामले में देश के छह राज्यों में कुल 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया है। इसमें इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (IPC) का कोलकाता स्थित कार्यालय भी शामिल है। ईडी का दावा है कि एक संगठित गिरोह फर्जी नौकरियां दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा था, जिसकी जांच जारी है। Read More ED Raids: टीएमसी के आईटी प्रमुख के घर ईडी की छापेमारी, मौके पर पहुंचीं सीएम ममता बनर्जी, लगाएं गंभीर आरोप..

महाराष्ट्र : अंबरनाथ नगर परिषद में सियासी उलटफेर, शिवसेना के खिलाफ कांग्रेस- बीजेपी ने किया गठबंधन

BE NEWS – महाराष्ट्र की राजनीति में स्थानीय निकाय चुनाव एक बार फिर से बड़ा बदलाव होने वाला हैं। ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के खिलाफ गठबंधन कर लिया है। यह गठबंधन इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि अंबरनाथ को शिंदे गुट की शिवसेना का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।

कांग्रेस और बीजेपी का साथ आना 

आपको बता दें कि महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों ने एक बार फिर राज्य की राजनीति को नई दिशा दे दी है। अंबरनाथ नगर परिषद में कांग्रेस और बीजेपी का साथ आना न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि यह गठबंधन सीधे तौर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

पूरे महाराष्ट्र राजनीति में हलचल तेज

मुंबई से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित अंबरनाथ नगर परिषद में हालिया चुनावों के बाद शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, लेकिन बहुमत से चूक गई। इस दौरान शिवसेना ने अपने सहयोगी बीजेपी के साथ मिलकर सत्ता बनाने की कोशिश की। हालांकि, अंतिम समय में बीजेपी ने शिवसेना का साथ छोड़ते हुए कांग्रेस से हाथ मिला लिया। इस गठबंधन के बाद कांग्रेस-बीजेपी ने मिलकर नगर परिषद में सरकार बना ली और बीजेपी के एक पार्षद को नगर अध्यक्ष चुना गया। इस गठबंधन ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।

ये भी देखें – UP Election 2027 में बाबा पड़ेंगे सब पे भारी! | BE News

अंबरनाथ में पलटे सियासी समीकरण

शिवसेना का तीखा हमला

बीजेपी के इस कदम से शिवसेना खासा नाराज नजर आ रही है। शिंदे गुट के विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने कांग्रेस-बीजेपी गठबंधन को ‘अभद्र युति’ बताते हुए इसे जनादेश के खिलाफ करार दिया। वहीं, सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, इस गठबंधन को लेकर सवाल बीजेपी से पूछे जाने चाहिए।

श्रीकांत शिंदे ने दो टूक कहा कि, बीजेपी और शिवसेना लंबे समय से केंद्र और राज्य में सहयोगी हैं और यह गठबंधन मजबूत रहना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि अंबरनाथ में शिवसेना ने विकास के कई अहम काम किए हैं और पार्टी आगे भी विकास की राजनीति करने वालों के साथ ही खड़ी रहेगी।

बीजेपी ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद बीजेपी ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। पार्टी के उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने कहा कि बीजेपी ने शिवसेना के साथ गठबंधन को लेकर कई बार बातचीत की कोशिश की, लेकिन शिवसेना की ओर से कोई ठोस या स्पष्ट जवाब नहीं मिला। ऐसे में पार्टी को ये निर्णय लेना पड़ा। Read More महाराष्ट्र : अंबरनाथ नगर परिषद में सियासी उलटफेर, शिवसेना के खिलाफ कांग्रेस- बीजेपी ने किया गठबंधन

दिल्ली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की पीएम मोदी से अहम मुलाकात, यूपी में कैबिनेट विस्तार की अटकलें हुई तेज

BE NEWS – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर पीएम मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों दिल्ली दौरे पर हैं, जिसके चलते आज सोमवार को सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद उनकी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर सकते है। इन उच्चस्तरीय बैठकों के चलते यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कैबिनेट विस्तार को लेकर लंबी बैठक

सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ कैबिनेट विस्तार को लेकर लंबी बैठक हुई थी। माना जा रहा है कि उसी बैठक के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सीएम योगी दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं से संवाद कर रहे हैं।

ये भी देखें – Trump Tariff War: भारत पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं Donald Trump | India Russia Relations | BE News

यूपी कैबिनेट विस्तार पर भी चर्चा होने की संभावना

इसी क्रम में आज सीएम योगी की भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात संभव है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह नितिन नबीन के साथ सीएम योगी की पहली औपचारिक मुलाकात होगी। इस बैठक में संगठन और सरकार के बीच यूपी कैबिनेट विस्तार पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर तस्वीरें की साझा 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सीएम योगी के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा की है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में लंबे समय से कैबिनेट विस्तार की अटकलें लगाई जा रही हैं। भाजपा के प्रदेश संगठन में हालिया बदलावों के बाद यह माना जा रहा है कि पार्टी नए समीकरण साधने की तैयारी में है। Read More दिल्ली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की पीएम मोदी से अहम मुलाकात, यूपी में कैबिनेट विस्तार की अटकलें हुई तेज

पश्चिम बंगाल में चुनाव कर्मियों की सुरक्षा पर सख्त हुआ चुनाव आयोग, टीएमसी को दी कड़ी चेतावनी

BE NEWS – पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच चुनाव आयोग ने चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी चुनाव कर्मी को डराने, धमकाने या दबाव में लेने की कोशिश बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी।

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

आपको बता दें कि हाल ही पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की थी। इस बैठक के बाद उठे आरोप-प्रत्यारोपों के बीच आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और कर्मियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आयोग ने टीएमसी को चेतावनी दी कि यदि चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को किसी भी स्तर पर धमकाया गया, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।

पश्चिम बंगाल:अस्पताल में भर्ती हैं सीएम ममता बनर्जी, स्वस्थ होकर लौटने ...

मानदेय का तुरंत भुगतान करने के निर्देश

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया है कि बीएलओ को स्वीकृत बढ़ा हुआ मानदेय बिना किसी देरी के तुरंत जारी किया जाए। आयोग ने कहा कि बीएलओ चुनावी व्यवस्था की बुनियाद होते हैं और उनके साथ किसी भी तरह की अनदेखी चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती है। आयोग के अनुसार, मानदेय बढ़ाने को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है, अब इसे लागू करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

ये भी देखें- “बाबर की तुलना न होगी कभी राम से” कवि Prakhyat Mishra की मंच से हुंकार | BE News

बंगाल सरकार BLOs को तुरंत दें बढ़ा हुआ मानदेय, TMC प्रतिनिधिमंडल के साथ ...

मतदाताओं की सुविधा के लिए नए कदम

आयोग ने यह भी जानकारी दी कि मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने के लिए ऊंची आवासीय इमारतों, गेटेड कॉलोनियों और झुग्गी-बस्तियों में भी मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग करने में किसी तरह की असुविधा न हो और मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो।

राजनीतिक दबाव बर्दाश्त नहीं

चुनाव आयोग ने दो टूक कहा कि राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कार्यकर्ता या स्थानीय प्रतिनिधि चुनाव कर्मियों पर किसी तरह का दबाव न डालें। आयोग ने स्पष्ट किया कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आयोग ने दोहराया कि वह स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि चुनाव कर्मियों को बिना किसी डर के अपना दायित्व निभाने का अवसर मिल सके और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का भरोसा बना रहे। Read More पश्चिम बंगाल में चुनाव कर्मियों की सुरक्षा पर सख्त हुआ चुनाव आयोग, टीएमसी को दी कड़ी चेतावनी

रेहान वाड्रा – अवीवा बेग की सगाई…. आखिर कौन है प्रियंका गांधी और उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा की होने वाली बहु

BE NEWS – कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा ने अपनी सात साल पुरानी दोस्त और गर्लफ्रेंड अवीवा बेग से सगाई कर ली है। यह सगाई एक निजी समारोह में संपन्न हुई, जिसकी तस्वीरों और खबरों ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं।

दोनों पिछले सात वर्षों से रिलेशनशिप में

सूत्रों के अनुसार, रेहान वाड्रा ने हाल ही में अवीवा बेग को प्रपोज किया था, जिसको दोनों परिवारों की सहमति के बाद इस रिश्ते को औपचारिक रूप दिया गया। हालांकि, समारोह पूरी तरह निजी रखा गया और परिवार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अवीवा दिल्ली स्थित परिवार से हैं और दोनों पिछले सात वर्षों से रिलेशनशिप में हैं।

कौन हैं प्रियंका गांधी की होनी वाली बहू? जानें कितने पढ़े हैं रेहान वाड्रा

कौन हैं अवीवा बेग

आपको बता दें कि, अवीवा बेग दिल्ली की रहने वाली हैं और उनका परिवार वाड्रा परिवार के काफी करीब माना जाता है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के प्रतिष्ठित मॉडर्न स्कूल से की और इसके बाद ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी से मीडिया कम्युनिकेशन एवं जर्नलिज्म में स्नातक डिग्री हासिल की।

प्रोफेशनल लाइफ में अलग पहचान

अवीवा बेग केवल एक राजनीतिक परिवार से जुड़ने के कारण चर्चा में नहीं हैं, बल्कि उन्होंने अपनी मेहनत से एक स्वतंत्र पहचान बनाई है। वह एक पेशेवर फोटोग्राफर और प्रोड्यूसर हैं। उनकी फोटोग्राफी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई पोर्टलों और प्रकाशनों में प्रकाशित हो चुकी है। पिछले कुछ वर्षों में अवीवा ने कई आर्ट एग्जिबिशन में भी अपनी कला का प्रदर्शन किया है, जिनमें इंडिया आर्ट फेयर 2023 में आयोजित ‘यू कैनॉट मिस दिस’ और 2019 की ‘द इल्यूजरी वर्ल्ड’ प्रदर्शनी प्रमुख हैं।

ये भी देखें- Tarique Rahman on India: Bangladesh में Tarique Rahman की एंट्री! इंडिया को बड़ी चेतावनी? BE News

फुटबॉल, प्रकृति और यात्रा का शौक

अवीवा बेग एक राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल खिलाड़ी भी रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्हें नेचर से गहरा लगाव है। वह अक्सर कैमरे के साथ जंगलों, पहाड़ों और रेगिस्तानों पर जाया करती हैं और अनकही कहानियों को अपनी तस्वीरों के जरिए सामने लाती हैं। एक ट्रैवलर के रूप में वह देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति और जीवन को अपने लेंस में कैद करती हैं।

लंबे समय से एक-दूसरे के साथ रेहान और अवीवा बेग

रेहान वाड्रा और अवीवा बेग लंबे समय से एक-दूसरे के साथ हैं। जहां रेहान अक्सर अपनी मां प्रियंका गांधी के साथ राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में नजर आते हैं, वहीं अवीवा अपनी क्रिएटिव फील्ड में लगातार सक्रिय हैं। उनकी सगाई को लेकर देशभर से बधाइयों का सिलसिला जारी है। Read More रेहान वाड्रा – अवीवा बेग की सगाई…. आखिर कौन है प्रियंका गांधी और उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा की होने वाली बहु

“कुल जनसंख्या में से 40 फीसदी बांग्लादेशी मुस्लिम…” असम की जनसांख्यिकी पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का बयान

BE NEWS – असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दावा किया है कि 2027 की जनगणना से ये साफ हो जाएगा कि राज्य में करीब 40 फीसदी की आबादी बांग्लादेशी मुसलमानों की है।

सीएम हिमंता बिस्वा शर्मा का दावा

आपको बता दें कि असम के सीएम हिमंता बिस्वा शर्मा ने गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने ये दावा किया है कि राज्य में 40 फीसदी की आबादी बांग्लादेशी मुसलमानों की है। जोकि आने वाले साल 2027 में स्पष्ट भी हो जाएगा।

ये भी देखें – Today Breaking News ! आज 27 दिसंबर 2025 के मुख्य समाचार बड़ी खबरें | weather update | BE NEWS

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस को कहा मुगल, कहा- गर्व से हिंदू ...

मुसलमानों की जनसंख्या करीब 40 फीसदी के करीब

सीएम सरमा ने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए कहा कि उस समय असम में मुस्लिम आबादी करीब 34 प्रतिशत थी। उनके मुताबिक, यदि इसमें लगभग 3 प्रतिशत असमी मुसलमानों को अलग कर दें, तो शेष बड़ी संख्या बांग्लादेशी मूल के मुसलमानों की मानी जा सकती है। उसके बाद 2021 में कोई जनगणना नहीं हुई। अब जब 2027 में ये जनगणना होगी तो बांग्लादेशी मुसलमानों की जनसंख्या करीब 40 फीसदी के करीब पहुंच जाएगी। Read More “कुल जनसंख्या में से 40 फीसदी बांग्लादेशी मुस्लिम…” असम की जनसांख्यिकी पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का बयान