Bihar Politics: बिहार में ‘नीतीश युग’ का अंत, राज्यसभा सांसद के रूप में ली शपथ, नए सीएम पर मंथन तेज
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो गई है। पिछले दो दशकों से बिहार की सत्ता के केंद्र रहे नीतीश कुमार ने आज आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय राजनीति में वापसी कर ली है। नीतीश कुमार ने आज दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। उनके इस कदम को बिहार में बड़े नेतृत्व परिवर्तन और नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी के स्पष्ट संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राज्यसभा में नई पारी की शुरुआत
आपको बता दें कि संसद भवन के उच्च सदन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने नीतीश कुमार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस खास मौके पर नीतीश कुमार के साथ जेडीयू के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की।

20 साल बाद बिहार की राजनीति में ‘महा-परिवर्तन’
नीतीश कुमार साल 2005 से (बीच में जीतन राम मांझी के 9 महीनों को छोड़कर) लगातार बिहार के मुख्यमंत्री पद पर काबिज रहे हैं। हाल ही में उन्होंने बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा देकर यह साफ कर दिया था कि वह अब राज्य की सक्रिय राजनीति से हटकर केंद्र में बड़ी भूमिका निभाने को तैयार हैं।
दिल्ली पहुंचने पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने भावुक अंदाज़ में कहा,”20 साल तक वहां (बिहार) में रहे हैं। अब बहुत दिन वहां रह लिए, अब यहां (दिल्ली) में काम करेंगे। इसलिए वापस आ गए हैं।”

15 अप्रैल को नए CM की ताजपोशी संभव
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के साथ ही अब सबकी निगाहें इस सवाल पर टिकी हैं कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? दिल्ली में आज बिहार बीजेपी कोर ग्रुप की एक अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।
1. इस्तीफे की तारीख: सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार 12 या 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।
2. शपथ ग्रहण: माना जा रहा है कि 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार का गठन और नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है।

‘नीतीश मॉडल’ को आगे बढ़ाएगा NDA
बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी ने नेतृत्व परिवर्तन पर कहा कि पूरा NDA एकजुट है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चाहे चेहरा जो भी हो, आगामी सरकार नीतीश कुमार के ‘सुशासन के मॉडल’ और विकास कार्यों को ही आगे बढ़ाएगी। बीजेपी इस बार बिहार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए किसी नए और प्रभावशाली चेहरे को कमान सौंप सकती है, जो 2025 के विधानसभा चुनावों में पार्टी का नेतृत्व कर सके। Read More Bihar Politics: बिहार में ‘नीतीश युग’ का अंत, राज्यसभा सांसद के रूप में ली शपथ, नए सीएम पर मंथन तेज