Prayagraj Magh Mela 2026: बसंत पंचमी पर संगम बना आस्था का महासंगम, करोड़ों ने लगाई पुण्य की डुबकी

Prayagraj Magh Mela 2026: बसंत पंचमी के पावन पर्व पर शुक्रवार सुबह संगम पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। आज बन रहे गजकेसरी योग में श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया और पूजा-अर्चना की। सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की कतारें देखने को मिलीं। माघ मेले के इस चौथे स्नान को लेकर प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किए है।

आपको बता दें कि संगम किनारे चल रहे माघ मेले का आज 23 जनवरी, दिन शुक्रवार को बंसत पंचमी के पावन दिन मनाया जा रहा है। इस स्नान पर्व को लेकर मेला स्थल पर आज श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 8 बजे तक अनुमानित 1 करोड़ 4 लाख श्रद्धालुओं ने अब तक संगम पर आस्था की डुबकी लगाई है। अभी यह संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कई इंतजाम किए है।

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कोई वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं

प्रशासन का अनुमान है कि बसंत पंचमी से लेकर 26 जनवरी तक, यानी अगले चार दिनों में लगभग साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालु संगम तट पर पहुंच सकते हैं। भीड़ को देखते हुए इस दौरान कोई वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं किया गया है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को समान सुविधा मिल सके।

माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त की गई है। पुलिस, पीएसी, आरएएफ, बीडीएस, यूपी एटीएस के कमांडो और खुफिया एजेंसियां तैनात हैं। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए की जा रही है। स्नान घाटों पर जल पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड कंपनी पीएसी और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है।

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मेला प्रशासन ने किए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

वसंत पंचमी स्नान को लेकर मेला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। संगम क्षेत्र में करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबे स्नान घाट तैयार किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को स्नान में किसी प्रकार की असुविधा न हो। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है।

मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि इस दौरान भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, घाटों की सुरक्षा और सुरक्षित निकासी व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात रहेगा।

रूट डायवर्जन की विशेष व्यवस्था

ट्रैफिक व्यवस्था के तहत माघ मेला से संबंधित वाहनों को छोड़कर अन्य भारी और हल्के वाहनों को प्रयागराज जिले की सीमा में आने से पहले ही वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ दिया जाएगा। इसके लिए रूट डायवर्जन की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि शहर के भीतर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने।

श्रद्धालुओं से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील 

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बसंत पंचमी स्नान पर्व के दिन, यानी 23 जनवरी को नया यमुना पुल पूरी तरह बंद रहेगा। इस दिन आवागमन केवल पुराने यमुना पुल से ही संभव होगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सहयोग करें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके। Read More Prayagraj Magh Mela 2026: बसंत पंचमी पर संगम बना आस्था का महासंगम, करोड़ों ने लगाई पुण्य की डुबकी

Prayagraj Plane Crash: प्रयागराज में बेकाबू होकर सेना का ट्रेनी विमान हुआ क्रैश, पूरे इलाके में मची अफरा-तफरी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Prayagraj Plane Crash – प्रयागराज में आज एक ट्रेनी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सेना का विमान अचानक तालाब में गिरने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित बाहर निकाल किए गए है। उनको मामूली चोटें आई हैं।

  सेना का एक ट्रेनी विमान क्रैश होने से हादसा

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को सेना का एक ट्रेनी विमान क्रैश हो गया। यह विमान शहर के बीचों-बीच स्थित एक तालाब में जा गिरा। इस हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा केपी कॉलेज के पीछे हुआ। विमान अचानक हवा में संतुलन खो बैठा और काफी देर तक आसमान में चक्कर लगाने के बाद तालाब में गिर पड़ा। बताया जा रहा है कि यह भारतीय वायुसेना का माइक्रोलाइट ट्रेनर एयरक्राफ्ट था, जो प्रशिक्षण उड़ान पर था।

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Prayagraj Aircraft Crash: तालाब में गिरा वायुसेना का ट्रेनी विमान, पैरासूट के सहारे पायलट ने बचाई जान

इंजन फेल होने से हुआ हादसा

सेना की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इंजन फेल होने की वजह से विमान तालाब में गिरा। विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे और राहत की बात यह है कि दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी। इसके बाद फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। तालाब के आसपास के इलाके को घेर लिया गया है और विमान को बाहर निकालने का काम लगातार जारी है।

दलदली तालाब में गिरा विमान

हादसे वाली जगह पर दलदली तालाब है, जहां चारों तरफ जलकुंभी उगी हुई है। इसी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में थोड़ी दिक्कतें आ रही हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

चेन्नई में भी हो चुका है ऐसा हादसा

गौरतलब है कि इससे पहले पिछले साल नवंबर में चेन्नई के ताम्बराम के पास चेंगलपट्टू जिले में भी भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। वह विमान ‘पिलाटस पीसी-7’ ट्रेनर एयरक्राफ्ट था, जो ट्रेनिंग मिशन पर था। उस हादसे में पायलट ने सुरक्षित रूप से इजेक्ट कर लिया था। फिलहाल प्रयागराज हादसे के मामले में भी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और एयरक्राफ्ट को तालाब से बाहर निकालने का काम जारी है। Read More Prayagraj Plane Crash: प्रयागराज में बेकाबू होकर सेना का ट्रेनी विमान हुआ क्रैश, पूरे इलाके में मची अफरा-तफरी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

‘शंकराचार्य’ उपाधि पर तकरार….स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को माघ मेला प्राधिकरण ने भेजा नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब

BE NEWS – स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को माघ मेला प्राधिकरण ने नोटिस भेजकर उनके ‘शंकराचार्य’ की उपाधि का प्रयोग किए जाने पर जवाब मांगा है।

‘शंकराचार्य’ उपाधि के प्रयोग पर जताई आपत्ति 

आपको बता दें कि माघ मेला क्षेत्र में मौनी अमावस्या के स्नान पर्व के दौरान शुरू हुआ विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने ज्योतिष्पीठ से जुड़े संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी कर उनके नाम के साथ ‘शंकराचार्य’ उपाधि के प्रयोग पर आपत्ति जताई है। प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मामले का हवाला देते हुए 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने और आवश्यक सुधार करने को कहा है।

सिविल अपील सर्वोच्च न्यायालय में लंबित

प्राधिकरण की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि शंकराचार्य पद को लेकर एक सिविल अपील सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं हुआ है। ऐसे में किसी भी धर्माचार्य का स्वयं को ज्योतिष्पीठ का शंकराचार्य घोषित करना नियमों के विपरीत है। इसके बावजूद मेला क्षेत्र में लगे शिविर के बोर्ड पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के नाम के आगे ‘शंकराचार्य’ लिखा गया है, जो आपत्तिजनक है।

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने भेजा नोटिस ...

शोभायात्रा में शिष्यों और पुलिस के बीच झड़प 

यह विवाद उस घटना के बाद गहराया, जब मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की शोभायात्रा को संगम की ओर जाने से रोक दिया गया था। स्वामी पहिया लगी पालकी पर सवार होकर शिष्यों के साथ महास्नान के लिए जा रहे थे, लेकिन पुलिस और मेला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शोभायात्रा आगे बढ़ने नहीं दी। इसके बाद आक्रोशित शिष्यों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बन गई, जिसमें कुछ शिष्यों को हिरासत में लिया गया।

प्रशासन पर अपमान और दुर्व्यवहार का आरोप

घटना के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर अपमान और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके शिष्यों को जानबूझकर रोका गया, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

स्नान से नहीं, पहिया लगी पालकी से आपत्ति

वहीं, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने प्रशासन का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि स्वामी को स्नान से नहीं रोका गया था। आपत्ति केवल पहिया लगी पालकी को लेकर थी। उस समय संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी और ऐसी स्थिति में पालकी के साथ आगे बढ़ने से भगदड़ या किसी अनहोनी की आशंका थी।

फिलहाल, माघ मेला प्राधिकरण के नोटिस के बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया है। अब सबकी निगाहें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के जवाब पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है। Read More ‘शंकराचार्य’ उपाधि पर तकरार….स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को माघ मेला प्राधिकरण ने भेजा नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब

Prateek Yadav divorce: प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव से तलाक के दिए संकेत, सोशल मीडिया पोस्ट से मची सियासी हलचल

BE NEWS – समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव और उनकी पत्नी एवं भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के रिश्ते को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर संकेत दिए हैं कि वह अपनी पत्नी से तलाक लेने जा रहे हैं। इस पोस्ट के सामने आते ही मुलायम सिंह यादव के परिवार में एक बार फिर अंदरूनी तनाव की चर्चा तेज हो गई है।

वैवाहिक जीवन को लेकर गहरी नाराज़गी

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी अपर्णा यादव से तलाक लेने का फैसला कर लिया है। उन्होंने यह जानकारी अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट पर साझा करते हुए भावुक और तीखे शब्दों वाला पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने वैवाहिक जीवन को लेकर गहरी नाराज़गी जाहिर की।

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इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट की साझा

प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में की गई पोस्ट में लिखा कि, “मैं इस स्वार्थी महिला से जितनी जल्दी हो सके तलाक लेने वाला हूं। उसने मेरे पारिवारिक संबंधों को बर्बाद कर दिया। वह केवल प्रसिद्ध और प्रभावशाली बनना चाहती है। अभी, मेरा मानसिक स्वास्थ्य बहुत खराब स्थिति में है। उसे इसकी कोई परवाह नहीं है। क्योंकि वह केवल अपने बारे में सोचती है।

अपर्णा यादव की प्रतिक्रिया का इंतजार

प्रतीक यादव के इस सार्वजनिक बयान के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर दोनों के बीच ऐसा क्या हुआ, जो मामला तलाक तक पहुंच गया। फिलहाल अपर्णा यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, न ही यह स्पष्ट हो पाया है कि तलाक को लेकर कोई कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है या नहीं।

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2012 में हुई थी दोनों की शादी

बता दें कि  प्रतीक और अपर्णा की शादी 2012 में हुई थी और उनकी दो बेटियां हैं। शादी समारोह में  मुलायम सिंह यादव समेत कई दिग्गज नेता और बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन भी मौजूद थे।अपर्णा यादव राजनीति में सक्रिय हैं और भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीत चुकी हैं। वह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं। प्रतीक यादव का आरोप है कि उनकी पत्नी की राजनीतिक सक्रियता और पब्लिसिटी पर केंद्रित जीवनशैली के कारण पारिवारिक रिश्तों में दरार आ गई।

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Lucknow: योगी सरकार की बड़ी पहल, गोवंश के लिए दो वर्षों में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर होगा हरा चारा उत्पादन

BE NEWS – उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पशु कल्याण और गोवंश संरक्षण को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है। गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में गोचर एवं चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है।

35 हजार हेक्टेयर पर होगा हरा चारा उत्पादन

बता दें कि सीएम योगी की इस पहल का सकारात्मक असर अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश में उपलब्ध कुल 61118.815 हेक्टेयर गोचर एवं चारागाह भूमि है। जिसमें 7140.37 हेक्टर चारागाह की भूमि को कब्जा मुक्त करके हरा चारा उत्पादन किया जा रहा है।यह प्रयास न केवल पशुओं के पोषण स्तर को बेहतर बना रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।

योगी सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। आने वाले दो वर्षों में 35000 हेक्टेयर कब्जामुक्त एवं सिंचित चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन कराया जाएगा। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि प्रदेश में 1691.78 हेक्टेयर क्षेत्र में हाइब्रिड नेपियर चारा और 5448.59 हेक्टेयर में अन्य हरे चारे (जई,बरसीम आदि) की बुआई की जा चुकी है। इससे गोवंश को सालभर पौष्टिक और संतुलित आहार उपलब्ध हो सकेगा।

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इन जनपदों में तेजी से बढ़ा हरा चारा उत्पादन

प्रदेश के हरदोई, सुल्तानपुर, कानपुर नगर और रामपुर जनपदों में हरा चारा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं टैग्ड गोचर भूमि पर शत-प्रतिशत हरा चारा उत्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। गोचर एवं चारागाह भूमि का समतलीकरण, सुरक्षाबाड़ा एवं खाई निर्माण जैसे कार्य मनरेगा कन्वर्जेन्स के माध्यम से कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है और पशुओं के लिए सुरक्षित चारागाह भी विकसित हो रहे हैं।

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शीतलहर से बचाव के भी निर्देश

योगी सरकार ने गोवंश के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शीतलहर से बचाव के लिए बोरा-चट्ट ओढ़ाने, तिरपाल लगाने और गो-आश्रय स्थलों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पशु स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें। कुल मिलाकर हरा चारा उत्पादन, चारागाह विकास और गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं के माध्यम से योगी सरकार यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ पशु कल्याण भी शासन की प्राथमिकता है। यह पहल न केवल गोवंश संरक्षण को मजबूती दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को पशुपालन के क्षेत्र में एक सशक्त मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है। Read More Lucknow: योगी सरकार की बड़ी पहल, गोवंश के लिए दो वर्षों में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर होगा हरा चारा उत्पादन

Prayagraj Magh Mela: धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- “केवल सम्मानजनक प्रोटोकॉल मिलने पर ही करेंगे गंगा स्नान”

BE NEWS – प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में आज मौनी अमावस्या पर शाही स्नान के लिए पहुंचे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस प्रशासन ने संगम पर जाने से पहले ही रोक दिया गया, जिसको लेकर शंकराचार्य और पुलिस में तीखी झड़प हो गई। जिसके बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। जिसके बाद शंकराचार्य ने मौनी अमावस्या पर स्नान करने से इंकार कर दिया।

Prayagraj Magh Mela Shankaracharya Avimukteshwarananda's chariot was prevented from entering the Sangam

समर्थकों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक

आपको बता दें कि मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में राजसी स्नान करने के लिए जा रहे ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को पुलिस प्रशासन ने संगम के पहले रोक दिया। इस कार्रवाई के बाद शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और पूरे संगम क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

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Prayagraj Magh Mela :शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के राथ को संगम जाने ...

पुलिस ने रथ को संगम तक जाने से रोका

जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ और जुलूस को रास्ते में रोकने के बाद समर्थकों ने विरोध किया। शंकराचार्य ने पुलिस और मेला प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही का आरोप लगाया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जुलूस के साथ संगम तट तक जाने की अनुमति नहीं है।

इस पूरी घटना के बाद संगम क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और मेलाधिकारी ऋषिराज समेत कई उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

समर्थक और साधु-संतों के बीच झड़प

पुलिस के साथ झड़प के बाद शंकराचार्य के 20 से अधिक समर्थक साधु हिरासत में ले लिए गए। इस बीच संगम पर स्नान जारी रहा। शंकराचार्य समर्थकों के साथ संगम के पहले ही रथ में बैठ गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। समर्थकों ने पांटून पुल संख्या चार के पास हंगामा किया, जिससे बैरिकेडिंग टूट गई और पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा।

शंकराचार्य ने किया धरना

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस और प्रशासन को कहा कि, “जब तक उन्हें सम्मानजनक प्रोटोकॉल के साथ नहीं लाया जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सामने साधु-संतों के साथ अभद्रता और मारपीट की गई, जो स्वीकार्य नहीं है।”

अधिकारियों ने किया समझाने-बुझाने का प्रयास

पुलिस और मेला प्रशासन लगातार शंकराचार्य को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि इस विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सके। Read More Prayagraj Magh Mela: धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- “केवल सम्मानजनक प्रोटोकॉल मिलने पर ही करेंगे गंगा स्नान”

यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी हब…यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन पर बोले सीएम योगी

BE NEWS – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी लखनऊ में यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल 25 करोड़ की आबादी वाला राज्य नहीं है, बल्कि देश और पड़ोसी राज्यों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र भी है।

आपको बता दें कि यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन के अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश को मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर इनोवेशन और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का राष्ट्रीय और वैश्विक हब बनाने की दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले पौने नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है, जिसके परिणाम आज ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

अंतिम पायदान तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े हेल्थकेयर कंज्यूमर मार्केट के रूप में 35 करोड़ से अधिक लोगों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं का भार वहन करता है। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज पूरी तरह क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में दो AIIMS, 100 से अधिक जिला अस्पताल, सैकड़ों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की एक मजबूत श्रृंखला स्थापित की गई है। इससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन खड़े करना नहीं था, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था तैयार करना था, जिसमें अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को भी सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

आयुष्मान योजना ने बदली गरीब की तकदीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू होने से पहले यदि किसी गरीब परिवार में कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाता था, तो पूरा परिवार भय और आर्थिक संकट में घिर जाता था। आज उत्तर प्रदेश में 5.5 करोड़ परिवारों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से प्रति परिवार ₹5 लाख तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जो पात्र परिवार किसी कारणवश योजना में शामिल नहीं हो सके, उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से कवर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, CHC, PHC तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

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मातृ-शिशु मृत्युदर में उल्लेखनीय गिरावट

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश ने मातृ एवं शिशु मृत्युदर को नियंत्रित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। संस्थागत प्रसव अब राष्ट्रीय औसत के समकक्ष पहुंच चुका है। कई जनपदों में ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है। एक समय उत्तर प्रदेश वेक्टर जनित रोगों की चपेट में रहता था। मानसून आते ही इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और कालाजार जैसी बीमारियां विकराल रूप ले लेती थीं।

इंसेफेलाइटिस के कारण पिछले 40 वर्षों में लगभग 50,000 बच्चों की मृत्यु हुई थी। वर्ष 2017 में सरकार ने इसके खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू किया। समय पर पहचान, स्थानीय स्तर पर इलाज और जवाबदेही तय करने की व्यवस्था लागू की गई। मात्र दो वर्षों के भीतर इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया और आज उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से शून्य मृत्यु (Zero Death) दर्ज की जा रही है। डेंगू, मलेरिया, कालाजार और चिकनगुनिया पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है।

टेक्नोलॉजी से ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ की ओर

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अगला लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ विज़न को साकार करना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया गांव स्तर से शुरू होनी चाहिए, ताकि मरीज को अनावश्यक रूप से 40-50 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही यह तय हो जाए कि मरीज को किस स्तर की चिकित्सा की आवश्यकता है। टेलीकंसल्टेशन, टेलीमेडिसिन और एआई आधारित स्क्रीनिंग से यह संभव है।

टेक्नोलॉजी से ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ की दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगला लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Ease of Living’ विज़न को साकार करना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया गांव स्तर से शुरू होनी चाहिए, ताकि मरीज को अनावश्यक रूप से 40–50 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही यह तय हो जाएगा कि मरीज को किस स्तर की चिकित्सा की आवश्यकता है। टेलीकंसल्टेशन, टेलीमेडिसिन और AI आधारित स्क्रीनिंग से यह संभव होगा।

मेडिकल डिवाइस और फार्मा सेक्टर को नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क और ललितपुर में बल्क ड्रग फार्मा पार्क का विकास युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल आत्मनिर्भर भारत नहीं, बल्कि ‘Make in India’ से ‘Make for the World’ की दिशा में आगे बढ़ना है।कोविड काल ने यह सिखाया कि संकट के समय दुनिया अपनी मोनोपोली दिखाती है। ऐसे में देश और प्रदेश को स्वास्थ्य और मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा।

मुख्यमंत्री ने तक्षशिला विश्वविद्यालय और वैद्य जीवक की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय मनीषा हमेशा यह मानती रही है कि “नास्ति मूलमनौषधम्” यानि कोई भी वनस्पति ऐसी नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हों। उसी तरह “अयोग्य: पुरुषो नास्ति” यानि कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, आवश्यकता केवल सही योजक की होती है। आज सरकार की नीतियां वही योग्य योजक हैं, जो युवाओं, स्टार्टअप्स व इनोवेटर्स को अवसर प्रदान कर रही हैं।

निवेशकों को यूपी आने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश-विदेश के निवेशकों और उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि प्रदेश में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित वातावरण और सिंगल विंडो सिस्टम उपलब्ध है। सरकार समयबद्ध स्वीकृति और हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और फार्मा के क्षेत्र में देश ही नहीं, दुनिया का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर सिंह, सचिव भारत सरकार मनोज जोशी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अमित घोष और औषधि महानियंत्रक भारत सरकार राजीव रघुवंशी समेत अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। Read More यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी हब…यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन पर बोले सीएम योगी

Lucknow: सीएम योगी ने किया UP-IMRAS सॉफ्टवेयर का लोकार्पण, डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी और आसान

BE NEWS – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक अत्याधुनिक डिजिटल पहल के तहत UP-IMRAS (Integrated Medical Research Application System) सॉफ्टवेयर का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर इस सॉफ्टवेयर को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी आसान

आपको बता दें कि यह अत्याधुनिक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म क्लिनिकल ट्रायल, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइसेज़ से जुड़े अनुसंधान कार्यों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से अब शोधकर्ता अपनी सभी अनुसंधान संबंधी आवश्यकताएं, प्रस्ताव और अनुमतियां पूरी तरह ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगे। साथ ही इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी (IEC) द्वारा अनुमोदन, समीक्षा और निगरानी की संपूर्ण प्रक्रिया भी डिजिटल रूप से इसी प्लेटफॉर्म पर संपन्न होगी। इससे समय की बचत के साथ-साथ शोध कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

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SOPs पुस्तक का विमोचन

इसके बाद मुख्यमंत्री ने इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) से संबंधित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस पुस्तक में कुल 22 प्रकार के SOPs का विस्तृत संकलन किया गया है, जिससे क्लिनिकल ट्रायल्स और उनसे जुड़ी सभी प्रक्रियाओं में एकरूपता, नैतिकता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

वैश्विक स्तर पर नई पहल

इस अवसर पर बताया गया कि यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी तरह का पहला संगठित प्रयास है। इसे राज्य को मेडिकल रिसर्च और हेल्थ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Read More Lucknow: सीएम योगी ने किया UP-IMRAS सॉफ्टवेयर का लोकार्पण, डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी और आसान

BSP सुप्रीमो मायावती आज मना रही अपना 70वां जन्मदिन, सीएम योगी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दी शुभकामनाएं

BE News – BSP सुप्रीमो और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती आज अपना 70वां जन्मदिन मना रही हैं। बसपा पार्टी इस दिन को जन कल्याणकारी दिवस के रुप में मना रही है। बसपा सुप्रीमो को सीएम योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दी।

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बीजेपी और कांग्रेस पर साधा निशाना

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को BSP सुप्रीमो मायावती को उनके जन्मदिन पर बधाई दी। इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उम्मीद जताई कि मायावती आने वाले दिनों में “संविधान विरोधी” BJP को चुनौती देती रहेंगी। वहीं सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सपा, बीजेपी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। सुप्रीमो ने पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि वह जल्द सत्ता में वापसी करेंगी।

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सीएम योगी ने पोस्ट कर दी शुभकामनाएं

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने X पर पोस्ट कर लिखा- “उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने आगे कहा कि, ” भगवान श्री राम आपको लंबी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य दें।”

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किया पोस्ट

वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी X पर पोस्ट कर लिखा, “आदरणीय मायावती जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उनके स्वास्थ, स्वतंत्र जीवन और सार्थक सक्रियता के लिए अनंत शुभकामनाएं। इसके साथ ही उन्होंने ने कहा कि, “आपने अपने पूरे जीवन में शोषित, वंचित, पीड़ित, उपेक्षित और अपमानित समाज की गरिमा,सम्मान और अधिकारों के लिए प्रभावशाली ताकतों के खिलाफ दिन-रात लगातार संघर्ष किया है।

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वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि, “जैसे आपने संविधान विरोधी BJP और उनके सहयोगियों और साथियों को चुनौती दी है, यह लगातार जारी रहे,और इसी कामना के साथ एक बार फिरअखिलेश यादव ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं।” Read More BSP सुप्रीमो मायावती आज मना रही अपना 70वां जन्मदिन, सीएम योगी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दी शुभकामनाएं

Prayagraj Magh Mela 2026: प्रयागराज में मकर संक्रांति पर दिखा आस्था का समागम, संगम पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

BE NEWS – आज देशभर में मकर संक्रांति का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इसके साथ ही माघ मेला 2026 को आज दूसरा प्रमुख शाही स्नान है, जिसके लिए संगम के पावन तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया गया है।

देशभर से आए श्रद्धालु संगम घाटों पर उमड़े

आपको बता दें कि माघ मेला 2026 के दूसरे प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति पर प्रयागराज में आस्था का समागम देखने को मिला। गुरुवार सुबह से ही संगम तट पर श्रद्धालुओं, साधु-संतों और कल्पवासियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए देशभर से आए श्रद्धालु संगम घाटों की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। साधु-संतों, संन्यासियों और कल्पवासियों की मौजूदगी से संगम क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

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दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान

मेला प्रशासन के अनुसार, सुबह 10 बजे तक 36 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त पूरे दिन रहने के कारण शाम तक स्नान करने वालों की संख्या एक करोड़ के पार पहुंच सकती है। प्रशासन ने इस बार कुल दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान जताया है।

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सुरक्षा और मार्गदर्शन के कड़े इंतजाम

घने कोहरे के बीच श्रद्धालु आस्था के साथ संगम घाटों तक पहुंचे। मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और मार्गदर्शन के इंतजाम और कड़े कर दिए। एसपी माघ मेला नीरज पांडे ने बताया कि कोहरे के कारण पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है ताकि कोई श्रद्धालु रास्ता न भटके और हर गतिविधि पर सतत निगरानी रखी जा सके।

स्नान घाटों पर विशेष प्रबंध

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के अनुसार, 24 स्नान घाटों पर विशेष प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में पीएसी, बाढ़ राहत पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आरएएफ, एटीएस, बीडीडीएस सहित हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही यूपी 112 की गाड़ियां, आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम और हाईटेक रिस्पांस प्लान को सक्रिय किया गया है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। Read More Prayagraj Magh Mela 2026: प्रयागराज में मकर संक्रांति पर दिखा आस्था का समागम, संगम पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब