Israel-Iran War: खामेनेई की हत्या, लखनऊ की सड़कों पर उतरा शिया समुदाय, तीन दिन के शोक का किया ऐलान

Israel-Iran War – राजधानी लखनऊ में ईरान के सुप्रीम लीडर नेता अयातुल्ला अली खामेनेई  (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत की खबर के बाद शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। रविवार सुबह छोटे इमामबाड़े के पास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। कई लोग रोते-बिलखते नजर आए, जबकि महिलाओं ने भी शोक जताते हुए नारेबाजी में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने इस्राइल और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि खामेनेई की हत्या धोखे से की गई है। वहीं कई धार्मिक नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की।

लखनऊ विरोध प्रदर्शन
लखनऊ विरोध प्रदर्शन
भारत के कई हिस्सों में तनाव और गम का माहौल

आपको बता दें कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इस्राइल और अमेरिका के हमलों (Israel-Iran War) में हुई मौत के बाद भारत के कई हिस्सों में तनाव और गम का माहौल है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित देश के विभिन्न शहरों में शिया मुस्लिम समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए हैं और इस हमले के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज करा रहे हैं। रविवार सुबह से ही लखनऊ के छोटे और बड़े इमामबाड़े के पास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल है।

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लखनऊ की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन
स्वतंत्र देश पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ

प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि किसी भी स्वतंत्र देश पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि खामेनेई को दुनिया भर के मुसलमानों का नेता माना जाता था।

मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने तीन दिन के शोक का ऐलान करते हुए समुदाय से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करें। रविवार रात 8 बजे छोटे इमामबाड़े में शोकसभा और उसके बाद कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की गई। देशभर के शिया समुदाय से भी इसी समय शोकसभाएं आयोजित करने की अपील की गई है।

लखनऊ की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन
लखनऊ की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन
इमामबाड़े और बाजार बंद

शोक के चलते बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा और पिक्चर गैलरी को तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया है। पर्यटकों को बाहर से ही लौटना पड़ा। छोटे इमामबाड़े के आसपास की दुकानों पर भी ताले लगे रहे और इलाके में सन्नाटा पसरा रहा।

अंतरराष्ट्रीय हालात पर जताई चिंता 

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने खामेनेई को एक मजबूत नेता बताते हुए कहा कि दुनिया ने एक प्रभावशाली शख्सियत को खो दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हालात पर चिंता जताई। फिलहाल, प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। Read More Israel-Iran War: खामेनेई की हत्या, लखनऊ की सड़कों पर उतरा शिया समुदाय, तीन दिन के शोक का किया ऐलान

विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी हलचल तेज, अखिलेश यादव की मौजूदगी में नसीमुद्दीन सिद्दीकी सपा में हुए शामिल

UP Politics: राजधानी लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी मुख्यालय में क बड़ा राजनीतिक हेर-फेर देखने को मिला। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए आज उनकी सदस्यता की आधिकारिक घोषणा की गई। इस मौके पर तीन महिला नेत्रियों समेत कुल सात नेताओं ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण की है।

विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दल-बदल का दौर शुरू हो चुका है और इसी कड़ी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चर्चित मुस्लिम चेहरे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। सपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें माला पहनाकर औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कराया। इस दौरान उन्हें स्मृति चिह्न और अहिल्याबाई की तस्वीर भेंट कर स्वागत किया गया।

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Naseemuddin Siddiqui joins SP
Naseemuddin Siddiqui joins SP
बसपा के बाद अब सपा में नई पारी

नसीमुद्दीन सिद्दीकी इससे पहले Bahujan Samaj Party सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनका मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है। हाल ही में उन्होंने कांग्रेस छोड़ी थी, जिसके बाद उनके अगले कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे थे।

सपा में शामिल होते ही उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव से उनके पुराने रिश्ते हैं और वे उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

सपा की नीतियों की सराहना

सदस्यता ग्रहण करने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सपा सरकार के कार्यकाल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ता और छात्रों को लैपटॉप वितरण जैसी योजनाएं ऐतिहासिक कदम थीं। युवाओं को रोजगार देने का श्रेय भी उन्होंने सपा सरकार को दिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने शेरो-शायरी के जरिए कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की और “जय समाजवाद” के नारे के साथ अपनी बात समाप्त की।

अखिलेश यादव के सियासी तंज

इस अवसर पर अखिलेश यादव ने भी राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “आज हमारे पास फूल आ गए हैं, तो किसी का फूल मुरझाता जा रहा है।” इस दौरान उन्होंने कुछ नेताओं की भाषा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब वे बोलते हैं तो विवाद खड़ा हो जाता है। साथ ही, उन्होंने “सीएम” का नया अर्थ बताते हुए राजनीतिक कटाक्ष किया और प्रदेश व केंद्र सरकार पर भी टिप्पणी की।

सपा को मिला मजबूत मुस्लिम चेहरा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी के शामिल होने से सपा को एक प्रभावशाली मुस्लिम चेहरा मिला है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी पकड़ को देखते हुए आगामी चुनावी समीकरणों पर इसका असर पड़ सकता है।

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Parliament Budget Session 2026: लोकसभा में हंगामा जारी, कार्यवाही बार-बार स्थगित, राज्यसभा में बहस जारी

Parliament Budget Session 2026 – संसद के बजट सत्र का आज 10वां दिन भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी टकराव की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। लोकसभा से आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वक्तव्य को कथित तौर पर रिकॉर्ड से हटाए जाने के मुद्दे पर गतिरोध बरकरार है। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही आज भी दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई, जबकि राज्यसभा में शोरगुल के बीच कार्यवाही जारी है।

लोकसभा में स्थगन, विपक्ष का विरोध जारी

आपको बता दें कि सुबह 11 बजे शुरू हुई लोकसभा की कार्यवाही (Parliament Budget Session 2026) विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण बाधित रही। विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला को कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस सौंपते हुए महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग की। कांग्रेस समेत कई दलों का कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन नहीं कर रही और विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विपक्षी सांसद स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर भी विचार कर रहे हैं। हालांकि, इससे पहले 9 फरवरी को सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि ऐसा प्रस्ताव बजट सत्र के दूसरे चरण में लाया जा सकता है।

Parliament Budget Session 2026
Parliament Budget Session 2026
भाजपा महिला सांसदों की शिकायत

इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के व्यवहार पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 4 फरवरी को लोकसभा में विपक्षी सांसदों के आचरण से भाजपा के सांसद, विशेषकर महिला सांसद, काफी नाराज थीं। रिजिजू के अनुसार, भाजपा की महिला सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री की सीट के घेराव और सदन के वेल में घुसकर प्रदर्शन करने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि शारीरिक टकराव की नौबत आ सकती थी, लेकिन भाजपा सांसदों ने संयम बरता।

Parliament Budget Session 2026
राज्यसभा में बजट पर चर्चा

राज्यसभा में हालांकि हंगामे के बावजूद कामकाज जारी है। संभावना जताई जा रही है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज बजट 2026 पर हुई चर्चा का जवाब देंगी। वहीं, लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा की मांग उठाई है।

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Parliament Budget Session 2026

बजट चर्चा पर अनिश्चितता

लोकसभा में आज (Parliament Budget Session 2026) पर चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन लगातार हो रहे हंगामे के कारण इस पर संशय बना हुआ है। सोमवार को भी प्रश्नकाल बाधित रहा और अंततः दोपहर बाद पूरे दिन के लिए सदन स्थगित करना पड़ा था। स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की थी, लेकिन फिलहाल गतिरोध टूटता नजर नहीं आ रहा। Read More Parliament Budget Session 2026: लोकसभा में हंगामा जारी, कार्यवाही बार-बार स्थगित, राज्यसभा में बहस जारी

UP Budget 2026: यूपी बजट सत्र का हंगामेदार आगाज़, सदन में गूंजे ‘गो-बैक’ के नारे…

UP Budget 2026 – उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन बड़ी हलचल वाला रहा। यूपी विधानसभा का बजट सत्र (UP Budget 2026) आज से शुरू हो गया है, लेकिन उम्मीद के मुताबिक सत्र की शुरुआत शांतिपूर्ण नहीं रही। जैसे ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपना भाषण शुरू किया, विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। आखिर सदन के अंदर और बाहर आज क्या-क्या हुआ, आइए देखते हैं इस रिपोर्ट में।”

बजट सत्र का हंगामेदार आगाज़ 

आपको बता दें कि यूपी विधानसभा के बजट सत्र (UP Budget 2026) का आगाज़ काफी हंगामेदार रहा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सदन में पहुंचते ही विपक्षी दलों ने ‘गो-बैक’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। विपक्ष के इस भारी शोर-शराबे की वजह से सदन के भीतर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है और यहां हंगामा करना शोभा नहीं देता। उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि अगर उनके पास कोई जनता से जुड़ा मुद्दा है, तो वे शोर मचाने के बजाय उस पर चर्चा करें।

UP Budget 2026
रिपोर्ट में यूपी की तरक्की का पूरा ब्योरा

यही नहीं, मुख्यमंत्री ने आज एक ऐतिहासिक घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि राज्यपाल के भाषण के बाद सरकार पहली बार राज्य का ‘इकोनॉमिक सर्वे’ यानी आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने जा रही है। इस रिपोर्ट में यूपी की तरक्की का पूरा ब्योरा होगा। सीएम योगी का दावा है कि उनकी सरकार ने यूपी को पिछड़ेपन से निकालकर एक मजबूत अर्थव्यवस्था बना दिया है।

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UP Budget 2026
इकोनॉमिक सर्वे ही बजट चर्चा की बुनियाद

योगी आदित्यनाथ ने जोर देते हुए कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि सरकार ने उनके लिए क्या काम किया है। अब यह इकोनॉमिक सर्वे ही बजट चर्चा की बुनियाद बनेगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विपक्ष चर्चा में हिस्सा लेगा या फिर यह सत्र भी सिर्फ हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा?”

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Magh Mela 2026: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मनाने में जुटा प्रयागराज प्रशासन, माफी और प्रोटोकॉल पर बनी सहमति के संकेत

Magh Mela- ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद को शांत करने के लिए प्रयागराज जिला प्रशासन अब बैकफुट पर नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम में हुई अपनी चूक को स्वीकार करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को भी तैयार हो गया है। मामले को सुलझाने के लिए लखनऊ से शासन के दो वरिष्ठ अधिकारी मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं।

शंकराचार्य ने रखी दो स्पष्ट शर्तें

बता दें कि इस पूरे प्रकरण पर प्रशासन की कोशिशों के बावजूद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी वापसी को लेकर दो स्पष्ट शर्तें रखी हैं। पहली शर्त यह है कि जिन अधिकारियों द्वारा दुर्व्यवहार किया गया, वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। दूसरी शर्त के तहत संगम स्नान के दौरान चारों शंकराचार्यों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल को पूरी तरह लागू किया जाए।

शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी योगीराज सरकार ने पुष्टि की है कि शासन स्तर से संपर्क किया गया है और अधिकारी वाराणसी पहुंचने वाले हैं। उन्होंने कहा कि अब फैसला पूरी तरह प्रशासन के रवैये पर निर्भर करेगा।

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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
मौनी अमावस्या की घटना के बाद शुरू हुआ विवाद

इस विवाद की शुरुआत 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन हुई थी। संगम नोज तक पालकी ले जाने को लेकर शंकराचार्य के शिष्यों और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हो गई थी। प्रशासन ने बैरिकेडिंग तोड़ने का आरोप लगाया, जबकि शंकराचार्य पक्ष का कहना था कि उनके शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। घटना से आहत होकर शंकराचार्य पिछले 12 दिनों तक अपने शिविर में धरने पर बैठे रहे और बाद में नाराजगी जताते हुए माघ मेला छोड़कर वाराणसी चले गए थे।

माघी पूर्णिमा से पहले समाधान की कोशिश

शंकराचार्य का अचानक मेला छोड़ना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया। माघी पूर्णिमा का प्रमुख स्नान निकट होने के कारण सरकार किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहती। अधिकारियों का कहना है कि शंकराचार्य को पूरे सम्मान के साथ वापस लाया जाएगा और प्रोटोकॉल के अनुसार ही संगम स्नान कराया जाएगा। Read More Magh Mela 2026: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मनाने में जुटा प्रयागराज प्रशासन, माफी और प्रोटोकॉल पर बनी सहमति के संकेत

UP Cabinet Meeting: शिक्षकों को बड़ी राहत, अब मिलेगा कैशलेस इलाज, कैबिनेट बैठक में लगी कई अहम फैसलों पर मुहर

UP Cabinet Meeting- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक (UP Cabinet Meeting) में राज्य सरकार ने शिक्षकों और शिक्षा कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। कैबिनेट ने प्रदेश के करीब 11.92 लाख शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह सुविधा राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लागू की जाएगी।

UP Cabinet Meeting
UP Cabinet Meeting
माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी लाभ

बता दें कि कैबिनेट बैठक (UP Cabinet Meeting) में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 2.97 लाख से अधिक कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मंजूरी दी गई। इस पर सरकार को 89.25 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। हालांकि, जो कर्मचारी पहले से किसी सरकारी स्वास्थ्य योजना से आच्छादित हैं, उन्हें इसका अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते वर्ष 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) के अवसर पर शिक्षकों को कैशलेस इलाज देने की घोषणा की थी, जिसे अब कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है।

इस फैसले से शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया समेत शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कार्मिक लाभान्वित होंगे। योजना के क्रियान्वयन पर सरकार को करीब 358.61 करोड़ रुपये का व्यय भार आएगा।

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Big relief for teachers
Big relief for teachers
कैबिनेट में 30 प्रस्ताव पास

बैठक (UP Cabinet Meeting) में कुल 32 प्रस्तावों में से 30 को मंजूरी दी गई, जबकि 14वें और 17वें प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया गया। इलके साथ ही कई अन्य प्रमुख फैसले पर भी मुहर लगाई गई, जिनमें शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को स्वीकृति मिली, भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की प्रक्रिया सरल होगी। बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना की जाएगी। विकास शुल्क के संशोधित दरें लागू होंगी।

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Cashless Treatment
Cashless Treatment
आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास

कैबिनेट (UP Cabinet Meeting) ने आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को भी मंजूरी दी। बहराइच के परतापुर समेत अन्य गांवों में प्रभावित परिवारों को भूमि पट्टा और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए जाएंगे। कुल 136 परिवारों को पुनर्वास का लाभ मिलेगा, साथ ही खेती के लिए भी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

CM फेलो को प्रतियोगी परीक्षाओं में राहत

सरकार ने सीएम फेलो को यूपीपीएससी और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में अधिकतम तीन वर्ष की आयु सीमा छूट और अतिरिक्त अंक देने का फैसला किया है। सेवा अवधि के आधार पर मुख्य परीक्षा में अधिमान अंक भी मिलेंगे। इससे युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर बढ़ेगा।

तीन वर्ष की वकालत का अनुभव अनिवार्य

कैबिनेट ने पीसीएस (न्यायिक) भर्ती नियमों में संशोधन करते हुए अब तीन वर्ष की वकालत का अनुभव अनिवार्य कर दिया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की संस्तुति के आधार पर लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे न्यायिक सेवा की भर्ती प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व मजबूत होगी। Read More UP Cabinet Meeting: शिक्षकों को बड़ी राहत, अब मिलेगा कैशलेस इलाज, कैबिनेट बैठक में लगी कई अहम फैसलों पर मुहर

यूपी सरकार का बड़ा एक्शन, बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री निलंबित

BE NEWS – उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। निलंबन के साथ ही उन्हें जांच पूरी होने तक शामली के कलेक्टर कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच बरेली मंडलायुक्त को सौंपी गई है।

प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया है।निलंबन के साथ ही उन्हें शामली स्थित कलेक्टर कार्यालय से अटैच कर पूरे प्रकरण की जांच बरेली मंडलायुक्त को सौंपी गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी दिन सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी थी।उन्होंने अपने इस्तीफे में केंद्र और राज्य सरकार की कुछ नीतियों, विशेष रूप से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों तथा प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ माघ मेले से जुड़े घटनाक्रम को लेकर नाराजगी जाहिर की थी।

Alankar Agnihotri

इस्तीफे में लगाए गंभीर आरोप

अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल और निर्वाचन आयोग को भेजे गए सात पन्नों के इस्तीफे में लिखा कि देश में अब न तो जनतंत्र बचा है और न ही गणतंत्र, बल्कि “भ्रमतंत्र” कायम है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे आरोप लगाते हुए यूजीसी के नए कानून का भी खुलकर विरोध किया।अपने पत्र में उन्होंने खुद को उत्तर प्रदेश सिविल सेवा (2019 बैच) का अधिकारी बताते हुए कहा कि प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दौरान शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि बटुक ब्राह्मण को जमीन पर गिराकर उसकी शिखा पकड़कर घसीटा गया, जो धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा का घोर उल्लंघन है।

ब्राह्मण विरोधी मानसिकता का आरोप

इस्तीफे में अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि यह घटना प्रशासन और सरकार की ब्राह्मण विरोधी सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि साधु-संतों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिससे समाज में गहरा आक्रोश है।

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Alankar Agnihotri
Alankar Agnihotri

पोस्टर के साथ तस्वीर वायरल

सोशल मीडिया पर सिटी मजिस्ट्रेट की एक तस्वीर भी वायरल हुई, जिसमें वह हाथ में पोस्टर लिए नजर आए। पोस्टर पर लिखा था- “UGC Roll Back… काला कानून वापस लो। शंकराचार्य और संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।”

45 मिनट तक बंधक बनाकर रखने का आरोप

इस्तीफे के बाद अलंकार अग्निहोत्री डीएम आवास पहुंचे, जहां करीब एक घंटे तक रहने के बाद बाहर निकलकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि उन्हें 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया और लखनऊ से आए एक फोन कॉल पर उन्हें अपशब्द कहे गए। उन्होंने दावा किया कि यह सब एक साजिश के तहत किया गया।

 

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज

इस पूरे प्रकरण पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार शंकराचार्य को जानबूझकर परेशान कर रही है। वहीं भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “मैं न तो उन्हें जानता हूं और न ही उनके बारे में सुना है। कई लोग राजनीति में आने के लिए ऐसे बहाने ढूंढते हैं।”

इस्तीफा वापस लेने की मांग

कर्मचारी कल्याण सेवा समिति सहित कई संगठनों ने अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और सरकार से इस्तीफा वापस कराने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि यदि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो आंदोलन किया जाएगा।

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77th Republic Day 2026: ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने शुभांशु शुक्ला, द्रौपदी मुर्मू ने ‘अशोक चक्र’ से किया सम्मानित

77th Republic Day 2026 – गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनकी वीरता का प्रतीक है, बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की एक नई उड़ान की पहचान भी है।

IAF ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अशोक चक्र से हुए सम्मानित, कर्तव्य पथ ...

ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय 

आपको बता दें कि नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को   ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्हें ऐतिहासिक एक्सिओम-4 मिशन के तहत यह गौरव प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने 18 दिन तक अंतरिक्ष में बिताए। इस मिशन में अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भाग लिया। शुभांशु शुक्ला के अलावा मिशन में तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भी शामिल थे।

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भारतीय वीर शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष उड़ान, तैयारियां पूरी, काउंटडाउन ...

भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक नई उपलब्धि

ग्रुप कैप्टन शुक्ला का अंतरिक्ष में कदम रखना भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक नई उपलब्धि है। उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री बने थे। 41 साल बाद भारत ने फिर से अंतरिक्ष में अपने नागरिक को भेजा।

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शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अशोक चक्र से किया ...

जून 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल

लखनऊ के रहने वाले शुभांशु शुक्ला ने जून 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल होकर विभिन्न लड़ाकू विमानों का अनुभव प्राप्त किया। उनके पास Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier और AN-32 सहित कई विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान का रिकॉर्ड है। एक्सिओम-4 मिशन में उन्होंने पायलट की भूमिका निभाई और मिशन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ग्रुप कैप्टन शुक्ला के इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन और वीरता पुरस्कार ने पूरे देश को गर्वित कर दिया। इस मौके पर देशवासियों ने उनके साहस और योगदान को सराहा। Read More 77th Republic Day 2026: ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने शुभांशु शुक्ला, द्रौपदी मुर्मू ने ‘अशोक चक्र’ से किया सम्मानित

Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस पर लखनऊ में सीएम योगी ने फहराया तिरंगा, देशवासियों को दी शुभकामनाएं

Republic Day 2026: देशभर के साथ राजधानी लखनऊ में भी 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कालीदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तिरंगे को सलामी दी।

देशवासियों को गणतंत्र दिवस पर दीं शुभकामनाएं 

आपको बता दें कि सीएम योगी ने राजधानी लखनऊ में इस मौके पर प्रदेशवासियों और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान की गूंज से पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया। तिरंगा फहराने के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि, ” संविधान ने अनेक उतार- चढ़ाव देखे हैं फिर भी आज भारत मजबूत हुआ ”

76 वर्षों की यात्रा में भारतीय संविधान

आगे उन्होंने कहा कि पिछले 76 वर्षों की यात्रा में भारतीय संविधान ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन इसके बावजूद देश ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक आज हर भारतवासी राष्ट्रीय एकता, अखंडता और गौरव के भाव के साथ नए भारत के निर्माण में सहभागी बन रहा है।

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गणतंत्र दिवस पर महापुरुषों को किया नमन

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन करते हुए कहा कि, “उनके नेतृत्व में चले स्वतंत्रता आंदोलन ने भारत को आज़ादी दिलाई। उन्होंने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित उन सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।”

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राजधानी में देशभक्ति का माहौल

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ में विभिन्न स्थानों पर रंगारंग कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरा शहर देशभक्ति के नारों और तिरंगे के रंग में सराबोर नजर आया। Read More Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस पर लखनऊ में सीएम योगी ने फहराया तिरंगा, देशवासियों को दी शुभकामनाएं

UP Mock Drill: उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सायरन बजते ही होगा आज ब्लैकआउट, शाम 6 बजे यूपी सुरक्षा का ‘शक्ति परीक्षण’

UP Mock Drill – उत्तर प्रदेश में आज शाम 6 बजे प्रदेश के सभी जिलों में 10 मिनट के लिए बिजली सप्लाई अस्थाई रुप से बंद कर ही जाएगी। ये ब्लैक आउट सिर्फ एक अभ्यास है, जिसको लेकर योगी सरकार ने लोगों से सहयोग करने की अपील की है।

प्रदेश के सभी 75 जिलों में बिजली सप्लाई बंद 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में आज शाम सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के अभ्यास के तहत बड़ा मॉक ड्रिल किया जाएगा। शाम 6 बजे से प्रदेश के सभी 75 जिलों में लगभग 10 मिनट के लिए बिजली की सप्लाई अस्थायी रूप से बंद रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई आपात स्थिति नहीं है, बल्कि सिर्फ एक अभ्यास है।

सरकार के मुताबिक, इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध, आतंकवादी हमला, हवाई खतरा, बड़ी आग या प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में प्रशासन और जनता कितनी जल्दी और सही तरीके से प्रतिक्रिया दे पाती है।

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मॉक ड्रिल का कार्यक्रम
  • शाम 6 बजे से पहले अलग-अलग जिलों में सायरन बजाए जाएंगे।

  • इसके बाद लगभग 10 मिनट तक प्रदेशभर में बिजली बंद रहेगी।

  • पुलिस, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों को पूरी तरह अलर्ट रखा जाएगा।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ में मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे, जो पुलिस लाइंस में आयोजित किया जाएगा।

इस दौरान यह देखा जाएगा कि आपात स्थिति में पुलिस कितनी तेजी से मौके पर पहुंचती है, राहत और बचाव कार्य कैसे किए जाते हैं, और घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

अभ्यास में प्रशासन का समर्थन करने की अपील

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि ब्लैकआउट के दौरान घबराए नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। लोगों से कहा गया है कि वे घरों की लाइट बंद रखें, बेवजह बाहर न निकलें और इस अभ्यास में प्रशासन का पूरा समर्थन दें।

सरकार का मानना है कि इस तरह के अभ्यास से प्रशासन की कमियों का पता चलता है और समय रहते सुधार किया जा सकता है। भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में यह कदम जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद करेगा। Read More UP Mock Drill: उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सायरन बजते ही होगा आज ब्लैकआउट, शाम 6 बजे यूपी सुरक्षा का ‘शक्ति परीक्षण’