I-PAC मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची ED, ममता बनर्जी समेत कई शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ की FIR की मांग

BE NEWS – प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक माहौल गरमा गया है। ईडी ने पश्चिम बंगाल में की गई छापेमारी मामले को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

मनी लॉन्ड्रिंग जांच में बाधा डालने का आरोप

दरअसल I-PAC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। ED ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि I-PAC से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान राज्य सरकार और शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने जानबूझकर जांच में रुकावट डाली। एजेंसी का कहना है कि रेड के समय अधिकारियों ने सहयोग करने के बजाय जांच प्रक्रिया को बाधित किया।

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सबूतों से छेड़छाड़ और जांच में रुकावट का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय ने यह भी आरोप लगाया है कि राज्य की मशीनरी का इस्तेमाल कर सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई और कुछ अहम साक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया। याचिका में ED ने कहा कि कानून के रखवाले ही अपराध में भागीदार बन गए, जिससे निष्पक्ष जांच पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में ED ने कहा कि जांच एजेंसी को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करने से रोका गया। एजेंसी का दावा है कि राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने पद और शक्ति का दुरुपयोग करते हुए जांच में सीधी दखलअंदाजी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए ED ने सुप्रीम कोर्ट से CBI जांच कराने की मांग भी की है।

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 आखिर क्या है पूरा मामला

बीते  गुरुवार को ईडी ने पश्चिम बंगाल समेत देश के 15 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कोलकाता स्थित राजनीतिक रणनीति बनाने वाली कंपनी आईपैक (I-PAC) का दफ्तर भी शामिल था। आईपैक कार्यालय पर छापे की खबर मिलते ही खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंच गईं। जहां से वह कुछ फाइलें अपने साथ लेकर चली गई। जिसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार पर एजेंसियों के जरिए उनकी पार्टी की निजी और राजनीतिक जानकारी चुराने का गंभीर आरोप लगाया था। इस छापेमारी के विरोध में दिल्ली में भी तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया था। Read More I-PAC मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची ED, ममता बनर्जी समेत कई शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ की FIR की मांग

लखनऊ: जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं जनसमस्याएं, कहा- “भूमाफिया व दबंगों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाई”

BE NEWS – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक प्रार्थी से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। आमजनों के प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं है।

भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम योगी ने प्रत्येक फरियादी के प्रार्थना पत्र स्वयं लेकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध कब्जा, दबंगई और भूमाफियाओं की गतिविधियां किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी है और नियमित रूप से होती रहेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ ही लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार आपकी समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

 शीघ्रता से निस्तारण का दिया निर्देश

मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ वादी जमीन कब्जा व मारपीट आदि की शिकायत लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हर एक व्यक्ति के पास पहुंचकर उसकी शिकायत सुनी, प्रार्थना पत्र लिया, फिर अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद स्तर पर कानून व राजस्व के प्रकरण में तेजी से सुनवाई करते हुए इसका निस्तारण किया जाए। कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में है। इसमें हीला-हवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और जनपद, मंडल, रेंज व जोन के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि दबंगों व भूमाफिया के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखें।

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इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता दे रही सरकार

जनता दर्शन में पहुंचकर गंभीर बीमारी से जूझ रहे कुछ पीड़ितों ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। जिसको लेकर सीएम योगी ने कहा कि, सरकार इलाज के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। आप भी हॉस्पिटल से जल्द एस्टिमेट बनवाकर दें, एस्टिमेट मिलते ही आपके इलाज में सरकार तुरंत आर्थिक मदद करेगी। धन के अभाव में इलाज नहीं रुकेगा।

नौनिहालों को सीएम योगी ने किया दुलार

जनता दर्शन में कई बच्चे भी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे। नन्हे-मुन्ने बच्चों के सामने सीएम योगी का बालप्रेम फिर उमड़ पड़ा। उन्होंने बच्चों का हाल जाना, उन्हें दुलारा-पुचकारा और चॉकलेट दी। सीएम ने अभिभावकों से कहा कि ठंड में बच्चों का विशेष ध्यान रखें। यह अपनत्वपूर्ण भाव सुनकर अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। Read More लखनऊ: जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं जनसमस्याएं, कहा- “भूमाफिया व दबंगों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाई”

ED रेड के बाद बंगाल से दिल्ली तक मचा सियासी घमासान, ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला, TMC का गृह मंत्रालय के सामने धरना

BE NEWS – ईडी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल समेत कुल 15 जगहों पर छापेमारी की थी। जिसमें वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आईटी प्रमुख और आईपीएसी प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और सॉल्ट लेक स्थित ऑफिस पर भी छापेमारी की गयी। इस कार्रवाई के बाद राजनैतिक माहौल और गरमा गया, और टीएमसी सांसदों ने गृह मंत्रालय के सामने धरना दिया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे 8 सांसदों को हिरासत में ले लिया है।

पश्चिम बंगाल समेत देश के 15 ठिकानों पर छापेमारी

आपको बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक माहौल गरमा गया है। गुरुवार को ईडी ने पश्चिम बंगाल समेत देश के 15 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कोलकाता स्थित राजनीतिक रणनीति बनाने वाली कंपनी आईपैक (I-PAC) का दफ्तर भी शामिल था। इस कार्रवाई के बाद मामला पूरी तरह सियासी रंग लेता दिख ।

आईपैक कार्यालय पर छापे की खबर मिलते ही खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंच गईं। बताया जा रहा है कि वह कुछ फाइलें अपने साथ लेकर ऑफिस से बाहर निकलीं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए उनकी पार्टी की निजी और राजनीतिक जानकारी चुराने की कोशिश की जा रही है।

पूरे बंगाल में प्रदर्शन का ऐलान

ईडी की कार्रवाई से नाराज़ ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पूरे पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।

ED के खिलाफ FIR, कोलकाता में दो मामले दर्ज

विवाद और तेज तब हो गया जब कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी के खिलाफ दो अलग-अलग पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराई। टीएमसी का आरोप है कि एजेंसी ने नियमों का उल्लंघन किया और राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई की।

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दिल्ली में TMC का प्रदर्शन

दिल्ली में भी तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई टीएमसी सांसदों को हिरासत में लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचाया।

अमित शाह पर सवाल

टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमित शाह को निशाने पर लेते हुए सवाल उठाया कि क्या अब लोकतंत्र को कुचलने के लिए दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल चुने हुए प्रतिनिधियों के खिलाफ किया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि असहमति की आवाज को दबाया जा रहा है। Read More ED रेड के बाद बंगाल से दिल्ली तक मचा सियासी घमासान, ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला, TMC का गृह मंत्रालय के सामने धरना

ED Raids: टीएमसी के आईटी प्रमुख के घर ईडी की छापेमारी, मौके पर पहुंचीं सीएम ममता बनर्जी, लगाएं गंभीर आरोप..

BE NEWS – प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आईटी प्रमुख और आईपीएसी प्रमुख प्रतीक जैन के आवास सॉल्ट लेक स्थित ऑफिस पर छापेमारी की। छापेमारी की सूचना मिलते ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं मौके पर पहुंचीं और केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया हैं।

संगठन संबधी डेटा जब्त करने की कोशिश का 

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। उससे पहले ही सियासी हलचल तेज हो चुकी है, इसी बीच 8 जनवरी 2026 को कोलकाता में टीएमसी के I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और सॉल्ट लेक ऑफिस पर ED ने रेड मारी है। जिस पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ईडी के अधिकारी छापेमारी के दौरान टीएमसी से जुड़े हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज और संगठन संबधी डेटा जब्त करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि इन दस्तावेजों में विधानसभा चुनावों से संबंधित संवेदनशील जानकारी मौजूद थी। उसके बाद आईपैक दफ्तर में मौजूद कुछ फाइलों को उठाकर ममता बनर्जी की गाड़ी में रखा।

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दस्तावेज भाजपा को सौंपने की मंशा

सीएम ममता ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए कहा कि, यह पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीतिक दलों के आईटी प्रमुखों के घरों पर छापेमारी कराना केंद्रीय गृह मंत्री का काम है। ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि जब्त किए जाने वाले दस्तावेज भाजपा को सौंपने की मंशा से एकत्र किए जा रहे थे।

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केंद्रीय एजेंसी की जांच में सीधा हस्तक्षेप

वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने छापेमारी की जगह पर मुख्यमंत्री के पहुंचने पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे अनैतिक, असंवैधानिक और केंद्रीय एजेंसी की जांच में सीधा हस्तक्षेप करार दिया। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि इस मामले में ईडी को सीएम के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए।

छह राज्यों में कुल 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान

उधर ईडी ने स्पष्ट किया है कि यह छापेमारी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर की गई कथित धोखाधड़ी के एक मामले की जांच के तहत की गई है। एजेंसी के अनुसार, इस मामले में देश के छह राज्यों में कुल 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया है। इसमें इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (IPC) का कोलकाता स्थित कार्यालय भी शामिल है। ईडी का दावा है कि एक संगठित गिरोह फर्जी नौकरियां दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा था, जिसकी जांच जारी है। Read More ED Raids: टीएमसी के आईटी प्रमुख के घर ईडी की छापेमारी, मौके पर पहुंचीं सीएम ममता बनर्जी, लगाएं गंभीर आरोप..

दिल्ली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की पीएम मोदी से अहम मुलाकात, यूपी में कैबिनेट विस्तार की अटकलें हुई तेज

BE NEWS – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर पीएम मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों दिल्ली दौरे पर हैं, जिसके चलते आज सोमवार को सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद उनकी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर सकते है। इन उच्चस्तरीय बैठकों के चलते यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कैबिनेट विस्तार को लेकर लंबी बैठक

सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ कैबिनेट विस्तार को लेकर लंबी बैठक हुई थी। माना जा रहा है कि उसी बैठक के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सीएम योगी दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं से संवाद कर रहे हैं।

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यूपी कैबिनेट विस्तार पर भी चर्चा होने की संभावना

इसी क्रम में आज सीएम योगी की भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात संभव है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह नितिन नबीन के साथ सीएम योगी की पहली औपचारिक मुलाकात होगी। इस बैठक में संगठन और सरकार के बीच यूपी कैबिनेट विस्तार पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर तस्वीरें की साझा 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सीएम योगी के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा की है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में लंबे समय से कैबिनेट विस्तार की अटकलें लगाई जा रही हैं। भाजपा के प्रदेश संगठन में हालिया बदलावों के बाद यह माना जा रहा है कि पार्टी नए समीकरण साधने की तैयारी में है। Read More दिल्ली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की पीएम मोदी से अहम मुलाकात, यूपी में कैबिनेट विस्तार की अटकलें हुई तेज

पश्चिम बंगाल में चुनाव कर्मियों की सुरक्षा पर सख्त हुआ चुनाव आयोग, टीएमसी को दी कड़ी चेतावनी

BE NEWS – पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच चुनाव आयोग ने चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी चुनाव कर्मी को डराने, धमकाने या दबाव में लेने की कोशिश बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी।

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

आपको बता दें कि हाल ही पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की थी। इस बैठक के बाद उठे आरोप-प्रत्यारोपों के बीच आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और कर्मियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आयोग ने टीएमसी को चेतावनी दी कि यदि चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को किसी भी स्तर पर धमकाया गया, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।

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मानदेय का तुरंत भुगतान करने के निर्देश

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया है कि बीएलओ को स्वीकृत बढ़ा हुआ मानदेय बिना किसी देरी के तुरंत जारी किया जाए। आयोग ने कहा कि बीएलओ चुनावी व्यवस्था की बुनियाद होते हैं और उनके साथ किसी भी तरह की अनदेखी चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती है। आयोग के अनुसार, मानदेय बढ़ाने को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है, अब इसे लागू करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

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मतदाताओं की सुविधा के लिए नए कदम

आयोग ने यह भी जानकारी दी कि मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने के लिए ऊंची आवासीय इमारतों, गेटेड कॉलोनियों और झुग्गी-बस्तियों में भी मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग करने में किसी तरह की असुविधा न हो और मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो।

राजनीतिक दबाव बर्दाश्त नहीं

चुनाव आयोग ने दो टूक कहा कि राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कार्यकर्ता या स्थानीय प्रतिनिधि चुनाव कर्मियों पर किसी तरह का दबाव न डालें। आयोग ने स्पष्ट किया कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आयोग ने दोहराया कि वह स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि चुनाव कर्मियों को बिना किसी डर के अपना दायित्व निभाने का अवसर मिल सके और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का भरोसा बना रहे। Read More पश्चिम बंगाल में चुनाव कर्मियों की सुरक्षा पर सख्त हुआ चुनाव आयोग, टीएमसी को दी कड़ी चेतावनी

तीन बार बांग्लादेश की पीएम रहीं खालिदा जिया का कैसा रहा राजनैतिक सफर, पति की हत्या के बाद रखा था राजनीति में कदम..

BE NEWS – बांग्लादेश की राजनीति की दिग्गज नेता और तीन बार देश की प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया का 30 दिसंबर दिन मंगलवार को 80 वर्ष की आयु में ढाका के एवर केयर अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह लंबे समय से किडनी, लिवर सिरोसिस, हृदय रोग व कई अन्य बीमारियों से जुझ रही थीं। वे न केवल बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं, बल्कि दक्षिण एशिया की चुनिंदा महिलाओं में शामिल रहीं।

2018 में भ्रष्टाचार के मामलों में मिली थी सजा

आपको बता दें कि खालिदा जिया 2018 में भ्रष्टाचार के मामलों में सजा के चलते लंबे समय तक जेल में रहीं। अगस्त 2024 में, जब शेख हसीना की सरकार का पतन हुआ, तब उन्हें जेल से रिहा किया गया। उस समय उनकी सेहत लगातार खराब चल रही थी। इलाज के लिए वे जनवरी 2025 में लंदन गईं। जहां कुछ महीनों तक उपचार के बाद उनकी तबियत में सुधार हुआ और मई 2025 में वे वापस बांग्लादेश लौट आईं। हालांकि नवंबर 2025 में उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों ने विदेश ले जाने की सलाह दी, लेकिन अधिक जोखिम के कारण परिजनों ने उन्हें देश में ही रखने का फैसला किया।

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आम चुनाव के लिए नामांकन

अपने स्वास्थ्य के बावजूद खालिदा जिया राजनीति से पूरी तरह दूर नहीं हुई थीं। उन्होंने हाल ही में आम चुनाव के लिए नामांकन भी भरा था। लेकिन नामांकन के अगले ही दिन, फज्र की नमाज के बाद उनका निधन हो गया, जिससे देश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई।

परिवार और राजनीतिक विरासत

खालिदा जिया की राजनीतिक विरासत अब अगली पीढ़ी को सौंपे जाने की कगार पर है। उनके बेटे तारिक रहमान ने 17 साल बाद विदेश से लौटकर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की कमान संभाली है। वहीं उनकी पोती जायमा रहमान भी राजनीति में आने की तैयारी कर रही हैं।

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 तीन बार बनीं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री

खालिदा जिया BNP की अध्यक्ष रहीं और तीन बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं। पहली बार मार्च 1991 से फरवरी 1996 तक दूसरी बार 1996 में कुछ हफ्तों के लिए, इसके बाद तीसरी बार अक्टूबर 2001 से अक्टूबर 2006 पीएम बनीं। वे बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और मुस्लिम देशों में पाकिस्तान की बेनजीर भुट्टो के बाद दूसरी महिला प्रधानमंत्री का दर्जा मिला।

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निजी जीवन से राजनीति तक सफर

खालिदा जिया बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया का जन्म 15 अगस्त 1945 को हुआ था। उनके पति जियाउर रहमान बांग्लादेश के राष्ट्रपति थे, जिनकी 1981 में हत्या कर दी गई थी। पति की मौत के बाद ही खालिदा जिया ने राजनीति में कदम रखा और उनकी पार्टी की बागडोर संभाली। इसके बाद उन्होंने दशकों तक बांग्लादेश की राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाई। खालिदा जिया का जाना केवल एक नेता का जाना नहीं है, बल्कि बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत है। Read More तीन बार बांग्लादेश की पीएम रहीं खालिदा जिया का कैसा रहा राजनैतिक सफर, पति की हत्या के बाद रखा था राजनीति में कदम..

बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया का निधन, पीएम मोदी ने शोक व्यक्त कर 2015 में हुई मुलाकात को किया याद

BE NEWS – बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालीदा जिया की 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रही थी। 30 दिसंबर को सुबह 6 बजे ढाका के एवर केयर अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उसके निधन पर पीएम मोदी ने शोक व्यक्त किया है।

बीएनपी के लिए एक बड़ा झटका

आपको बता दें कि बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया का 30 दिसंबर दिन मंगलवार को 80 वर्ष की आयु में ढाका के एवर केयर अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह लंबे समय से किडनी, लिवर सिरोसिस, हृदय रोग व कई अन्य बीमारियों से जुझ रही थीं। उनको 23 नवंबर को सांस लेने की बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आज सुबह इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। चुनाव के ठीक पहले उनका जाना बीएनपी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। उनके निधन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। इस दौरान उन्होंने उनके साथ 2015 में हुई मुलाकात को याद किया।

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Khaleda Zia | Biography & Facts | Britannica

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर किया पोस्ट

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, “पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के ढाका में निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। हम उनकी परिवार और बांग्लादेश के सभी लोगों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट करते हैं। ईश्वर उनके परिवार को इस दुखद नुकसान को सहने की शक्ति प्रदान करें।”

उनके महत्वपूर्ण योगदान को किया याद 
आगे उन्होंने कहा कि, “बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में, बांग्लादेश के विकास और भारत-बांग्लादेश संबंधों में उनके महत्वपूर्ण योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मुझे 2015 में ढाका में उनसे हुई मेरी भेंट याद है। हमें उम्मीद है कि उनका दृष्टिकोण और विरासत हमारे सहयोग का मार्गदर्शन करती रहेगी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।”
महाराष्ट्र की रीजनीति में बड़ा फेरबदल, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे 20 साल बाद फिर एक साथ

BE NEWS – उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने 20 साल बाद एक बार फिर से साथ आ गए है। जिसके बाद दोनों भाईयों ने बीएमसी का चुनाव साथ लड़ने का ऐलान किया है। महाराष्ट्र की सियासत में ये बड़ा फेरबदल बीजेपी व शिंदे गठबंधन के मुश्किलें बढ़ा सकता है।

20 साल बाद एक बार फिर से साथ

आपको बता दें कि महाराष्ट्र की रीजनीति में एक बार फिर से फेरबदल देखने को मिल रहा है। ठाकरे बंधुओं ने बड़ा फैसला लेकर सबको चौंका दिया है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने 20 साल बाद एक बार फिर से साथ आने का फैसला किया है। जिसके बाद शिवसेना (UBT) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने बीएमसी का चुनाव साथ लड़ने का ऐलान किया है।

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साल 2006 में अलग हुए थे राज ठाकरे

राज ठाकरे साल 2006 में शिवसेना से अलग हुए थे। तब से दोनों भाई अलग-अलग राजनीतिक रास्तों पर थे और पिछले दो दशकों में मराठी वोट बैंक बंटता रहा, जिसका फायदा अक्सर दूसरी पार्टियों को मिलता था। अब दोनों का एक मंच पर आना न सिर्फ ठाकरे परिवार के लिए, बल्कि पूरी महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है।

एक साथ रहने के लिए साथ आए हैं- उद्धव ठाकरे

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, “आज हम दोनों भाई साथ हैं। हमारी सोच एक है। हम एक साथ आए हैं और एक साथ रहने के लिए आए हैं। संयुक्त महाराष्ट्र की लड़ाई के लिए हम साथ हैं। यह महाराष्ट्र के लिए बड़ा संघर्ष है।”

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भाजपा पर साधा निशाना 

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में बैठे कुछ लोग मुंबई को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उद्धव ठाकरे ने चेतावनी दी कि अगर मुंबई को महाराष्ट्र या मराठी मानुस से अलग करने की कोशिश की गई, तो उसका राजनीतिक रूप से करारा जवाब दिया जाएगा। यह शपथ लेकर ही हम साथ आये है। उन्होंने कहा कि यह समय आपसी लड़ाई का नहीं, बल्कि एकजुट होने का है। Read More महाराष्ट्र की रीजनीति में बड़ा फेरबदल, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे 20 साल बाद फिर एक साथ

जर्मनी दौरे पर राहुल गांधी ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- ” जांच एजेंसियों को केंद्र हथियार के रुप में…”

BE NEWS – काग्रेंस नेता राहुल गांधी इस समय जर्मनी दौरे पर हैं। जहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर जांच एंजेसियों को हथियार के रुप में इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया।

लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला

आपको बता दें कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी पांच दिवसीय यात्रा पर जर्मनी दौरे पर पहुंचे हैं। जहां बर्लिन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को एक बार फिर से आड़े हाथ लिया। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि, जांच एजेंसियों को केंद्र हथियार के रुप में इस्तेमाल कर रही है। जिससे कि ये दिख रहा है कि भारत के व्यापारी विपक्षी दलों के बजाय भाजपा को आर्थिक मदद दे रहे हैं। राहुल गांधी ने इसको लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला बताया।

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खुफिया एजेंसियों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल

राहुल गांधी ने कहा कि, बीजेपी प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का कर रही है। इन खुफिया एजेंसियों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो के पास BJP के खिलाफ जीरो मामले हैं। जबकि अधिकतर मामले उन लोगों के खिलाफ है जो लोग उनका विरोध करते है। राहुल ने ‘वोट चोरी’ का मुद्दा भी उठाया और भारत की चुनाव प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। Read More जर्मनी दौरे पर राहुल गांधी ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- ” जांच एजेंसियों को केंद्र हथियार के रुप में…”