UP Cabinet Meeting: शिक्षकों को बड़ी राहत, अब मिलेगा कैशलेस इलाज, कैबिनेट बैठक में लगी कई अहम फैसलों पर मुहर

UP Cabinet Meeting- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक (UP Cabinet Meeting) में राज्य सरकार ने शिक्षकों और शिक्षा कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। कैबिनेट ने प्रदेश के करीब 11.92 लाख शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह सुविधा राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लागू की जाएगी।

UP Cabinet Meeting
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माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी लाभ

बता दें कि कैबिनेट बैठक (UP Cabinet Meeting) में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 2.97 लाख से अधिक कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मंजूरी दी गई। इस पर सरकार को 89.25 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। हालांकि, जो कर्मचारी पहले से किसी सरकारी स्वास्थ्य योजना से आच्छादित हैं, उन्हें इसका अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते वर्ष 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) के अवसर पर शिक्षकों को कैशलेस इलाज देने की घोषणा की थी, जिसे अब कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है।

इस फैसले से शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया समेत शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कार्मिक लाभान्वित होंगे। योजना के क्रियान्वयन पर सरकार को करीब 358.61 करोड़ रुपये का व्यय भार आएगा।

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Big relief for teachers
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कैबिनेट में 30 प्रस्ताव पास

बैठक (UP Cabinet Meeting) में कुल 32 प्रस्तावों में से 30 को मंजूरी दी गई, जबकि 14वें और 17वें प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया गया। इलके साथ ही कई अन्य प्रमुख फैसले पर भी मुहर लगाई गई, जिनमें शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को स्वीकृति मिली, भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की प्रक्रिया सरल होगी। बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना की जाएगी। विकास शुल्क के संशोधित दरें लागू होंगी।

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Cashless Treatment
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आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास

कैबिनेट (UP Cabinet Meeting) ने आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को भी मंजूरी दी। बहराइच के परतापुर समेत अन्य गांवों में प्रभावित परिवारों को भूमि पट्टा और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए जाएंगे। कुल 136 परिवारों को पुनर्वास का लाभ मिलेगा, साथ ही खेती के लिए भी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

CM फेलो को प्रतियोगी परीक्षाओं में राहत

सरकार ने सीएम फेलो को यूपीपीएससी और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में अधिकतम तीन वर्ष की आयु सीमा छूट और अतिरिक्त अंक देने का फैसला किया है। सेवा अवधि के आधार पर मुख्य परीक्षा में अधिमान अंक भी मिलेंगे। इससे युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर बढ़ेगा।

तीन वर्ष की वकालत का अनुभव अनिवार्य

कैबिनेट ने पीसीएस (न्यायिक) भर्ती नियमों में संशोधन करते हुए अब तीन वर्ष की वकालत का अनुभव अनिवार्य कर दिया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की संस्तुति के आधार पर लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे न्यायिक सेवा की भर्ती प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व मजबूत होगी। Read More UP Cabinet Meeting: शिक्षकों को बड़ी राहत, अब मिलेगा कैशलेस इलाज, कैबिनेट बैठक में लगी कई अहम फैसलों पर मुहर

Lucknow: योगी सरकार की बड़ी पहल, गोवंश के लिए दो वर्षों में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर होगा हरा चारा उत्पादन

BE NEWS – उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पशु कल्याण और गोवंश संरक्षण को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है। गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में गोचर एवं चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है।

35 हजार हेक्टेयर पर होगा हरा चारा उत्पादन

बता दें कि सीएम योगी की इस पहल का सकारात्मक असर अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश में उपलब्ध कुल 61118.815 हेक्टेयर गोचर एवं चारागाह भूमि है। जिसमें 7140.37 हेक्टर चारागाह की भूमि को कब्जा मुक्त करके हरा चारा उत्पादन किया जा रहा है।यह प्रयास न केवल पशुओं के पोषण स्तर को बेहतर बना रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।

योगी सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। आने वाले दो वर्षों में 35000 हेक्टेयर कब्जामुक्त एवं सिंचित चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन कराया जाएगा। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि प्रदेश में 1691.78 हेक्टेयर क्षेत्र में हाइब्रिड नेपियर चारा और 5448.59 हेक्टेयर में अन्य हरे चारे (जई,बरसीम आदि) की बुआई की जा चुकी है। इससे गोवंश को सालभर पौष्टिक और संतुलित आहार उपलब्ध हो सकेगा।

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इन जनपदों में तेजी से बढ़ा हरा चारा उत्पादन

प्रदेश के हरदोई, सुल्तानपुर, कानपुर नगर और रामपुर जनपदों में हरा चारा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं टैग्ड गोचर भूमि पर शत-प्रतिशत हरा चारा उत्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। गोचर एवं चारागाह भूमि का समतलीकरण, सुरक्षाबाड़ा एवं खाई निर्माण जैसे कार्य मनरेगा कन्वर्जेन्स के माध्यम से कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है और पशुओं के लिए सुरक्षित चारागाह भी विकसित हो रहे हैं।

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शीतलहर से बचाव के भी निर्देश

योगी सरकार ने गोवंश के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शीतलहर से बचाव के लिए बोरा-चट्ट ओढ़ाने, तिरपाल लगाने और गो-आश्रय स्थलों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पशु स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें। कुल मिलाकर हरा चारा उत्पादन, चारागाह विकास और गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं के माध्यम से योगी सरकार यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ पशु कल्याण भी शासन की प्राथमिकता है। यह पहल न केवल गोवंश संरक्षण को मजबूती दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को पशुपालन के क्षेत्र में एक सशक्त मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है। Read More Lucknow: योगी सरकार की बड़ी पहल, गोवंश के लिए दो वर्षों में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर होगा हरा चारा उत्पादन

यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी हब…यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन पर बोले सीएम योगी

BE NEWS – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी लखनऊ में यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल 25 करोड़ की आबादी वाला राज्य नहीं है, बल्कि देश और पड़ोसी राज्यों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र भी है।

आपको बता दें कि यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन के अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश को मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर इनोवेशन और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का राष्ट्रीय और वैश्विक हब बनाने की दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले पौने नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है, जिसके परिणाम आज ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

अंतिम पायदान तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े हेल्थकेयर कंज्यूमर मार्केट के रूप में 35 करोड़ से अधिक लोगों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं का भार वहन करता है। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज पूरी तरह क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में दो AIIMS, 100 से अधिक जिला अस्पताल, सैकड़ों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की एक मजबूत श्रृंखला स्थापित की गई है। इससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन खड़े करना नहीं था, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था तैयार करना था, जिसमें अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को भी सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

आयुष्मान योजना ने बदली गरीब की तकदीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू होने से पहले यदि किसी गरीब परिवार में कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाता था, तो पूरा परिवार भय और आर्थिक संकट में घिर जाता था। आज उत्तर प्रदेश में 5.5 करोड़ परिवारों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से प्रति परिवार ₹5 लाख तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जो पात्र परिवार किसी कारणवश योजना में शामिल नहीं हो सके, उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से कवर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, CHC, PHC तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

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मातृ-शिशु मृत्युदर में उल्लेखनीय गिरावट

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश ने मातृ एवं शिशु मृत्युदर को नियंत्रित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। संस्थागत प्रसव अब राष्ट्रीय औसत के समकक्ष पहुंच चुका है। कई जनपदों में ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है। एक समय उत्तर प्रदेश वेक्टर जनित रोगों की चपेट में रहता था। मानसून आते ही इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और कालाजार जैसी बीमारियां विकराल रूप ले लेती थीं।

इंसेफेलाइटिस के कारण पिछले 40 वर्षों में लगभग 50,000 बच्चों की मृत्यु हुई थी। वर्ष 2017 में सरकार ने इसके खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू किया। समय पर पहचान, स्थानीय स्तर पर इलाज और जवाबदेही तय करने की व्यवस्था लागू की गई। मात्र दो वर्षों के भीतर इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया और आज उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से शून्य मृत्यु (Zero Death) दर्ज की जा रही है। डेंगू, मलेरिया, कालाजार और चिकनगुनिया पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है।

टेक्नोलॉजी से ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ की ओर

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अगला लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ विज़न को साकार करना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया गांव स्तर से शुरू होनी चाहिए, ताकि मरीज को अनावश्यक रूप से 40-50 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही यह तय हो जाए कि मरीज को किस स्तर की चिकित्सा की आवश्यकता है। टेलीकंसल्टेशन, टेलीमेडिसिन और एआई आधारित स्क्रीनिंग से यह संभव है।

टेक्नोलॉजी से ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ की दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगला लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Ease of Living’ विज़न को साकार करना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया गांव स्तर से शुरू होनी चाहिए, ताकि मरीज को अनावश्यक रूप से 40–50 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही यह तय हो जाएगा कि मरीज को किस स्तर की चिकित्सा की आवश्यकता है। टेलीकंसल्टेशन, टेलीमेडिसिन और AI आधारित स्क्रीनिंग से यह संभव होगा।

मेडिकल डिवाइस और फार्मा सेक्टर को नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क और ललितपुर में बल्क ड्रग फार्मा पार्क का विकास युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल आत्मनिर्भर भारत नहीं, बल्कि ‘Make in India’ से ‘Make for the World’ की दिशा में आगे बढ़ना है।कोविड काल ने यह सिखाया कि संकट के समय दुनिया अपनी मोनोपोली दिखाती है। ऐसे में देश और प्रदेश को स्वास्थ्य और मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा।

मुख्यमंत्री ने तक्षशिला विश्वविद्यालय और वैद्य जीवक की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय मनीषा हमेशा यह मानती रही है कि “नास्ति मूलमनौषधम्” यानि कोई भी वनस्पति ऐसी नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हों। उसी तरह “अयोग्य: पुरुषो नास्ति” यानि कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, आवश्यकता केवल सही योजक की होती है। आज सरकार की नीतियां वही योग्य योजक हैं, जो युवाओं, स्टार्टअप्स व इनोवेटर्स को अवसर प्रदान कर रही हैं।

निवेशकों को यूपी आने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश-विदेश के निवेशकों और उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि प्रदेश में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित वातावरण और सिंगल विंडो सिस्टम उपलब्ध है। सरकार समयबद्ध स्वीकृति और हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और फार्मा के क्षेत्र में देश ही नहीं, दुनिया का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर सिंह, सचिव भारत सरकार मनोज जोशी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अमित घोष और औषधि महानियंत्रक भारत सरकार राजीव रघुवंशी समेत अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। Read More यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी हब…यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का उद्घाटन पर बोले सीएम योगी

Lucknow: सीएम योगी ने किया UP-IMRAS सॉफ्टवेयर का लोकार्पण, डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी और आसान

BE NEWS – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक अत्याधुनिक डिजिटल पहल के तहत UP-IMRAS (Integrated Medical Research Application System) सॉफ्टवेयर का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर इस सॉफ्टवेयर को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी आसान

आपको बता दें कि यह अत्याधुनिक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म क्लिनिकल ट्रायल, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइसेज़ से जुड़े अनुसंधान कार्यों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से अब शोधकर्ता अपनी सभी अनुसंधान संबंधी आवश्यकताएं, प्रस्ताव और अनुमतियां पूरी तरह ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगे। साथ ही इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी (IEC) द्वारा अनुमोदन, समीक्षा और निगरानी की संपूर्ण प्रक्रिया भी डिजिटल रूप से इसी प्लेटफॉर्म पर संपन्न होगी। इससे समय की बचत के साथ-साथ शोध कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

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SOPs पुस्तक का विमोचन

इसके बाद मुख्यमंत्री ने इंस्टीट्यूशनल एथिक्स कमेटी के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) से संबंधित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस पुस्तक में कुल 22 प्रकार के SOPs का विस्तृत संकलन किया गया है, जिससे क्लिनिकल ट्रायल्स और उनसे जुड़ी सभी प्रक्रियाओं में एकरूपता, नैतिकता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

वैश्विक स्तर पर नई पहल

इस अवसर पर बताया गया कि यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी तरह का पहला संगठित प्रयास है। इसे राज्य को मेडिकल रिसर्च और हेल्थ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Read More Lucknow: सीएम योगी ने किया UP-IMRAS सॉफ्टवेयर का लोकार्पण, डिजिटल प्लेटफॉर्म से क्लिनिकल रिसर्च होगी और आसान

लखनऊ: जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं जनसमस्याएं, कहा- “भूमाफिया व दबंगों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाई”

BE NEWS – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक प्रार्थी से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। आमजनों के प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं है।

भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम योगी ने प्रत्येक फरियादी के प्रार्थना पत्र स्वयं लेकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध कब्जा, दबंगई और भूमाफियाओं की गतिविधियां किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी है और नियमित रूप से होती रहेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ ही लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार आपकी समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

 शीघ्रता से निस्तारण का दिया निर्देश

मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ वादी जमीन कब्जा व मारपीट आदि की शिकायत लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हर एक व्यक्ति के पास पहुंचकर उसकी शिकायत सुनी, प्रार्थना पत्र लिया, फिर अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद स्तर पर कानून व राजस्व के प्रकरण में तेजी से सुनवाई करते हुए इसका निस्तारण किया जाए। कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में है। इसमें हीला-हवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और जनपद, मंडल, रेंज व जोन के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि दबंगों व भूमाफिया के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखें।

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इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता दे रही सरकार

जनता दर्शन में पहुंचकर गंभीर बीमारी से जूझ रहे कुछ पीड़ितों ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। जिसको लेकर सीएम योगी ने कहा कि, सरकार इलाज के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। आप भी हॉस्पिटल से जल्द एस्टिमेट बनवाकर दें, एस्टिमेट मिलते ही आपके इलाज में सरकार तुरंत आर्थिक मदद करेगी। धन के अभाव में इलाज नहीं रुकेगा।

नौनिहालों को सीएम योगी ने किया दुलार

जनता दर्शन में कई बच्चे भी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे। नन्हे-मुन्ने बच्चों के सामने सीएम योगी का बालप्रेम फिर उमड़ पड़ा। उन्होंने बच्चों का हाल जाना, उन्हें दुलारा-पुचकारा और चॉकलेट दी। सीएम ने अभिभावकों से कहा कि ठंड में बच्चों का विशेष ध्यान रखें। यह अपनत्वपूर्ण भाव सुनकर अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। Read More लखनऊ: जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं जनसमस्याएं, कहा- “भूमाफिया व दबंगों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाई”

Lucknow: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि, कहा- “आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की…”

BE NEWS – आज दिनांक 11 जनवरी, 2026 को उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

शास्त्री जी का उद्घोष आज भी सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत 

आपको बता दें कि इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि, भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी का संपूर्ण जीवन देश की सेवा, नैतिक मूल्य और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को समर्पित रहा उनका जय जवान जय किसान का उद्घोष आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है। आगे  उन्होंने ने कहा कि, शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा न केवल वर्तमान समय में, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक है।

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आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की परिकल्पना

उप मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “जय जवान, जय किसान” का नारा देने वाले शास्त्री जी ने जिस आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की परिकल्पना की थी, उसे आज यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश साकार कर रहा है। किसान कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और समग्र विकास के क्षेत्र में हो रहे कार्य शास्त्री जी के सपनों के भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है। Read More Lucknow: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि, कहा- “आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की…”

Lucknow: जौनपुर के किसान की बेटी पूजा बनी असिस्टेंट कमांडेंट, कहा- “मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने मेरे सपनों को दी राह”

BE NEWS – उत्तर प्रदेश आज सामाजिक न्याय और समान अवसर के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि आर्थिक सीमाएं किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की प्रगति में बाधा न बनें। इसी सोच का सशक्त उदाहरण हैं जौनपुर की पूजा सिंह, जिनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली बेटियां भी असाधारण मुकाम हासिल कर सकती हैं।

संघर्षों से संकल्प तक का सफर

जौनपुर के एक किसान परिवार में जन्मी पूजा सिंह ने बचपन से ही सीमित संसाधनों में जीवन को करीब से देखा। पिता की खेती पर निर्भर आय से परिवार का भरण-पोषण आसान नहीं था, लेकिन पूजा ने कभी परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। शिक्षा को उन्होंने अपने जीवन का सबसे बड़ा हथियार माना। उन्होंने तय कर लिया था कि शिक्षा के माध्यम से वह न केवल अपना भविष्य संवारने का काम करेंगी, बल्कि अपने परिवार और गांव का नाम भी रोशन करेंगी। पूजा ने 12वीं तक की अपनी पढ़ाई दिल्ली से पूरी की थी। आर्थिक दबाव के कारण दिल्ली जैसे महानगर में रहकर आगे की पढ़ाई को जारी रख पाना उनके लिए संभव नहीं हो सका। ऐसे में पूजा जौनपुर लौट आईं और वहां के टीडी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। यह वह दौर था जब आर्थिक सीमाएं पूजा के सपनों के आड़े आ सकती थीं, लेकिन प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उनके लिए संजीवनी साबित हुईं हैं।

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न पैसे, न कोचिंग फीस… फिर भी पहले अटेम्प्ट में बनी असिस्टेंट कमांडेंट ...

अभ्युदय योजना बनी जीवन की दिशा

इसी दौरान वर्ष 2024 में पूजा को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की जानकारी मिली। मई 2024 में उन्होंने आवेदन किया और जून से योजना के अंतर्गत निःशुल्क कोचिंग से जुड़ गईं। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो रही है। अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, नियमित कक्षाएं, सुव्यवस्थित पाठ्यक्रम और निरंतर अभ्यास ने पूजा की तैयारी को मजबूती दी।

पूजा बताती हैं कि यदि उन्हें निजी कोचिंग संस्थान का सहारा लेना पड़ता तो लाखों रुपये खर्च करने पड़ते, जो उनके परिवार के लिए संभव नहीं था। अभ्युदय योजना ने न केवल यह आर्थिक बोझ खत्म किया, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और एक नई दिशा भी दी।

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पहले प्रयास में ऐतिहासिक सफलता

अभ्युदय योजना का सहारा मिलने के बाद समर्पित तैयारी और अनुशासन का ही परिणाम था कि पूजा सिंह ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी-सीएपीएफ परीक्षा उत्तीर्ण कर असिस्टेंट कमांडेंट का पद हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता तक ही सीमित नहीं रही, यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की नीतियों की सफलता का भी प्रमाण है। पूजा की सफलता से उनके परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में गर्व का भाव है।

हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा

पूजा सिंह की कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। पूजा सिंह कहती हैं कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उन हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है, जो संसाधनों की कमी से अपने सपनों को दबा देते हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित यह योजना आईएएस, पीसीएस, नीट, जेईई और सीएपीएफ जैसी परीक्षाओं की तैयारी को गांव-गांव की गलियों तक पहुंचा दिया है। Read More Lucknow: जौनपुर के किसान की बेटी पूजा बनी असिस्टेंट कमांडेंट, कहा- “मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने मेरे सपनों को दी राह”

Lucknow: कुशल प्रशासक बाबू कल्याण सिंह की 94 वीं जन्म जयंती पर बरसे श्रद्धा के फूल, नगर निगम परिसर में आयोजित किया गया श्रद्धांजलि कार्यक्रम

BE NEWS – पूर्व मुख्यमंत्री एवं कुशल प्रशासक स्वर्गीय बाबू कल्याण सिंह की 94 वीं जन्म जयंती के अवसर पर आज सुबह नगर निगम मुख्यालय के सामने स्थापित उनकी प्रतिमा पर हजारों लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उन्हें याद किया गया।

पुष्प अर्पण एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन

आपको बता दें कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ‘पद्म विभूषण’ कल्याण सिंह की आज 94वीं जयंती पर आज सुबह नगर निगम मुख्यालय के सामने स्थापित उनकी प्रतिमा पर हजारों लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। नगर निगम के सहयोग से पुष्प अर्पण एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन जिला लोधी राजपूत क्षत्रिय सभा द्वारा किया गया।

उनका जीवन जनसेवा और सामाजिक न्याय को समर्पित

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह ने बाबू कल्याण सिंह के व्यक्तित्व को स्मरण करते हुए कहा कि, वे केवल एक नेता ही नहीं, बल्कि बाबू कल्याण सिंह सभी के बाबू जी होने के साथ – साथ गरीबों के मसीहा थे। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह का जीवन जनसेवा, सुशासन और सामाजिक न्याय को समर्पित रहा।

प्रतिमा पर छतरी लगाए जाने की घोषणा

नगर प्रमुख सुषमा खर्कवाल ने भी कार्यक्रम में शिरकत करते हुए प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने प्रतिमा पर छतरी लगाए जाने की घोषणा कर सभी को नमन किया।

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तमाम गणमान्य लोगों हुए सम्मिलित

पुष्पांजलि कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र नीरज सिंह, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया, पूर्व सांसद कौशल किशोर, विधायक योगेश शुक्ल, विधायक नीरज बोरा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम श्रद्धा, स्मृति और सम्मान के भाव के साथ संपन्न हुआ। इसके साथ ही तमाम गणमान्य लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। Read More Lucknow: कुशल प्रशासक बाबू कल्याण सिंह की 94 वीं जन्म जयंती पर बरसे श्रद्धा के फूल, नगर निगम परिसर में आयोजित किया गया श्रद्धांजलि कार्यक्रम

Lucknow: “लखनऊ दर्शन” इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस के दो सफल मॉक ड्रिल, 7 जनवरी से शुरू होगा नियमित सिटी टूर

BE NEWS – उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने लखनऊ दर्शन इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस के दो सफल मॉक ड्रिल पूरे कर लिए हैं। इसके साथ ही 7 जनवरी से नियमित सिटी टूर शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सुबह के टूर का मॉक ड्रिल 3 जनवरी को और शाम के टूर का मॉक ड्रिल 4 जनवरी को आयोजित किया गया। यह पहल शहरवासियों और पर्यटकों के लिए एक सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल दर्शनीय यात्रा अनुभव की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

रोज़मर्रा की शहरी ज़िंदगी का नया अनुभव

आपको बता दें कि एलिवेटेड सिटी टूर के रूप में तैयार की गई लखनऊ दर्शन इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस यात्रियों को शहर की ऐतिहासिक विरासत और रोज़मर्रा की शहरी ज़िंदगी का नया और करीब से अनुभव कराएगी। मॉक ड्रिल के दौरान बस कोठी हयात बख्श, राजभवन और जीपीओ जैसे प्रमुख इलाकों से होकर गुज़री, जबकि रूट पर पहला प्रमुख ठहराव विधान सभा भवन रहा। गाइडेड टूर और चुने हुए स्थलों के माध्यम से शहर भ्रमण की इस व्यवस्था को प्रतिभागियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।

सुबह के मॉक ड्रिल में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग, वन विभाग, रोडवेज विभाग और नगर निगम के अधिकारी, इंजीनियरिंग के छात्र तथा टूर-ट्रैवल एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। छात्रों ने बताया कि इस अनुभव से उनके ज्ञान और समझ में बढ़ोतरी हुई, वहीं टूर और ट्रैवल क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इसे पर्यटकों के लिए एक सशक्त और आकर्षक नया सिटी प्रोडक्ट बताया।

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बस के भीतर उत्साह का माहौल

वहीं इसके बाद शाम का मॉक ड्रिल शाम 4 बजे शुरू हुआ, जिसमें कहीं अधिक और विविध वर्ग की भागीदारी देखने को मिली। कुल 45 यात्री शामिल रहे, जिनमें उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अधिकारी अपने परिवारों के साथ, परिवहन विभाग के प्रतिनिधि और अन्य प्रतिभागी मौजूद थे। बस के भीतर उत्साह का माहौल साफ दिखाई दिया। यात्री पूरे सफर के दौरान एक-दूसरे की तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। वहीं, सड़कों पर मौजूद लोग भी बस को देखकर उत्साहपूर्वक फोटो खींचते दिखे और कई स्थानों पर आमजन में बस में सवार होने की उत्सुकता भी देखी गई।

मॉक ड्रिल के दौरान यात्रियों की सुविधा और ऑन-बोर्ड अनुभव को और बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया। 7 जनवरी से शुरू होने वाली सेवा में यात्रियों को हल्का जलपान उपलब्ध कराया जाएगा। अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के उद्देश्य से 31 जनवरी तक टिकट बुकिंग पर 10 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी।

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लखनऊ दर्शन इलेक्ट्रिक बस यात्रियों को एक यादगार अनुभव- जयवीर सिंह

इस दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि, मॉक ड्रिल को एक साझा प्रयास के रूप में आयोजित किया गया, ताकि सेवा संचालन के साथ-साथ यात्रियों का अनुभव भी बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा, “हमने पर्यटन, वन, परिवहन और शहरी निकायों के अधिकारियों के साथ-साथ छात्रों, परिवारों और ट्रैवल प्रोफेशनल्स की भागीदारी सुनिश्चित की। बस के भीतर और सड़कों पर लोगों में दिखा उत्साह इस बात का संकेत है कि लखनऊ दर्शन इलेक्ट्रिक बस यात्रियों को एक यादगार अनुभव देने की क्षमता रखती है और लखनऊ को एक जीवंत शहरी विरासत शहर के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।”

बुकिंग पहले से ही शुरू हो चुकी है और 7 जनवरी से टूर आरंभ होने के साथ लखनऊ दर्शन इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस परिवारों, छात्रों, पर्यटकों और पहली बार शहर घूमने आने वालों के लिए लखनऊ को देखने का एक आरामदायक, गाइडेड और सुव्यवस्थित विकल्प बनने की उम्मीद है। Read More Lucknow: “लखनऊ दर्शन” इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस के दो सफल मॉक ड्रिल, 7 जनवरी से शुरू होगा नियमित सिटी टूर