UP Mock Drill: उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सायरन बजते ही होगा आज ब्लैकआउट, शाम 6 बजे यूपी सुरक्षा का ‘शक्ति परीक्षण’

UP Mock Drill – उत्तर प्रदेश में आज शाम 6 बजे प्रदेश के सभी जिलों में 10 मिनट के लिए बिजली सप्लाई अस्थाई रुप से बंद कर ही जाएगी। ये ब्लैक आउट सिर्फ एक अभ्यास है, जिसको लेकर योगी सरकार ने लोगों से सहयोग करने की अपील की है।

प्रदेश के सभी 75 जिलों में बिजली सप्लाई बंद 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में आज शाम सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के अभ्यास के तहत बड़ा मॉक ड्रिल किया जाएगा। शाम 6 बजे से प्रदेश के सभी 75 जिलों में लगभग 10 मिनट के लिए बिजली की सप्लाई अस्थायी रूप से बंद रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई आपात स्थिति नहीं है, बल्कि सिर्फ एक अभ्यास है।

सरकार के मुताबिक, इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध, आतंकवादी हमला, हवाई खतरा, बड़ी आग या प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में प्रशासन और जनता कितनी जल्दी और सही तरीके से प्रतिक्रिया दे पाती है।

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मॉक ड्रिल का कार्यक्रम
  • शाम 6 बजे से पहले अलग-अलग जिलों में सायरन बजाए जाएंगे।

  • इसके बाद लगभग 10 मिनट तक प्रदेशभर में बिजली बंद रहेगी।

  • पुलिस, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों को पूरी तरह अलर्ट रखा जाएगा।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ में मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे, जो पुलिस लाइंस में आयोजित किया जाएगा।

इस दौरान यह देखा जाएगा कि आपात स्थिति में पुलिस कितनी तेजी से मौके पर पहुंचती है, राहत और बचाव कार्य कैसे किए जाते हैं, और घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

अभ्यास में प्रशासन का समर्थन करने की अपील

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि ब्लैकआउट के दौरान घबराए नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। लोगों से कहा गया है कि वे घरों की लाइट बंद रखें, बेवजह बाहर न निकलें और इस अभ्यास में प्रशासन का पूरा समर्थन दें।

सरकार का मानना है कि इस तरह के अभ्यास से प्रशासन की कमियों का पता चलता है और समय रहते सुधार किया जा सकता है। भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में यह कदम जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद करेगा। Read More UP Mock Drill: उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सायरन बजते ही होगा आज ब्लैकआउट, शाम 6 बजे यूपी सुरक्षा का ‘शक्ति परीक्षण’

Border 2 Release: ‘बॉर्डर-2’ ने मारी दमदार एंट्री, थिएटर्स में गूंजी तालियां, सोशल मीडिया पर यूजर्स बोले– “हाई वोल्टेज देशभक्ति”

Border-2 Release: सनी देओल की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘बॉर्डर-2’ आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और पहले ही दिन से इसने दर्शकों के दिलों पर कब्जा जमा लिया है। देशभक्ति से लबरेज इस वॉर-एक्शन ड्रामा मुवी को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया से लेकर सिनेमाघरों तक फिल्म की जमकर चर्चा हो रही है।

पहले दिन थिएटर्स में उमड़ा दर्शकों की भारी भीड़

आपको बता दें कि सनी देओल की फिल्म ‘बॉर्डर -2’ आज यानी 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। रिलीज के साथ ही थिएटर्स में दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। पहले ही दिन फिल्म को लेकर जो उत्साह नजर आ रहा है। फिल्म में सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी लीड रोल में नजर आ रहे हैं। सुबह से ही कई शहरों में हाउसफुल शो की खबरें सामने आ रही हैं। दर्शक लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहे थे, जो अब खत्म हो चुका है।

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Border-2
28 साल बाद लौटा ‘बॉर्डर’ का जादू

साल 1997 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ के सीक्वल का दर्शक लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। ‘बॉर्डर -2’ ने रिलीज के साथ ही यह साबित कर दिया है कि फिल्म का क्रेज आज भी वैसा ही है। एडवांस बुकिंग में शानदार कमाई करने वाली यह फिल्म ओपनिंग डे पर ही ब्लॉकबस्टर की ओर बढ़ती नजर आ रही है।

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स्टारकास्ट की दमदार परफॉर्मेंस और गानों ने जीता दिल

‘बॉर्डर-2’ में सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। दर्शकों और एक्स यूजर्स का कहना है कि सनी देओल ने एक बार फिर अपनी दमदार एक्टिंग से बवाल मचा दिया है। उनके डायलॉग्स, एक्शन सीक्वेंस और स्क्रीन प्रेजेंस को खूब सराहा जा रहा है। वहीं वरुण धवन को फिल्म में एक यादगार क्लाइमैक्स मिला है। दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी के सीन्स पर दर्शक तालियां बजाने से खुद को रोक नहीं पा रहे। फीमेल लीड में सोनम बाजवा, मोना सिंह, मेधा राणा और आन्या सिंह की एक्टिंग भी लोगों को पसंद आ रही है।

फिल्म के गाने ‘घर कब आओगे’ और ‘मिट्टी के बेटे’ दर्शकों को भावुक कर रहे हैं। सोनू निगम की आवाज़ ने इन गानों में जान डाल दी है और सोशल मीडिया पर इनकी खूब तारीफ हो रही है।

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सोशल मीडिया पर ‘बॉर्डर -2’ का जलवा

रिलीज के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘बॉर्डर 2’ ट्रेंड करने लगी। दर्शक फिल्म देखने के बाद लगातार अपने रिव्यू और रिएक्शन शेयर कर रहे हैं। अधिकतर यूजर्स फिल्म की कहानी, दमदार डायलॉग्स और देशभक्ति से भरे सीन की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

 हमारे सैनिकों की बहादुरी को सलाम

फिल्म का रिव्यू करते हुए एक यूजर ने लिखा कि, ‘ ये एक हाई-वोल्टेज फिल्म है और सिनेमा की दुनिया में बड़ी जीत है। फिल्म में जोश और जज्बात कूट-कूट कर भरे हैं। देशभक्ति पर फिल्म कैसे बनाई जाती है, ये फिल्म इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। हर सीन हमारे सैनिकों की बहादुरी को सलाम करता है। सनी देओल एक बार फिर अपनी पुरानी शिद्दत और दमदार अंदाज में लौटे हैं।’

क्या है फिल्म की कहानी

‘बॉर्डर 2’ की कहानी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित है। फिल्म में पाकिस्तान के मिशन चंगेजखान को केंद्र में रखकर भारतीय सैनिकों की वीरता, बलिदान और देशभक्ति को बड़े पर्दे पर दिखाया गया है। सनी देओल एक बार फिर यह साबित करते नजर आते हैं कि देशभक्ति और वॉर-एक्शन फिल्मों में उनका कोई मुकाबला नहीं। Read More Border 2 Release: ‘बॉर्डर-2’ ने मारी दमदार एंट्री, थिएटर्स में गूंजी तालियां, सोशल मीडिया पर यूजर्स बोले– “हाई वोल्टेज देशभक्ति”

Prayagraj Magh Mela 2026: बसंत पंचमी पर संगम बना आस्था का महासंगम, करोड़ों ने लगाई पुण्य की डुबकी

Prayagraj Magh Mela 2026: बसंत पंचमी के पावन पर्व पर शुक्रवार सुबह संगम पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। आज बन रहे गजकेसरी योग में श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया और पूजा-अर्चना की। सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की कतारें देखने को मिलीं। माघ मेले के इस चौथे स्नान को लेकर प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किए है।

आपको बता दें कि संगम किनारे चल रहे माघ मेले का आज 23 जनवरी, दिन शुक्रवार को बंसत पंचमी के पावन दिन मनाया जा रहा है। इस स्नान पर्व को लेकर मेला स्थल पर आज श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 8 बजे तक अनुमानित 1 करोड़ 4 लाख श्रद्धालुओं ने अब तक संगम पर आस्था की डुबकी लगाई है। अभी यह संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कई इंतजाम किए है।

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कोई वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं

प्रशासन का अनुमान है कि बसंत पंचमी से लेकर 26 जनवरी तक, यानी अगले चार दिनों में लगभग साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालु संगम तट पर पहुंच सकते हैं। भीड़ को देखते हुए इस दौरान कोई वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं किया गया है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को समान सुविधा मिल सके।

माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त की गई है। पुलिस, पीएसी, आरएएफ, बीडीएस, यूपी एटीएस के कमांडो और खुफिया एजेंसियां तैनात हैं। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए की जा रही है। स्नान घाटों पर जल पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड कंपनी पीएसी और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है।

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पहले स्नान पर्व पर आस्था का समागम, हर हर गंगे के जयकारों के बीच महाकुंभ ...

मेला प्रशासन ने किए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

वसंत पंचमी स्नान को लेकर मेला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। संगम क्षेत्र में करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबे स्नान घाट तैयार किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को स्नान में किसी प्रकार की असुविधा न हो। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है।

मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि इस दौरान भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, घाटों की सुरक्षा और सुरक्षित निकासी व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात रहेगा।

रूट डायवर्जन की विशेष व्यवस्था

ट्रैफिक व्यवस्था के तहत माघ मेला से संबंधित वाहनों को छोड़कर अन्य भारी और हल्के वाहनों को प्रयागराज जिले की सीमा में आने से पहले ही वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ दिया जाएगा। इसके लिए रूट डायवर्जन की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि शहर के भीतर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने।

श्रद्धालुओं से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील 

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बसंत पंचमी स्नान पर्व के दिन, यानी 23 जनवरी को नया यमुना पुल पूरी तरह बंद रहेगा। इस दिन आवागमन केवल पुराने यमुना पुल से ही संभव होगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सहयोग करें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके। Read More Prayagraj Magh Mela 2026: बसंत पंचमी पर संगम बना आस्था का महासंगम, करोड़ों ने लगाई पुण्य की डुबकी

Tragic accident in Doda: जम्मू-कश्मीर के डोडा में खाई में गिरा सेना का वाहन, 10 जवान हुए शहीद, 11 घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

BE NEWS – जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में भारतीय सेना के 10 जवानों की शहादत हो गई, जबकि 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा भद्रवाह -चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास उस समय हुई, जब सेना का वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा।

ड्यूटी के लिए रवाना हुई थी सेना की टुकड़ी 

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां भद्रवाह – चंबा मार्ग पर सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण सड़क हादसे में भारतीय सेना के 10 वीर जवानों ने अपनी जान गंवा दी है, जबकि 11 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसा उस वक्त हुआ जब सेना की एक टुकड़ी ऑपरेशनल ड्यूटी के लिए रवाना हुई थी। खन्नी टॉप के पास सड़क बहुत संकरी और मोड़ों वाली है। इसी दौरान एक खतरनाक मोड़ पर ड्राइवर का नियंत्रण टूट गया और वाहन सीधे गहरी खाई में में जा गिरी।

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Tragic accident in Doda:
कड़ी मशक्कत के बाद जवानों को बाहर निकाला

हादसे की सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत कर जवानों को बाहर निकाला। अधिकारियों ने बताया कि 10 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 जवान घायल अवस्था में पाए गए।

घायलों को पहले उपजिला अस्पताल भद्रवाह में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एयरलिफ्ट कर उधमपुर स्थित सेना के कमांड अस्पताल भेजा गया। सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने व्यक्त किया शोक

इस हादसे पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि, “डोडा में हुए इस दुखद सड़क हादसे में देश ने अपने 10 वीर जवानों को खो दिया है। जवानों की उत्कृष्ट सेवा और सर्वोच्च बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति उन्होंने गहरी संवेदना प्रकट की। उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि, “इस कठिन समय में पूरा देश शहीदों के परिवारों के साथ खड़ा है।”

शहीद जवानों के नाम- जोबन जीत, सुधेर नरवाल, मोनू, मोहित, एच.आर. कंवर, सिमरन, पी. लोरा, सुलिंदर, अजय लोफरा और स्वर्ण नाग पाल।

घायल जवानों के नाम- साहिल, जे.पी. सिंह, नीरज, अनूप, नागिस, अमन, शंकर, संदीप, जोबनप्रीत, राकेश और अभिमन्यु।

वरिष्ठ अधिकारियों ने घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। यह हादसा पूरे देश को शोक में डुबोने वाला है। Read More Tragic accident in Doda: जम्मू-कश्मीर के डोडा में खाई में गिरा सेना का वाहन, 10 जवान हुए शहीद, 11 घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

MNREGA VS G-RAM-G: राहुल गांधी का केंद्र पर प्रहार, भाजपा ने लगाया ‘हिंदू विरोधी’ होने का आरोप…

BE NEWS – महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मनरेगा की जगह लाई गई जी-राम-जी गारंटी स्कीम का विरोध करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर इस जनकल्याणकारी योजना को खत्म करने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद भाजपा ने पलटवार करते हुए इसे कांग्रेस की हिंदू विरोधी मानसिकता करार दिया है, जिससे यह मुद्दा अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।

जी-राम-जी गारंटी स्कीम का विरोध

बता दें कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लाई गई जी-राम-जी गारंटी स्कीम का विरोध किया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है।

दिल्ली के जवाहर भवन में मनरेगा से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मुझे नहीं पता कि यह जी-राम-जी क्या है, लेकिन मनरेगा ने गरीबों को काम करने का अधिकार दिया है, जिसे मोदी सरकार खत्म करना चाहती है।” उन्होंने दावा किया कि यदि देशभर में लोग एकजुट होकर विरोध करें, तो सरकार को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ेगा।

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मनरेगा पर राहुल गांधी का बयान

राहुल गांधी ने कहा कि जैसे किसानों ने आंदोलन कर तीन कृषि कानूनों को वापस करवाया था, उसी तरह अगर जनता संगठित हुई तो मनरेगा को कमजोर करने की कोशिशें नाकाम होंगी। उन्होंने कहा, “अगर हम सब साथ खड़े होंगे तो ये लोग डर जाएंगे और मोदी जी को मनरेगा फिर से मजबूती से लागू करना पड़ेगा।”

हिंदू विरोधी मानसिकता का आरोप

राहुल गांधी की टिप्पणी पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि, “राहुल गांधी की टिप्पणियां कांग्रेस की हिंदू विरोधी मानसिकता को उजागर करती हैं। भाजपा का कहना है कि जी-राम-जी नाम पर की गई टिप्पणी से कांग्रेस की सोच साफ झलकती है।”

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Rahul Gandhi

महात्मा गांधी का नाम और विरासत मिटाने की कोशिश

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि, “सरकार महात्मा गांधी का नाम और उनकी विरासत लोगों की स्मृति से मिटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को बजट सत्र के दौरान संसद में जोर-शोर से उठाएगी।”

विपक्ष का बढ़ता दबाव

मनरेगा को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है। कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में मनरेगा के समर्थन में प्रस्ताव पारित करने के संकेत मिले हैं। इसी क्रम में बुधवार को कर्नाटक विधानसभा में उस समय हंगामा हो गया जब राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सरकार द्वारा तैयार भाषण पढ़ने से इनकार कर दिया। उनका तर्क था कि भाषण में जी-राम-जी योजना की आलोचना शामिल थी। Read More MNREGA VS G-RAM-G: राहुल गांधी का केंद्र पर प्रहार, भाजपा ने लगाया ‘हिंदू विरोधी’ होने का आरोप…

Amit Shah Haridwar Visit: अखंड ज्योति की शताब्दी पर हरिद्वार से अमित शाह का उद्घोष, कहा- “अब गर्व से गूंज रहा है हिंदुत्व का नारा”

Amit Shah Haridwar Visit केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान आज तीर्थनगरी हरिद्वार पहुंचे। यहां उन्होंने तीन प्रमुख कार्यक्रमों में शिरकत करते हुए अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति, हिंदुत्व और राष्ट्रीय पुनर्जागरण के प्रति सरकार के संकल्प को दोहराया।

तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में शिरकत

आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज हरिद्वार में दो दिवसीय दौरे के दौरान तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में शिरकत की। उन्होंने शान्तिकुंज के अखंड ज्योति शताब्दी समारोह का दीपप्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया और पंडित राम शर्मा आचार्य व माता भगवती देवी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके जीवनकाल में कई युगों का निर्माण हुआ। उनके आंदोलन के तहत 15 करोड़ से अधिक लोग आध्यात्मिकता के मार्ग पर चल रहे हैं।

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Amit Shah Haridwar Visit
विश्व की सभी समस्याओं का समाधान

शाह ने कहा, “पहले लोग हिंदुत्व की बात करने से डरते थे, लेकिन आज पूरे देश में इसका नारा गूंज रहा है। भारतीय परंपरा में विश्व की सभी समस्याओं का समाधान निहित है। पंडित राम शर्मा ने गायत्री मंत्र के माध्यम से हर जाति, हर समाज और लिंग भेद से ऊपर उठकर हर आत्मा को कल्याण का मार्ग दिखाया।” इसके अलावा, अमित शाह ने पतंजलि इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल के उद्घाटन समारोह में भी भाग लिया। आधुनिक चिकित्सा और योग-आयुर्वेद के समन्वय की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता ही नए भारत की पहचान है

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1925-26 का वर्ष राष्ट्रीय पुनर्जागरण का वर्ष

केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी बताया कि 1925-26 का वर्ष राष्ट्रीय पुनर्जागरण का वर्ष था, और उसी वर्ष संघ परिवार की स्थापना हुई थी। इसी समय संघ परिवार (RSS) की स्थापना हुई थी और इसी दौर ने देश को आध्यात्मिक और वैचारिक रूप से मजबूती प्रदान की। उन्होंने पंडित राम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके प्रयास आज भी लाखों लोगों के जीवन को आध्यात्मिक दिशा प्रदान कर रहे हैं। Read More Amit Shah Haridwar Visit: अखंड ज्योति की शताब्दी पर हरिद्वार से अमित शाह का उद्घोष, कहा- “अब गर्व से गूंज रहा है हिंदुत्व का नारा”

Basant Panchami 2026: मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए लगाएं ये 5 विशेष पीले भोग, करियर में मिलेगी अपार सफलता

Basant Panchami 2026 – बसंत पंचमी सनातन धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन ज्ञान और कला की देवी माता सरस्वती की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व पर भक्त माता को विशेष भोग अर्पित करते हैं।

इस साल बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं कि माता सरस्वती को कौन-कौन सी चीजें भोग के रूप में लगाई जाती हैं और उनके महत्व के बारे में…

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1.माता सरस्वती के प्रिय भोग मालपुआ

माता सरस्वती के प्रिय भोग मालपुआ बसंत पंचमी पर माता सरस्वती को मालपुए का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेषकर विद्यार्थी इसे अर्पित करें, तो शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है।

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2. बेसन की बर्फी

बेसन की बर्फी बेसन से बनी मीठी बर्फी भी माता को अर्पित की जा सकती है। भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद के रूप में परिवार और मित्रों में बांटा जा सकता है।

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3. बूंदी या बूंदी के लड्डू

बूंदी या बूंदी के लड्डू मीठी बूंदी माता सरस्वती को अत्यंत प्रिय है। इसके लड्डू बनाकर भोग चढ़ाना भी शुभ माना जाता है। पीले मीठे चावल पीला रंग माता को बहुत भाता है।

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बूंदी के लड्डू बनाने की आसान रेसिपी

4. पीले मीठे चावल

बसंत पंचमी पर माता सरस्वती को पीले मीठे चावल बनाने के लिए केसर, सूखा मावा, देसी घी और चावल का उपयोग किया जा सकता है।

मीठे पीले चावल बनाए मेरे तरीक़े से बिल्कुल आसान | sweet rice recipe 😋 ...

5. केसर की खीर या हलवा

केसर की खीर या हलवा केसर से बनी मिठाइयाँ माता की प्रिय हैं। इसलिए भोग के रूप में आप केसर हलवा या केसर खीर भी अर्पित कर सकते हैं।

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6. भोग में अर्पित करें फल 

बसंत पंचमी पर माता सरस्वती को भोग में अगर ऊपर बताई गई सामग्री उपलब्ध नहीं है, फल जैसे तो केला, सेब, संतरा, बेर, नारियल जैसे फल भी भोग के रूप में अर्पित किए जा सकते हैं।

भोग अर्पित करने का महत्व

भोग अर्पित करने का महत्व बसंत पंचमी पर माता सरस्वती को भोग अर्पित करने से शिक्षा, करियर और पारिवारिक जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं। इसके अलावा, जो व्यक्ति आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर है, उसके लिए माता की पूजा आलौकिक अनुभवों और आशीर्वाद का मार्ग खोलती है।

बसंत पंचमी का यह पर्व केवल देवी की पूजा का ही नहीं बल्कि ज्ञान और रचनात्मकता का उत्सव भी है। माता सरस्वती की कृपा से जीवन में न केवल विद्या की वृद्धि होती है बल्कि व्यक्ति का मन भी शांत बनता है। Read More Basant Panchami 2026: मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए लगाएं ये 5 विशेष पीले भोग, करियर में मिलेगी अपार सफलता

Healthy Breakfast: सैंडविच और टोस्ट से हुए बोर? ट्राई करें यह नई पीनट बटर फ्रेंच टोस्ट रेसिपी, स्वाद और सेहत का परफेक्ट मेल…

Healthy Breakfast – आजकल के समय में हर कोई व्यस्त है। सुबह सभी को ऑफिस या अपने काम पर जाने की जल्दी होती है और अक्सर  नाश्ते में हम ब्रेड से बनी वही-वही चीजें खाते-खाते बोर हो जाते हैं- ब्रेड-बटर, सिंपल टोस्ट या सैंडविच।

अगर आप भी अपने ब्रेकफास्ट में कुछ नया, हेल्दी और टेस्टी शामिल करना चाहते हैं, तो ये फ्रेंच पीनट बटर टोस्ट की रेसिपी आपके लिए है। यह न सिर्फ जल्दी तैयार हो जाता है बल्कि बच्चों के स्कूल लंच बॉक्स के लिए भी एक परफेक्ट डिश हो सकता है। आइए जानें इसे बनाने की आसान सामग्री और स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी।

सकाळच्या नाश्त्याला बनवा टेस्टी मसाला फ्रेंच टोस्ट, अवघ्या 10 मिनिटांत ...

पीनट बटर फ्रेंच टोस्ट बनाने के लिए सामग्री
  • ब्रेड – 4 स्लाइस

  • दूध – ½ कप

  • अंडे – 2

  • पीनट बटर – 2 बड़े चम्मच

  • दालचीनी पाउडर – ½ छोटा चम्मच

  • वनीला एक्सट्रैक्ट – 1 छोटा चम्मच

  • बटर – 1 बड़ा चम्मच

  • टॉपिंग के लिए – चॉकलेट/मेपल सिरप, कटे हुए फल (केला बढ़िया रहेगा)

सुबह की भाग-दौड़ में बनाएं सबसे आसान और यूनिक स्टाइल फ्रेंच टोस्ट

पीनट बटर फ्रेंच टोस्ट कैसे बनाएं

1.एक बड़े बाउल में दो अंडों को तोड़कर अच्छी तरह फेंटें। अब इसमें दूध, दालचीनी पाउडर और वनीला एक्सट्रैक्ट डालकर स्मूद बैटर तैयार कर लें। चारों ब्रेड स्लाइस पर एक-एक करके पीनट बटर फैलाएं।

2. अगर पीनट बटर फ्रिज में रखने की वजह से सख्त हो गया हो, तो उसे 10–15 सेकंड माइक्रोवेव में हल्का गर्म कर लें। इससे वह आसानी से फैल जाएगा।

3. गैस पर एक नॉन-स्टिक पैन रखें और उसमें बटर डालकर पिघलने दें। अब एक-एक ब्रेड स्लाइस को अंडे के घोल में डुबोएं और पैन पर रखें।

4. मध्यम आंच पर दोनों तरफ से गोल्डन ब्राउन होने तक सेकें। जब ये अच्छी तरह पक जाए और टोस्ट क्रिस्पी हो जाए, तो तैयार टोस्ट को प्लेट में निकालें और ऊपर से चॉकलेट सिरप, मेपल सिरप या अपनी पसंद के कटे फलों से गार्निश करें।

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Ayodhya Ram Mandir: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर उमड़ा भक्ति का सैलाब, ‘जय श्रीराम’ उद्घोष से गूंजा अयोध्या का परिसर

Ramlala Pratishtha Divas 2026- अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जा रही है। यह वही ऐतिहासिक दिन है, जब 2024 में सदियों की प्रतीक्षा के बाद प्रभु श्रीराम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए थे। यह अवसर केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हर राम भक्त के लिए आस्था, विश्वास और गौरव का प्रतीक बन चुका है।

रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ

आपको बता दें कि गुरुवार, 22 जनवरी 2026 का दिन हर राम भक्त के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। इसी दिन अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। इस पावन दिन पर अयोध्या में श्रद्धालुओं  के साथ- साथ देश-विदेश से आए भक्त रामलला के दिव्य दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। कोई मंदिर में पहुंचकर प्रभु के चरणों में शीश नवाता है, तो कोई अपने घर में ही विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर इस शुभ दिन को मना रहा है।

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second pran pratishtha from june 3 in ayodhya after ramlala who is ...

रामलला की दिव्य प्रतिमा

बाल रूप में विराजमान प्रभु श्रीराम का यह स्वरूप ऐसा प्रतीत कराता है मानो वे साक्षात अपने भक्तों को दर्शन दे रहे हों। इस कोमल और दिव्य रूप की पूजा अत्यंत श्रद्धा के साथ की जाती है। रामलला की यह प्रतिमा काले पत्थर से निर्मित है, जिसे कृष्ण शिला के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि यह पत्थर हजारों वर्षों तक अपनी मजबूती और सौंदर्य बनाए रखता है। इसी विशेष शिला से बनी यह मूर्ति आध्यात्मिक और शिल्प कला का अद्भुत संगम है। शिल्प और विशेषताएं रामलला की इस भव्य मूर्ति का निर्माण कर्नाटक के प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज ने किया है। यह प्रतिमा एक ही पत्थर से तराशी गई है, जो इसे और भी विशिष्ट बनाती है।

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प्राण प्रतिष्ठा के बाद इस परंपरा से होगी रामलला की पूजा, जानें जगाने से ...

भगवान विष्णु के अवतारों का प्रतीकात्मक रूप

जानकारी के अनुसार, मूर्ति का वजन लगभग 200 किलोग्राम है, ऊंचाई 4.24 फीट और चौड़ाई करीब तीन फीट है। इस प्रतिमा की एक और विशेषता यह है कि इसमें भगवान विष्णु के दसों अवतारों का भी प्रतीकात्मक रूप से दर्शन होता है, जो इसे आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है। सूर्य तिलक का दिव्य क्षण हर वर्ष रामनवमी के पावन अवसर पर सूर्यदेव स्वयं प्रभु रामलला का ‘सूर्य तिलक’ करते हैं। सूर्य की किरणों से भगवान के मस्तक का यह दिव्य अभिषेक भक्तों के हृदय को भक्ति और आनंद से भर देता है। यह दृश्य न केवल आध्यात्मिक अनुभूति कराता है, बल्कि विज्ञान और परंपरा के अद्भुत समन्वय को भी दर्शाता है।

राम मंदिर का ऐतिहासिक सफर

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि पर प्राचीन काल से रामलला का मंदिर विद्यमान था, जिसे 16वीं शताब्दी में आक्रमणकारी बाबर द्वारा नष्ट कर दिया गया। इसके बाद लगभग 500 वर्षों तक यह स्थल विवाद और संघर्ष का केंद्र बना रहा। दशकों की कानूनी लड़ाई और सामाजिक आंदोलन के बाद भगवान राम की जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का पुनर्निर्माण संभव हो सका। वर्ष 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा आधुनिक भारत के इतिहास का एक भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण बन गई। रामलला प्रतिष्ठा दिवस 2026 न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, आस्था और एकता का एक प्रतीक बन चुका है। Read More Ayodhya Ram Mandir: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर उमड़ा भक्ति का सैलाब, ‘जय श्रीराम’ उद्घोष से गूंजा अयोध्या का परिसर

T20 International Match: पहली गेंद पर छक्का और फिर रिकॉर्ड्स की बौछार, अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी ने जीता सबका दिल।

T20 International Match – भारतीय टीम के सबसे युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने एक बार फिर बल्ले से कमाल दिखाकर इतिहास रच दिया है। न्‍यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल मैच में महज 22 गेंदों पर अर्धशतक जमाकर नया कीर्तिमान बनाया है।

सबसे तेज अर्धशतक जमाने वाले बल्लेबाज

आपको बता दें कि भारतीय टीम के सबसे युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज ने बुधवार को न्‍यूजीलैंड के खिलाफ खेले गये पहले टी20 इंटरनेशनल मैच में सबसे तेज अर्धशतक जमाने वाले बल्लेबाज बन गए है। उनकी तुफानी बल्लेबाजी ने केवल 22 गेंदों में चार चौके और चार छक्‍के लगा कर अर्धशतक लगाया और रोहित शर्मा और केएल राहुल का रिकार्ड भी तोड़ दिया है।

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अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास, आईसीसी टी20 रैंकिंग में लगा दी भयंकर छलांग ...

 

82 मीटर लंबा छक्का जड़कर खोला खाता 

मैच की पहली ही ओवर में अभिषेक ने अपने इरादे साफ कर दिए। जैकब डफी की गेंद पर उन्होंने गेंदबाज के सिर के ऊपर से 82 मीटर लंबा छक्का जड़कर अपना खाता खोला। इसके बाद उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता की रफ्तार थमी नहीं। मैदान के हर कोने में शॉट्स लगाते हुए उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में पचासा पूरा किया।

अपनी इस धमाकेदार पारी में अभिषेक शर्मा ने चार चौके और चार छक्के लगाए। वह यहीं नहीं रुके और अंत तक न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। अभिषेक ने कुल 35 गेंदों में 84 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और आठ छक्के शामिल रहे। हालांकि, वह ईश सोढ़ी की गेंद पर काइल जैमिसन के हाथों कैच आउट हो गए, लेकिन तब तक मैच का रुख भारत के पक्ष में मोड़ चुके थे।

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Abhishek Sharma

रोहित शर्मा और केएल राहुल को छोड़ा पीछे 

इस पारी के साथ अभिषेक शर्मा ने दिग्गज बल्लेबाजों रोहित शर्मा और केएल राहुल को भी पीछे छोड़ दिया। इससे पहले रोहित और राहुल न्यूजीलैंड के खिलाफ 23 गेंदों में अर्धशतक जड़ चुके थे, लेकिन अभिषेक ने एक गेंद पहले ही यह कारनामा कर नया रिकॉर्ड बना दिया।

एक और बड़ी उपलब्धि अभिषेक के नाम

इतना ही नहीं, 25 वर्षीय इस युवा बल्लेबाज ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। वह अब टी20 इंटरनेशनल में 25 या उससे कम गेंदों में सबसे ज्यादा बार अर्धशतक जमाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। यह आठवां मौका था जब अभिषेक ने इतनी तेजी से फिफ्टी पूरी की, जिससे उन्होंने फिल सॉल्ट, सूर्यकुमार यादव और एविन लुईस जैसे खिलाड़ियों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। Read More T20 International Match: पहली गेंद पर छक्का और फिर रिकॉर्ड्स की बौछार, अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी ने जीता सबका दिल।