Bushehr Nuclear Plant पर हमला चौथी बार हमला, ईरान ने दी खुली धमकी-‘रेडिएशन फैला तो खत्म हो जाएंगे खाड़ी देश’
Bushehr Nuclear Plant Attack : मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहा तनाव अब एक विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार को इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान के बुशहर परमाणु केंद्र (Bushehr Nuclear Power Plant) पर चौथी बार बड़ा हमला किया। इस हमले के बाद ईरान ने पहली बार सीधे तौर पर परमाणु तबाही (Nuclear Catastrophe) की चेतावनी दी है।

पहली बार खुलकर परमाणु खतरे की चेतावनी
आपको बता दें कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पहली बार खुलकर परमाणु खतरे की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर इस हमले के कारण रेडियोएक्टिव फॉलआउट ( परमाणु विकिरण ) हुआ, तो इसकी कीमत तेहरान नहीं, बल्कि खाड़ी देशों (GCC Countries) को अपनी बर्बादी से चुकानी होगी।
‘खाड़ी देशों की राजधानियों में समाप्त हो जाएगा जीवन’
अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक तीखी पोस्ट साझा करते हुए पश्चिमी देशों और पड़ोसी अरब मुल्कों को आगाह किया। उन्होंने लिखा:

पश्चिमी देशों के ‘दोहरे मापदंड’ पर सवाल
ईरानी विदेश मंत्री ने यूक्रेन युद्ध का हवाला देते हुए पश्चिमी देशों के रुख पर तंज कसा। उन्होंने याद दिलाया कि जब यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया (Zaporizhzhia) परमाणु प्लांट के पास सैन्य गतिविधियां हुई थीं, तब पूरी दुनिया ने आक्रोश जताया था। अराघची ने सवाल किया कि अब बुशहर पर चार-चार बार हुए हमलों पर पश्चिमी देश चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा कि ईरान के पेट्रोकेमिकल संयंत्रों पर हमले उनके वास्तविक इरादों को साफ कर रहे हैं।

24 घंटे में अमेरिका को मिला था करारा जवाब
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार को बुशहर (Bushehr Nuclear Plant) पर हुआ यह हमला इजरायल और अमेरिका की ‘बौखलाहट’ का नतीजा माना जा रहा है। पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान ने अमेरिकी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसमें शामिल हैं: 2 अमेरिकी फाइटर जेट्स का मार गिराया जाना। एक विशाल ए-10 (A-10) एयरक्राफ्ट और कई हेलीकॉप्टरों की तबाही। 2 एमक्यू-9 (MQ-9) रीपर ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलों को ईरानी एयर डिफेंस द्वारा नष्ट किया जाना।

स्थाई समाधान की अपील
ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह युद्ध नहीं चाहता, बल्कि यह उन पर थोपा गया है। अराघची ने कहा कि ईरान इस संकट का ‘सशर्त और स्थाई समाधान’ चाहता है। उन्होंने किसी भी प्रकार के ‘अस्थाई’ या छोटे समझौते को सिरे से खारिज कर दिया है।