Prayagraj Magh Mela 2026: बसंत पंचमी पर संगम बना आस्था का महासंगम, करोड़ों ने लगाई पुण्य की डुबकी

Prayagraj Magh Mela 2026: बसंत पंचमी के पावन पर्व पर शुक्रवार सुबह संगम पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। आज बन रहे गजकेसरी योग में श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया और पूजा-अर्चना की। सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की कतारें देखने को मिलीं। माघ मेले के इस चौथे स्नान को लेकर प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किए है।

आपको बता दें कि संगम किनारे चल रहे माघ मेले का आज 23 जनवरी, दिन शुक्रवार को बंसत पंचमी के पावन दिन मनाया जा रहा है। इस स्नान पर्व को लेकर मेला स्थल पर आज श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 8 बजे तक अनुमानित 1 करोड़ 4 लाख श्रद्धालुओं ने अब तक संगम पर आस्था की डुबकी लगाई है। अभी यह संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कई इंतजाम किए है।

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कोई वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं

प्रशासन का अनुमान है कि बसंत पंचमी से लेकर 26 जनवरी तक, यानी अगले चार दिनों में लगभग साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालु संगम तट पर पहुंच सकते हैं। भीड़ को देखते हुए इस दौरान कोई वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं किया गया है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को समान सुविधा मिल सके।

माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त की गई है। पुलिस, पीएसी, आरएएफ, बीडीएस, यूपी एटीएस के कमांडो और खुफिया एजेंसियां तैनात हैं। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए की जा रही है। स्नान घाटों पर जल पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड कंपनी पीएसी और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है।

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मेला प्रशासन ने किए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

वसंत पंचमी स्नान को लेकर मेला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। संगम क्षेत्र में करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबे स्नान घाट तैयार किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को स्नान में किसी प्रकार की असुविधा न हो। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है।

मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि इस दौरान भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, घाटों की सुरक्षा और सुरक्षित निकासी व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात रहेगा।

रूट डायवर्जन की विशेष व्यवस्था

ट्रैफिक व्यवस्था के तहत माघ मेला से संबंधित वाहनों को छोड़कर अन्य भारी और हल्के वाहनों को प्रयागराज जिले की सीमा में आने से पहले ही वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ दिया जाएगा। इसके लिए रूट डायवर्जन की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि शहर के भीतर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने।

श्रद्धालुओं से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील 

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बसंत पंचमी स्नान पर्व के दिन, यानी 23 जनवरी को नया यमुना पुल पूरी तरह बंद रहेगा। इस दिन आवागमन केवल पुराने यमुना पुल से ही संभव होगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सहयोग करें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके। Read More Prayagraj Magh Mela 2026: बसंत पंचमी पर संगम बना आस्था का महासंगम, करोड़ों ने लगाई पुण्य की डुबकी

Prayagraj Plane Crash: प्रयागराज में बेकाबू होकर सेना का ट्रेनी विमान हुआ क्रैश, पूरे इलाके में मची अफरा-तफरी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Prayagraj Plane Crash – प्रयागराज में आज एक ट्रेनी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सेना का विमान अचानक तालाब में गिरने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित बाहर निकाल किए गए है। उनको मामूली चोटें आई हैं।

  सेना का एक ट्रेनी विमान क्रैश होने से हादसा

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को सेना का एक ट्रेनी विमान क्रैश हो गया। यह विमान शहर के बीचों-बीच स्थित एक तालाब में जा गिरा। इस हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा केपी कॉलेज के पीछे हुआ। विमान अचानक हवा में संतुलन खो बैठा और काफी देर तक आसमान में चक्कर लगाने के बाद तालाब में गिर पड़ा। बताया जा रहा है कि यह भारतीय वायुसेना का माइक्रोलाइट ट्रेनर एयरक्राफ्ट था, जो प्रशिक्षण उड़ान पर था।

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इंजन फेल होने से हुआ हादसा

सेना की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इंजन फेल होने की वजह से विमान तालाब में गिरा। विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे और राहत की बात यह है कि दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी। इसके बाद फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। तालाब के आसपास के इलाके को घेर लिया गया है और विमान को बाहर निकालने का काम लगातार जारी है।

दलदली तालाब में गिरा विमान

हादसे वाली जगह पर दलदली तालाब है, जहां चारों तरफ जलकुंभी उगी हुई है। इसी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में थोड़ी दिक्कतें आ रही हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

चेन्नई में भी हो चुका है ऐसा हादसा

गौरतलब है कि इससे पहले पिछले साल नवंबर में चेन्नई के ताम्बराम के पास चेंगलपट्टू जिले में भी भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। वह विमान ‘पिलाटस पीसी-7’ ट्रेनर एयरक्राफ्ट था, जो ट्रेनिंग मिशन पर था। उस हादसे में पायलट ने सुरक्षित रूप से इजेक्ट कर लिया था। फिलहाल प्रयागराज हादसे के मामले में भी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और एयरक्राफ्ट को तालाब से बाहर निकालने का काम जारी है। Read More Prayagraj Plane Crash: प्रयागराज में बेकाबू होकर सेना का ट्रेनी विमान हुआ क्रैश, पूरे इलाके में मची अफरा-तफरी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Prayagraj Magh Mela: धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- “केवल सम्मानजनक प्रोटोकॉल मिलने पर ही करेंगे गंगा स्नान”

BE NEWS – प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में आज मौनी अमावस्या पर शाही स्नान के लिए पहुंचे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस प्रशासन ने संगम पर जाने से पहले ही रोक दिया गया, जिसको लेकर शंकराचार्य और पुलिस में तीखी झड़प हो गई। जिसके बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। जिसके बाद शंकराचार्य ने मौनी अमावस्या पर स्नान करने से इंकार कर दिया।

Prayagraj Magh Mela Shankaracharya Avimukteshwarananda's chariot was prevented from entering the Sangam

समर्थकों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक

आपको बता दें कि मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में राजसी स्नान करने के लिए जा रहे ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को पुलिस प्रशासन ने संगम के पहले रोक दिया। इस कार्रवाई के बाद शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और पूरे संगम क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

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Prayagraj Magh Mela :शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के राथ को संगम जाने ...

पुलिस ने रथ को संगम तक जाने से रोका

जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ और जुलूस को रास्ते में रोकने के बाद समर्थकों ने विरोध किया। शंकराचार्य ने पुलिस और मेला प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही का आरोप लगाया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जुलूस के साथ संगम तट तक जाने की अनुमति नहीं है।

इस पूरी घटना के बाद संगम क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और मेलाधिकारी ऋषिराज समेत कई उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

समर्थक और साधु-संतों के बीच झड़प

पुलिस के साथ झड़प के बाद शंकराचार्य के 20 से अधिक समर्थक साधु हिरासत में ले लिए गए। इस बीच संगम पर स्नान जारी रहा। शंकराचार्य समर्थकों के साथ संगम के पहले ही रथ में बैठ गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। समर्थकों ने पांटून पुल संख्या चार के पास हंगामा किया, जिससे बैरिकेडिंग टूट गई और पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा।

शंकराचार्य ने किया धरना

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस और प्रशासन को कहा कि, “जब तक उन्हें सम्मानजनक प्रोटोकॉल के साथ नहीं लाया जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सामने साधु-संतों के साथ अभद्रता और मारपीट की गई, जो स्वीकार्य नहीं है।”

अधिकारियों ने किया समझाने-बुझाने का प्रयास

पुलिस और मेला प्रशासन लगातार शंकराचार्य को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि इस विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सके। Read More Prayagraj Magh Mela: धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- “केवल सम्मानजनक प्रोटोकॉल मिलने पर ही करेंगे गंगा स्नान”

Prayagraj Magh Mela 2026: प्रयागराज में मकर संक्रांति पर दिखा आस्था का समागम, संगम पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

BE NEWS – आज देशभर में मकर संक्रांति का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इसके साथ ही माघ मेला 2026 को आज दूसरा प्रमुख शाही स्नान है, जिसके लिए संगम के पावन तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया गया है।

देशभर से आए श्रद्धालु संगम घाटों पर उमड़े

आपको बता दें कि माघ मेला 2026 के दूसरे प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति पर प्रयागराज में आस्था का समागम देखने को मिला। गुरुवार सुबह से ही संगम तट पर श्रद्धालुओं, साधु-संतों और कल्पवासियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए देशभर से आए श्रद्धालु संगम घाटों की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। साधु-संतों, संन्यासियों और कल्पवासियों की मौजूदगी से संगम क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

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दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान

मेला प्रशासन के अनुसार, सुबह 10 बजे तक 36 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त पूरे दिन रहने के कारण शाम तक स्नान करने वालों की संख्या एक करोड़ के पार पहुंच सकती है। प्रशासन ने इस बार कुल दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान जताया है।

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सुरक्षा और मार्गदर्शन के कड़े इंतजाम

घने कोहरे के बीच श्रद्धालु आस्था के साथ संगम घाटों तक पहुंचे। मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और मार्गदर्शन के इंतजाम और कड़े कर दिए। एसपी माघ मेला नीरज पांडे ने बताया कि कोहरे के कारण पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है ताकि कोई श्रद्धालु रास्ता न भटके और हर गतिविधि पर सतत निगरानी रखी जा सके।

स्नान घाटों पर विशेष प्रबंध

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के अनुसार, 24 स्नान घाटों पर विशेष प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में पीएसी, बाढ़ राहत पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आरएएफ, एटीएस, बीडीडीएस सहित हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही यूपी 112 की गाड़ियां, आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम और हाईटेक रिस्पांस प्लान को सक्रिय किया गया है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। Read More Prayagraj Magh Mela 2026: प्रयागराज में मकर संक्रांति पर दिखा आस्था का समागम, संगम पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब