मेरठ: दलित महिला हत्याकांड मामले में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने जताई चिंता, कहा – “मुझे आशंका है कि लड़की को…”

BE NEWS – मेरठ के थाना सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मृतका की बेटी को सकुशल बरामद कर लिया है और मुख्य आरोपी युवक पारस सोम को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी युवक और बरामद की गई युवती से पूछताछ कर रही है।

अपहरण के विरोध में हुई हत्या का आरोप

आपको बता दें कि मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दिनदहाड़े हुई दिल दहला देने वाली वारदात के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी । पुलिस ने घटना के तीन दिन बाद अपहृत दलित किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया है। इसके साथ ही इस मामले के मुख्य आरोपी युवक पारस को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

वहीं पीड़ित परिवार का आरोप है कि पारस सोम ने उनकी बेटी का अपहरण किया था। जब इस बात का मृतका ने विरोध किया तो आरोपी ने महिला पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार दलित समाज से ताल्लुक रखता है, जिस कारण यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है।

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लव एंगल को लेकर बढ़ी सियासत

घटना के बाद भीम आर्मी चीफ और नगीना से लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस पूरे मामले को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिजनों से मुलाकात के लिए मेरठ रवाना हुए। हालांकि, रास्ते में गाजीपुर बॉर्डर पर गाजियाबाद पुलिस ने उन्हें रोक लिया।

चंद्रशेखर आजाद ने प्रशासन को दी चेतावनी

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि, उन्हें डर है कि लड़की और उसके परिवार पर दबाव बनाकर आरोपी के पक्ष में बयान बदलवाने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने कहा, “मुझे आशंका है कि लड़की को डराकर या समझाकर, परिवार को दबाव में लेकर लड़के के समर्थन में बयान दिलवाया जा सकता है। कल से ही यह नैरेटिव चलाया जा रहा है कि लड़का-लड़की में अफेयर था।” उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि पीड़िता और उसके परिवार पर किसी भी तरह का दबाव न डाला जाए।

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पीड़िता के भाई का बयान

मृतका के भाई ने भी इस मामले में अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि उनकी बहन पर किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए और उसका बयान नहीं बदलवाया जाना चाहिए। भाई का कहना है कि उन्हें आशंका है कि कुछ लोग युवती पर दबाव बनाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन उन्हें भरोसा है कि सच सामने आएगा।

गांव में तैनात भारी पुलिस बल

स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी पहलुओं से हत्या, अपहरण और कथित प्रेम संबंध को ध्यान में रखते हुए पूछताछ जारी है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी। Read More मेरठ: दलित महिला हत्याकांड मामले में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने जताई चिंता, कहा – “मुझे आशंका है कि लड़की को…”

Unnao Rape Case: सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को राहत देने वाले हाईकोर्ट आदेश पर लगाई रोक, नोटिस जारी कर मांगा जवाब

BE NEWS – सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप केस मामले में बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर केस की सुनवाई की। जिसके बाद SC ने इस मामले में दिल्ली हाइकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है और नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

SC ने सेंगर को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

आपको बता दें कि आज उन्नाव दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ी राहत देने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। SC ने सेंगर को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है और साफ किया है कि हाईकोर्ट के 23 दिसंबर के आदेश के आधार पर उन्हें हिरासत से रिहा नहीं किया जाएगा।

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फैसले पर तत्काल रोक लगाने की मांग

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई में न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की याचिका पर सुनवाई की। सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट के फैसले पर तत्काल रोक लगाने की मांग की, जिसे पीठ ने स्वीकार कर लिया। अदालत ने कहा कि, इस मामले में कई महत्वपूर्ण कानूनी सवाल हैं, जिन पर विचार किया जाना जरुरी है।

चार सप्ताह बाद अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद तय की है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने दलील दी कि यह नाबालिग से जुड़े गंभीर अपराध का मामला है, जिसमें दोषी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो अधिनियम की धाराएं 5 व 6 के तहत आरोप साबित हुए हैं। अदालत ने रिकॉर्ड पर यह भी लिया कि अपराध के समय पीड़िता की उम्र 15 साल 10 महीने थी।

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हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती

दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 दिसंबर को सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित कर दी थी, यह कहते हुए कि दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ उनकी अपील लंबित है और वे पहले ही सात साल पांच महीने जेल में बिता चुके हैं। इसी आदेश को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।हालांकि, सेंगर फिलहाल जेल में ही रहेंगे क्योंकि पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में उन्हें अलग से 10 साल की सजा मिली हुई है और उस मामले में उन्हें जमानत नहीं है।

अन्य याचिकाओं पर भी हो सकता है विचार

इस पूरे मामले में अधिवक्ता अंजलि पटेल और पूजा शिल्पकार की ओर से भी याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनकी सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पीड़ित पक्ष ने जताया भरोसा

इससे पहले पीड़िता और उनकी मां ने जंतर-मंतर पर सेंगर को मिली राहत के विरोध में प्रदर्शन किया था। पीड़िता की मां ने कहा कि, ” उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है और वे बिना दबाव के कानूनी लड़ाई जारी रखना चाहती हैं। पीड़िता ने CM योगी से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि उन्हें निडर होकर न्याय के लिए लड़ने की सुरक्षा दी जाए।” Read More Unnao Rape Case: सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को राहत देने वाले हाईकोर्ट आदेश पर लगाई रोक, नोटिस जारी कर मांगा जवाब

कुलदीप सेंगर की रिहाई के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर प्रदर्शन, रेप पीड़िता की मां ने सुप्रीम कोर्ट जाने की कही बात

BE NEWS – दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उन्नाव रेप केस के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत दिए जाने के खिलाफ लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस फैसले की लोगों ने कड़ी निंदा करते हुए न्याय दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

उन्नाव रेप केस: पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर को दिल्ली HC से जमानत ... जमानत रद्द करने की मांग

आपको बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उन्नाव रेप केस में दोषी ठहराए गए पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सशर्त जमानत दिए जाने के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को हाईकोर्ट के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने इस फैसले को न्याय के खिलाफ बताते हुए कड़ी आलोचना की और जमानत रद्द करने की मांग की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लोगों में गहरा आक्रोश और निराशा देखने को मिली।

न्याय व्यवस्था से बड़ा झटका

इस दौरान पीड़िता की मां ने हाईकोर्ट के फैसले पर गहरा दु:ख व्यक्त किया और कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था से बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगी। पीड़िता की मां ने कहा कि, सेंगर की जमानत तत्काल रद्द होनी चाहिए और यदि सर्वोच्च न्यायालय से भी न्याय नहीं मिला तो हम ये देश छोड़ कर दूसरे देश चले जाएंगे।

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दोषी को राहत देना देश के लिए गलत संदेश -मुमताज पटेल

कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने भी हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि तकनीकी आधार पर दोषी को राहत देना देश के लिए गलत संदेश है और इससे न केवल पीड़िता के परिवार, बल्कि पूरे समाज, खासकर महिलाओं के न्याय व्यवस्था पर भरोसे को ठेस पहुंची है।

न्याय नहीं मिला तो आंदोलन होगा और तेज

महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना ने कहा कि वे न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्वक हाईकोर्ट पहुंची हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़िता को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा, क्योंकि यह उनका संवैधानिक अधिकार है। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई जमानत रद्द की जाए। Read More कुलदीप सेंगर की रिहाई के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर प्रदर्शन, रेप पीड़िता की मां ने सुप्रीम कोर्ट जाने की कही बात