UP Budget 2026: यूपी बजट सत्र का हंगामेदार आगाज़, सदन में गूंजे ‘गो-बैक’ के नारे…

UP Budget 2026 – उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन बड़ी हलचल वाला रहा। यूपी विधानसभा का बजट सत्र (UP Budget 2026) आज से शुरू हो गया है, लेकिन उम्मीद के मुताबिक सत्र की शुरुआत शांतिपूर्ण नहीं रही। जैसे ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपना भाषण शुरू किया, विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। आखिर सदन के अंदर और बाहर आज क्या-क्या हुआ, आइए देखते हैं इस रिपोर्ट में।”

बजट सत्र का हंगामेदार आगाज़ 

आपको बता दें कि यूपी विधानसभा के बजट सत्र (UP Budget 2026) का आगाज़ काफी हंगामेदार रहा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सदन में पहुंचते ही विपक्षी दलों ने ‘गो-बैक’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। विपक्ष के इस भारी शोर-शराबे की वजह से सदन के भीतर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है और यहां हंगामा करना शोभा नहीं देता। उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि अगर उनके पास कोई जनता से जुड़ा मुद्दा है, तो वे शोर मचाने के बजाय उस पर चर्चा करें।

UP Budget 2026
रिपोर्ट में यूपी की तरक्की का पूरा ब्योरा

यही नहीं, मुख्यमंत्री ने आज एक ऐतिहासिक घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि राज्यपाल के भाषण के बाद सरकार पहली बार राज्य का ‘इकोनॉमिक सर्वे’ यानी आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने जा रही है। इस रिपोर्ट में यूपी की तरक्की का पूरा ब्योरा होगा। सीएम योगी का दावा है कि उनकी सरकार ने यूपी को पिछड़ेपन से निकालकर एक मजबूत अर्थव्यवस्था बना दिया है।

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UP Budget 2026
इकोनॉमिक सर्वे ही बजट चर्चा की बुनियाद

योगी आदित्यनाथ ने जोर देते हुए कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि सरकार ने उनके लिए क्या काम किया है। अब यह इकोनॉमिक सर्वे ही बजट चर्चा की बुनियाद बनेगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विपक्ष चर्चा में हिस्सा लेगा या फिर यह सत्र भी सिर्फ हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा?”

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UP Cabinet Meeting: शिक्षकों को बड़ी राहत, अब मिलेगा कैशलेस इलाज, कैबिनेट बैठक में लगी कई अहम फैसलों पर मुहर

UP Cabinet Meeting- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक (UP Cabinet Meeting) में राज्य सरकार ने शिक्षकों और शिक्षा कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। कैबिनेट ने प्रदेश के करीब 11.92 लाख शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह सुविधा राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लागू की जाएगी।

UP Cabinet Meeting
UP Cabinet Meeting
माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी लाभ

बता दें कि कैबिनेट बैठक (UP Cabinet Meeting) में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 2.97 लाख से अधिक कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मंजूरी दी गई। इस पर सरकार को 89.25 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। हालांकि, जो कर्मचारी पहले से किसी सरकारी स्वास्थ्य योजना से आच्छादित हैं, उन्हें इसका अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते वर्ष 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) के अवसर पर शिक्षकों को कैशलेस इलाज देने की घोषणा की थी, जिसे अब कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है।

इस फैसले से शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया समेत शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कार्मिक लाभान्वित होंगे। योजना के क्रियान्वयन पर सरकार को करीब 358.61 करोड़ रुपये का व्यय भार आएगा।

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Big relief for teachers
Big relief for teachers
कैबिनेट में 30 प्रस्ताव पास

बैठक (UP Cabinet Meeting) में कुल 32 प्रस्तावों में से 30 को मंजूरी दी गई, जबकि 14वें और 17वें प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया गया। इलके साथ ही कई अन्य प्रमुख फैसले पर भी मुहर लगाई गई, जिनमें शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को स्वीकृति मिली, भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की प्रक्रिया सरल होगी। बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना की जाएगी। विकास शुल्क के संशोधित दरें लागू होंगी।

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Cashless Treatment
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आपदा प्रभावित परिवारों का पुनर्वास

कैबिनेट (UP Cabinet Meeting) ने आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को भी मंजूरी दी। बहराइच के परतापुर समेत अन्य गांवों में प्रभावित परिवारों को भूमि पट्टा और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए जाएंगे। कुल 136 परिवारों को पुनर्वास का लाभ मिलेगा, साथ ही खेती के लिए भी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

CM फेलो को प्रतियोगी परीक्षाओं में राहत

सरकार ने सीएम फेलो को यूपीपीएससी और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में अधिकतम तीन वर्ष की आयु सीमा छूट और अतिरिक्त अंक देने का फैसला किया है। सेवा अवधि के आधार पर मुख्य परीक्षा में अधिमान अंक भी मिलेंगे। इससे युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर बढ़ेगा।

तीन वर्ष की वकालत का अनुभव अनिवार्य

कैबिनेट ने पीसीएस (न्यायिक) भर्ती नियमों में संशोधन करते हुए अब तीन वर्ष की वकालत का अनुभव अनिवार्य कर दिया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की संस्तुति के आधार पर लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे न्यायिक सेवा की भर्ती प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व मजबूत होगी। Read More UP Cabinet Meeting: शिक्षकों को बड़ी राहत, अब मिलेगा कैशलेस इलाज, कैबिनेट बैठक में लगी कई अहम फैसलों पर मुहर

यूपी सरकार का बड़ा एक्शन, बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री निलंबित

BE NEWS – उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। निलंबन के साथ ही उन्हें जांच पूरी होने तक शामली के कलेक्टर कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच बरेली मंडलायुक्त को सौंपी गई है।

प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया है।निलंबन के साथ ही उन्हें शामली स्थित कलेक्टर कार्यालय से अटैच कर पूरे प्रकरण की जांच बरेली मंडलायुक्त को सौंपी गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी दिन सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी थी।उन्होंने अपने इस्तीफे में केंद्र और राज्य सरकार की कुछ नीतियों, विशेष रूप से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों तथा प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ माघ मेले से जुड़े घटनाक्रम को लेकर नाराजगी जाहिर की थी।

Alankar Agnihotri

इस्तीफे में लगाए गंभीर आरोप

अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल और निर्वाचन आयोग को भेजे गए सात पन्नों के इस्तीफे में लिखा कि देश में अब न तो जनतंत्र बचा है और न ही गणतंत्र, बल्कि “भ्रमतंत्र” कायम है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे आरोप लगाते हुए यूजीसी के नए कानून का भी खुलकर विरोध किया।अपने पत्र में उन्होंने खुद को उत्तर प्रदेश सिविल सेवा (2019 बैच) का अधिकारी बताते हुए कहा कि प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दौरान शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि बटुक ब्राह्मण को जमीन पर गिराकर उसकी शिखा पकड़कर घसीटा गया, जो धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा का घोर उल्लंघन है।

ब्राह्मण विरोधी मानसिकता का आरोप

इस्तीफे में अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि यह घटना प्रशासन और सरकार की ब्राह्मण विरोधी सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि साधु-संतों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिससे समाज में गहरा आक्रोश है।

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Alankar Agnihotri
Alankar Agnihotri

पोस्टर के साथ तस्वीर वायरल

सोशल मीडिया पर सिटी मजिस्ट्रेट की एक तस्वीर भी वायरल हुई, जिसमें वह हाथ में पोस्टर लिए नजर आए। पोस्टर पर लिखा था- “UGC Roll Back… काला कानून वापस लो। शंकराचार्य और संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।”

45 मिनट तक बंधक बनाकर रखने का आरोप

इस्तीफे के बाद अलंकार अग्निहोत्री डीएम आवास पहुंचे, जहां करीब एक घंटे तक रहने के बाद बाहर निकलकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि उन्हें 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया और लखनऊ से आए एक फोन कॉल पर उन्हें अपशब्द कहे गए। उन्होंने दावा किया कि यह सब एक साजिश के तहत किया गया।

 

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज

इस पूरे प्रकरण पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार शंकराचार्य को जानबूझकर परेशान कर रही है। वहीं भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “मैं न तो उन्हें जानता हूं और न ही उनके बारे में सुना है। कई लोग राजनीति में आने के लिए ऐसे बहाने ढूंढते हैं।”

इस्तीफा वापस लेने की मांग

कर्मचारी कल्याण सेवा समिति सहित कई संगठनों ने अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और सरकार से इस्तीफा वापस कराने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि यदि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो आंदोलन किया जाएगा।

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UP Mock Drill: उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सायरन बजते ही होगा आज ब्लैकआउट, शाम 6 बजे यूपी सुरक्षा का ‘शक्ति परीक्षण’

UP Mock Drill – उत्तर प्रदेश में आज शाम 6 बजे प्रदेश के सभी जिलों में 10 मिनट के लिए बिजली सप्लाई अस्थाई रुप से बंद कर ही जाएगी। ये ब्लैक आउट सिर्फ एक अभ्यास है, जिसको लेकर योगी सरकार ने लोगों से सहयोग करने की अपील की है।

प्रदेश के सभी 75 जिलों में बिजली सप्लाई बंद 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में आज शाम सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के अभ्यास के तहत बड़ा मॉक ड्रिल किया जाएगा। शाम 6 बजे से प्रदेश के सभी 75 जिलों में लगभग 10 मिनट के लिए बिजली की सप्लाई अस्थायी रूप से बंद रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कोई आपात स्थिति नहीं है, बल्कि सिर्फ एक अभ्यास है।

सरकार के मुताबिक, इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध, आतंकवादी हमला, हवाई खतरा, बड़ी आग या प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में प्रशासन और जनता कितनी जल्दी और सही तरीके से प्रतिक्रिया दे पाती है।

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मॉक ड्रिल का कार्यक्रम
  • शाम 6 बजे से पहले अलग-अलग जिलों में सायरन बजाए जाएंगे।

  • इसके बाद लगभग 10 मिनट तक प्रदेशभर में बिजली बंद रहेगी।

  • पुलिस, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों को पूरी तरह अलर्ट रखा जाएगा।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ में मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे, जो पुलिस लाइंस में आयोजित किया जाएगा।

इस दौरान यह देखा जाएगा कि आपात स्थिति में पुलिस कितनी तेजी से मौके पर पहुंचती है, राहत और बचाव कार्य कैसे किए जाते हैं, और घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

अभ्यास में प्रशासन का समर्थन करने की अपील

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि ब्लैकआउट के दौरान घबराए नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। लोगों से कहा गया है कि वे घरों की लाइट बंद रखें, बेवजह बाहर न निकलें और इस अभ्यास में प्रशासन का पूरा समर्थन दें।

सरकार का मानना है कि इस तरह के अभ्यास से प्रशासन की कमियों का पता चलता है और समय रहते सुधार किया जा सकता है। भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में यह कदम जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद करेगा। Read More UP Mock Drill: उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सायरन बजते ही होगा आज ब्लैकआउट, शाम 6 बजे यूपी सुरक्षा का ‘शक्ति परीक्षण’