“दशकों की उपेक्षा को अब विकास में बदल रही है सरकार…” गुवाहाटी में पीएम मोदी ने बोला कांग्रेस पर तीखा हमला

BE NEWS: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुवाहाटी के गोपीनाथ बरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए काग्रेंस पर जमकर निशाना साधा।

गोपीनाथ बरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन

आपको बता दें कि असम के गुवाहाटी में आज पीएम मोदी ने गोपीनाथ बरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। जहां मंच पर से जनता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने काग्रेंस पर निशाना साधा। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि, असम और पुर्वोत्तर का विकास कांग्रेस सरकार के एजेंडे में कभी था ही नहीं। उनकी सरकार में बैठे लोग कहते थे कि असम और पुर्वोत्तर में जाता ही कौन है। उन्हें लगता था कि यहां आधुनिक एयरपोर्ट, बेहतर रेलवे और हाईवे की कोई जरूरत नहीं है।” प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि इसी सोच के कारण दशकों तक पूरे क्षेत्र की उपेक्षा हुई, जिसे उनकी सरकार अब एक-एक कर सुधार रही है।

हिंसा से विकास तक का सफर

आगे उन्होंने कहा कि, जिन इलाकों की पहचान पहले हिंसा और खून-खराबे से होती थी, आज वहां 4G और 5G तकनीक के जरिए डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि जो जिले कभी हिंसाग्रस्त माने जाते थे, वे अब ‘आकांक्षी जिले’ बन चुके हैं और आने वाले समय में यही क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र के रूप में उभरेंगे।

आसियान देशों से भारत को जोड़ने में एक अहम ब्रिज

पीएम मोदी ने ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने पूर्वोत्तर को विशेष प्राथमिकता दी है। असम आज भारत के ‘ईस्टर्न गेटवे’ के रूप में उभर रहा है और आसियान देशों से भारत को जोड़ने में एक अहम ब्रिज की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह पहल भविष्य में व्यापार, निवेश और रोजगार के नए रास्ते खोलेगी।

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नए टर्मिनल की सालाना क्षमता 1 करोड़ 30 लाख से अधिक यात्रियों की है, जिससे यह पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा एयरपोर्ट टर्मिनल बन गया है. (Photo: X/Screengrab)

विकास की अविरल धारा

एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जैसे ब्रह्मपुत्र की धाराएं कभी नहीं रुकतीं, वैसे ही भाजपा की डबल इंजन सरकार में असम में विकास की धारा भी लगातार बह रही है। असम की जनता का प्यार, स्नेह और खासकर माताओं-बहनों का अपनापन उन्हें पूर्वोत्तर के विकास के लिए लगातार प्रेरित करता है।

असम की पहचान को मिटाने की साजिश

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आजादी से पहले असम की पहचान को मिटाने की साजिश की गई थी। उन्होंने कहा कि जब मुस्लिम लीग और ब्रिटिश हुकूमत भारत के विभाजन की जमीन तैयार कर रहे थे, तब असम को अविभाजित बंगाल यानी ईस्ट पाकिस्तान में शामिल करने की योजना थी, जिसमें कांग्रेस भी शामिल होने जा रही थी। पीएम मोदी ने गोपीनाथ बरदोलोई के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी ही पार्टी के खिलाफ खड़े होकर असम को भारत से अलग होने से बचाया।