Navratri 2026 Day 3: माता चंद्रघंटा की पूजा से मिलेगा भय से मुक्ति और सुख-समृद्धि का वरदान, जानें संपूर्ण पूजा विधि, मंत्र…

BE News – चैत्र नवरात्रि 2026 के तीसरे (Navratri 2026 Day 3) दिन यानी 21 मार्च को मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप माता चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। मां चंद्रघंटा का स्वरूप अत्यंत शांतिदायक और कल्याणकारी है। माता के माथे पर अर्धचंद्र सुशोभित है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। मां का वाहन शेर है और वे अपने भक्तों को भय से मुक्त कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वरदान देती हैं।

नवरात्रि 2022, तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा पूजा विधि, मंत्र, शुभ समय, रंग, महत्व - वह सब कुछ जो आपको जानना चाहिए

नवदुर्गा के नौ स्वरूपों में तीसरी शक्ति माता चंद्रघंटा, जानें महत्व-

मां चंद्रघंटा नवदुर्गा के नौ स्वरूपों में तीसरी शक्ति हैं। इनकी आराधना से साधक के मन से क्रोध, भय और नकारात्मकता का नाश होता है। माँ दस भुजाओं वाली हैं और हाथों में विभिन्न शस्त्र धारण किए हुए हैं। शास्त्रों के अनुसार जो भक्त सच्चे मन से माँ चंद्रघंटा की उपासना करते हैं, उनके जीवन से सभी संकट दूर हो जाते हैं।

माता चंद्रघंटा पूजा विधि

नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा इस प्रकार करें-

1. ब्रह्म मुहूर्त में उठें सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करें।

2. पूजा स्थल तैयार करें पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कें और माता की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।

3. दीप प्रज्वलन करें धूप-दीप जलाएं और माता को सिंदूर, गंध, धूप, अक्षत अर्पित करें।

4. पुष्प अर्पित करें माता को चमेली के फूल अर्पित करना अतिशुभ है। चमेली न हो तो कोई भी पीला फूल अर्पित करें।

5. भोग लगाएं माता को खीर, शहद या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं।

6. मंत्र जाप करें पूजा के दौरान ‘ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः’ मंत्र का जाप करें। दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ भी करें।

7. आरती करें पूजा के अंत में माता की आरती करें और मन की मुराद मां से कहें।

Navratri 3rd day: नवरात्रि के तीसरे दिन ऐसे करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानिए पूजा विधि और मंत्र – VAMA
माता चंद्रघंटा पूजा विधि
माता चंद्रघंटा के विशेष मंत्र 

बीज मंत्र: ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः।

ऐं श्रीं शक्तयै नम:।

ध्यान मंत्र: पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

स्तुति मंत्र: या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

 माता चंद्रघंटा की पूजा से क्या मिलता है लाभ?

मन से भय और चिंता का नाश होता है, जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। शत्रुओं से रक्षा मिलती है। इसके साथ ही आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और परिवार में मंगल और कल्याण होता है।

आज का शुभ रंग और प्रसाद

नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा में लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। माता को चमेली या पीले फूल अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होती हैं। भोग के रूप में माता को खीर या दूध से बनी मिठाई अर्पित करें। पूजा के दौरान ‘ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः’ मंत्र का जाप करते रहें। माता का वाहन शेर है और वे अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं।

Read More Navratri 2026 Day 3: माता चंद्रघंटा की पूजा से मिलेगा भय से मुक्ति और सुख-समृद्धि का वरदान, जानें संपूर्ण पूजा विधि, मंत्र…