Padma Awards: साल 2026 के लिए पद्म पुरस्कारों का ऐलान, गुमनाम नायकों के समर्पण को राष्ट्र का नमन…
BE NEWS – साल 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इस सम्मान के साथ देशभर के उन तमाम नायकों को जिन्होंने चुपचाप समाज में बड़ा बदलाव लाया, उनको सम्मानित किया जाएगा।
वर्ष 2026 के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान
आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस की गौरवशाली पूर्व संध्या पर, भारत सरकार ने वर्ष 2026 के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक, ‘पद्म पुरस्कारों’ की घोषणा कर दी है। कला, साहित्य, विज्ञान, खेल और समाज सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपना जीवन समर्पित करने वाली असाधारण शख्सियतों को इस बार पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से नवाजा गया है। वहीं देश के दूर-दराज के इलाकों में चुपचाप समाज को बदलने वाले उन ‘गुमनाम नायकों’ को भी ‘पीपल्स पद्म’ के जरिए सम्मान दिया गया है।
कुल 131 पुरस्कारों (5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री) के माध्यम से राष्ट्र ने उन हाथों को सलाम किया है जिन्होंने अपनी विशिष्ट सेवा से भारत की प्रगति और संस्कृति में अमूल्य योगदान दिया है। इस वर्ष की सूची विशेष रूप से चर्चा में है, क्योंकि इसमें जहाँ धर्मेंद्र सिंह देओल, अल्का याग्निक और ममूटी जैसे दिग्गज फिल्मी सितारों के नाम शामिल हैं, हालांकि पद्म पुरस्कार विजेताओं की आधिकारिक सूची केंद्र सरकार द्वारा 25 जनवरी की शाम को जारी की जाएगी, लेकिन इससे पहले सामने आई प्रारंभिक सूची ने यह साफ कर दिया है कि इस बार भी “पीपल्स पद्म” की भावना को आगे बढ़ाया गया है।

पद्मश्री पुरस्कार पाने वालों के नाम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चिरंजी लाल यादव, धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या, बुधरी ताती और चरण हेम्ब्रम जैसे नाम पद्मश्री पुरस्कार पाने वालों में शामिल हैं। ये वे लोग हैं जिन्होंने बिना किसी प्रचार के, बेहद कठिन परिस्थितियों में समाज सेवा को अपना जीवन उद्देश्य बनाया।
प्रारंभिक सूची में शामिल नाम
इस सूची में अंके गौड़ा, आर्मिडा फर्नांडीज, भगवानदास रायकवार, भिकल्या लाडक्या ढिंडा, बृज लाल भट्ट, चरण हेम्ब्रम, चिरंजी लाल यादव, धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या, गफरूद्दीन मेवाती जोगी, इंद्रजीत सिंह सिद्धू, कैलाश चंद्र पंत, कोल्लाक्कयिल देवकी अम्मा जी, कुमारसामी थंगराज, महेंद्र कुमार मिश्र, नूरुद्दीन अहमद, रघुवीर तुकाराम खेडकर, रामचन्द्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले सहित कई अन्य नाम शामिल हैं।
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समाज की भलाई को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया
इस वर्ष सम्मानित किए जाने वाले कई लोग दलित, पिछड़े वर्गों, आदिवासी समुदायों और दूरदराज़ के कठिन इलाकों से आते हैं। इन पुरस्कार विजेताओं ने न केवल व्यक्तिगत संघर्षों का सामना किया, बल्कि समाज की भलाई को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। इनकी सेवाएं भले ही सुर्खियों में न रही हों, लेकिन उनका प्रभाव गहरा और स्थायी रहा है।
पद्म पुरस्कार केवल उपलब्धियों का सम्मान नहीं हैं, बल्कि उन मूल्यों की पहचान भी हैं जो देश उन हाथों को भी सलाम करता है, जो बिना तालियों की उम्मीद किए समाज को बेहतर बनाने में लगे रहे।