Thailand Train Accident: थाईलैंड में पैसेंजर ट्रेन पर क्रेन गिरने से हुआ भयानक हादसा, 22 लोगों की मौत, कई लोग घायल

BE NEWS – थाईलैंड में पैसेंजर ट्रेन पर तेज रफ्तार क्रेन गिरने से भीषण हादसा हो गया। जिस कारण ट्रेन पटरी से उतर गई, जिसमें 22 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, वही कई लोगों घायल बताए जा रहे हैं।

तेज रफ्तार क्रेन गिरने से बड़ा हादसा

आपको बता दें कि थाईलैंड के बैंकॉक से करीब 230 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित नाखोन रत्चासिमा प्रांत के सिखियो जिले में पैसेंजर ट्रेन पर तेज रफ्तार क्रेन गिरने से बड़ा हादसा हो गया। ये हादसा एक हाई स्पीड रेल के पुल निर्माण में प्रयोग की जा रही क्रेन के गिरने से हुआ, जिस कारण ट्रैक पर आ रही पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतर गई। जिस कारण ये हादसा हो गया और 22 लोगों की जान चली गई। वहीं कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।

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Thailand Train Accident

राहत-बचाव कार्य जारी

क्रेन के टकराते ही ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और कुछ ही देर में उनमें आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि फर्स्ट रेस्पॉन्डर्स मलबा काटकर घायलों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। हादसे के समय कई यात्री डिब्बों के अंदर फंसे हुए थे, जिन्हें निकालने के लिए विशेष उपकरणों की मदद ली गई।

सरकार ने दिए जांच के आदेश

थाई सरकार के पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना के तुरंत बाद कई रेस्क्यू टीमें मौके पर भेजी गईं। वहीं, थाईलैंड के डिप्टी प्रधानमंत्री और परिवहन मंत्री फिफात रत्चाकितप्राकर्न ने मामले को गंभीर बताते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को जांच के आदेश दिए हैं, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

पूरे देश में शोक की लहर

इस भीषण दुर्घटना के बाद पूरे थाईलैंड में शोक का माहौल है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है, जबकि घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में जारी है। Read More Thailand Train Accident: थाईलैंड में पैसेंजर ट्रेन पर क्रेन गिरने से हुआ भयानक हादसा, 22 लोगों की मौत, कई लोग घायल

Tariff War with Iran: ट्रंप का बड़ा ऐलान, ईरान से कारोबार करने वालों पर अमेरिका लगाएगा 25% टैरिफ, भारत पर क्या होगा इसका असर…

BE NEWS – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक नया फरमान जारी किया है। सख्त रुख अपनाते हुए ट्रंप ने ये ऐलान किया है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा उसे 25 प्रतिशत टैरिफ देना होगा।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर दी जानकारी

आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने कल 12 जनवरी दिन सोमवार को एक बार फिर से बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापारिक संबध रखेगा उस पर 25 प्रतिशत टैरिफ देना होगा। ट्रंप ने इस फैसले की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह आदेश अंतिम और निर्णायक है और इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ लगाया

 प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर असर

ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में चीन, भारत, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान और आर्मेनिया जैसे देश शामिल हैं। ऐसे में ट्रंप के इस कदम का सीधा असर इन सभी देशों पर पड़ने की आशंका है। भारत के लिए यह फैसला विशेष रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल के वर्षों में भारत ईरान के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में शामिल रहा है। अमेरिका पहले ही भारत पर ऊंचे टैरिफ लगा चुका है और अब ईरान के साथ व्यापार जारी रखने की स्थिति में भारतीय निर्यातकों को और अधिक दबाव झेलना पड़ सकता है।

भारत-ईरान व्यापार के आंकड़े

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत से ईरान को भेजे जाने वाले प्रमुख उत्पादों में चावल, चाय, चीनी, दवाइयां, कृत्रिम फाइबर, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और आर्टिफिशियल ज्वेलरी शामिल हैं। वहीं ईरान से भारत में सूखे मेवे, रसायन और कांच से बने उत्पादों का आयात किया जाता है। वहीं वर्ष 2023 में भारत ने ईरान को करीब 1.19 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि ईरान से भारत का आयात लगभग 1.02 अरब डॉलर रहा। चावल, सोयाबीन मील और केले भारत के प्रमुख निर्यात उत्पादों में शामिल रहे, जबकि ईरान से खासतौर पर रासायनिक उत्पादों का आयात हुआ।

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 केवल व्यापार तक सीमित नहीं भारत और ईरान

भारत और ईरान के रिश्ते केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हजारों वर्षों पुराने माने जाते हैं। भारतीय दूतावास के अनुसार, आज के दौर में ये संबंध राजनीतिक संवाद, व्यापार, कनेक्टिविटी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के आपसी संपर्क के जरिए और मजबूत हुए हैं।

चाबहार के विकास को लेकर समझौता

भारत-ईरान संबंधों का सबसे अहम स्तंभ चाबहार बंदरगाह परियोजना है। 2015 में दोनों देशों के बीच चाबहार के विकास को लेकर समझौता हुआ था, जिसके बाद भारत, ईरान और अफगानिस्तान के बीच त्रिपक्षीय समझौता भी किया गया। भारत की कंपनी इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) वर्तमान में शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल के संचालन और विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही है। मई 2024 में हुए 10 वर्षीय समझौते को दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग के लिहाज से बेहद अहम माना गया। Read More Tariff War with Iran: ट्रंप का बड़ा ऐलान, ईरान से कारोबार करने वालों पर अमेरिका लगाएगा 25% टैरिफ, भारत पर क्या होगा इसका असर…

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे अहमदाबाद, पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय सहयोग पर हो सकती है चर्चा

BE NEWS – जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12 व 13 जनवरी तक अपने दो दिवसीय दौरे पर भारत आए हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर पहली बार वो भारत यात्रा पर आये हैं।

अंतरराष्ट्रीय पंतग महोत्सव का उद्घाटन

आपको बता दें कि पीएम मोदी के निमंत्रण पर भारत आये जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज रविवार रात को सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे पर पहुंचे। वहीं आज उन्होंने अहमदाबाद में पीएम मोदी के साथ साबरमती आश्रम पंहुच कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। जिसके बाद वो साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे। जहां पहुंचने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पंतग महोत्सव का उद्घाटन भी किया।

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व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात

इसके बाद दोनों नेता गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर पहुंचे, जहां भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को हाल ही में 25 वर्ष पूरे हुए हैं। शाम को प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे और क्षेत्रीय व वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।

निवेश, टेक्नोलॉजी जैसे कई अहम विषयों पर चर्चा होगी

इस उच्चस्तरीय बैठक में व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रक्षा-सुरक्षा, विज्ञान, नवाचार और ग्रीन एनर्जी जैसे अहम विषयों पर चर्चा होगी। चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ 25 प्रमुख जर्मन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों का एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।

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 मेक इन इंडिया पहल को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद

प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज की मुलाकात के दौरान करीब 8 अरब डॉलर की एक बड़ी रक्षा डील को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। यह डील भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट-75I के तहत छह आधुनिक स्टेल्थ पनडुब्बियों के निर्माण से जुड़ी है। इसके लिए 2500 टन वजनी टाइप-214NG सबमरीन का चयन किया गया है, जो एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन तकनीक से लैस है।  इस डील से मेक इन इंडिया पहल को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

ग्रीन एनर्जी सहयोग पर भी अहम फैसला संभव

इस यात्रा के दौरान ग्रीन एनर्जी सहयोग पर भी बड़ा फैसला लिया जा सकता है। जर्मनी की सरकारी कंपनी यूनिपर और भारत के ग्रीनको ग्रुप के बीच पहले ही समझौता हो चुका है, जिसके तहत हर साल 2.5 लाख मीट्रिक टन ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति की जा सकती है। चांसलर मर्ज की इस यात्रा में इस डील को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है। Read More जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे अहमदाबाद, पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय सहयोग पर हो सकती है चर्चा

एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ ने मानी गलती, 3500 से अधिक आपत्तिजनक पोस्ट किए ब्लॉक, 600 अकाउंट डिलीट

BE NEWS – केंद्र सरकार के सख्त आदेश के बाद सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स ने अपने कई यूजर्स पर एक्शन लेते हुए 600 अकाउंट्स को हटा दिया है, इसके साथ ही 3500 से ज्यादा की पोस्ट भी डिलीट की है।

आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर मानी अपनी गलती

आपको बता दें कि भारत सरकार ने एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने भारत में आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर अपनी गलती को मान लिया है, और ने भारत सरकार को भरोसा दिलाया है कि वह आगे से भारतीय कानूनों और आईटी नियमों का पूरी तरह पालन करेगा। इस कार्रवाई के तहत X ने अपने AI टूल Grok से जुड़े 3500 से अधिक आपत्तिजनक कंटेंट को ब्लॉक किया है, जबकि 600 से ज्यादा अकाउंट्स को स्थायी रूप से डिलीट कर दिया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, एक्स ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की अश्लील, गैर-सहमति वाली या आपत्तिजनक इमेजरी को अनुमति नहीं दी जाएगी।

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रक्षा अभियानों की लाइव कवरेज पर रोक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जारी ...

AI चैटबाट ग्रोक के दुरुपयोग पर सरकार सख्त

भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को AI चैटबाट ग्रोक के  दुरुपयोग के मामलों में जवाबदेही तय करने के लिए नोटिस जारी किया था। सरकार ने कंपनी से ATR मांगी थी, जिसे पहले 5 जनवरी और बाद में समय बढ़ाकर 7 जनवरी तक जमा करने का निर्देश दिया गया था।

पहले नोटिस के जवाब में X ने भ्रामक पोस्ट और गैर-सहमति से तैयार की गई इमेज से जुड़े मामलों में अपनी कंटेंट हटाने की नीतियों की जानकारी दी थी। हालांकि, सरकार का मानना था कि उस जवाब में ग्रोक AI से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट पर की गई वास्तविक कार्रवाई और भविष्य की रोकथाम रणनीति को लेकर किसी भी प्रकार की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी।

Media is not free in India Elon Musks x got angry after Reuters account ...

केंद्रीय सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने जताई थी गंभीर चिंता

केंद्रीय सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने 2 जनवरी को एक्स को लैटर लिखकर AI-जनरेटेड कंटेंट की मॉडरेशन में गंभीर खामियों पर चिंता जताई थी। मंत्रालय ने कहा था कि एक्स के AI चैटबाट ग्रोक की अन्य सेवाओं का इस्तेमाल अश्लील, आपत्तिजनक और गैर-सहमति वाले कंटेंट को बनाने और फैलाने में किया जा रहा है, जिससे खास तौर पर महिलाओं की गरिमा और निजता को नुकसान पहुंच रहा है। मंत्रालय ने इसे आईटी कानून और उससे जुड़े नियमों का उल्लंघन बताते हुए उसे तत्काल अवैध कंटेंट हटाने, अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट देने और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

IT कानून की चेतावनी और सेफ हार्बर का मुद्दा

सरकार ने X को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं की गई तो कानूनी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही यह भी कहा गया था कि IT Act की धारा 79 के तहत मिलने वाली सेफ हार्बर सुरक्षा तभी लागू होगी, जब प्लेटफॉर्म कंटेंट मॉडरेशन में पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता बरतेगा। Read More एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ ने मानी गलती, 3500 से अधिक आपत्तिजनक पोस्ट किए ब्लॉक, 600 अकाउंट डिलीट

PM मोदी ने भारतीय एआई स्टार्टअप्स संग की अहम बैठक, India AI Impact Summit 2026 से पहले किया गया मंथन

BE NEWS – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आधिकारिक आवास पर भारतीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  स्टार्टअप्स के साथ एक महत्वपूर्ण राउंडटेबल बैठक की। यह बैठक अगले महीने भारत में आयोजित होने वाले India AI Impact Summit 2026 से पहले हुई, जिसे देश के लिए वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

12 भारतीय AI स्टार्टअप्स ने लिया हिस्सा

दरअसल इस बैठक में AI for All- Global Impact Challenge के तहत चयनित 12 भारतीय AI स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया। इन स्टार्टअप्स ने प्रधानमंत्री के सामने अपने इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स की प्रस्तुतियां दीं। ये कंपनियां भारतीय भाषाओं पर आधारित फाउंडेशन मॉडल, मल्टी-लिंगुअल LLMs, स्पीच-टू-टेक्स्ट और टेक्स्ट-टू-ऑडियो तकनीक, टेक्स्ट-टू-वीडियो समाधान, ई-कॉमर्स और मार्केटिंग के लिए जनरेटिव AI आधारित 3D कंटेंट, इंजीनियरिंग सिमुलेशन, मैटेरियल रिसर्च, हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स और मेडिकल रिसर्च जैसे उभरते क्षेत्रों में काम कर रही हैं।

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देश में AI सेक्टर तेज़ी से आगे बढ़ रहा

AI स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार की नीतियों और समर्थन की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश में AI सेक्टर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इसमें असीम संभावनाएं हैं। स्टार्टअप्स का मानना है कि AI इनोवेशन और उसके व्यावहारिक उपयोग का वैश्विक केंद्र अब धीरे-धीरे भारत बनता जा रहा है।

परिवर्तनकारी और समावेशी विकास की दिशा

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाज और अर्थव्यवस्था में बड़े पैमाने पर परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि आगामी India AI Impact Summit भारत को वैश्विक तकनीकी मंच पर नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत AI के माध्यम से परिवर्तनकारी और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

दोनों में अपार क्षमता मौजूद

प्रधानमंत्री ने AI स्टार्टअप्स और उद्यमियों को देश के भविष्य का “को-आर्किटेक्ट” बताते हुए कहा कि भारत में इनोवेशन और बड़े स्तर पर किया जाना चाहिए। दोनों में अपार क्षमता मौजूद है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को “Made in India, Made for the World” की भावना के साथ एक अलग और भरोसेमंद AI मॉडल दुनिया के सामने पेश करना चाहिए।

दुनिया का विश्वास देश की सबसे बड़ी ताकत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, ‘ भारत पर दुनिया का विश्वास देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारतीय AI मॉडल नैतिकता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और डेटा प्राइवेसी जैसे मूल सिद्धांतों पर आधारित होने चाहिए।’

उन्होंने स्टार्टअप्स की दिशा में सोचने और काम करने का आह्वान किया तथा कहा कि भारत सस्ती, समावेशी और भरोसेमंद AI को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दे सकता है। साथ ही, भारतीय AI समाधानों में स्थानीय कंटेंट और क्षेत्रीय भाषाओं को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। Read More PM मोदी ने भारतीय एआई स्टार्टअप्स संग की अहम बैठक, India AI Impact Summit 2026 से पहले किया गया मंथन

एस. जयशंकर ने वेनेजुएला में अमेरिकी हमले और मादुरो की गिरफ्तारी पर जताई चिंता, बातचीत से की समाधान की अपील

BE NEWS – भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वेनेजुएला पर हुए हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने से बाद वहां की स्थति पर चिंता जताई है। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए सामाधान करने की अपील की है।

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रातों-रात बदले वेनेजुएला के हलात

आपको बता दें कि नए साल के अगले दिन ही अमेरिका के द्वारा वेनेजुएला पर हमला किया गया था। जिसके बाद  राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नि को गिरफ्तार किया गया था। इस हमले और राष्ट्रपति का गिरफ्तारी के बाद वहां के हालात रातों रात बदल गए थे। वहीं अब इस पूरी घटना के बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए चिंता व्यक्त की है।

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सभी पक्षों से बैठकर कर बातचीत करने की अपील

भारत के विदेश मंत्री इस समय लक्जमबर्ग के दौरे पर हैं। जिसके दौरान उनका पहला बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि, वेनेजुएला पर हुए हमले और वहां जो कुछ हो रहा भारत उसको लेकर काफी चिंतित है। हम सभी पक्षों से इस मामले पर बैठकर कर बातचीत करने की अपील करने और समाधान निकालने की अपील करते है। वेनेजुएला के साथ सालों से हमारे संबंध बहुत अच्छे रहे है, तो हम चाहते हैं कि वहां के लोग सुरक्षित रहें।

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हेल्पलाइन नंबर जारी 

उनका ये बयान लक्जमबर्ग के उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री जोवियर वेटेल के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद उनका ये बयान सामने आया। इससे पहले भी रविवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के हालातों पर चिंता जताई थी और दोनों पक्षों से बातचीत कर शांति स्थापित करने की अपील की थी। इसके साथ ही उन्होंने भारतीयों से कुछ समय के लिए वहां की यात्रा न करने की अपील भी की थी। बता दें कि वेनेजुएला में रह रहें भारतीयों से भी विदेश मंत्रालय लगातार संपर्क बनाए हुए है। इसके लिए उन्होंने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

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Bangladesh Violence: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ती जा रही हिंसा, 18 दिनों में 6 हिंदुओं की हत्या, आखिर क्यों चुप है यूनुस सरकार?

BE NEWS – बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है। उस्मान हादी की हत्या के बाद शुरू हुई हिंसक घटनाओं की संख्या में बीते 18 दिनों के भीतर छह हिंदुओं की जान जा चुकी है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से दो हत्याएं केवल पिछले 24 घंटों में हुई हैं।

18 दिनों के भीतर छह हिंदुओं की हत्या

आपको बता दें कि ईशनिंदा के आरोप में दीपू दास की हत्या के बाद से अब तक 6 हिंदुओ की जान गवां चुके हैं।  सोमवार को ढाका के बाहरी इलाके नरसिंगदी में एक किराने की दुकान चलाने वाले शरत चक्रवर्ती मणि (40) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। सुत्रों के अनुसार, शरत चारसिंदूर बाजार में अपनी दुकान पर मौजूद थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल शरत को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि शरत पहले दक्षिण कोरिया में काम करते थे और कुछ वर्ष पहले ही बांग्लादेश लौटे थे।

इसी दिन एक और दिल दहला देने वाली घटना जशोर जिले के मनीरामपुर से सामने आई, जहां हिंदू पत्रकार राणा प्रताप बैरागी (45) की भी हत्या कर दी गई। हमलावरों ने पहले उन्हें गोली मारी और फिर उनका गला काट दिया। स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह हमला सोमवार शाम करीब 6 बजे हुआ। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

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Bangladesh Hindu Groups Protest Over Persecution Of Minorities Ahead Of ...

अगर यही हाल रहा तो खत्म हो जाएंगे हिंदू

बांग्लादेश के सामाजिक कार्यकर्ता बप्पादित्य बसु ने शरत चक्रवर्ती मणि की हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यह सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो आने वाले कुछ वर्षों में बांग्लादेश से हिंदुओं का अस्तित्व ही समाप्त हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शरत की हत्या से दो दिन पहले चरमपंथियों ने उनसे बड़ी रकम की मांग की थी, जिसे उन्होंने ‘जजिया’ बताया। बसु का दावा है कि शरत को धमकी दी गई थी कि अगर उन्होंने पुलिस में शिकायत की, तो उनकी पत्नी का अपहरण कर लिया जाएगा। उन्होंने सरकार पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा में नाकाम रहने का आरोप भी लगाया।

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भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

भारत में भी इन घटनाओं को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याएं लगातार बढ़ रही हैं और पिछले 18 दिनों में एक पत्रकार और एक किराना दुकानदार समेत छह लोगों की हत्या बेहद चिंताजनक है। उन्होंने इन हत्याओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पूरा भारत बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ खड़ा है।

कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की अन्य पार्टियों पर सवाल

उन्होंने कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की अन्य पार्टियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वे इस गंभीर मुद्दे पर चुप हैं। उनके अनुसार, पूरे देश को एकजुट होकर बांग्लादेश पर कूटनीतिक दबाव बनाना चाहिए, ताकि वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अब देखना ये है कि बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार की ओर से क्या कोई ठोस और सख्त कदम उठाया जाता है या नहीं। Read More Bangladesh Violence: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ती जा रही हिंसा, 18 दिनों में 6 हिंदुओं की हत्या, आखिर क्यों चुप है यूनुस सरकार?

मीर यार बलोच ने भारत के विदेश मंत्री को लिखा पत्र, नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ पाकिस्तान को जड़ से उखाड़ फेंकने की अपील की

BE NEWS – बलूचिस्तान के निर्वासित नेता मीर यार बलोच ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर प्रसाद को चिठ्ठी लिख कर भारत को नए साल की बधाई दी। इसके साथ ही भारत के साथ रिश्तों का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को जड़ से उखाड़ फेंकने की मांग भी की।

भारत को नववर्ष की दी शुभकामनाएं

आपको बता दें कि भारत के विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर प्रसाद को बलूचिस्तान के निर्वासित नेता मीर यार बलोच ने चिठ्ठी लिखकर वहां के लोगों की तरफ से भारत को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही भारत के साथ अपने ऐतिहासिक संबधों का भी जिक्र किया और सहयोग देने की अपील भी की। उन्होंने इस पत्र के जरिए पाकिस्तान को जड. से उखाड़ फेंकने की अपील करते हुए कहा कि, बलूचिस्तान का हर नागरिक भारत के साथ है। उन्होंने हिंगलाज माता मंदिर का भी जिक्र किया।

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Pakistan: नए साल पर जयशंकर के लिए बलूचिस्तान से आया खुला पत्र, लिखा ...

ऐतिहासिक संबधों और सहयोग देने का जिक्र 

मीर यार बलोच ने लिखा कि, यह शुभ अवसर भारत और बलोचिस्तान के बीच सदियों से प्रचलित गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक, आर्थिक, कूटनीतिक, रक्षा और बहुआयामी संबंधों पर विचार करने और उनका जश्न मनाने का अवसर प्रदान करता है। इन स्थायी संबंधों के उदाहरण के रूप में पवित्र स्थल जैसे हिंगलाज माता मंदिर (नानी मंदिर) हैं, जो हमारी साझा विरासत और आध्यात्मिक संबंधों के प्रतीक के रूप में खड़े हैं।

 ऑपरेशन सिन्दूर की सराहना 

आगे उन्होंने लिखा कि,  हम पिछले वर्ष में मोदी सरकार द्वारा ऑपरेशन सिन्दूर के तहत उठाए गए साहसी और दृढ़ कदमों की सराहना करते हैं, जो विशेष रूप से पाकिस्तान द्वारा संचालित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने और पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ उठाए गए थे। बलूचिस्तान के लोग पिछले उनत्तीस सालों से पाकिस्तान के आतंकवाद और भयानक मानवाधिकार अत्याचारों को सहते आए हैं। अब समय आ गया है कि इस समस्या को इसकी जड़ों से समाप्त किया जाए, जिससे हमारे देश के लिए स्थायी शांति और संप्रभुता सुनिश्चित हो सके।

बलूचिस्तान के लोगों की ओर से, हम भारत और उसकी सरकार को मित्रता, विश्वास और आपसी हितों को बढ़ावा देने में हमारे समर्थन की पुन: पुष्टि करते हैं, जिसमें शांति, समृद्धि, विकास, व्यापार, रक्षा, सुरक्षा जैसी भविष्य की चुनौतियां और छिपे हुए खतरों का निवारण शामिल है। इसके साथ ही चीन की तरफ से बढ़ते खतरों से भी अगाह किया। Read More मीर यार बलोच ने भारत के विदेश मंत्री को लिखा पत्र, नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ पाकिस्तान को जड़ से उखाड़ फेंकने की अपील की

तीन बार बांग्लादेश की पीएम रहीं खालिदा जिया का कैसा रहा राजनैतिक सफर, पति की हत्या के बाद रखा था राजनीति में कदम..

BE NEWS – बांग्लादेश की राजनीति की दिग्गज नेता और तीन बार देश की प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया का 30 दिसंबर दिन मंगलवार को 80 वर्ष की आयु में ढाका के एवर केयर अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह लंबे समय से किडनी, लिवर सिरोसिस, हृदय रोग व कई अन्य बीमारियों से जुझ रही थीं। वे न केवल बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं, बल्कि दक्षिण एशिया की चुनिंदा महिलाओं में शामिल रहीं।

2018 में भ्रष्टाचार के मामलों में मिली थी सजा

आपको बता दें कि खालिदा जिया 2018 में भ्रष्टाचार के मामलों में सजा के चलते लंबे समय तक जेल में रहीं। अगस्त 2024 में, जब शेख हसीना की सरकार का पतन हुआ, तब उन्हें जेल से रिहा किया गया। उस समय उनकी सेहत लगातार खराब चल रही थी। इलाज के लिए वे जनवरी 2025 में लंदन गईं। जहां कुछ महीनों तक उपचार के बाद उनकी तबियत में सुधार हुआ और मई 2025 में वे वापस बांग्लादेश लौट आईं। हालांकि नवंबर 2025 में उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों ने विदेश ले जाने की सलाह दी, लेकिन अधिक जोखिम के कारण परिजनों ने उन्हें देश में ही रखने का फैसला किया।

खालिदा जिया: सत्ता, संघर्ष और सियासत का वो दौर जो बांग्लादेश ने रोज जिया

आम चुनाव के लिए नामांकन

अपने स्वास्थ्य के बावजूद खालिदा जिया राजनीति से पूरी तरह दूर नहीं हुई थीं। उन्होंने हाल ही में आम चुनाव के लिए नामांकन भी भरा था। लेकिन नामांकन के अगले ही दिन, फज्र की नमाज के बाद उनका निधन हो गया, जिससे देश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई।

परिवार और राजनीतिक विरासत

खालिदा जिया की राजनीतिक विरासत अब अगली पीढ़ी को सौंपे जाने की कगार पर है। उनके बेटे तारिक रहमान ने 17 साल बाद विदेश से लौटकर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की कमान संभाली है। वहीं उनकी पोती जायमा रहमान भी राजनीति में आने की तैयारी कर रही हैं।

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 तीन बार बनीं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री

खालिदा जिया BNP की अध्यक्ष रहीं और तीन बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं। पहली बार मार्च 1991 से फरवरी 1996 तक दूसरी बार 1996 में कुछ हफ्तों के लिए, इसके बाद तीसरी बार अक्टूबर 2001 से अक्टूबर 2006 पीएम बनीं। वे बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और मुस्लिम देशों में पाकिस्तान की बेनजीर भुट्टो के बाद दूसरी महिला प्रधानमंत्री का दर्जा मिला।

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निजी जीवन से राजनीति तक सफर

खालिदा जिया बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया का जन्म 15 अगस्त 1945 को हुआ था। उनके पति जियाउर रहमान बांग्लादेश के राष्ट्रपति थे, जिनकी 1981 में हत्या कर दी गई थी। पति की मौत के बाद ही खालिदा जिया ने राजनीति में कदम रखा और उनकी पार्टी की बागडोर संभाली। इसके बाद उन्होंने दशकों तक बांग्लादेश की राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाई। खालिदा जिया का जाना केवल एक नेता का जाना नहीं है, बल्कि बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत है। Read More तीन बार बांग्लादेश की पीएम रहीं खालिदा जिया का कैसा रहा राजनैतिक सफर, पति की हत्या के बाद रखा था राजनीति में कदम..

बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया का निधन, पीएम मोदी ने शोक व्यक्त कर 2015 में हुई मुलाकात को किया याद

BE NEWS – बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालीदा जिया की 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रही थी। 30 दिसंबर को सुबह 6 बजे ढाका के एवर केयर अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उसके निधन पर पीएम मोदी ने शोक व्यक्त किया है।

बीएनपी के लिए एक बड़ा झटका

आपको बता दें कि बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया का 30 दिसंबर दिन मंगलवार को 80 वर्ष की आयु में ढाका के एवर केयर अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह लंबे समय से किडनी, लिवर सिरोसिस, हृदय रोग व कई अन्य बीमारियों से जुझ रही थीं। उनको 23 नवंबर को सांस लेने की बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आज सुबह इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। चुनाव के ठीक पहले उनका जाना बीएनपी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। उनके निधन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। इस दौरान उन्होंने उनके साथ 2015 में हुई मुलाकात को याद किया।

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Khaleda Zia | Biography & Facts | Britannica

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर किया पोस्ट

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, “पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के ढाका में निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। हम उनकी परिवार और बांग्लादेश के सभी लोगों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट करते हैं। ईश्वर उनके परिवार को इस दुखद नुकसान को सहने की शक्ति प्रदान करें।”

उनके महत्वपूर्ण योगदान को किया याद 
आगे उन्होंने कहा कि, “बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में, बांग्लादेश के विकास और भारत-बांग्लादेश संबंधों में उनके महत्वपूर्ण योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मुझे 2015 में ढाका में उनसे हुई मेरी भेंट याद है। हमें उम्मीद है कि उनका दृष्टिकोण और विरासत हमारे सहयोग का मार्गदर्शन करती रहेगी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।”