Land For Job Case: लालू यादव को बड़ा झटका, राउज एवेन्यू कोर्ट ने तेजस्वी-राबड़ी समेत 40 लोगों पर तय किए आरोप

BE NEWS – जमीन के बदले नौकरी घोटाले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव समेत कुल 40 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। CBI की विशेष अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया, जिसके साथ ही अब मामले का ट्रायल शुरू होगा।

परिवार पर साजिश का आरोप

आपको बता दें कि सुनवाई के दौरान CBI की विशेष अदालत ने कहा कि, लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मामले में पुख्ता सबूत मौजूद हैं। अदालत के मुताबिक, यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे परिवार द्वारा मिलकर रची गई साजिश है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपियों ने एक ‘क्रिमिनल सिंडिकेट’ की तरह काम किया और जमीन के बदले नौकरी देने की योजना को अंजाम दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर उपलब्ध सबूत आरोप तय करने के लिए पर्याप्त हैं। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।

लालू प्रसाद यादव परिवार को बड़ा झटका, नौकरी के बदले जमीन घोटाले में ...

आखिर क्या है लैंड फॉर जॉब घोटाला

यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच UPA सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि इस दौरान रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियां देने के बदले उम्मीदवारों या उनके परिजनों से जमीन ली गई। ये जमीनें बाद में लालू यादव की पत्नी, बेटों, बेटियों और करीबी रिश्तेदारों के नाम ट्रांसफर कराई गईं।

ये भी देखें- Trump Tariff News: रूस से तेल खरीदना भारत को पड़ेगा भारी? अमेरिका की टैरिफ चेतावनी | BE News

See also  जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे अहमदाबाद, पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय सहयोग पर हो सकती है चर्चा

IRCTC घोटाले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ चलेगा ...

CBI और ED दोनों कर रही जांच

मामले में CBI ने भ्रष्टाचार के आरोप में केस दर्ज किया, जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। CBI की चार्जशीट में कुल 103 आरोपियों के नाम थे, जिनमें से 5 आरोपियों की मौत हो चुकी है और 52 को पहले ही बरी किया जा चुका है। शेष आरोपियों के खिलाफ अब आरोप तय किए गए हैं। लालू प्रसाद यादव पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय हुए हैं, जबकि अन्य आरोपियों पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं।