अगले हफ्ते फैसला लीजिए या सजा के लिए तैयार रहिए… दक्षिणी राज्य के स्पीकर पर क्यों भड़के CJI
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देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष द्वारा भारत राष्ट्र समिति (BRS) के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए 10 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिकाओं पर अभी तक फैसला नहीं लेने पर कड़ी आपत्ति जताई है। मामले की सुनवाई के दौरान CJI गवई ने स्पीकर द्वारा इस मामले में की जा रही लेट-लतीफी पर मौखिक रूप से कहा कि तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष के आचरण से न्यायालय की घोर अवमानना जाहिर होती है।

CJI गवई, जस्टिस विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने बीआरएस विधायक कौशिक रेड्डी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह तल्ख टिप्पणी की। रेड्डी ने बीआरएस से कांग्रेस पार्टी में शामिल होने वाले 10 विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा,”तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष ने न्यायालय की घोर अवमानना ​​की है।” CJI ने दो टूक कहा, “या तो अगले हफ्ते तक फैसला सुनाना होगा या अवमानना ​​का सामना करना होगा। हम पहले ही कह चुके हैं कि उन्हें संवैधानिक छूट प्राप्त नहीं है… यह उन्हें तय करना है कि वे अपना नया साल कहाँ बिताना चाहते हैं।”