VasantPanchami2026: बसंत पंचमी पर पीले कपड़े पहनने की परंपरा क्यों है खास? जानिए इसके पाछे के धार्मिक, वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक कारण…

BE NEWS – बसंत पंचमी का त्योहार मां सरस्वती की पूजा को समर्पित होता है। इस दिन सभी लोग देवी मां की आराधना  करते है। परम्परा के अनुसार इस दिन पर पीले वस्त्र पहने जाते है, पीले रंग के प्रसाद का मां को भोग लगाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि इस त्योहार पर पीले रंग का ही इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

बता दें बसंत पंचमी को श्री पंचमी और ज्ञान पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है और इसी दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है, जिन्हें ज्ञान, विद्या, कला और संगीत की देवी कहा जाता है। इस दिन पीले वस्त्र पहनने की परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे केवल एक रिवाज नहीं बल्कि प्रकृति, अध्यात्म और विज्ञान से जुड़ा हुआ माना जाता है। आइए जानते हैं कि बसंत पंचमी पर पीला रंग पहनने के पीछे क्या कारण हैं।

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1. पीला रंग और बसंत ऋतु का गहरा संबंध

बसंत ऋतु को ‘ऋतुराज’ कहा गया है क्योंकि यह मौसम खुशहाली, नई शुरुआत और सौंदर्य का प्रतीक होता है। इस समय खेतों में सरसों के पीले फूल लहराने लगते हैं, जो प्रकृति में चारों ओर फैली हरियाली और बसंत ऋतु की पहचान बन जाती है। इसी वजह से बसंत पंचमी पर पीले कपड़े पहनना प्रकृति के रंगों के साथ जुड़ने और ऋतु के स्वागत का प्रतीक माना जाता है।

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2. मां सरस्वती को प्रिय है पीला रंग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां सरस्वती को सफेद और पीला रंग अत्यंत प्रिय है। शास्त्रों और चित्रों में देवी को अक्सर हल्के या पीले वस्त्रों में दर्शाया गया है, जो ज्ञान, शांति, सादगी और बुद्धि का प्रतीक हैं।

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3. पीला रंग देता है सकारात्मक ऊर्जा

रंगों का मन और शरीर पर सीधा प्रभाव पड़ता है। पीला रंग ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मक सोच का प्रतीक माना जाता है। यह मस्तिष्क को सक्रिय करता है और मन को प्रसन्न रखता है। इसलिए पीला रंग एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता बढ़ाने में सहायक माना जाता है। इसके साथ पीला रंग पित्त दोष को संतुलित करता है। ये शरीर में गर्माहट और ऊर्जा बनाए रखता है। इसके साथ- साथ सर्दियों के बाद बदलते मौसम में यह रंग शरीर के लिए लाभकारी होता है।

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4. पीले भोजन का विशेष महत्व

इस दिन केवल पीले कपड़े ही नहीं, बल्कि पीले रंग के भोजन बनाने की भी परंपरा है, जैसे- मीठे चावल, केसरिया हलवा, खिचड़ी और सरसों का साग। पीले रंग भोजन शरीर को ऊर्जा और गर्माहट देते हैं, जो मौसम बदलने के समय उपयोगी होते हैं। साथ ही इन्हें समृद्धि और शुभता का प्रतीक भी माना जाता है।

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बसंत पंचमी पर पीले वस्त्र पहनना सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति, अध्यात्म, ऊर्जा और स्वास्थ्य का सुंदर मेल है। इसी कारण इस शुभ दिन पीले वस्त्र धारण करना पवित्र, मंगलकारी और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है।