Sakat Chauth 2026: कब रखा जाएगा संकष्टी चतुर्थी का व्रत, यहां जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और इसका धार्मिक महत्व…

BE NEWS – हिंदू धर्म में संकट चतुर्थी का बहुत ही महत्व है। भगवान गणेश और संकटा माता को समर्पित यह पर्व संकष्टी चतुर्थी, तिलकुट चौथ या माघी चौथ के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से माताएं द्वारा अपनी संतान के लिए रखा जाता है। आइये जानें इस व्रत के शुभ मुहूर्त, तिथि और धार्मिक महत्व…

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी तिथि को संकट चौथ, तिलकुट चौथ या माघी चौथ कहा जाता है। पूजा में इस दिन तिल का विशेष रुप से प्रयोग किया जाता है। इस दिन व्रत करने से भगवान गणेश और संकटा माता विशेष कृपा संतान पर बनी रहती है। विध्नहर्ता सभी कष्टों और संकटों को दूर करते हैं व हर कार्य में सफलता मिलती है।

ये भी देखें- Lucknow में भारत रत्न पूर्व पीएम Atal Bihari Vajpayee की Jayanti पर कवि सम्मेलन | BE News

Sankashti Chaturthi 2023: कब रखा जाएगा एकदंत संकष्टी चतुर्थी का व्रत ...

सकट चौथ का शुभ मुहूर्त व तिथि

हिंदु पंचाग के अनुसार इस बार यह व्रत 6 जनवरी दिन मंगलवार 2026 को रखा जाएगा। जिसकी शुरुआत 06 जनवरी 2026 को सुबह 08: 01 मिनट पर होगी और समाप्ति 07 जनवरी सुबह 6:52 मिनट पर होगी। वहीं उदया तिथि के अनुसार ये पर्व 06 जनवरी 2026 को ही रखा जाएगा।

संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रोदय का समय

संकट चौथ का व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही पूर्ण माना जाता है।
पंचांग के अनुसार, संकट चौथ 2026 पर चंद्रोदय रात लगभग 9:00 बजे होगा।

Vakratunda Sankashti Chaturthi October 2025 Date shubh muhurat siddhi ...

संकट चौथ व्रत का महत्व

सकट चौथ का व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान गणेश ने अपने माता-पिता शिव और पार्वती की परिक्रमा कर अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय दिया था, जिसके कारण वे प्रथम पूज्य कहलाए।

Akhurath Sankashti Chaturthi Paran Vidhi 2024: अखुरथ संकष्टी चतुर्थी ...

सकट चौथ पर गणपति पूजन विधि

संकट चौथ के दिन व्रती को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और लाल रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। भगवान गणेश के सामने व्रत का संकल्प लें। इसके बाद चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाकर गणपति की प्रतिमा स्थापित करें। प्रतिमा या तस्वीर के आगे सिंदूर, दूर्वा, अक्षत, सुपारी और पुष्प अर्पित करें।  गणेश जी को तिलकुट (तिल से बनी मिठाई) का भोग लगाएं। इसके बाद संकट चौथ की पौराणिक कथा का पाठ करें।रात में चंद्रमा निकलने पर जल, दूध और अक्षत मिलाकर अर्घ्य दें। इसके बाद व्रत का पारण करें।

Sakat Chauth 2024: When will it be celebrated? Date, rituals and all ...

संतान के जीवन से सभी विघ्न-बाधाएं होती हैं दूर 

इस दिन व्रत और पूजन करने से यह व्रत विशेष रूप से माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए करती हैं। संतान के जीवन से सभी विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं व घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। Read More Sakat Chauth 2026: कब रखा जाएगा संकष्टी चतुर्थी का व्रत, यहां जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और इसका धार्मिक महत्व…