मीर यार बलोच ने भारत के विदेश मंत्री को लिखा पत्र, नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ पाकिस्तान को जड़ से उखाड़ फेंकने की अपील की
BE NEWS – बलूचिस्तान के निर्वासित नेता मीर यार बलोच ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर प्रसाद को चिठ्ठी लिख कर भारत को नए साल की बधाई दी। इसके साथ ही भारत के साथ रिश्तों का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को जड़ से उखाड़ फेंकने की मांग भी की।
भारत को नववर्ष की दी शुभकामनाएं
आपको बता दें कि भारत के विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर प्रसाद को बलूचिस्तान के निर्वासित नेता मीर यार बलोच ने चिठ्ठी लिखकर वहां के लोगों की तरफ से भारत को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही भारत के साथ अपने ऐतिहासिक संबधों का भी जिक्र किया और सहयोग देने की अपील भी की। उन्होंने इस पत्र के जरिए पाकिस्तान को जड. से उखाड़ फेंकने की अपील करते हुए कहा कि, बलूचिस्तान का हर नागरिक भारत के साथ है। उन्होंने हिंगलाज माता मंदिर का भी जिक्र किया।
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ऐतिहासिक संबधों और सहयोग देने का जिक्र
मीर यार बलोच ने लिखा कि, यह शुभ अवसर भारत और बलोचिस्तान के बीच सदियों से प्रचलित गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक, आर्थिक, कूटनीतिक, रक्षा और बहुआयामी संबंधों पर विचार करने और उनका जश्न मनाने का अवसर प्रदान करता है। इन स्थायी संबंधों के उदाहरण के रूप में पवित्र स्थल जैसे हिंगलाज माता मंदिर (नानी मंदिर) हैं, जो हमारी साझा विरासत और आध्यात्मिक संबंधों के प्रतीक के रूप में खड़े हैं।
ऑपरेशन सिन्दूर की सराहना
आगे उन्होंने लिखा कि, हम पिछले वर्ष में मोदी सरकार द्वारा ऑपरेशन सिन्दूर के तहत उठाए गए साहसी और दृढ़ कदमों की सराहना करते हैं, जो विशेष रूप से पाकिस्तान द्वारा संचालित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने और पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ उठाए गए थे। बलूचिस्तान के लोग पिछले उनत्तीस सालों से पाकिस्तान के आतंकवाद और भयानक मानवाधिकार अत्याचारों को सहते आए हैं। अब समय आ गया है कि इस समस्या को इसकी जड़ों से समाप्त किया जाए, जिससे हमारे देश के लिए स्थायी शांति और संप्रभुता सुनिश्चित हो सके।
बलूचिस्तान के लोगों की ओर से, हम भारत और उसकी सरकार को मित्रता, विश्वास और आपसी हितों को बढ़ावा देने में हमारे समर्थन की पुन: पुष्टि करते हैं, जिसमें शांति, समृद्धि, विकास, व्यापार, रक्षा, सुरक्षा जैसी भविष्य की चुनौतियां और छिपे हुए खतरों का निवारण शामिल है। इसके साथ ही चीन की तरफ से बढ़ते खतरों से भी अगाह किया।