Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा की चौकी स्थापना में न करें ये गलती, जानें सही दिशा और वास्तु नियम…

Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में आस्था का महापर्व चैत्र नवरात्रि इस साल 19 मार्च 2026 से शुरू हो रहा है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि जो भक्त पूरी श्रद्धा और सही नियमों के साथ मां की आराधना करते हैं, उनके जीवन से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।

नवरात्रि के पहले दिन ‘घटस्थापना’ और ‘मां की चौकी’ लगाने का विशेष महत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत दिशा में रखी गई चौकी आपकी पूजा के फल को कम कर सकती है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां दुर्गा की स्थापना के लिए कुछ खास नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

Chaitra Navratri Mata Chowki Rules Setup Guide - चैत्र नवरात्रि में माता की  चौकी लगाने के क्या हैं नियम? नोट कर लीजिए कहीं बड़ी लगती न हो जाए!|  Navbharat Live
चैत्र नवरात्रि, मार्च 2026
किस दिशा में स्थापित करें मां की चौकी?

वास्तु शास्त्र में दिशाओं का ऊर्जा के संचार में बड़ा महत्व है।

ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा): मां दुर्गा की चौकी स्थापित करने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को सबसे उत्तम माना गया है। यह देवताओं की दिशा है और यहाँ सकारात्मक ऊर्जा का भंडार होता है।

उत्तर दिशा: यदि ईशान कोण में जगह की कमी है, तो आप उत्तर दिशा में भी चौकी लगा सकते हैं। इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।

भूलकर भी इस दिशा में न रखें माता की प्रतिमा

वास्तु के अनुसार, दक्षिण दिशा को यमराज और पितरों की दिशा माना जाता है। इस दिशा में मां दुर्गा की चौकी लगाना वर्जित है। दक्षिण दिशा में पूजा स्थल होने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।

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चौकी स्थापना के 5 जरूरी नियम (Vastu Tips)
  1. मुख की दिशा: पूजा करते समय आपका मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। पूर्व दिशा ज्ञान और उत्तर दिशा धन-समृद्धि का प्रतीक है।

  2. कपड़े का चुनाव: माता की चौकी पर हमेशा लाल रंग का साफ-सुथरा सूती या रेशमी कपड़ा बिछाएं। लाल रंग शक्ति और स्फूर्ति का प्रतीक माना जाता है।

  3. गंगाजल से शुद्धि: चौकी स्थापित करने से पहले उस स्थान को अच्छी तरह साफ करें और गंगाजल छिड़क कर पवित्र जरूर करें।

  4. कलश की स्थिति: अखंड ज्योति या कलश को हमेशा माता की प्रतिमा के दाईं ओर (Right Side) स्थापित करना चाहिए।

  5. साफ-सफाई: ध्यान रखें कि पूजा स्थल के आस-पास कोई गंदगी या कबाड़ न हो। जूता-चप्पल पहनकर पूजा स्थल के पास न जाएं।

निष्कर्ष: सही दिशा में मां की स्थापना न केवल वास्तु दोषों को दूर करती है, बल्कि घर में खुशहाली भी लाती है। इस चैत्र नवरात्रि आप भी इन नियमों का पालन कर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।