Padma Vibhushan: दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित, मिला देश का दूसरा सबसे बड़ा सम्मान
Padma Vibhushan – भारत सरकार ने साल 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा गणतंत्र दिवस से पहले रविवार (25 जनवरी) को कर दी है। इस बार कला के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान, प्रदान किया जाएगा।
14 साल पहले पद्म भूषण से सम्मानित
आपको बता दें कि बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का 89 वर्ष की उम्र में पिछले साल 24 नवंबर को निधन हो चुके धर्मेंद्र ने अपने 60 साल के फिल्मी करियर में 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर भारतीय सिनेमा को कई यादगार किरदार दिए। इससे पहले एक्टर धर्मेंद्र को 14 साल पहले पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है। पद्म विभूषण उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिनकी सेवा असाधारण और विशिष्ट मानी जाती है।
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फिल्मी करियर की शुरुआत
धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के लुधियाना जिले के नसराली गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1960 में अर्जुन हिंगोरानी की फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे से की। 1966 में आई फिल्म फूल और पत्थर ने उन्हें पहचान दिलाई, वहीं अनुपमा में उनके अभिनय की खूब सराहना हुई।
उनकी हिट फिल्मों की लिस्ट में सीता और गीता, शोले, यादों की बारात, चुपके चुपके और द बर्निंग ट्रेन जैसी कई यादगार फिल्में शामिल हैं। धर्मेंद्र को आखिरी बार पर्दे पर फिल्म इक्कीस में देखा गया, जो उनके निधन के बाद रिलीज हुई। इस फिल्म में उन्होंने अगस्त्य नंदा के पिता का किरदार निभाया।
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दिग्गज अभिनेता का पारिवारिक जीवन
धर्मेंद्र ने अपने जीवन में दो शादियां कीं। पहली शादी 1954 में प्रकाश कौर से हुई, जिनसे उनके चार बच्चे हैं, सनी देओल, बॉबी देओल, विजेता और अजीता हैं। वहीं 1980 में उन्होंने हेमा मालिनी से दूसरी शादी की, जिनसे उनकी दो बेटियां हैं, ईशा देओल और अहाना देओल हैं।
भारतीय सिनेमा में धर्मेंद्र का योगदान
धर्मेंद्र का योगदान केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने भारतीय सिनेमा को नए आयाम दिए और दर्शकों के दिलों में हमेशा अपनी जगह बनाए रखी। पद्म विभूषण से उन्हें मरणोपरांत सम्मानित किया जाना उनके जीवन और कला की अमूल्य सेवा को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।