Under-19 World Cup: 14 साल का वैभव सूर्यवंशी बने भारत की नई उम्मीद, बल्लेबाजी से लूट रहें महफिल
BE NEWS – अंडर-19 वर्ल्ड कप भारत के लिए हमेशा से नए क्रिकेट सितारों को गढ़ने का सबसे भरोसेमंद मंच रहा है। इसी मंच से विराट कोहली, रोहित शर्मा, रवींद्र जडेजा और शुभमन गिल जैसे दिग्गज निकले, जिन्होंने आगे चलकर विश्व क्रिकेट में भारत का नाम रोशन किया। अब इस टूर्नामेंट में एक नया नाम तेजी से सुर्खियों में है – वैभव सूर्यवंशी।
आपको बता दें कि अंडर-19 वर्ल्ड कप में महज 14 साल की उम्र में वैभव अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से न सिर्फ रन बना रहा है, बल्कि दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी कर रहा है। आलम यह है कि फैंस सिर्फ वैभव की बैटिंग देखने के लिए अंडर-19 वर्ल्ड कप को फॉलो कर रहे हैं।
14 जनवरी से शुरू हुआ टूर्नामेंट
अंडर-19 वर्ल्ड कप का आगाज 14 जनवरी से हो चुका है और भारतीय टीम एक बार फिर मजबूत नजर आ रही है। इस टूर्नामेंट को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जाता है, जहां युवा खिलाड़ी खुद को साबित कर सीनियर टीम के दरवाजे तक पहुंचते हैं।
सुर्खियों में क्यों हैं वैभव सूर्यवंशी?
इस बार टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा चर्चा जिस खिलाड़ी की हो रही है, वह हैं वैभव सूर्यवंशी। उनकी कहानी बाकी खिलाड़ियों से बिल्कुल अलग है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है उनकी उम्र। वैभव महज 14 साल और 294 दिन की उम्र में अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने उतरे हैं, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। आमतौर पर भारत में खिलाड़ी 17से18 साल की उम्र में इस स्तर तक पहुंचते हैं। इतनी कम उम्र में इतने बड़े मंच पर निडर होकर बल्लेबाजी करना वैभव को खास बनाता है। उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा माना जा रहा है।
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क्या दोबारा इस टूर्नामेंट में हिस्सा
यह सवाल हर क्रिकेट फैन के मन में है कि इतनी कम उम्र में खेलने वाले वैभव क्या आगे चलकर दोबारा अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल पाएंगे? लेकिन यहां एक अहम नियम सामने आता है। बीसीसीआई ने 2016 में यह स्पष्ट किया था कि कोई भी खिलाड़ी अंडर-19 वर्ल्ड कप एक बार खेलने के बाद दोबारा इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकता, चाहे उसकी उम्र तय सीमा से कम ही क्यों न हो।
पहले भी दो बार खेल चुके हैं ये खिलाड़ी
हालांकि बीसीसीआई के इस नियम से पहले कई भारतीय खिलाड़ी दो-दो बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं, जिनमें शामिल हैं- रवींद्र जडेजा – 2006 और 2008, विजय जोल – 2012 और 2014, आवेश खान, सरफराज खान और रिकी भुई – 2014 और 2016।