Ekadashi January 2026: जनवरी 2026 में कब-कब रखा जाएगा एकादशी व्रत? जानें तिथि इस व्रत का महत्व और शुभ मुहूर्त
BE NEWS – हमारे सनातन धर्म में एकादशी तिथि का बहुत ही महत्व है। भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित यह तिथि बहुत ही शुभ मानी होती है। हिंदू धर्म के अनुसार सालभर में कुल 24 एकादशी होती हैं। प्रत्येक माह में दो एकादशी व्रत आते हैं- एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में।
एकादशी तिथि का महत्व
मान्यता है कि एकादशी व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन के कष्ट दूर होते हैं, सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने वाले करने वाले जातक को सभी प्रकार के कष्टों व पापों से मुक्ति मिलती है। साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में श्रद्धालुओं के मन में यह जानने की उत्सुकता है कि जनवरी 2026 में कौन-कौन सी एकादशी आएगी और उनका व्रत कब रखा जाएगा। आइए विस्तार से जानते हैं।

जनवरी 2026 में पड़ने वाली एकादशी व्रत की सूची
1. षटतिला एकादशी 2026
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी तिथि आरंभ 13 जनवरी 2026 को दोपहर 03:17 बजे और इसकी समाप्ति 14 जनवरी 2026 को शाम 05:52 बजे होगी। वहीं उदयातिथि के अनुसार 14 जनवरी 2026 को षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन मकर संक्रांति का पर्व भी मनाया जाएगा, जिससे इस तिथि का महत्व और भी बढ़ जाता है। षटतिला एकादशी पर तिल का विशेष महत्व होता है और दान-पुण्य करने से पापों से मुक्ति मिलती है।
तिथि: 14 जनवरी 2026 (बुधवार)
पक्ष: माघ माह, कृष्ण पक्ष
ये भी देखें –ED Raid के बीच Pratik Jain के घर पहुंचीं CM Mamata Banerjee | BE News

2. जया एकादशी 2026
माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी तिथि आरंभ 28 जनवरी 2026 को दोपहर 04:35 बजे होगी। जिसकी समाप्ति 29 जनवरी 2026 को दोपहर 01:55 बजे होगी। वहीं उदयातिथि के अनुसार 29 जनवरी 2026 को जया एकादशी का व्रत रखा जाएगा। मान्यता है कि इस व्रत को करने से सभी प्रकार के भय और दोषों से मुक्ति मिलती है तथा आत्मिक शुद्धि होती है।
तिथि: 29 जनवरी 2026 (गुरुवार)
पक्ष: माघ माह, शुक्ल पक्ष
ये भी देखें – Today Breaking News ! आज 05 जनवरी 2026 के मुख्य समाचार बड़ी खबरें | TOP 25 | BE News

एकादशी व्रत के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान
1. एकादशी के दिन घर और पूजा स्थल की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
2. इस दिन चावल, अनाज और तामसिक भोजन का सेवन न करें।
3. भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल अवश्य अर्पित करें।
4. अपनी श्रद्धा के अनुसार अन्न, धन, वस्त्र या तिल का दान करें।
5. एकादशी व्रत का पारण हमेशा द्वादशी तिथि को ही करें।
एकादशी व्रत न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आत्मसंयम, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा को भी बढ़ाता है।